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18 अप्रैल 2021

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Digital Edition

हिसार में कोरोना से हाहाकार: 11 गांवों में करीब 20 दिन में 138 की मौत, खांसी-बुखार पीड़ित तोड़ रहे दम

ग्रामीण क्षेत्रों में बुखार, खांसी, जुकाम के बाद दम तोड़ रहे लोगों ने चिंता में डाल दिया है। हरियाणा के हिसार जिले में रोजाना औसतन 50 से 60 लोगों मौत हो रही है। वहीं हिसार के 11 गांवों में पिछले 20 दिन में 138 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। ग्रामीण क्षेत्र में ऐसी मौतों के बाद सैंपल भी नहीं लिए जा रहे। ऐसे में महामारी के और फैलने का खतरा है। 

हिसार जिले में कुल 303 गांव हैं। करीब 70 प्रतिशत आबादी गांवों में रह रही है। इस समय कोरोना के सैंपल केवल शहरों या उपमंडल स्तर के अस्पतालों में चुनिंदा स्थानों पर ही लेने की सुविधा है। गांव में किसी को बुखार, खांसी, जुकाम सहित अन्य लक्षण होने पर लोग बड़े अस्पताल नहीं पहुंचते। ऐसे लोग गांव के ही किसी चिकित्सक या केमिस्ट से दवा लेते हैं।  

मरीज की हालत बिगड़ने पर गांव के लोग बड़े अस्पताल जाने के बजाय अपने स्तर पर ही सिलिंडर की व्यवस्था करने में जुट जाते हैं। गांव में किसी की कोरोना संदिग्ध मौत होने पर परिजन भी जांच के लिए आगे नहीं आते। शव की भी कोरोना जांच कराने के बजाय अंतिम संस्कार करा देते हैं।

ग्रामीणों में इस बात का डर
ग्रामीण क्षेत्र के लोगों में सबसे अधिक डर इस बात का है कि पॉजिटिव मिलने पर उनके मरीज को चिकित्सक घर नहीं जाने देंगे। इसके बाद आइसोलेशन वार्ड में न तो मरीज से मिलने दिया जाएगा और न ही मरने के बाद उनको शव मिलेगा। इन कारणों के चलते ज्यादातर लोग संदिग्ध मरीजों की जांच नहीं करवा रहे हैं। 
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हिसार के तलवंडी राणा गांव में जांच करते स्वास्थ्यकर्मी। हिसार के तलवंडी राणा गांव में जांच करते स्वास्थ्यकर्मी।

हरियाणा में कोरोना : अब आठ हजार टीमें गांवों में घर-घर जाकर करेंगी संक्रमण की जांच 

ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ रहे कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए हरियाणा सरकार गांवों में ‘टेस्ट, ट्रैक एंड ट्रीट’ रणनीति को अपनाएगी। आठ हजार बहुविषयी (मल्टीडिप्लनेरी) टीमें गांवों में कोविड-19 जांच के लिए डोर-टू-डोर स्क्रीनिंग करेंगी।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने शनिवार को यहां स्वास्थ्य और पंचायत विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में यह जानकारी दी। उन्होंने निर्देश दिए कि कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए प्रत्येक घर को कवर किया जाए। डोर-टू-डोर स्क्रीनिंग कैंप आयोजित करें। धर्मशालाओं, सरकारी स्कूलों और आयुष केंद्रों को आइसोलेशन केंद्रों में तब्दील किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी कीमत पर गांवों को इस घातक संक्रमण से बचाना है। प्रत्येक अधिकारी हर गांव में विशेष सतर्कता बरतना सुनिश्चित करें। ग्रामीणों के लिए विशेष जागरूकता सह-परामर्श अभियान शुरू किया जाए।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, आशा वर्कर्स, प्रत्येक गांव के पूर्व और वर्तमान जनप्रतिनिधियों को मिलकर लोगों को स्क्रीनिंग कैंप में जांच करवाने के लिए प्रोत्साहित करना होगा। टेस्टिंग सुविधा एवं क्लिनिकल मैनेजमेंट पर ध्यान केंद्रित करने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में जन-जागरूकता गतिविधियां प्राथमिकता के आधार पर बनानी होंगी।

