Hindi News
›
Video
›
Haryana
›
Jind News
›
Banking operations in Jind affected by strike; employees rally for a five-day work week.
{"_id":"6aa3a5d58ba8d3c9160e47aa","slug":"video-banking-operations-in-jind-affected-by-strike-employees-rally-for-a-five-day-work-week-2026-09-11","type":"video","status":"publish","title_hn":"जींद में बैंक हड़ताल से प्रभावित रहा कामकाज, पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग पर कर्मचारी लामबंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जींद में बैंक हड़ताल से प्रभावित रहा कामकाज, पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग पर कर्मचारी लामबंद
पांच दिवसीय कार्य सप्ताह समेत विभिन्न लंबित मांगों को लेकर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (UFBU) के आह्वान पर शुक्रवार को बैंक कर्मचारी और अधिकारी अखिल भारतीय हड़ताल पर रहे। हड़ताल के चलते बैंक शाखाओं में सामान्य कामकाज प्रभावित रहा। जींद में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की मिनी सचिवालय शाखा के बाहर विभिन्न बैंकों के कर्मचारियों और अधिकारियों ने एकजुट होकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की।
यूनियन नेताओं ने कहा कि बैंक कर्मचारियों की पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग नई नहीं है। मार्च 2024 में इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) और बैंक यूनियनों के बीच हुए समझौते में इस व्यवस्था पर सहमति बनी थी। इसके बावजूद ढाई साल से अधिक समय बीतने के बाद भी इसे लागू नहीं किया गया। इससे कर्मचारियों में रोष है और उन्हें हड़ताल का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ा।
नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार के कार्यालयों में वर्ष 1985 से पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू है। राज्य सरकारों, जिला कार्यालयों, न्यायालयों, आयकर विभाग, शेयर बाजार, आरबीआई और एलआईसी समेत कई संस्थानों में भी सप्ताह में पांच दिन काम होता है। दूसरी ओर बैंक कर्मचारी एटीएम, इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, यूपीआई और अन्य डिजिटल माध्यमों से ग्राहकों को 24 घंटे सेवाएं उपलब्ध कराते हैं।
यूनियन नेताओं के अनुसार, मार्च 2024 के समझौते में कर्मचारियों ने प्रत्येक कार्यदिवस के बैंकिंग समय में 40 मिनट बढ़ाने पर भी सहमति जताई थी, ताकि शनिवार के अवकाश से ग्राहकों को उपलब्ध कुल बैंकिंग समय में कमी न आए। उन्होंने कहा कि हड़ताल में शामिल कर्मचारियों का एक दिन का वेतन भी कटता है, फिर भी कर्मचारी सामूहिक मांग के समर्थन में आर्थिक त्याग कर रहे हैं।
पांच दिवसीय कार्य सप्ताह के अलावा यूनियनों ने पीएलआई व्यवस्था को एकतरफा और भेदभावपूर्ण बताते हुए इसमें बदलाव से पहले यूनियनों एवं एसोसिएशनों से द्विपक्षीय वार्ता करने की मांग की।
इस मौके पर राकेश सांगवान, रामभज लाठर, सुमेधा गोयत, सुनील कुमार गौतम, मनजीत लाठर, सुनील, सुखबीर दहिया और सुनील धांधा समेत अन्य कर्मचारी नेता मौजूद रहे।
नेताओं ने कहा कि हड़ताल की सफलता से कर्मचारियों की एकजुटता स्पष्ट हुई है। मांगों का समाधान नहीं होने पर 28, 29 और 30 सितंबर को फिर अखिल भारतीय हड़ताल तथा 26 अक्तूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल का कार्यक्रम घोषित किया गया है।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।