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कौन हैं जोगिंदर सिंह उगराहां, जिन्होंने संभाली पंजाब के सबसे बड़े किसान संगठन की बागडोर

कृषि कानूनों के विरोध में पंजाब-हरियाणा के किसान दिल्ली के बार्डर पर डटे हुए हैं। पंजाब का सबसे बड़ा किसान संगठन भारतीय किसान यूनियन उगराहां भी कंधे स...

30 नवंबर 2020

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Digital Edition

सुप्रीम कोर्ट की कमेटी से अलग होने पर भूपिंदर मान ने चुप्पी तोड़ी, फैसले के पीछे की असली वजह बताई 

कृषि कानूनों पर किसानों और सरकार के बीच गतिरोध खत्म करने के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित चार सदस्यीय कमेटी से अलग होने वाले भारतीय किसान यूनियन मान के अध्यक्ष भूपिंदर सिंह मान ने शुक्रवार को इस मामले में चुप्पी तोड़ी। मोहाली में अपने घर पर उन्होंने इस मुद्दे पर मीडिया से बातचीत में अपनी स्थिति साफ की। 

मान ने कहा कि 14 जनवरी को दोपहर 12 बजे जब उनके पास आधिकारिक दस्तावेज आए तब उन्हें पता चला कि उन्हें कमेटी का सदस्य बनाया गया है। इसके बाद उन्होंने तुरंत चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया से बातचीत की और उन्हें अपनी स्थिति से अवगत करवाया। उनसे क्षमा मांगकर कहा कि वह यह काम नहीं कर पाएंगे। इसके बाद उन्होंने कमेटी से अलग होने का फैसला लिया और इसके बारे में तुरंत मीडिया को जानकारी दी। 


भूपिंदर सिंह मान ने कहा कि किसान संघर्ष के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने विश्वास जाहिर किया कि एक कमेटी बनाकर इस मामले को निपटाया जाए। सुप्रीम कोर्ट की सोच थी कि संघर्षशील किसानों से बातचीत कर मामले को हल किया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट की तरफ से उन्हें भी कमेटी में सदस्य बनाया गया था। लेकिन उन्हें उस समय लगा कि जिनसे बातचीत करने के लिए कमेटी बनाई गई है वह लोग उससे बातचीत नहीं करेंगे तो ऐेसे में उस कमेटी का ही रोल खत्म हो जाता है। उन्होंने किसानों के हालात और लोगों की भावनाओं को देखते हुए तुरंत कमेटी से अलग होने का फैसला ले लिया था। उन्होंने साफ किया है कि उन्होंने किसानों  के दबाव में ऐसा फैसला नहीं लिया है।



स्थिति साफ न होने पर एक दिन फोन बंद रखा
भूपिंदर सिंह मान ने कमेटी से अलग होने में इतनी देर लगाने की वजह भी बताई। उन्होंने कहा कि 12 तारीख की दोपहर में मीडिया के माध्यम से सामने आया कि सुप्रीम कोर्ट ने किसानों के मामले में एक कमेटी बनाई है। इसके नामों को लेकर संशय था। ऐसे में पहले ही अपनी तरफ से जवाब क्या दे देता। 13 तारीख को अपना फोन तक बंद रखा। 14 जनवरी को 12 बजे उनके पास एक ऑफिशियल जानकारी आई। जिसके तुरंत बाद उन्होंने सीजेआई से संपर्क करने की कोशिश की। कुछ समय बाद संपर्क हुआ तो उनके सामने अपनी सारी स्थिति साफ की। उनसे क्षमा मांगी और कमेटी से अलग होने का फैसला लिया।

किसान संघर्ष से पंजाब के युवाओं पर लगा धाग धुला
भाकियू मान से अलग होने के सवाल पर भूपिंदर सिंह ने कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है। यह सारा मेरा परिवार है। मुझे बाहर नहीं किया गया है। कृषि कानूनों को लेकर किए जा रहे संघर्ष पर उन्होंने कहा कि यह एतिहासिक संघर्ष है। किसानी आंदोलन से पंजाब के युवाओं का असली रूप सामने आ गया। उनसे उनके दामन पर लगा धाग धुल गया। युवा कितने मेहनती है, इस बारे में पता चल गया है।
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भूपिंदर सिंह मान। भूपिंदर सिंह मान।

हरियाणा के बाद पंजाब में बर्ड फ्लू की दस्तक, मोहाली के दो पोल्ट्री फार्म के पक्षियों की रिपोर्ट पॉजिटिव