प्रदेशभर में ट्रेनी डॉक्टर के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग, आशा और आंगनबाड़ी वर्कर्स सहित लगभग आठ हजार मल्टीडिसप्लनेरी टीमों का गठन किया जाए ताकि हर गांव में घर-घर जाकर स्वास्थ्य जांच हो सके। हर परिवार की जांच उनके ऑक्सीजन और तापमान के स्तर की रिकॉर्डिंग के साथ करें।

यदि स्क्रीनिंग कैंप के दौरान यह पता चलता है कि किसी व्यक्ति में बुखार, सर्दी और खांसी जैसे लक्षण हैं, तो उस व्यक्ति को तुरंत होम आइसोलेशन में रहने की सलाह दें। स्क्रीनिंग करते समय टीमें यह सुनिश्चित करें कि जिन लोगों में हल्के और मध्यम लक्षण हैं, उन्हें तुरंत कोविड-19 के लिए निर्धारित दवाइयां दी जाएं। 

60 लाख परिवारों की टेस्टिंग का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में वायरस का प्रसार हो रहा है। विशेष कैंप के माध्यम से अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि हरियाणा के लगभग 60 लाख परिवारों के प्रत्येक सदस्य को ‘टेस्ट, ट्रैक एंड ट्रीट’ किया जा सके। लोगों को बीमारी के बारे में भी जागरूक करें। धर्मशालाओं एवं सरकारी स्कूलों को आइसोलेशन केंद्रों में परिवर्तित करने की संभावना का जल्द से जल्द पता लगाया जाए। अगर कोविड केयर केंद्रों और अस्पताल में मरीज बढ़ते हैं तो धर्मशाला, सरकारी स्कूलों का उपयोग किया जा सकता है।
 
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#LadengeCoronaSe : पटियाला समेत तीन जगह कल से शुरू होंगे सेना के अस्पताल

कोरोना महामारी के बीच कल से सेना की ओर से चंडीगढ़, फरीदाबाद और पटियाला में 100-100 बेड के अस्पताल चालू हो जाएंगे। सेना प्रवक्ता ने बताया कि तीनों अस्पतालों में सभी प्रकार की तैयारियां की जा चुकी हैं और इन्हें अंतिम रूप दिया जा रहा है। 10 मई को इनकी शुरुआत की जाएगी और मरीजों को दाखिल किया जाएगा। ये तीनों अस्पताल वेस्टर्न कमांड संभालेगी। यहां पर डाक्टरों समेत पैरा मेडिकल व तकनीकी टीम सेना की होगी।

तैनात किए जाने हैं 100 पैरामेडिक्स 
डीआरडीओ द्वारा स्थापित विभिन्न अस्पतालों में 108 डॉक्टरों, 14 नर्सिंग अधिकारियों और 205 पैरा मेडिक्स स्टाफ भी सेना की ओर से भेजा गया है। सरकारी राजेंदरा अस्पताल पटियाला में 33 और दिल्ली में एसवीबीपी अस्पताल और अन्य 100 पैरामेडिक्स शीघ्र ही विभिन्न स्थानों पर तैनात किए जाने हैं। ऑक्सीजन की कमी को पूरा करने के लिए, सेना इलेक्ट्रॉनिक्स और मैकेनिकल इंजीनियरों की एक समर्पित टीम नंगल में भाखड़ा ब्यास प्रबंधन के तहत ऑक्सीजन संयंत्र को पुनर्जीवित करने के लिए चौबीस घंटे काम कर रही है।

हर मदद के लिए तैयार : सिंह
पश्चिमी कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल आरपी सिंह कहा कि पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़ और जम्मू और कश्मीर के राज्य प्रशासनों को सेना हर तरह से मदद के लिए तैयार है। वहीं, सिविल मिलिट्री अफेयर के डायरेक्टर कर्नल जसदीप संधु ने बताया कि सभी जगह तेजी से काम चल रहा है।
 
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पंजाब में लॉकडाउन का विरोध: प्रतिबंधों का उल्लंघन कर दुकान खुलवाने पहुंचे किसान संगठन, दिखा मिला-जुला असर

संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले विभिन्न किसान संगठनों ने शनिवार को पूरे पंजाब में दुकानदारों से दुकानें खुलवाने का आग्रह करते हुए रोष प्रदर्शन किया। किसान संगठनों ने व्यापारियों से दुकानें खोलकर लॉकडाउन का विरोध करने की अपील की लेकिन इसका मिला-जुला असर देखने को मिला। कहीं किसानों को व्यापारियों का समर्थन मिला तो कहीं व्यापारियों ने कहा कि वे प्रशासन के साथ हैं और इस मुद्दे में वे किसी का हस्तक्षेप नहीं चाहते।

दुकानदार एसोसिएशन मोगा के प्रधान हरप्रीत सिंह मिक्की का कहना है कि राज्य समेत देशभर में कोरोना की स्थिति गंभीर होती जा रही है। ऐसे में सख्त एहतियात बरतने की जरूरत है। मोगा के सभी दुकानदारों को पूर्ण भरोसा है कि जिला प्रशासन द्वारा दुकानदारों का कामकाज देखते हुए जल्द ही कोई योजना बनाई जाएगी, जिसके तहत एक तय समय और दिन के मुताबिक वह अपनी दुकानें खोल सकेंगे। 

वे जिला प्रशासन के साथ हैं और उनकी अनुमति के बिना दुकानें नहीं खोलेंगे। बरनाला में सीआइए प्रभारी इंस्पेक्टर बलजीत सिंह के नेतृत्व में पुलिस सुबह से ही शहर के सभी प्रमुख बाजारों में गश्त करती रही। बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। विभिन्न किसान संगठनों ने दुकानदारों के हक में मार्च निकाला लेकिन किसी भी व्यापारी संगठन या दुकानदार ने किसान संगठनों का साथ नहीं दिया।
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हरियाणा में कोरोना को मिल रही मात: 14667 नए पॉजिटिव मिले तो 14366 लोग ठीक होकर घर लौटे

किसानों ने निकाला मार्च।
हरियाणा में शनिवार को संक्रमण के 14667 नए मामले सामने आए हैं, साथ ही 14366 मरीजों ने कोरोना को मात दी है। एक दिन की संक्रमण दर 27.59 प्रतिशत रही और रिकवरी दर 79.82 प्रतिशत हो गई है। कुल संक्रमण दर 7.74 फीसदी और मृत्यु दर 0.91 प्रतिशत है। राहत की बात है कि पिछले तीन दिन से नए केस 15 हजार से कम मिल रहे हैं और 52 हजार सैंपल रोजाना लिए जा रहे हैं। 

गुरुग्राम-फरीदाबाद में जितने नए केस, उससे ज्यादा ठीक हुए
शनिवार को गुरुग्राम में सबसे अधिक 3441 नए केस आए और जिले में 4101 मरीज कोरोना से ठीक हुए। फरीदाबाद में 1713 नए केस और 2128 ठीक हुए, सोनीपत में 995 नए केस आए और 932 ठीक हुए। हिसार में 1465 नए केस मिले, 1075 ने कोरोना को हराया।

करनाल में 590 के मुकाबले 575, जींद में 436 के मुकाबले 676, पंचकूला 361 के मुकाबले 377, यमुनानगर 436 नए मरीज आए और 481 ने कोरोना से जीत पाई। फतेहाबाद 232 के मुकाबले 289, पलवल 118 के मुकाबले 220 मरीज ठीक हुए। शेष जिलों में 100 से 400 के बीच नए केस आए।

सबसे अधिक जींद में 19 की मौत
जींद में 19, हिसार-पानीपत 16-16, भिवानी 15, करनाल 11, गुरुग्राम, फरीदाबाद, अंबाला और कैथल में 10-10, फतेहाबाद 7, पंचकूला 6, यमुनानगर, सिरसा 5-5, पलवल-नूंह 4-4, झज्जर 3 और सोनीपत व कुरुक्षेत्र में 2-2 कोरोना मरीजों की मौत दर्ज की गई।

