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खुशखबर: नॉन पीएससी की भर्ती से नौकरी में आने वालों को पहले साल से ही 100% मिलेगा वेतन

मध्य प्रदेश: शराब की दुकानें बढ़ाने को लेकर बवाल, आबकारी विभाग ने निरस्त किया प्रस्ताव

मध्य प्रदेश में शराब को लेकर आबकारी आयुक्त राजीव चंद्र दुबे की ओर से जारी एक आदेश की वजह से सियासी संग्राम छिड़ गया। उन्होंने ये आदेश शराब को लेकर सभी जिलों के कलेक्टर को दिया था। इस आदेश के बारे में जैसे ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पता चला तो उन्होंने इसे तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया। दरअसल, तीन दिन पहले गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने शराब की नई दुकानें खोलने वाला बयान दिया था। इसके कुछ घंटे बाद ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का बयान आया कि ऐसा कोई फैसला नहीं हुआ है। इसके बावजूद 21 जनवरी को आबकारी आयुक्त राजीव दुबे ने सभी कलेक्टरों को एक पत्र जारी कर जिलों में 20% नई दुकानें खोलने के लिए प्रस्ताव मंगवा लिए, जिस कारण बवाल मच गया।

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मध्यप्रदेश: उमा भारती ने कहा- दिग्विजय सिंह का सबसे बड़ा दुश्मन है उनका मुंह

मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री रह चुकी उमा भारती ने कहा है कि कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह का सबसे बड़ा दुश्मन उनका मुंह है। उमा ने कहा, योग्यता रहते हुए भी दिग्विजय कांग्रेस में वह मुकाम हासिल नहीं कर सके और इसका अकेला कारण उनकी जुबान है। उमा ने यह बात दिग्विजय सिंह द्वारा राममंदिर निर्माण के लिए जमा किए जा रहे चंदे का हिसाब मांगे जाने पर कही।

हालांकि, उमा ने दिग्विजय की तारीफ भी की और कहा, दिग्विजय राजनीति में खूब आगे बढ़े और कांग्रेस के कद्दावर नेता बने, लेकिन अपनी पार्टी में भी वो हैसियत नहीं हासिल कर सके जिसके वह हकदार थे। सभी योग्यताएं रहते हुए भी दिग्विजय पीछे रह गए, क्योंकि उनकी जुबान ही उनकी सबसे बड़ी दुश्मन है।
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मध्यप्रदेश की भूरी बाई को पद्मश्री से नवाजा गया, इसलिए मिला सम्मान

मध्यप्रदेश की भूरी बाई को इस बार पद्मश्री सम्मान से नवाजा गया है। मध्यप्रदेश में झाबुआ जिले के पिटोल गांव में जन्मी भूरी बाई भारत के सबसे बड़े आदिवासी समूह भीलों के समुदाय से हैं। उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार, शिखर सम्मान द्वारा कलाकारों को दिए गए सर्वोच्च राजकीय सम्मान सहित कई पुरस्कार जीते हैं।

पितौल की भूरी बाई अपनी चित्रकारी के लिए कागज और कैनवास का इस्तेमाल करने वाली प्रथम भील कलाकार हैं। भारत भवन के तत्कालीन निदेशक जे. स्वामीनाथन ने उन्हें कागज पर चित्र बनाने के लिए कहा। भूरी बाई ने अपना सफर एक समकालीन भील कलाकार के रूप में शुरू किया। 

भूरी बाई अब भोपाल में आदिवासी लोककला अकादमी में एक कलाकार के तौर पर काम करती हैं। उन्हें मध्यप्रदेश सरकार से सर्वोच्च पुरस्कार शिखर सम्मान (1986-87) प्राप्त हो चुका है। 1998 में मध्यप्रदेश सरकार ने उन्हें अहिल्या सम्मान से विभूषित किया।

उनके चित्रों में जंगल में जानवर, वन और इसके वृक्षों की शांति तथा गाटला (स्मारक स्तंभ), भील देवी-देवताएं, पोशाक, गहने और टैटू, झोपडि़यां, अन्नागार, हाट, उत्सव तथा नृत्य और मौखिक कथाओं सहित भील के जीवन के प्रत्येक पहलू को समाहित किया गया है। भूरी बाई ने हाल ही में वृक्षों और जानवरों के साथ-साथ वायुयान, टेलीविजन, कार तथा बसों का चित्र बनाना शुरू किया है।
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भूरी बाई - (भील कलाकार) भूरी बाई - (भील कलाकार)

मध्यप्रदेश: 16वीं लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन को पद्म भूषण सम्मान