देश के 11 राज्यों के बाद अब पंजाब में भी बर्ड फ्लू ने दस्तक दे दी है। मोहाली जिले से अलग-अलग स्थानों से 800 पक्षियों के नमूने जालंधर लैब में भेजे गए। जिनमें दो पोल्ट्री फार्म के पक्षियों में बर्ड फ्लू का वायरस मिला है। एहतियात के तौर पर विभागीय अधिकारियों ने पोल्ट्री फार्म के मालिकों को पक्षियों को नष्ट करने को कहा है। बता दें कि इससे पहले हरियाणा के पंचकूला जिले में बर्ड फ्लू की पुष्टि हो चुकी है।

पंजाब सरकार बर्ड फ्लू के खतरे को देखते हुए दूसरे राज्यों से आने वाले मीट, मुर्गों और अंडों पर पहले ही प्रतिबंध लगा चुकी है। पंजाब सरकार की ओर से ये फैसला तब लिया गया था, जब हरियाणा के पोल्ट्री और अंडों को पंजाब में डंप किए जाने की सूचना मिली थी। पंजाब सरकार ने बर्ड फ्लू के खतरे को भांपते हुए हाल ही में जालंधर की लैब को कोविड टेस्ट रोककर पक्षियों के नमूने के परीक्षण को कहा था।

लैब की क्षमता के अनुसार हर रोज 100-150 टेस्ट किए जा रहे हैं। पशुपालन एवं डेयरी विभाग के सचिव अतुल चतुर्वेदी ने बताया कि सूबे में अलग-अलग जगहों से पक्षियों के मरने की सूचना मिल रही है लेकिन इससे घबराने की आवश्यकता नहीं है। अन्य राज्यों की अपेक्षा पंजाब में हालात बेहतर हैं। विभाग ने एहतियातन कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जिस पर काम किया जा रहा है।

रूपनगर की मृत बतख में भी मिला वायरस
पंजाब के रूपनगर में हाल ही में एक बतख मृत मिली थी, जिसको परीक्षण के लिए जालंधर लैब भेजा गया था। जांच में इस बत्तख में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई थी लेकिन विभागीय अधिकारी इस मामले में अनभिज्ञता जाहिर कर रहे हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार बतख के नमूने अब भोपाल की लैब में दोबारा परीक्षण को भेजे गए हैं। जिसकी रिपोर्ट अभी तक नहीं मिल पाई है।
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हरियाणा के कांग्रेसियों ने किया राजभवन का घेराव करने का प्रयास, पुलिस के रोकने पर दी गिरफ्तारी

तीन कृषि कानूनों के विरोध में शुक्रवार को हरियाणा में कांग्रेसी सड़कों पर उतर आए। चंडीगढ़ के सेक्टर 9 स्थित कांग्रेस भवन से दोपहर 1 बजे कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता राजभवन का घेराव करने निकले। हालांकि चंडीगढ़ पुलिस ने उनको 500 मीटर दूर ही बैरिकेड्स लगाकर रोक लिया। 

इसके बाद आगे बढ़ने को लेकर कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्कामुकी भी हुई। कार्यकर्ताओं ने आगे बढ़ने की पूरी कोशिश की, लेकिन वे कामयाब नहीं हो पाए। करीब आधा घंटे तक कांग्रेसियों ने नारेबाजी की। बाद में हरियाणा कांग्रेस की प्रदेश अध्य्क्ष कुमारी सैलजा, पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा, रणदीप सुरजेवाला, विवेक बंसल समेत अन्य सीनियर नेताओं को पुलिस अपनी गाड़ियों में बिठाकर ले गई। 





इससे पहले गुरुवार को कांग्रेस ने तीन कृषि कानूनों के खिलाफ हरियाणा राजभवन का घेराव करने की घोषणा की थी। हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता ने बताया कि 15 जनवरी को कांग्रेस किसान अधिकार दिवस के रूप में मनाएगी। हरियाणा में पार्टी मामलों के प्रभारी विवेक बंसल और हरियाणा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्षा कुमारी सैलजा के नेतृत्व में एक बैठक का आयोजन किया जाएगा।

साथ ही सभी कार्यकर्ता सेक्टर 9 बी स्थित कांग्रेस मुख्यालय में एकत्रित होंगे। इसमें हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री व हरियाणा कांग्रेस विधायक दल के नेता चौधरी भूपेंद्र सिंह हुड्डा समेत विधायक व अन्य वरिष्ठ नेता शामिल होंगे।

बैठक के बाद सरकार के तीन कृषि कानूनों और पेट्रोल/डीजल की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि के खिलाफ विरोध दर्ज करवाने के उद्देश्य से कांग्रेस कार्यकर्ता हरियाणा राजभवन के घेराव के लिए प्रस्थान करेंगे। कार्यक्रम के तहत कांग्रेसी राज्यपाल से भी मिलेंगे और कानूनों के विरोध में ज्ञापन सौंपेंगे। 
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पंजाब : अंतरराष्ट्रीय सरहद पर घुसपैठ का प्रयास, बीएसएफ की फायरिंग में पाकिस्तानी घुसपैठिया ढेर

