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अवतार पाश यादगार मामले में रोष प्रदर्शन, स्पीकर आवास के बाहर धरना
जालंधर जिले के गांव तलवंडी सलेम स्थित क्रांतिकारी कवि अवतार सिंह पाश की यादगार से छेड़छाड़ और मजदूर नेताओं से बदसलूकी मामले में नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर किसान, मजदूर, लेखक और बुद्धिजीवी संगठनों ने बुधवार को फरीदकोट के गांव संधवां में विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवां के घर के बाहर धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने इस मामले में पाश यादगार प्रकरण से संबंधित उनके पैतृक गांव के सरपंच और उसके साथियों को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग की। धरने को संबोधित करते हुए संगठनों के नेताओं ने आरोप लगाया कि अवतार सिंह पाश की यादगार पर कब्जा करने की कोशिश की गई और वहां लगे ताले तोड़कर ओपन जिम बना दिया गया। उन्होंने कहा कि यादगार में हर साल कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, लेकिन इसे नुकसान पहुंचाने की कोशिशों से लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। नेताओं के अनुसार, इस साल सितंबर में कवि अवतार सिंह पाश के जन्मदिवस के अवसर पर यादगार की सफाई कर रहे खेत मजदूर नेताओं के साथ गाली-गलौज की गई। इस दौरान जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर जान से मारने की धमकियां दी गई। संगठनों ने कहा कि शिकायत के बावजूद शुरुआत में कार्रवाई नहीं हुई। बाद में विरोध प्रदर्शनों के पश्चात पुलिस ने सरपंच व साथियों पर मामला तो दर्ज किया, लेकिन अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की गई। इस मौके पर राज्य सरकार से किसानों,मजदूरों समेत अन्य वर्गों की लंबित मांगों को पूरा करने की मांग रखी गई। साथ ही मानसा में एंटी ड्रग एक्टिविस्ट परमिंदर सिंह झोटा की हत्या मामले की निंदा करते हुए सरकार से हत्या आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की भी मांग की गई। इस मौके पर खेत मजदूर यूनियन के प्रांतीय वित्तसचिव हरमेश मालड़ी और प्रसिद्ध लेखक डॉ सुरजीत बराड़ ने कहा कि अवतार सिंह पाश की यादगार केवल एक स्मारक नहीं, बल्कि उनकी क्रांतिकारी विचारधारा और साहित्यिक विरासत का प्रतीक है। इसे सुरक्षित रखना जरूरी है। संगठनों ने चेतावनी दी कि जब तक नामजद आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता और सरकार स्मारक की देखभाल की जिम्मेवारी नहीं लेती,तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा। जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यादगार पर कब्जा नहीं होने दिया जाएगा और इसके संरक्षण के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
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