16वीं लोकसभा में अध्यक्ष बनीं देश की दूसरी महिला सुमित्रा महाजन 1979 से लगातार आठ बार का इंदौर से सांसद बनीं। इंदौर में वह ‘सुमित्रा ताई’ के नाम से लोकप्रिय हैं। उनके राजनीतिक जीवन की खास बात यह है कि वह देश की पहली महिला हैं जो लोकसभा चुनावों में कभी हारीं नहीं। वह आठ बार लोकसभा चुनाव जीतने वाली पहली महिला सांसद हैं। वे भाजपा की भी पहली लोकसभा अध्यक्ष थीं। 

लगातार आठ बार चुनी गईं इंदौर से सांसद
12 अप्रैल 1943 को महाराष्ट्र के चिपलुन में जन्मी सुमित्रा महाजन को इंदौर में लोग प्यार से ताई बुलाते हैं। इंदौर के अधिवक्ता जयंत महाजन से उनका विवाह हुआ था। इसके बाद वे इंदौर आ गई। इंदौर लोकसभा सीट से लगातार 8 बार लोकसभा चुनाव जीतने का अनोखा रिकॉर्ड उनके नाम है। वे देश की एक मात्र महिला सांसद हैं जिन्होंने लगातार आठ लोकसभा चुनाव जीते हैं. सुमित्रा महाजन 16वीं लोकसभा की अध्यक्ष बनी थी. वे देश की दूसरी महिला लोकसभा अध्यक्ष बनी थी। 

सियासी सफर 
सुमित्रा महाजन के राजनीतिक सफर की शुरुआत 80 के दशक में हुई थी। वे पहली बार इंदौर नगर निगम के लिए पार्षद चुनी गईं। बाद में उन्हें इंदौर का उपमहापौर भी बनाया गया। इसके बाद इंदौर-3 विधानसभा से वे पहली बाहर विधानसभा के चुनावी मैदान में उतरीं, लेकिन उन्हें कांग्रेस के महेंश चंद्र जोशी के हाथों हार का सामना करना पड़ा। यह सुमित्रा महाजन की राजनीतिक जीवन में एकमात्र हार थी।1980 में उन्हें मध्य प्रदेश कांग्रेस के कद्दावर नेता और पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाशचंद्र सेठी के खिलाफ चुनाव लड़ाया गया। सुमित्रा महाजन ने उन्हें चुनाव हराकर पहली बार लोकसभा का चुनाव जीता। इसके बाद जीत का सफर 2014 तक जारी रहा। वह लगातार 1989, 1991, 1996, 1998, 1999, 2004, 2009 और 2014 के आम चुनावों में लगातार सांसद चुनी गईं। 


 
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एमपी गजब है: टाइगर व लेपर्ड स्टेट के बाद अब घड़ियाल और गिद्धों की संख्या में भी होगा पहले नंबर पर

देश में बाघों और तेंदुओं की सबसे अधिक संख्या के साथ ‘टाइगर और लेपर्ड स्टेट’ बनने के बाद मध्यप्रदेश अब घड़ियाल और गिद्धों की संख्या के मामले में भी देश में पहले नंबर पर आने की दहलीज पर आ पहुंचा है मप्र जनसंपर्क विभाग के एक अधिकारी ने सोमवार को बताया कि वर्ष 2019 में पक्षी गणना के मुताबिक प्रदेश में 8,397 गिद्ध थे, जो भारत के अन्य राज्यों की तुलना में सबसे अधिक हैं। 

भोपाल में है गिद्ध संरक्षण व प्रजनन केंद्र
भोपाल के केरवा इलाके में वर्ष 2013 से गिद्ध संरक्षण और प्रजनन केन्द्र स्थापित है। इसे बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसायटी और मध्यप्रदेश सरकार द्वारा संयुक्त रूप से संचालित किया जा रहा है। गिद्धों की संख्या के मामले में मध्यप्रदेश जल्द नम्बर वन की पायदान पर आने वाला है।

चंबल अभयारण्य में 1859 घड़ियाल
वहीं, वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक सबसे अधिक 1,859 घड़ियाल चंबल अभयारण्य में हैं। चार दशक पहले घड़ियालों की संख्या खत्म होने के कगार पर थी। तब दुनिया भर में केवल 200 घड़ियाल ही बचे थे। इनमें से भारत में 96 और चंबल नदी में 46 घड़ियाल थे।

मुरैना में है घड़ियाल प्रजनन केंद्र
मध्यप्रदेश के मुरैना जिले के देवरी में घड़ियाल प्रजनन केन्द्र की स्थापना की गई है। यहां घड़ियाल के अंडों की सुरक्षित तरीके से हैंचिंग की जाती है। घड़ियाल के अंडों को हैचरी की रेत में 30 से 36 डिग्री तापमान पर रखा जाता है। इस दौरान अंडों से कॉलिंग आती है और बच्चे निकलना शुरू हो जाते हैं। बड़े होने पर इन्हें उचित रहवास जल क्षेत्र में प्राकृतिक रूप से छोड़ दिया जाता है।

