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18 अप्रैल 2021

Digital Edition

हाईकोर्ट से मांगी सुरक्षा: पांच बच्चों के पिता पर धोखे से निकाह करने और धमकियां देने का आरोप, पंजाब सरकार को नोटिस 

एक महिला ने पांच बच्चों के पिता पर कोरे कागज पर दस्तखत करवाकर धोखे से निकाह करने, साथ रहने का दबाव बनाने और धमकियां देने का आरोप लगाया है। इस मामले में याची ने हाईकोर्ट से सुरक्षा की मांग की है। वहीं हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

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महिला ने एडवोकेट मोहम्मद सलीम के जरिए याचिका दाखिल करते हुए हाईकोर्ट को बताया कि याची ने कभी हैप्पी नाम के व्यक्ति से निकाह नहीं किया था और न ही वह इसके लिए तैयार थी। लेकिन वह याची के साथ रहना चाहता था, इसीलिए चालाकी से उसने याची के कोरे कागज पर दस्तखत ले लिए। इस दस्तखत के सहारे हैप्पी ने फर्जी निकाहनामा तैयार करवा लिया। इन दस्तावेजों के सहारे उसने याची को बताए बिना याची व अपनी सुरक्षा के लिए हाईकोर्ट में सुरक्षा से जुड़ी याचिका भी दाखिल कर दी। 

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याचिका में महिला ने कहा है कि हैप्पी लगातार उसे धमकियां दे रहा है और कह रहा है कि याची उसके साथ रहने के लिए उसके घर चले, वरना वह उसे उठाकर ले जाएगा। याचिका में यह भी कहा गया है कि व्यक्ति पहले से शादीशुदा है और वह पांच बच्चों का पिता है। इतना ही नहीं उसकी एक बेटी तो 17 साल की है और ऐसे में कैसे वह उसके साथ जा सकती है। 

याची ने अपनी सुरक्षा के लिए जालंधर के पुलिस कमिश्नर को मांगपत्र भी दिया था। इसके बावजूद याची की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया। ऐसे में अब मजबूरी में हाईकोर्ट की शरण लेनी पड़ी। इस पर हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। 
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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट।

हरियाणा: भाजपा आलाकमान के रडार पर खराब प्रदर्शन वाले मंत्री, पार्टी प्रभारी बोले-मंत्रिमंडल में बदलाव पर विचार

हरियाणा सरकार के खराब प्रदर्शन वाले मंत्री भाजपा आलाकमान के रडार पर हैं। अब तक के कार्यकाल में किए गए कामकाज का आंकलन कर मंत्रिमंडल में बदलाव को लेकर विचार चल रहा है। अंतिम निर्णय होना बाकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह ने प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े व मुख्यमंत्री मनोहर लाल  से मंत्रियों की परफार्मेंस को लेकर विचार-विमर्श किया है।

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प्रदेश भाजपा प्रभारी विनोद तावड़े ने गुरुवार को यहां पार्टी मुख्यालय में अनेक मुद्दों पर चर्चा की। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने सभी मंत्रियों के प्रदर्शन को अनेक पैमानों पर आंका है। पार्टी कार्यकर्ताओं की अनदेखी के आरोपों को भी गंभीरता से लिया गया है। कार्यकर्ताओं को अब यह अहसास कराया जाएगा कि वे सत्तारूढ़ दल से हैं। विधायकों के कामकाज पर भी पैनी नजर है। आगामी चुनाव में टिकट का आधार केवल और केवल परफार्मेंस होगी। जीतने की संभावना जिसकी होगी, उसे ही टिकट में प्राथमिकता मिलेगी। 

तावड़े ने कहा कि जनता ने मंत्रियों, विधायकों को चुनकर भेजा है। उन्हें जनता की आकांक्षाओं के अनुसार काम करना होगा। समय-समय पर होने वाले बैठकों में सरकार के कामकाज पर चर्चा होती रहती है। सीएम और डिप्टी सीएम के बीच समन्वय अच्छा है। अभी तक कोई मनमुटाव देखने को नहीं मिला। डिप्टी सीएम के पास अहम विभाग हैं। अभी उनके कोटे से एक मंत्री बनना है। उसे लेकर भी केंद्रीय नेतृत्व ने चर्चा की है।

