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यूएन महासभा: ट्रंप का दावा- मैंने रुकवाए 8 युद्ध; ईरान को दी खुली धमकी, कहा- समझौता करो या नर्क में जाओ

Tue, 22 Sep 2026 09:05 PM IST
देवेश त्रिपाठी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: देवेश त्रिपाठी Updated Tue, 22 Sep 2026 09:05 PM IST
सार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आज संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र में वैश्विक नेताओं को संबोधित करेंगे। संभावना है कि अपने भाषण के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति अपने ऊपर लगाए जा रहे ईरान के युद्ध अपराधों के आरोपों पर जवाब देंगे।

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Donald Trump UN speech updates Iran war crimes West Asia Conflict Israel may slam UN body and hindi news
यूएन महासभा में अमेरिकी राष्ट्रपति का भाषण - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स/ANI

विस्तार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान विश्व नेताओं को संबोधित किया। डोनाल्ड ट्रंप ने अपने भाषण की शुरुआत अमेरिका आए वैश्विक प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए की। उन्होंने अमेरिका की कथित तौर पर फिर से मजबूत हुई स्थिति की प्रशंसा की।
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ट्रंप ने कहा, "अमेरिका वापस आ गया है और हमारा देश आज पहले से कहीं अधिक मजबूत है।" उनके भाषण में संयुक्त राष्ट्र, अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय और ईरान में अमेरिका द्वारा कथित युद्ध अपराध किए जाने के दावों पर निशाना साधे जाने की उम्मीद है।
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ट्रंप की दो टूक- ईरान को नहीं बनाने देंगे परमाणु हथियार
अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा कि हमने ईरान को समझौते का मौका दिया था। हमने ये युद्ध लगभग खत्म कर दिया है। ईरान को बचने का मौका नहीं मिलेगा। ईरान का हमला अब भी जारी है। अमेरिका कभी भी ईरान को परमाणु बम नहीं बनाने देगा।
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ट्रंप ने कहा कि पिछले 51 वर्षों से ईरानी शासन "खून-खराबे और सामूहिक हत्याओं के जरिए शासन कर रहा है और पूरे मध्य पूर्व तथा उसके बाहर मौत, तबाही और अराजकता फैला रहा है।" उन्होंने कहा कि ईरान कभी मध्य पूर्व का दबंग था, लेकिन अब ऐसा नहीं है। ट्रंप ने कहा कि वह ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं देंगे।

समझौता करो या नर्क में जाओ : ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर कहा कि उनके सामने एक बड़ा फैसला है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या ईरान के साथ ऐसा समझौता किया जाए, जिससे वह फिर से खड़ा हो सके और पहले से कहीं अधिक शक्तिशाली देश बन सके, या फिर इस्लामिक रिपब्लिक को पूरी तरह खत्म कर दिया जाए।

ट्रंप ने कहा, "क्या ईरान के साथ ऐसा समझौता होगा, जो उसे फिर से खड़ा होने और पहले से कहीं अधिक बड़ा देश बनने की अनुमति देगा, शायद मध्य पूर्व या यहां तक कि दुनिया के सबसे महान देशों में से एक? या फिर मैं इस्लामिक रिपब्लिक को खत्म कर दूं और वह भी तेजी से, ताकि उसे दोबारा लोगों और देशों को मारने तथा तबाह करने का मौका न मिले?" उन्होंने आगे कहा, "क्या मैं उन्हें नरक में धकेल दूं, जहां उनके पास जीवित रहने का कोई मौका और भविष्य में महानता की कोई उम्मीद न हो?"

ट्रंप ने रूस यूक्रेन युद्ध खत्म कराने का फिर लिया संकल्प
ट्रंप ने रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध का मुद्दा उठाते हुए कहा कि अमेरिका दोनों देशों के नेताओं के साथ मिलकर काम कर रहा है और युद्ध को खत्म कराया जाएगा। उन्होंने कहा, "हम रूस और यूक्रेन के नेताओं के साथ बहुत करीबी से काम कर रहे हैं और हम इस मामले को सुलझा लेंगे। मुझे लगता है कि यह लोगों की समझ से कहीं ज्यादा तेजी से होने वाला है।"

ट्रंप कई मौकों पर युद्ध खत्म कराने में अब तक सफल नहीं होने को लेकर निराशा जाहिर कर चुके हैं। उन्होंने जनवरी 2025 में अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत के समय रूस यूक्रेन युद्ध को खत्म करना अपनी प्राथमिकताओं में शामिल बताया था।

