हिसार एयरपोर्ट: तीन हैंगर और ऑफिस स्पेस 15 साल की लीज पर देने की तैयारी, कंपनियों के लिए ये शर्तें जरूरी
एचएडीसीएल ने हिसार एयरपोर्ट की आय बढ़ाने के लिए हैंगर किराये पर देने की योजना का प्रस्ताव तैयार किया था। एयरपोर्ट की आय बढ़ाने के लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) तैयार कर मुख्यमंत्री को सौंपा गया था। इसमें दुबई जाने वाली फ्लाइट का कार्गो लेने की योजना भी शामिल है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हरियाणा एयरपोर्ट्स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचएडीसीएल) ने महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट पर निर्मित तीन बड़े एयरक्राफ्ट हैंगर और ऑफिस स्पेस को लीज- पर देने की तैयारी शुरू कर दी है। एचएडीसीएल ने 15 साल की लीज के लिए टेंडर आमंत्रित किए हैं। आपसी सहमति से लीज अवधि को पांच साल के लिए और बढ़ाया जा सकेगा। तय शर्तों के अनुसार हर साल लीज फीस में पांच प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी।
हिसार एयरपोर्ट के हैंगर को लीज पर देने की योजना पर एचएडीसीएल ने करीब एक साल पहले काम शुरू किया था। अब इसे सिरे चढ़ाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। चयनित कंपनियों को 15 वर्षों के लिए स्पेस लीज पर आवंटित किया जाएगा। एचएडीसीएल और निजी कंपनी की आपसी सहमति से इसे अगले पांच वर्षों के लिए बढ़ाया जा सकता है। एयरपोर्ट पर कुल तीन हैंगर उपलब्ध हैं। प्रत्येक हैंगर में 1850 वर्ग मीटर हैंगर स्पेस और 1040 वर्ग मीटर ऑफिस/एडमिन स्पेस है। इस तरह एक हैंगर का कुल क्षेत्रफल 2890 वर्ग मीटर है। नॉन-एसी स्पेस के लिए बेस रेट 720 रुपये प्रति वर्ग मीटर प्रति माह (जीएसटी अलग से) निर्धारित किया गया है।
कंपनियों के लिए शर्तें
आवेदन करने वाली कंपनी का पिछले तीन वर्षों (2022-23 से 2024-25) का औसत वार्षिक टर्नओवर कम से कम 15 करोड़ रुपये होना अनिवार्य है। आवेदक कंपनी के पास एयर ऑपरेटर, एफटीओ, एमआरओ या एयरक्राफ्ट व ड्रोन असेंबली के क्षेत्र में कम से कम तीन वर्ष का अनुभव होना चाहिए। प्रत्येक हैंगर के लिए 25 लाख रुपये ईएमडी (बयाना राशि) जमा करनी होगी। सफल बिडर को छह महीने के किराये के बराबर परफॉर्मेंस बैंक गारंटी देनी होगी। अलॉटमेंट पाने वाली विदेशी या भारतीय कंपनी को अनुबंध पर हस्ताक्षर होने के 180 दिनों के भीतर हरियाणा में अपना पंजीकृत कार्यालय खोलना होगा।
विमानन गतिविधियों के लिए होगा इस्तेमाल
लीज पर दिए स्पेस का उपयोग डीजीसीए की मंजूरी के तहत केवल विमानन गतिविधियों के लिए किया जाएगा। छोटे एयरक्राफ्ट, ड्रोन और गायरोकॉप्टर की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित की जा सकेगी। इसके अलावा एयरक्राफ्ट का एमआरओ (मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल), एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस स्टाफ और संबंधित एविएशन ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट का संचालन किया जा सकेगा। हेलिकॉप्टर, एक्टिव एयरक्राफ्ट और ड्रोन की पार्किंग की सुविधा भी उपलब्ध होगी।
हिसार से दुबई के लिए फ्लाइट का कार्गो लेने की योजना
12 सितंबर 2025 को एचएडीसीएल ने हिसार एयरपोर्ट की आय बढ़ाने के लिए हैंगर किराये पर देने की योजना का प्रस्ताव तैयार किया था। एयरपोर्ट की आय बढ़ाने के लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) तैयार कर मुख्यमंत्री को सौंपा गया था। इसमें दुबई जाने वाली फ्लाइट का कार्गो लेने की योजना भी शामिल है। इसके लिए जल्द ही कस्टम विभाग में आवेदन किया जाएगा। ऐसा होने पर हिसार सीधे दुबई से कारोबार के तौर पर जुड़ जाएगा।
हिसार एयरपोर्ट को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए प्रदेश और केंद्र सरकार की ओर से कई योजनाओं पर काम किया जा रहा है। इसी कड़ी में एयरपोर्ट के हैंगर लीज पर देने का प्रस्ताव है, ताकि उनका समुचित उपयोग हो सके और एयरपोर्ट को बेहतर राजस्व प्राप्त हो। -रणबीर गंगवा, पीडब्ल्यूडी मंत्री, हरियाणा।