उन्होंने कहा कि मंत्रियों को थिंक टैंक की सहायता प्रदान करेंगे। सबका आउटपुट निकाला जा रहा है। बेहद जरूरी व महत्वपूर्ण कार्यों में अंतर समझकर मंत्रियों को काम करने के निर्देश दिए गए हैं। उनके विभागों के कामकाज को लेकर निरंतर बैठकें की जा रही हैं। ग्रामीण विकास, किसान हितैषी कार्य व भूजल स्तर बढ़ाने के काम करने को कहा है।

वोट प्रतिशत 36 से 55 पहुंचाना लक्ष्य
प्रदेश प्रभारी ने कहा कि 2024 के चुनाव में भाजपा का लक्ष्य वोट प्रतिशत को 36 से 55 तक पहुंचाना है। 2019 के चुनाव में पार्टी को 36.49 फीसदी वोट मिले थे। 40 प्रतिशत से कम, 40 से 60 के बीच और 60 फीसदी से अधिक वोट वाले बूथों को चिन्हित किया है। इनमें वोट प्रतिशत बढ़ाने को लेकर रणनीतिक तौर पर काम करेंगे। कार्यकर्ताओं की अनदेखी सरकार स्तर पर नहीं होगी। उनके काम भी होंगे व पूरा मान-सम्मान भी मिलेगा।

अंतिम चरण में सौ-डेढ़ सौ कार्यकर्ता चिन्हित करने की प्रक्रिया
तावड़े ने कहा कि  35 से 40 साल के कर्मठ, निष्ठावान सौ-डेढ़ सौ कार्यकर्ता-पदाधिकारी चिन्हित करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। ये दस साल बाद प्रदेश भाजपा को चलाएंगे। पार्टी की विचारधारा के साथ जनता को जोड़ने का काम चल रहा है। युवाओं को देश का वर्तमान इतिहास बता रहे हैं। पीएम नरेंद्र मोदी के सत्ता संभालने के बाद काम करने को लेकर सभी की सोच बदली है।  

जीटी रोड बेल्ट के मंत्रियों की पहुंची शिकायत 
उन्होंने बताया कि पार्टी आलाकमान के पास जीटी रोड बेल्ट के मंत्रियों की शिकायतें लगातार पहुंच रही हैं। एक मंत्री की कार्यप्रणाली से प्रदेश व केंद्रीय नेतृत्व खासा नाराज है। इसके साथ ही एक अन्य मंत्री भी पार्टी की कसौटी पर खरा नहीं उतर रहे। एक मंत्री के व्यवहार पर कार्यकर्ताओं ने सीधे आपत्ति जताई है। जनता के साथ मेलजोल व कामकाज ठीक न होने का भी मंत्री पर आरोप है।
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पंजाब: सिद्धू-चन्नी विवाद और कैप्टन के नई पार्टी बनाने के एलान से हाईकमान की चिंता बढ़ी, राहुल लेंगे सीनियर नेताओं की बैठक

पंजाब कांग्रेस में नवजोत सिद्धू और सीएम चरणजीत चन्नी के बीच मचे घमासान के बीच पूर्व सीएम अमरिंदर सिंह द्वारा नई पार्टी बनाने के एलान ने कांग्रेस हाईकमान की चिंता बढ़ा दी है। हाईकमान मान रही है कि प्रदेश कांग्रेस की अंदरूनी कलह अगले दो महीने में खत्म नहीं हुई तो टिकट बंटवारे के मौके पर पार्टी के करीब 30-40 विधायक कैप्टन के साथ खड़े दिखाई दे सकते हैं। इससे परेशान पार्टी उन विधायकों की सूची बनाने में जुट गई है, जो भविष्य में कैप्टन के पाले में जा सकते हैं। वहीं कैप्टन स्वयं भी दावा कर चुके हैं कि प्रदेश कांग्रेस के कई नेता लगातार उनके संपर्क में हैं।

