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लुटियंस दिल्ली: कचरा शुल्क न दिया तो संपत्ति कर की तरह होगी वसूली, फैलाने से लेकर खुले में जलाने पर जुर्माना
Wed, 23 Sep 2026 01:47 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 23 Sep 2026 01:47 AM IST
सार
नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) ने ठोस कचरा प्रबंधन की नई उपविधियों को मंजूरी देते हुए मासिक यूजर चार्ज, मौके पर जुर्माने और बकाया की सख्त वसूली का प्रावधान किया है।
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प्रतीक चित्र
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
लुटियंस दिल्ली में कचरा प्रबंधन अब केवल सफाई व्यवस्था तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कचरा पैदा करने वालों की जेब पर भी सीधा असर पड़ेगा। नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) ने ठोस कचरा प्रबंधन की नई उपविधियों को मंजूरी देते हुए मासिक यूजर चार्ज, मौके पर जुर्माने और बकाया की सख्त वसूली का प्रावधान किया है।
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शुल्क या जुर्माना जमा नहीं करने पर एनडीएमसी इसे भूमि कर या संपत्ति कर के बकाये की तरह वसूल सकेगी। सोमवार को परिषद की बैठक में मंजूर उपविधियों को अब केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से अधिसूचित किया जाएगा। इसके बाद आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक गतिविधियों से जुड़े कचरा उत्पादकों पर नए नियम लागू होंगे।
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भूखंड के आकार के हिसाब से आवासीय शुल्क
आवासीय संपत्तियों के लिए मासिक यूजर चार्ज भूखंड के आकार के आधार पर तय किया गया है। 50 वर्गमीटर तक के भूखंड पर 100 रुपये, 200 वर्गमीटर तक 200 रुपये और इससे बड़े भूखंड पर 300 रुपये मासिक शुल्क देना होगा। सड़क किनारे सामान बेचने वाले विक्रेताओं से 200 रुपये और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों से 800 रुपये प्रतिमाह लिए जाएंगे। कार्यालयों, बैंकों और शैक्षणिक संस्थानों के लिए यह शुल्क 3,000 रुपये होगा। होटल, रेस्तरां, क्लीनिक, शॉपिंग मॉल और पार्टी लॉन जैसी श्रेणियों में शुल्क 3,000 से 7,400 रुपये प्रतिमाह तक निर्धारित किया गया है। 30 दिन से अधिक बकाया रहने पर 10 प्रतिशत विलंब शुल्क भी लगेगा।
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कचरा जलाने पर 7,500 रुपये तक जुर्माना
नई व्यवस्था में नियमों के उल्लंघन पर मौके पर ही जुर्माना लगाने का प्रावधान है। सड़क पर कचरा फैलाने, वाहन से कचरा फेंकने और घरेलू कचरे को अलग-अलग नहीं करने पर 500 रुपये जुर्माना होगा। खुले में कचरा जलाने, निर्माण एवं विध्वंस कचरे को गलत तरीके से डालने और वाणिज्यिक कचरे का पृथक्करण नहीं करने पर 7,500 रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकेगा। 100 से अधिक लोगों वाले बिना लाइसेंस कार्यक्रम के आयोजन पर 15 हजार रुपये का जुर्माना होगा।
बल्क वेस्ट जनरेटर पर 74 हजार रुपये तक हर माह लग सकेगा जुर्माना
आरडब्ल्यूए, होटल और रेस्तरां समेत बल्क वेस्ट जनरेटर के लिए नियम और कड़े किए गए हैं। डिफॉल्ट की स्थिति में 15 हजार से 74 हजार रुपये तक मासिक जुर्माना लगाया जा सकेगा। मौके पर कचरा प्रसंस्करण की व्यवस्था नहीं करने पर 50 हजार रुपये की अतिरिक्त पेनल्टी होगी। औद्योगिक इकाइयों और निर्माताओं पर पर्यावरणीय जिम्मेदारियों के उल्लंघन के लिए 1.48 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है।
चार डिब्बों में करना होगा कचरा अलग
नई उपविधियों के तहत घरों और प्रतिष्ठानों में कचरे को गीला, सूखा, सैनिटरी और विशेष देखभाल वाले कचरे में अलग करना अनिवार्य होगा। इसके लिए क्रमशः हरे, नीले, लाल और काले डिब्बों का इस्तेमाल करना होगा।