गंभीर मरीज
स्वास्थ्य विभाग के मेडिकल बुलेटिन के अनुसार, प्रदेश में ऑक्सीजन सपोर्ट पर 9318 और 4126 मरीज वेंटिलेटर या आईसीयू सपोर्ट पर हैं। गौरतलब है कि प्रदेशभर में ऑक्सीजन बेडों की संख्या 11,638 और वेंटिलेटर बेड 4701 हैं।
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पंजाब सरकार का फैसला: रेमडेसिविर इंजेक्शन पर लिखना होगा आईपीडी नंबर, उल्लंघन पर दर्ज होगा केस

रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी रोकने के लिए पंजाब सरकार ने अहम फैसला लिया है। अब विक्रेता के लिए इंजेक्शन की बिक्री के दौरान शीशी पर मरीज और आईपीडी नंबर लिखना अनिवार्य कर दिया गया है। ऐसा नहीं करने पर विक्रेता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही अन्य जरूरी दवाओं की सुचारु आपूर्ति के लिए राज्य में 60 ड्रग कंट्रोलर प्रतिनियुक्ति पर रखे गए हैं।

पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने बताया कि इंजेक्शन की कालाबाजारी रोकने के लिए विभाग के मुख्यालय में रेमडेसिविर  इंजेक्शन मॉनिटरिंग सेंटर स्थापित किया है। उन्होंने दावा किया कि विभाग के पास इसके गोदामों में पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। उन्होंने सरकार के फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि अब बिक्री के दौरान इंजेक्शन की शीशी पर मरीज और आईपीडी नंबर का उल्लेख करना अनिवार्य है, ताकि एफडीए की टीमें खाली शीशी को आसानी से सत्यापित कर सकें कि किस मरीज को कोविड केयर सेंटर द्वारा नष्ट करने से पहले इसे दिया गया है।

सिद्धू ने कहा कि पंजाब सरकार ने गुणवत्ता वाली दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सतर्क नजर रखने के लिए 60 ड्रग कंट्रोल अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की है। सिद्धू ने बताया कि दवाओं की कीमतों की निगरानी करने और दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने वाले विक्रेता के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।

आवंटन से कम मिले इंजेक्शन
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि पंजाब को केंद्र से आवंटित कोटा से कम रेमडेसिविर इंजेक्शन मिले हैं। उन्होंने बताया कि 21 अप्रैल 2021 से 9 मई 2021 तक पंजाब में वितरण के लिए 50000 इंजेक्शन आवंटित किए गए थे, जबकि राज्य सरकार को 41056 इंजेक्शन ही मिले हैं। केंद्र के पत्र अनुसार पंजाब को 9 मई से 16 मई तक 35000 रेमडेसिविर इंजेक्शन और प्राप्त होंगे। 
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पंजाब: गैंगस्टर गैवी के पांच और साथी गिरफ्तार, हेरोइन, तीन पिस्तौल व वाहन बरामद, पाक से जुड़े तार

गैंगस्टर और नशा तस्कर गैवी से पूछताछ में हुए खुलासों के आधार पर कार्रवाई करते हुए पंजाब पुलिस ने शनिवार को उसके पांच साथियों को गिरफ्तार कर पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया है। वांछित गैंगस्टर जयपाल के करीबी सहयोगी गैवी सिंह उर्फ विजय उर्फ ज्ञानी को गत 26 अप्रैल को झारखंड के सराए किला खरसावा जिले से पंजाब पुलिस के संगठित अपराध कंट्रोल यूनिट (ओसीसीयू) और एसएएस नगर पुलिस ने साझा ऑपरेशन में गिरफ्तार किया था।

शनिवार को गिरफ्तार आरोपियों की पहचान करनबीर सिंह निवासी गांव अकबरपुरा, हरमनजीत सिंह निवासी ग्राम जोहला, गुरजसप्रीत सिंह निवासी गांव बठल भाईके, रवीन्द्र इकबाल सिंह निवासी हंसलावाला (यह सभी जिला तरनतारन के हैं) और सैमुअल उर्फ सेम निवासी फिरोजपुर के तौर पर हुई है। 