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फिलहाल कांग्रेस की ओर से यही दावा किया जा रहा है कि कैप्टन की नई पार्टी का पंजाब में कांग्रेस पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा और न ही पार्टी को कैप्टन से किसी तरह का नुकसान होगा। लेकिन कैप्टन की ओर से अपनी पार्टी के गठन का एलान किए जाने के साथ ही पंजाब कांग्रेस के अनेक सीनियर नेताओं ने जिस तरह कैप्टन के खिलाफ मोरचा खोला, उसे सियासी हलकों में कांग्रेस में फैली घबराहट मानी जा रही है। 
 
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कैप्टन का पलटवार: हरीश रावत से कहा-मुझे सेक्युलरिज्म का पाठ न पढ़ाएं, सिद्धू को कहा धोखेबाज

सीएम पद छोड़ने के बाद भी कैप्टन अमरिंदर और पंजाब कांग्रेस में उनके विरोधियों के बीच बयानबाजी खत्म नहीं हो रही। गुरुवार को पंजाब कांग्रेस प्रधान नवजोत सिद्धू ने कैप्टन अमरिंदर सिंह को तीन कृषि कानूनों का निर्माता बताया जिसके बाद अमरिंदर ने पलटवार किया। उन्होंने हरीश रावत से लेकर नवजोत सिद्धू और परगट सिंह सभी पर सवाल उठाए।

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रावत को उन्होंने कहा कि मुझे धर्मनिरपेक्षता का पाठ न पढ़ाएं। मत भूलिए नवजोत सिद्धू भाजपा से कांग्रेस में आए थे और परगट सिंह अकाली दल से पार्टी में शामिल हुए थे। आज आप मुझ पर अपने प्रतिद्वंद्वी अकालियों की मदद करने का आरोप लगा रहे हैं। क्या इसलिए मैं पिछले 10 सालों से उनके खिलाफ कोर्ट केस लड़ रहा हूं। मैं 2017 के बाद से पंजाब में सभी चुनाव क्यों जीता हूं। आपको लगता है कि मैं पंजाब में कांग्रेस के हितों का नुकसान करूंगा, लेकिन सच ये है कि मुझ पर भरोसा न करके और पार्टी की कमान नवजोत सिद्धू जैसे अस्थिर आदमी के हाथ में देकर पार्टी ने अपने हितों को नुकसान पहुंचाया है। 
 
हरीश रावत ने कैप्टन के भाजपा के साथ जाने की अटकलों पर कहा था कि ऐसा लगता है कि उन्होंने अपने भीतर के 'धर्मनिरपेक्ष अमरिंदर' को मार डाला है। अगर वह धर्मनिरपेक्षता के प्रति अपनी पुरानी प्रतिबद्धता पर कायम नहीं रह सकते तो उन्हें (अमरिंदर सिंह) कौन रोक सकता है।
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लुधियाना: आयकर विभाग की 30 टीमों ने साइकिल एवं पार्ट्स निर्माताओं के ठिकानों पर दी दबिश, कब्जे में लिए दस्तावेज 

कैप्टन अमरिंदर सिंह।
आयकर विभाग की 30 टीमों ने गुरुवार सुबह लगभग छह बजे लुधियाना के साइकिल एवं पार्ट्स निर्माताओं के ठिकानों पर दबिश दी। देर शाम तक आयकर विभाग के अधिकारी अपनी कार्रवाई में जुटे हुए थे। इस कार्रवाई के दौरान आयकर विभाग अधिकारियों ने कारोबारियों के परिसर से दस्तावेज को अपने कब्जे में लिया है। कार्रवाई के समय पुलिस मुलाजिमों को साथ लिया गया है, ताकि दबिश की जगह पर कोई व्यक्ति अंदर न आ सके और कोई बाहर न जा सके। अभी तक क्या कुछ बरामद किया जा चुका है, इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दी जा रही है। 