आईसीसी पर ट्रंप का हमला, बताया बेकाबू और दुष्ट संस्था
ट्रंप ने अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (आईसीसी) की आलोचना करते हुए उसे "बेकाबू, आपराधिक संस्था" बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिका इस संस्था का कोई सम्मान नहीं करता। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, "हम अमेरिकी सैन्यकर्मियों या किसी अन्य व्यक्ति को ऐसे अमेरिका विरोधी न्यायाधिकरण द्वारा जांच या दिखावटी मुकदमे का सामना करने की अनुमति कभी नहीं देंगे, जिसका हमारे ऊपर कोई अधिकार क्षेत्र नहीं है।" उन्होंने आईसीसी के सभी सदस्य देशों से भी इस "दुष्ट संस्था" से तुरंत बाहर निकलने का आग्रह किया।

ट्रंप का दावा- अमेरिका ने पहली बार संयुक्त राष्ट्र का बजट घटाया
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने कई देशों के साथ मिलकर "संयुक्त राष्ट्र के इतिहास में सबसे व्यापक सुधार" लागू किए हैं। उन्होंने दावा किया, "हमने पहली बार संयुक्त राष्ट्र का बजट घटाया है। 2026 में इसमें 15 प्रतिशत की कटौती की गई, जिससे संयुक्त राष्ट्र की नौकरशाही में 4,000 से अधिक पद समाप्त हुए।"

ट्रंप ने कहा कि अगर संयुक्त राष्ट्र "वैश्विकतावादी नौकरशाहों के उस कट्टर वामपंथी एजेंडे को थोपना बंद कर दे, जिन्हें किसी ने चुना नहीं है", तो उसमें काफी संभावनाएं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन को "गुप्त रूप से पहली वैश्विक कार्बन टैक्स व्यवस्था स्थापित करने" से रोका। ट्रंप के मुताबिक, इस कर से अंतरराष्ट्रीय शिपिंग की लागत 10 से 20 प्रतिशत या उससे भी अधिक बढ़ सकती थी। उन्होंने कहा, "कोई वैश्विक सरकार नहीं है और जब तक मैं राष्ट्रपति हूं, कोई वैश्विक कर नहीं होगा।"

ट्रंप ने एआई को नियंत्रित करने की वैश्विक कोशिश को बताया साजिश
संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन के दौरान ट्रंप ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विकास पर नियंत्रण लगाने के प्रयासों का विरोध दोहराया। उन्होंने एआई को "सुपर इंटेलिजेंस" कहते हुए इसे नियंत्रित करने की कोशिश को "वैश्विकतावादी साजिश" बताया। ट्रंप ने कहा, "आर्टिफिशियल शब्द के इस्तेमाल से ऐसा लगता है कि यह बुद्धिमत्ता नकली है, जबकि ऐसा नहीं है। यह वास्तव में अद्भुत है।"

उन्होंने कहा कि अमेरिका के सभी दस्तावेजों में "आर्टिफिशियल" की जगह अधिक सटीक शब्द "सुपर" इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने इसे "सुपर इंटेलिजेंस या एसआई" के नए दौर की शुरुआत बताया। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका इस तकनीक पर अंकुश लगाने के बजाय इसके विकास को प्रोत्साहित करेगा। उन्होंने कहा, "संयुक्त राज्य अमेरिका सुपर इंटेलिजेंस के क्षेत्र में दुनिया का नेतृत्व करता है और हम सुरक्षित तथा जिम्मेदार तरीके से ऐसा करना जारी रखेंगे।"

ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी कभी किसी नई सीमा से पीछे हटने या किसी चुनौती से बचने वाला राष्ट्र नहीं रहा है, चाहे वह चुनौती कितनी भी बड़ी या कठिन क्यों न हो।

ट्रंप के भाषण के दौरान क्यूबा के प्रतिनिधिमंडल ने छोड़ा सभागार
इसके बाद ट्रंप ने क्यूबा का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि अमेरिका क्यूबा की स्थिति में "बुनियादी बदलाव" लाने की कोशिश कर रहा है। ट्रंप ने क्यूबा को "पूरी तरह विफल राज्य" बताते हुए कहा, "यह पहले से कहीं ज्यादा विफल हो रहा है और इसका पतन होगा।" 