526 बाघों के साथ बना टाइगर स्टेट
उन्होंने बताया कि देश में सबसे अधिक बाघ मध्यप्रदेश में हैं। पिछले साल बाघों की संख्या 526 होने के साथ प्रदेश को एक बार पुन: टाइगर स्टेट का दर्जा मिला है।

देश के 25 फीसदी तेंदुए मप्र में
आधिकारिक गणना के अनुसार देशभर में तेंदुओं की संख्या 12,852 और मध्यप्रदेश में 3,421 संख्या थी। इस प्रकार देश में उपलब्ध तेंदुओं की संख्या में से 25 प्रतिशत अकेले मध्यप्रदेश में पाए गए हैं। इसी के साथ मध्यप्रदेश ने देश में अन्य राज्यों को पीछे छोड़कर 'तेंदुआ स्टेट' का दर्जा हासिल किया है।
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मध्यप्रदेश: 5 डिग्री नीचे गिर सकता है तापमान, घने कोहरे और शीतलहर के आसार

शिवराज सिंह चौहान (फाइल फोटो)

मध्यप्रदेश: 17 साल बाद विंध्य से हो सकता है अगला विधानसभा अध्यक्ष, बजट सत्र में होगा चुनाव

मध्यप्रदेश: प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा ने ममता को भेजी रामायण, कहा- श्रीराम बोलना सीखें

मध्यप्रदेश विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर और हुजूर क्षेत्र के विधायक रामेश्वर शर्मा ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को रामायण की एक प्रति भेजी है। इस बात की जानकारी खुद उन्होंने ट्वीटर पर दी। इस मौके पर उन्होंने कहा कि अयोध्या में सालों बाद भगवान श्रीराम का मंदिर बनने वाला है और इससे ममता नाराज हैं।

शर्मा ने कहा कि ममता को राम नाम के उद्घोष से नफरत हैं। उन्होंने कहा कि ममता दीदी मेरी आपसे प्रार्थना है कि जय श्रीराम बोलना सीखो। भगवान राम का विरोध करना बंद करो। बंगाल में एक कार्यक्रम के दौरान आपने भगवान राम का अपमान किया है। बंगाल की जनता विधानसभा चुनाव में आपको सबक सिखाएगी। 
 


भाजपा नेता ने कहा, 'ममता दीदी भगवान राम का नाम जपो। मैं आपको रामायण की एक पुस्तक भेज रहा हूं। रामायण को पढ़िए। उम्मीद करता हूं कि आपको सद्बुद्धि आएगी। जैसे पूरी दुनिया में प्रभु श्रीराम के भक्त हैं, आप भी रामायण पढ़कर उनकी भक्त हो जाएंगी और जय श्रीराम का नाम जपने लगेंगी।'

विधानसभा के सामयिक अध्यक्ष ने कहा कि सालों के इंतजार के बाद अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर बनने वाला है। इसके लिए देशभर में समर्पण निधि अभियान चल रहा है जो 15 फरवरी तक चलेगा। इसमें हर वर्ग के लोग अपनी श्रद्धा अनुसार दान दे रहे हैं। ममता दीदी, आप भगवान श्रीराम के नारों से गुस्सा मत होइये।

विहिप ने भी की ममता बनर्जी की आलोचना
विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने भी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के यहां मुख्य 'पराक्रम दिवस' समारोह में 'जय श्री राम' के उद्घोष के बाद भाषण नहीं देने के लिए रविवार को तीखी आलोचना की। विहिप ने कहा कि यह उनकी 'हिंदू विरोधी' मानसिकता और किसी विशेष समुदाय को खुश करने के प्रयास को दर्शाता है। बनर्जी शनिवार को विक्टोरिया मेमोरियल में नेताजी के जयंती समारोह में संबोधन देने के लिए आमंत्रित किये जाने पर अपने कथित 'अपमान' पर नाराज नजर आ रही थीं। 





विहिप के अंतरराष्ट्रीय संयुक्त महासचिव सुरेंद्र जैन ने कहा, 'ममता बनर्जी ने कल जो किया वह उनकी हिंदू-विरोधी मानसिकता और तुष्टिकरण की राजनीति के प्रति उनके प्रयासों को दर्शाता है। भगवान राम देश की आत्मा हैं। 'जय श्री राम' के उद्घोष से उन्हें गुस्सा क्यों आता है? हम समझने में असफल हैं।' उधर भाजपा नेता और नेताजी बोस के रिश्तेदार चंद्र कुमार बोस ने कहा कि नारे में कुछ भी गलत नहीं था और नेताजी की जयंती को राजनीति के साथ नहीं जोड़ा जाना चाहिए।
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मध्यप्रदेश: शिवराज ने की 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' के तहत पंख अभियान की शुरुआत