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गुरुवार को आयकर विभाग ने अचानक साइकिल निर्माण से जुड़ी सात इकाइयों पर दबिश दी। बताया जा रहा है कि जालंधर, लुधियाना, पटियाला सहित कई अन्य शहरों में भी इस कार्रवाई को अंजाम दिया जा रहा है। आयकर विभाग के अधिकारी कारोबारियों के घर, दफ्तर, फैक्टरी, गोदाम सहित जहां जानकारी मिल रही है, वहां पर दबिश दे रहे हैं। 

आयकर विभाग की इस कार्रवाई की खबर के बाद साइकिल निर्माण से जुड़े कारोबारियों में हड़कंप का माहौल है। इन इकाइयों को कच्चा माल सप्लाई करने के साथ इनसे माल खरीद करने वाले भी रडार पर आ चुके हैं। सूत्रों के अनुसार, अभी यह कार्रवाई लंबी चल सकती है।
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट: विवाह की न्यूनतम उम्र भुला करवाई थी शादी, मोहाली के गुरुद्वारे के ग्रंथी के खिलाफ होगी जांच 

विवाह करवाते हुए न्यूनतम आयु को ध्यान में न रखने की भूल पंडित जी के बाद अब गुरुद्वारे के ग्रंथी को भारी पड़ गई। कुछ दिन पहले पंचकूला के मंदिर के पुजारी के खिलाफ हाईकोर्ट ने कार्रवाई का आदेश जारी किया था, अब ऐसा ही मोहाली के एक गुरुद्वारे के ग्रंथी के मामले में भी हुआ है। हाईकोर्ट ने इस मामले में मोहाली के एसएसपी को बाल विवाह निषेधअधिनियम में दंडात्मक कार्रवाई का आदेश दिया है।

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मोगा निवासी प्रेमी जोड़े ने सुरक्षा की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। याचिका में बताया था कि उन्होंने मोहाली के गुरुद्वारे में विवाह किया है। याची की दलील थी कि उन्होंने परिवार के खिलाफ जाकर विवाह किया है और अब उनकी जान को खतरा है। इस खतरे के कारण उन्हें जान बचाने के लिए यहां-वहां शरण लेनी पड़ रही है। हाईकोर्ट को बताया गया कि उन्होंने मोगा के एसएसपी को सुरक्षा से जुड़ा मांगपत्र भी दिया था, लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ। 

हाईकोर्ट ने पाया कि लड़की की उम्र 18 वर्ष है, लेकिन लड़के की आयु केवल 20 वर्ष है, जो विवाह के लिए निर्धारित न्यूनतम आयु से कम है। हाईकोर्ट ने कहा कि विवाह मोहाली में हुआ था, ऐसे में मोहाली के पुलिस कमिश्नर इस मामले में ग्रंथी की भूमिका की जांच करेंगे और आरोप साबित होने पर बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई करेंगे।

इससे पहले पंचकूला के मामले में हाईकोर्ट ने पाया था कि लड़की की आयु 19 वर्ष है और वह विवाह के लिए निर्धारित आयु के अनुरूप है, लेकिन लड़के की आयु केवल 20 वर्ष है, जो विवाह के लिए निर्धारित न्यूनतम आयु से कम है। हाईकोर्ट ने कहा कि विवाह पिंजौर में हुआ था, ऐसे में पंचकूला के पुलिस कमिश्नर इस मामले में पंडित की भूमिका की जांच करें। यदि यह पाया जाता है कि बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 का उल्लंघन किया गया है तो इसके प्रावधानों के कानूनी कार्रवाई की जाए।

हाईकोर्ट ने दोनों ही मामलों में कहा कि दोनों जोड़ों में दोनों लड़के और लड़कियां बालिग हैं और ऐसे में उन्हें सुरक्षा का और पसंद का साथी चुनने का अधिकार संविधान देता है। ऐसे में दोनों ही मामलों में प्रेमी जोड़े की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आदेश दिया था। हालांकि विवाह की न्यूनतम उम्र (लड़का 21) भुलाकर विवाह संपन्न करवाने वाले पंडित और ग्रंथी मुसीबत में आ गए हैं।
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हरियाणा सरकार को हाईकोर्ट की फटकार: एनडीपीएस मामलों में बिना एफएसएल रिपोर्ट पेश किया था चालान, मिली जमानत

