बालाघाट के भटेरा चौकी क्षेत्र में एक युवक द्वारा चाकू से गला रेतकर आत्महत्या के प्रयास का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस घटना के बाद जिला अस्पताल में करीब एक घंटे तक हाई वोल्टेज ड्रामा चला, जहां युवक ने इलाज कराने से साफ इनकार कर दिया और अस्पताल परिसर में भागता रहा। आखिरकार पुलिस और स्वास्थ्य कर्मियों ने युवक के हाथ-पैर बांधकर उसका उपचार शुरू किया।
घरेलू चाकू से रेता गला
जानकारी के अनुसार, भटेरा चौकी क्षेत्र के वार्ड नंबर-2 निवासी 32 वर्षीय हरितोष दशरिये (पिता स्वर्गीय चिंतामन दशरिये) ने सोमवार सुबह अज्ञात कारणों के चलते सब्जी काटने वाले चाकू से अपने गले पर जानलेवा वार कर दिया। घटना के बाद आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और लहूलुहान हालत में युवक को 108 एंबुलेंस की मदद से तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया।
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अस्पताल में एक घंटे तक हंगामा
युवक जैसे ही जिला अस्पताल पहुंचा, उसने इलाज कराने से मना कर दिया। वह डॉक्टरों और स्टाफ को चकमा देकर अस्पताल परिसर में इधर-उधर भागने लगा। युवक की इस हरकत से अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। चिकित्सक, अस्पताल चौकी पुलिस, कोतवाली पुलिस, वार्ड बॉय और एंबुलेंस कर्मी करीब एक घंटे तक उसे समझाइश देते रहे, लेकिन वह शांत नहीं हुआ।
हाथ-पैर बांधकर किया गया इलाज
युवक की गंभीर हालत को देखते हुए पुलिस और अस्पताल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद उसे कैजुअल्टी वार्ड में दबोचा। युवक लगातार विरोध कर रहा था, जिसके कारण डॉक्टरों को उसके हाथ-पैर बांधकर प्राथमिक उपचार शुरू करना पड़ा। पुलिस ने युवक के पास से वारदात में इस्तेमाल किया गया चाकू जब्त कर लिया है।
हालत नाजुक, जबलपुर रेफर
अत्यधिक खून बह जाने के कारण युवक की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर करने की बात कही है। परिजनों के मुताबिक, हरितोष ने यह आत्मघाती कदम क्यों उठाया, इसके कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।