सभी के खिलाफ पंजाब के अलग-अलग जिलों में कई आपराधिक केस दर्ज हैं। डीजीपी दिनकर गुप्ता ने बताया कि पुलिस ने खरड़ के अर्बन होम्स-2 स्थित गैवी के किराए के फ्लैट से 1.25 किलो हेरोइन बरामद की है। इसके अलावा उसके अलग-अलग ठिकानों से 3 पिस्तौल, जिनमें से एक .30 कैलिबर चीनी पिस्तौल और दो .32 कैलिबर पिस्तौल और 23 कारतूस भी बरामद किए हैं।
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बरनाला: मां की मौत के 24 घंटे बाद बेटे की भी गई जान, पिता की रिपोर्ट आई थी पॉजिटिव

पंजाब के बरनाला के तपामंडी में एक सेवामुक्त अध्यापिका की शुक्रवार को मौत हो गई। अभी परिवार ने अस्थियां समेटी भी नहीं थीं कि 24 घंटे बाद बेटे की भी मौत हो गई। हालांकि अभी दोनों की कोरोना रिपोर्ट नहीं आई है। इस वजह से मौत के कारणों का पता नहीं चल सका है।
 
बता दें कि मृतक अध्यापिका के पति की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। घर में एक और बेटा है, जिसकी रिपोर्ट निगेटिव थी। वहीं, इस घटना से डरकर आसपास के लोग अन्य स्थानों की तरफ पलायन करने लगे हैं।

डीएसपी बलजीत सिंह बराड़ ने कहा कि मामले की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को दी गई है। सिविल अस्पताल तपा के गौतम ऋषि, ब्लाक एजुकेटर ने कहा कि सैंपलिंग टीम को उक्त स्थान पर परिवार के अन्य सदस्यों के सैंपल लेने भेज दिया गया है। 
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कातिल कोरोना: मौतों का आंकड़ा बढ़ा तो कम पड़ी अंतिम संस्कार की जगह, नए प्लेटफार्म का निर्माण शुरू

कोरोना के कारण लगातार हो रहीं मौतों का आंकड़ा इतना बढ़ चुका है कि पंजाब के अबोहर में फाजिल्का रोड नानकसर शिवभूमि में अंतिम संस्कार करने की जगह कम पड़ रही है। अब शिवपुरी में नए संस्कार स्थलों का निर्माण शुरू कर दिया गया है। वहीं नर सेवा नारायण सेवा समिति के प्रधान राजू चराया ने लोगों से अपील की है कि वे अपने परिजनों की अस्थियां दूसरे दिन ही चुगने का प्रयास करें ताकि संस्कार करने वाले प्लेटफार्म समय पर खाली हो सकें। 

जानकारी के अनुसार हिंदू रीति रिवाज के अनुसार मृतक का रस्म चौथा अंतिम संस्कार के चौथे दिन किया जाता है। तब तक अग्निदाह वाली जगह पर दूसरे शव का अंतिम संस्कार नहीं होता। इसी कारण फाजिल्का रोड स्थित शिवपुरी में अंतिम संस्कार करने के लिए जगह कम पड़ने लगी है। 

रिकार्ड के अनुसार अप्रैल के अंत तक अबोहर से 29 जबकि मई के पहले सप्ताह में 12 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी हैं। समिति के प्रधान राजू चराया ने बताया कि नानकसर शिवपुरी में अंतिम संस्कार करने के लिए नौ प्लेटफार्म बने हैं। जो आए दिन हो रही मौतों की तुलना में कम पड़ रहे हैं। इसी को देखते हुए शिवपुरी प्रबंधक कमेटी ने और थड़े (प्लेटफार्म) बनाने का कार्य शुरू कर दिया है।

इधर, शहर के अंदर बने राम भवन में मृतकों की अस्थियां रखने की जगह कम पड़ चुकी है। क्योंकि एक ओर जहां कोरोना के कारण आए दिन मृतकों की संख्या बढ़ रही है। वहीं, दूसरी ओर हरिद्वार इंटरसिटी बंद होने से मृतकों की अस्थियां हरिद्वार नहीं पहुंच रही। 
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