एनडीपीएस के मामले में नशे की 7000 गोलियों की रिकवरी के चलते दर्ज हुए केस में आरोपी को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने जमानत दे दी। हाईकोर्ट ने कहा कि बिना फॉरेंसिक लैब की रिपोर्ट के एनडीपीएस का मामला टिकता नहीं है। हाईकोर्ट ने ऐसे चालान पेश करने के चलन पर हरियाणा सरकार को फटकार लगाई।
 
सिरसा निवासी याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट को बताया कि एफआईआर के अनुसार 20 दिसंबर 2020 को पुलिस गश्त पर थी और याची ट्रैक्टर से उनकी तरफ बढ़ रहा था। याची ने जब पुलिस को देखा तो ट्रैक्टर को खेतों में उतारने का प्रयास किया। इस दौरान उसका ट्रैक्टर रुक गया और पुलिस ने जांच में पाया कि मडगार्ड के पास बने थैले में नशे की 7000 गोलियां थीं। इसके बाद 4 मार्च 2021 को पुलिस ने चालान पेश कर दिया, लेकिन इस चालान में फॉरेंसिक लैब की रिपोर्ट नहीं थी।

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याची ने कहा कि 180 दिन में इस रिपोर्ट को सौंपना होता है और यह अवधि 20 जून 2021 को पूरी हो गई। बिना एफएसएल की रिपोर्ट के चालान को पूरा नहीं माना जा सकता। हाईकोर्ट ने सभी दलीलों को सुनने के बाद कहा कि एनडीपीएस के मामले में बरामद की गई सामग्री को नशीला पदार्थ साबित करना जरूरी होता है। इसके लिए एफएसएल की रिपोर्ट बेहद आवश्यक होती है। बिना एफएसएल की रिपोर्ट के केस पूरी तरह से गिर जाता है। 

हाईकोर्ट ने कहा कि एफएसएल रिपोर्ट के बिना चालान को अधूरा माना जाए या नहीं, यह मामला बड़ी बेंच के समक्ष विचाराधीन है। ऐसे में याची 9 माह से जेल में है और उसे जमानत का लाभ दिया जाना चाहिए। हालांकि हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि बड़ी बेंच का फैसला याची के खिलाफ आता है तो पुलिस उसकी जमानत को खारिज करने की अर्जी दाखिल करने को स्वतंत्र है।
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कैप्टन पर भड़के नवजोत सिद्धू: पुराना वीडियो शेयर कर अमरिंदर को बताया कृषि कानूनों का निर्माता

कैप्टन अमरिंदर सिंह के मुख्यमंत्री पद छोड़ने के लंबे समय बाद पंजाब प्रदेश कांग्रेस प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू ने गुरुवार को उन पर जोरदार हमला बोलते हुए उन्हें तीन काले खेती कानूनों का निर्माता करार दिया। सिद्धू ने ट्वीट कर आरोप लगाया कि पंजाब में अंबानी को लाने वाले कैप्टन ही हैं और कैप्टन ने एक-दो कॉरपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने के लिए पंजाब की किसानी को बर्बाद कर दिया। साथ ही सिद्धू ने दो पुराने वीडियो क्लिप भी शेयर किए, जिनमें कैप्टन अंबानी को पंजाब लाने का दावा करते हुए खेती में निजी भागीदारी को बढ़ावा देने का पक्ष ले रहे हैं। 

उधर, सिद्धू के ट्वीट का तुरंत जवाब देते हुए कैप्टन ने भी तीन ट्वीट किए गए, जिनमें सिद्धू से सवाल किया कि राज्य में इनवेस्टर मीट की तैयारियों के बीच यह मुद्दा उठाकर वह (सिद्धू) किस पर निशाना साध रहे हैं?

