दिल्ली के जंतर-मंतर में कांग्रेस और कॉकरोच जनता पार्टी देशभर में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आई है। वहीं, बीते दिन संयुक्त विरोध प्रदर्शन को लेकर रेल परिवहन प्रभावित रहा।
दिल्ली में 10 अक्तूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन के दौरान नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन स्टेशनों पर आने-जाने वाली कई ट्रेनें निरस्त की गई थीं। वहीं, बीना यार्ड रीमॉडलिंग के चलते दमोह-भोपाल राजधानी एक्सप्रेस भी निर्धारित अवधि में बंद है। इसका असर मजदूरी करने वाले लोगों और परिवार सहित सफर करने वाले यात्रियों पर पड़ रहा है।
दिल्ली जाने वाली 75 मेल-एक्सप्रेस ट्रेनें निरस्त
गौरतलब है कि 10 अक्टूबर को सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे तक नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन स्टेशनों से संबंधित 165 मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में से 75 निरस्त की गई थीं। रेलवे ने मध्य दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान संभावित यातायात जाम को इसका कारण बताया था। निरस्तीकरण की सूची में जबलपुर से हजरत निजामुद्दीन जाने वाली महाकौशल एक्सप्रेस, एमपी संपर्क क्रांति एक्सप्रेस और जबलपुर-हजरत निजामुद्दीन सुपरफास्ट एक्सप्रेस भी शामिल थीं।
16 अक्टूबर तक राजधानी एक्सप्रेस निरस्त
दमोह से भोपाल जाने वाली राजधानी एक्सप्रेस भी बीना यार्ड में अधोसंरचना संबंधी कार्य के कारण प्रभावित है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ट्रेन नंबर 22162 दमोह-भोपाल राज्यरानी एक्सप्रेस 10 से 16 अक्तूबर तक, जबकि वापसी में ट्रेन नंबर 22161 भोपाल-दमोह एक्सप्रेस 9 से 15 अक्टूबर तक निरस्त है। इससे भोपाल में नौकरी, मजदूरी और अन्य जरूरी कामों के लिए आने-जाने वाले यात्रियों को वैकल्पिक साधन तलाशने पड़ रहे हैं।
चार घंटे इंतजार करते रहे मजदूर गोरेलाल
पटेरा निवासी मजदूर गोरेलाल बंसल ने बताया कि वे भोपाल के एक निजी ढाबे पर काम करते हैं और उनके बच्चे भी वहीं रहते हैं। शनिवार शाम दमोह स्टेशन पहुंचने के बाद उन्होंने सुबह राज्यरानी से जाने की योजना बनाई थी, लेकिन ट्रेन निरस्त होने से परेशानी बढ़ गई। उनके मुताबिक, करीब चार घंटे इंतजार करना पड़ा। समय पर काम पर नहीं पहुंचने से मजदूरी प्रभावित होने की चिंता है।
हटा निवासी काजल परिवार और बच्चों के साथ पुणे जाने के लिए स्टेशन पहुंची थीं। उन्होंने बताया कि ट्रेनों की स्थिति के कारण यात्रा अटक गई और लंबे इंतजार में साथ लाया भोजन भी खत्म हो गया। भोपाल पहुंचकर निजी वाहन से आगे जाने पर अतिरिक्त किराया देना पड़ सकता है।
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यात्रियों ने क्या कहा?
यात्रियों का कहना है कि ट्रेनें निरस्त होने से मजदूरी छूटने, भोजन और ठहरने के खर्च के साथ निजी वाहनों का अतिरिक्त किराया भी देना पड़ सकता है। हालांकि, कुल आर्थिक नुकसान का कोई प्रमाणित आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।
दिल्ली जाने आए प्रवेंद्र चंद्राकर ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन में शामिल होने वाले लोगों की आवाजाही रोकने के उद्देश्य से ट्रेनें निरस्त की गईं। दूसरी ओर, रेलवे की प्रकाशित जानकारी में दिल्ली के लिए विशेष निरस्तीकरण की वजह संभावित यातायात जाम बताई गई है। राज्यरानी एक्सप्रेस का निरस्तीकरण बीना यार्ड के कार्य से संबंधित है।