ट्रंप के भाषण के दौरान क्यूबा का प्रतिनिधिमंडल महासभा से बाहर चला गया। ट्रंप ने कहा कि क्यूबा मूल के अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो बातचीत की प्रक्रिया संभाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका "विदेशी विरोधियों के लिए ऐसा सुरक्षित ठिकाना नहीं बनने देगा, जहां से वे हमारी अपनी दहलीज पर अमेरिका के लिए खतरा पैदा कर सकें।"

ट्रंप का दावा- अमेरिका की सीमा इतिहास में सबसे सुरक्षित
ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल की आर्थिक, सुरक्षा और तकनीकी उपलब्धियों के तौर पर कई दावे किए। उन्होंने कहा, "हम लगभग हर क्षेत्र में आगे हैं।" ट्रंप ने यह भी दावा किया कि उनके प्रशासन ने बिना दस्तावेज वाले प्रवासियों के खिलाफ अभूतपूर्व कार्रवाई की है। उन्होंने कहा, "अब हमारे पास अमेरिकी इतिहास की सबसे सुरक्षित सीमा है। कोई भी व्यक्ति तब तक अंदर नहीं आता, जब तक उसे आमंत्रित न किया जाए।"

ट्रंप बोले- अन्य लोग शांति की बात करते रहे, मैंने शांति कायम की
ट्रंप ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो अमेरिका अपने महत्वपूर्ण राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा के लिए सैन्य शक्ति का इस्तेमाल करेगा। उन्होंने कहा, "जब दूसरे लोग सिर्फ बात करते रहे, मैंने कार्रवाई की। जब दूसरे लोग शांति की बात करते रहे, मैंने शांति कायम की।" उन्होंने एक बार फिर से दावा किया कि मैंने दुनिया में आठ युद्ध रुकवाए हैं।

ईरान को दुनिया की कीमत पर ताकत जुटाने दी गई: ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान को "दुनिया की सुरक्षा को खतरे में डालकर ताकत जुटाने दिया गया", लेकिन अमेरिका ने तेहरान को "आतंक फैलाने" से रोकने के लिए कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने बैलिस्टिक मिसाइलों से ईरान की परमाणु बम हासिल करने की बेताब कोशिश को रोक दिया। ट्रंप ने कहा, "अगर वे सफल हो जाते तो वह दुष्ट शासन हमेशा के लिए आतंक और मौत फैलाने के लिए स्वतंत्र होता।"

ट्रंप का दावा- ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका ने किया अभूतपूर्व समझौता
ट्रंप ने कहा कि उनके प्रशासन ने "उत्तरी अमेरिका की उत्तरी सीमा" से जुड़े एक "अभूतपूर्व समझौते" पर सहमति हासिल की है। उन्होंने इसे "ग्रीनलैंड के नाम से जाना जाने वाला बड़ा और रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण भूभाग" बताया।

ट्रंप के मुताबिक, डेनमार्क की सरकार और ग्रीनलैंड के लोगों के साथ हुए इस समझौते के तहत अमेरिका को वहां "बड़ी सैन्य मौजूदगी विकसित करने" की अनुमति मिलेगी। इसके लिए दो प्रमुख सैन्य ठिकाने बनाए जाएंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि यह व्यवस्था अमेरिकी महाद्वीप के साथ-साथ यूरोप की सुरक्षा में मदद करेगी और नाटो को भी मजबूत करेगी।

अमेरिका ने सेना पर अब तक का सबसे ज्यादा पैसा लगाया : ट्रंप
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने पिछले 12 महीनों में अपनी सेना पर अब तक के सबसे ज्यादा धन का निवेश किया है। उन्होंने कहा कि उनके मौजूदा कार्यकाल में यह राशि 1.5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगी। उन्होंने कहा, "पूरी दुनिया एक नए जोश से भरे और बेहद शक्तिशाली अमेरिका की संपत्ति, ताकत, भावना और गति से लाभान्वित हो रही है।"


ट्रंप ने अपने भाषण में राष्ट्रपति के रूप में अपने दूसरे कार्यकाल की उपलब्धियों को गिनाते हुए उन्हें शानदार बताया। उन्होंने अर्थव्यवस्था, आव्रजन और अपराध के क्षेत्र में अपने रिकॉर्ड का बखान करते हुए कहा, "हमें पिछली सरकार से अमेरिका का एक अंधकार युग विरासत में मिला था, और हमने उसे अमेरिका के स्वर्ण युग में बदल दिया।"
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