सिद्धू ने गुरुवार को किए ट्वीट में लिखा- तीन काले कानूनों के निर्माता ... जो अंबानी को पंजाब की किसानी में लेकर आए ... जिन्होंने पंजाब के किसानों, छोटे व्यापारियों और मजदूरों के हितों को एक-दो कॉरपोरेट को फायदा पहुंचाने के लिए बर्बाद कर दिया। इसके साथ ही सिद्धू ने कैप्टन के दो पुराने वीडियो और उद्योगपति मुकेश अंबानी व केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ कैप्टन की तस्वीरें भी शेयर कीं। 

वीडियो में कैप्टन खेती में निजी भागीदारी की वकालत करते सुनाई दे रहे हैं। साथ ही अंबानी को पंजाब में लाने की बात भी कह रहे हैं। पहले वीडियो में कैप्टन कह रहे हैं- मैं यह बात कई वर्षों से कह रहा हूं। मैं 1985-86 में राज्य का कृषि मंत्री था। तब से देख रहा था कि पंजाब में क्या होना है। सरकार आने पर ट्रोपिकाना और अंबानी को यहां लेकर आया। इसलिए मैंने मुकेश अंबानी से बात की। उन्हें कहा कि भारत में आपके 98 हजार आउटलेट्स हैं, जहां आप सब्जी और फल बेच सकते हो। पंजाब में 12700 गांवों में हम आपका साथ देंगे। आप बीज दोगे, देखभाल कर खरीद भी करोगे और उसे फिर हिंदुस्तान में कहीं भी ले जाकर बेच सकते हो।
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लुधियाना में हंगामा: कमिश्नर दफ्तर पहुंचे कांग्रेस नेता गुरसिमरन मंड को निहंगों ने दौड़ाया, अपशब्द बोलने का आरोप

लुधियाना के पुलिस कमिश्नर दफ्तर में गुरुवार को उस समय हंगामा मच गया जब निहंग जत्थेबंदियों ने कांग्रेस नेता गुरसिमरन सिंह मंड को घेर लिया। मंड निहंगों से बचकर भागने लगे तो वे गिर गए और उनकी दस्तार उतर गई। इसके बाद उनके सुरक्षा कर्मचारी और पुलिस कर्मचारी उन्हें घेर कर पुलिस कमिश्नर दफ्तर में ले गए। इसके बाद निहंग जत्थेबंदियों को पुलिस अधिकारियों ने समझाया और वहां से भेजा। 

थाना डिवीजन तीन में श्री गुरु नानक देव जी महाराज के माता पिता के बारे में सोशल मीडिया में अपशब्द बोलने के एक मामले में निहंग जत्थेबंदियां आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पुलिस कमिश्नर दफ्तर के बाहर इकट्ठा हुईं थीं। इसी दौरान कांग्रेसी नेता गुरसिमरन सिंह मंड और उनके साथ शिवसेना पंजाब के अमित अरोड़ा वहां पहुंचे। पहले तो वह दोनों पुलिस कमिश्नर से अपने किसी मामले में मिल कर आ गए। उसके बाद जब दोनों बाहर निकले तो निहंग सिंहों के साथ उनका आमना सामना हो गया।

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दोनों तरफ से गालियां निकालनी शुरू कर दी गईं। इसी दौरान निहंग जत्थेबंदियों ने दोनों का घेराव कर लिया। निहंग जत्थेबंदियों ने पुलिस की मौजूदगी में ही मंड का पीछा करना शुरू कर दिया। मंड के सुरक्षा कर्मचारी उन्हें घेर कर खड़े हो गए। जब निहंग सिंह आगे आए तो कांग्रेसी नेता मंड वहां से भागने लगे। इसी दौरान वह नीचे गिर गए और उनकी दस्तार भी उतर कर गिर गई और उनके घुटने पर चोट लगी। पुलिस ने बीच बचाव किया।  

निहंग सिंहों ने आरोप लगाया कि उन्हें देखने के बाद कांग्रेसी नेता जानबूझ कर अपशब्द बोल रहे थे। जबकि कांग्रेसी नेता मंड ने कहा कि वह और अमित अरोड़ा किसी काम से आए थे। जब वह बाहर निकलने लगे तो बेवजह उन्हें घेर लिया गया और उन्हें गालियां देनी शुरू कर दी गईं। जब उन्होंने विरोध किया तो उन्हें जान से मारने के लिए निहंग आगे आने लगे। सूचना मिलने के बाद पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए।    
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