अलवर जिले में अरावली विहार थाना पुलिस ने चार दिन पहले पुलिस और गोतस्करों के बीच हुई मुठभेड़ के बाद फरार गिरोह के मुख्य सरगना गोतस्कर अरशद खान को गिरफ्तार कर लिया है।इस पर पुलिस का 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित है और यह कई पुलिस थानों का कुख्यात हिस्ट्रीशीटर भी है।
इस मामले में अरशद का भाई अख्तर उर्फ मित्तल और उसके दो साथी अभी फरार हैं। अरशद और उसका भाई अख्तर नवगठित खेर्थक तिजारा के हार्डकोर अपराधी और हिस्ट्रीशीटर हैं। ये दोनों पालपुर गांव थाना शेपुर अहीर के रहने वाले हैं। अरशद पहले भी कई बार पकड़ा जा चुका है और एक बार तो उसको अलवर में तैनात आईपीएस विकास कुमार ने ही पकड़ा था। हिस्ट्रीशीटर अरशद के खिलाफ हरियाणा और राजस्थान के विभिन्न थानों में हत्या, हत्या का प्रयास, लूट, डकैती, चोरी, नकबजनी और अवैध हथियार सिहित गोतस्करी के 56 मामले दर्ज हैं। जबकि अख्तर के खिलाफ विभिन्न थानों में 38 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
इनका एक भाई काला मेव भी बहुत कुख्यात अपराधी था, जो पुलिस से भागते समय कुएं में गिर कर मर गया था। उसके बाद से इस गैंग को अरशद और अख्तर चला रहे हैं और यह गैंग भी इन्हीं के नाम से है, जिस घटना में यह गिरफ्तारी हुई है वह 23 फरवरी की रात करीब तीन बजे हुई थी।पुलिस को सूचना मिली थी कि शहर के काला कुआं क्षेत्र से दो गोवंश को पिकअप में डाल कर ले जा रहे थे। पुलिस टीम ने गोतस्करों का पीछा किया तो तस्करों ने पुलिस पर फायरिंग और पथराव कर दिया। पुलिस की घेराबंदी से बचने के लिए तस्कर पिकअप गाड़ी को भवानी तोप सर्किल से होते हुए रूपबास की तरफ भाग लिए।
इस दौरान इन्होंने गाड़ी को घुमाने का प्रयास किया। लेकिन तभी पिकअप सरस डेयरी की दीवार से टकरा गई और पुलिस ने जुबेर पुत्र दीनू खान निवासी ताजू का बास थाना किशनगढ़ बास को मौके पर ही पकड़ लिया। असल में यह पिकअप से गिर पड़ा था और पुलिस ने इसको दबोच लिया। लेकिन अंधेरे का फायदा उठाकर चार गोतस्कर मौके से भागने में सफल हो गए। इस मामले में बाकी गोतस्करों को पकड़ने के लिए सीओ सिटी अंगद शर्मा और अरावली विहार थाना इंचार्ज रामेश्वर दयाल के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की थी। पूछताछ में पकड़े गए गोतस्कर ने बताया कि वह अरशद और मित्तल गैंग का सदस्य है और यह पिकअप गाड़ी भी उसी की है।
एक दिन पहले ही पुलिस को सूचना मिली कि अरशद अलवर आया हुआ है और सामोला चौक पर शराब के ठेके पास खड़ा हुआ है। पुलिस ने तुरंत वहां पहुंच घेराबंदी की और अरशद को दबोच लिया। इसकी गिरफ्तारी पुलिस ने कल रात को ही दिखाई है। पुलिस की जानकारी के अनुसार, गोतस्करी की वारदात के बाद अरशद और मित्तल पर 25-25 हजार का इनमे भी घोषित किया था।इस गैंग के बदमाश अलवर, तिजारा, भिवाड़ी और भरतपुर के विभिन्न थाना इलाकों के अलावा हरियाणा के रेवाड़ी, गुरुग्राम और मानेसर इलाके में लूट, डकैती, फायरिंग, गोतस्करी की वारदातों को अंजाम देते रहते हैं। यह गैंग अलवर जिले में 2009 से सक्रिय है। इस गैंग का 2010 में तगड़ा आतंक रहा है और अब यह गैंग गोतस्करी में सक्रिय हो गया।