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हिसार: डॉ. शिवांशी तोमर बढ़ते प्रदूषण और संसाधनों की कमी को लेकर सतर्क, घर की छत पर उगाती हैं सब्जियां
तेजी से बढ़ते प्रदूषण और संसाधनों की कमी के बीच पर्यावरण संरक्षण आज सबसे बड़ी जरूरत बन चुका है। हालांकि अक्सर लोग यह सोचकर पीछे हट जाते हैं कि उनके छोटे प्रयासों से क्या फर्क पड़ेगा, लेकिन हकीकत यह है कि बदलाव की शुरुआत हमेशा छोटे कदमों से ही होती है। इसी सोच को साकार करते हुए डॉ. शिवांशी तोमर ने अपने दैनिक जीवन में अपनाए गए सरल और प्रभावी उपायों के जरिए यह साबित किया है कि यदि हर व्यक्ति अपने घर से पहल करे, तो पर्यावरण को बचाना बिल्कुल संभव है।
सेक्टर 14 निवासी डॉ. शिवांशी तोमर ने बताया कि मैं पेशे से डेंटिस्ट और साइकॉलजिस्ट हूं, और मेरा मानना है कि पर्यावरण की रक्षा की शुरुआत हमारे घर से ही होनी चाहिए। मैं अपने घर में पानी की बर्बादी रोकने के लिए आरओ से निकलने वाले अतिरिक्त पानी को एक टब में इकट्ठा करती हूं। इस पानी का उपयोग मैं सबसे पहले सब्जियां धोने के लिए करती हूं, फिर उसी पानी से घर की सफाई और पोछा लगाती हूं। अंत में यही पानी मैं अपने पौधों में डाल देती हूं, जिससे पानी का पूरा उपयोग हो पाता है।
प्लास्टिक को लेकर भी मैं काफी सतर्क रहती हूं। मेरे घर में जितना भी प्लास्टिक आता है, मैं उसे अलग से स्टोर करती हूं। मैं प्लास्टिक के पैकेट्स को इस तरह से काटती हूं कि वे आसानी से रीसाइकिल हो सकें। इसके बाद मैं उन्हें बड़े कैरी बैग में इकट्ठा करती हूं और जब पर्याप्त मात्रा हो जाती है, तो रद्दी वाले या कूड़ा एकत्र करने वालों को दे देती हूं, ताकि उनका सही तरीके से पुनर्चक्रण हो सके।
मेरे घर में एक छोटा सा प्लांटेशन एरिया भी है, जहां मैं पौधों के लिए खुद ही प्राकृतिक खाद तैयार करती हूं। इसके लिए मैं केले, नींबू और प्याज के छिलके, चाय पत्ती और अंडे के छिलकों का उपयोग करती हूं। इन सभी चीजों को मिलाकर मैं एक सॉल्यूशन बनाती हूं और उसे तीन दिनों तक फर्मेंट होने के लिए रखती हूं। इसके बाद यह एक लिक्विड खाद बन जाता है, जिसे मैं हर तीन दिन में अपने पौधों में डालती हूं। यह पूरी तरह से नेचुरल होता है और पौधों के लिए बहुत फायदेमंद साबित होता है।
मैं पानी बचाने के लिए अपने घर में पाइप का उपयोग नहीं करती। कार और टेरेस की सफाई के लिए मैं बाल्टी का इस्तेमाल करती हूं, क्योंकि पाइप से पानी का बहाव नियंत्रित करना मुश्किल होता है और अनजाने में बहुत सारा पानी बर्बाद हो जाता है।
हम कभी यह न सोचें कि पर्यावरण के लिए कोई और काम करेगा, तब हम करेंगे। हमें अपने स्तर पर जो भी संभव हो, वह करना चाहिए। अगर हम सभी रीयूज, रीसाइकिल और रिड्यूस के सिद्धांत को अपनाएं, तो निश्चित रूप से हम एक स्वच्छ और बेहतर पर्यावरण बना सकते हैं।
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