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बालाघाट में बवाल: गर्भवती महिला से थाने में बर्बरता का आरोप, हजारों लोगों का घेराव; पुलिस ने किया लाठीचार्ज
Tue, 15 Sep 2026 06:40 PM IST
बालाघाट ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालाघाट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालाघाट
Published by: बालाघाट ब्यूरो
Updated Tue, 15 Sep 2026 06:40 PM IST
सार
बालाघाट के किरनापुर में गर्भवती महिला और उसके पति से पुलिस की कथित मारपीट के विरोध में मरार माली समाज ने आक्रोश रैली निकालकर थाने का घेराव किया। पुलिसकर्मियों के निलंबन और एसआईटी जांच के बावजूद समाज बर्खास्तगी और एफआईआर की मांग कर रहा है।
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बालाघाट में बवाल
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बालाघाट किरनापुर थाने में दो माह की गर्भवती महिला और उसके पति के साथ पुलिस द्वारा कथित मारपीट और बर्बरता का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। घटना के विरोध में मंगलवार को मरार माली समाज के हजारों लोगों ने शहर में आक्रोश रैली निकाली। प्रदर्शनकारी पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए किरनापुर थाने पहुंचे और घेराव किया।
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क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, किरनापुर थाना क्षेत्र के पोस्ट ऑफिस में 21 अगस्त 2026 को हुई चोरी के संदेह में पुलिस ने सावित्री बाई और उनके पति को हिरासत में लिया था। आरोप है कि दोनों को बिना वारंट थाने लाया गया, जहां पुलिसकर्मियों ने उनके साथ कथित तौर पर बर्बरता और मारपीट की। पीड़ित पक्ष के अनुसार, महिला उस समय दो माह की गर्भवती थी। यह मामला 7 सितंबर को सामने आया, जब पीड़ित पक्ष ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए अपनी आपबीती सुनाई। घटना के सामने आने के बाद पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठने लगे।
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एसआईटी जांच शुरू, निलंबन की कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए बालाघाट एसपी आदित्य मिश्रा ने तत्कालीन थाना प्रभारी, उप-निरीक्षक दामेन्द्र तुरकर, महिला आरक्षक मेघा टेकाम और दो अन्य आरक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया है। एसआईटी मामले की जांच कर रही है। हालांकि, मरार माली समाज पुलिस की इस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि आरोपी पुलिसकर्मियों को केवल निलंबित करने के बजाय सेवा से बर्खास्त किया जाए और उनके खिलाफ तत्काल आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाए।
हजारों लोगों ने किया थाने का घेराव
मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे शुरू हुआ प्रदर्शन देखते ही देखते बड़ा आंदोलन बन गया। हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी किरनापुर थाने के बाहर जमा हो गए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों की बढ़ती संख्या और तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए उच्च अधिकारियों को सूचना दी गई। फिलहाल प्रशासन प्रदर्शनकारियों को शांत कराने और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास कर रहा है। पुलिसकर्मियों पर लगे गंभीर आरोपों के बाद यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