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को पंख अभियान योजना के उद्घाटन के मौके पर कहा कि हम आज 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' के तहत पंख (PANKH) अभियान योजना की शुरुआत कर रहे हैं। इसमें P-(protection) सुरक्षा, A- (awareness of their rights) अपने अधिकारों के प्रति जागरूकता, N (nutrition) पोषण, K-(knowledge) ज्ञान के लिए है, इसलिए वे हर क्षेत्र में प्रगति करते हैं और H (health) स्वास्थ्य। यह योजना एक साल के लिए चलेगा।

सीएम ने कहा कि बहन, बेटियां और समाज जागरूक बनें। मैं आवाहन करता हूं कि मध्यप्रदेश के बहनों और भाईयों को कि आइए एक बार फिर से बेटी बचाओ अभियान चलाएं। पिछले 8-10 महीनों में महिला अपराधों में 15 प्रतिशत की कमी आई है लेकिन यह पर्याप्त नहीं है। सरकार को पंख अभियान में पूरी तरह से लगाऊंगा।

उन्होंने आगे कहा कि लाडली लक्ष्मी योजना, गांव की बेटी योजना, प्रतिभा किरण योजना, कन्या विवाह योजना, उदिता योजना। एक-एक योजना बनी तो सिर्फ बहनों और बेटियों की जिंदगी को सुरक्षित करने के लिए ताकि मेरी बहनें आर्थिक रूप से सशक्त बनें। सीएम शिवराज ने कहा कि ओटीटी प्लेटफार्मों पर प्रदान की गई 'अश्लील' सामग्री को सेंसर किया जाना चाहिए। छोटे बच्चे मिट्टी के सांचे की तरह होते हैं, वे जो देखते हैं, सीख जाते हैं। केंद्र सरकार इस प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार कर रही है।
 
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मध्यप्रदेश: मंच पर 'नेताजी' का नाम भूले सांसद, कहा- हम मना रहे हैं चंद्रशेखर बोस की जयंती

नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती के मौके पर देशभर में काफी कार्यक्रम हुए। बंगाल में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर भाजपी ने बढ़-चढ़कर इसमें हिस्सा लिया। वहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आठ किलोमीटर पदयात्रा की। इसी कड़ी में मध्यप्रदेश के इंदौर में भी नेताजी की जयंती के मौके पर समारोह आयोजित किए गए।

कार्यक्रम में इंदौर के सांसद शंकर लालवानी भी हिस्सा लेने के लिए पहुंचे। लेकिन अपने संबोधन के दौरान वे 'नेताजी' की जयंती पर उनका नाम भूल गए। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने नेताजी की जगह अमर शहीद चंद्र शेखर आजाद का नाम ले लिया। हालांकि आभास होने पर सांसद ने तुरंत अपनी गलती सुधार ली।



सांसद ने कहा, 'नेताजी ने अंग्रेजों की नौकरी छोड़कर देश सेवा के लिए काम किया। देश की आजादी के लिए लड़ाई लड़ी। जब अंग्रेजी सेना उनके पीछे पड़ी तो वेश बदलकर देश से बाहर गए और वहां पर अपनी सेना खड़ी की। उन्होंने वहां आजाद हिंद फौज की रचना की। इस सेना ने भारत में अंग्रेजों के छक्के छुड़ा दिए। ऐसे नेताजी चंद्र शेखर आजाद... चंद्र शेखर बोस की हम जयंती मना रहे हैं। इस मौके पर यही कहूंगा कि जिस प्रकार उन्होंने देश के लिए अपने प्राण न्यौछावर किए। उसी प्रकार से हमें अपने शहर और देश के उत्थान के लिए पसीना बहाना चाहिए।'

इसे लेकर कांग्रेस ने उनपर निशाना साधा है। पार्टी ने अफने ट्वीटर अकाउंट पर सांसद लालवानी का एक वीडियो साझा करते हुए लिखा, 'ये हैं इंदौर के बीजेपी सांसद, इन्हें नेता जी सुभाष चंद्र बोस का नाम तक नहीं मालूम।'

सांसद ने युवाओं से की रक्त दान की अपील
सांसद ने मालवा संस्कृति मंच से रक्तदान की अपील की। उन्होंने कहा कि युवाओं को रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए। देश में कई बार ऐसी विषम परिस्थितियां बन जाती हैं कि रक्त की जरूरत पड़ती है। रक्त दान से समाज को समस्या का समाधान मिल सकता है। उन्होंने खुद भी रक्तदान किया।
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