पंजाब के अमृतसर में कस्बा अजनाला में स्थित भारतीय निगरान चौकी (बीओपी) कोट राजदा में सीमा सुरक्षा बल ने भारतीय सीमा में घुसने की कोशिश कर रहे एक पाकिस्तानी घुसपैठिए को मार गिराया है। यह पाकिस्तानी नागरिक भारतीय सीमा में कंटीले तार तक पहुंच गया था। जैसे ही बीएसएफ के गश्त कर रहे जवानों ने आहट सुनी तो उन्होंने घुसपैठिए को ललकारा। इसके बाद पाक घुसपैठिए ने भागने की कोशिश की, लेकिन बीएसएफ ने उसे गोलियों से ढेर कर दिया।

गुरुवार को देर रात हुई इस वारदात के बाद बीएसएफ के जवानों ने पूरे इलाके को घेरकर सर्च अभियान चलाया। जानकारी के अनुसार, जिस रास्ते से यह घुसपैठिया भारतीय सीमा में घुसा, वहां के खेतों में घुसपैठियों के पांवों के एक से अधिक निशान मिले हैं। मारे गए घुसपैठिए की तलाशी के दौरान उसके कब्जे से कुछ नहीं मिला है। बीएसएफ ने मारे गए पाकिस्तानी घुसपैठिए के बारे में पाक रेंजर के अधिकारियों को जानकारी दे दी है।


जानकारी के अनुसार, पाकिस्तानी रेंजर्स ने इन घुसपैठियों को कोट राजदा के साथ बहती रावी नदी से लगते फलकु नाले के पास भारतीय सीमा में प्रवेश करवाया। जब घुसपैठिया भारतीय सीमा के भीतर तक पहुंच गया तो दूसरे घुसपैठिये भेजे गए, लेकिन बीएसएफ की फायरिंग की आवाज सुनकर अन्य घुसपैठिए भाग गए। रामदास पुलिस ने घुसपैठिये का शव को कब्जे में लेकर अजनाला के सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

दिसंबर में भी मारे गए थे दो घुसपैठिए
दिसंबर में बीएसएफ ने अटारी सेक्टर की बीओपी राजताल में भारतीय सीमा में घुसपैठ करने वाले दो पाकिस्तानियों को मार गिराया था। उनके कब्जे से हथियार व नशीले पदार्थ भी बरामद हुए थे। पाक रेंजर्स ने दोनों पाकिस्तानियों का शव लेने से इंकार कर दिया था। जिसके बाद जिला प्रशासन ने दोनों शव सुल्तानविंड रोड स्थित कब्रिस्तान में दफना दिए थे। सीमावर्ती इलाके में जितने भी पाकिस्तानी मुठभेड़ में मारे जाते हैं, पाक रेंजर के अधिकारी उन्हें पाकिस्तान का नागरिक मानने से इंकार कर देते हैं।
 
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हरियाणा : युवक ने घर में घुसकर अधिवक्ता की पत्नी को मारी गोली, दिनदहाड़े वारदात से फैली सनसनी

इंडो पाक बॉर्डर
हरियाणा के टोहाना शहर के रेलवे रोड स्थित अधिवक्ता चिमन लाल के घर एक अज्ञात व्यक्ति ने घुसकर उनकी पत्नी की गोली मारकर हत्या कर दी। गोली मारने के बाद आरोपी फरार हो गया। मामले की सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। 

जानकारी के अनुसार रेलवे रोड पर स्थित अधिवक्ता चिमन लाल के घर उनकी पत्नी 60 वर्षीय कुसुम स्टोर में थी और नौकरानी घर मे काम कर रही थी तभी एक अज्ञात युवक घर में घुसा और आते ही कुसुम पर फायरिंग कर दी। गोली महिला के सिर पर लगी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

इस बारे में नौकरानी राजो देवी ने बताया कि वह घर में सफाई का काम कर रही थी, उसी समय सीढ़ियों से एक लड़का आया और उसने मालकिन पर गोली चला दी जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई है।

 
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चंडीगढ़ : राज भवन की तरफ आ रहे कांग्रेसियों को बैरिकेड लगाकर रोका, कार्यकर्ताओं पर पानी की बौछार

किसानों के समर्थन में कांग्रेस की ओर से शुक्रवार को चंडीगढ़ में राजभवन का घेराव करने के लिए मार्च निकाला गया। नेताओं ने पहले सेक्टर 18 और 19 की लाइट प्वाइंट पर पहुंच कर जाम लगाया और फिर राजभवन की तरफ कूच किया। 

इस दौरान एक कार्यकर्ता सड़क पर लेट गया। प्रदर्शन के कारण सेक्टर 18 और 19 के लाइट प्वाइंट से ट्रैफिक डायवर्ट किया गया। राजभवन की तरफ जा रहे कांग्रेसियों को पहले बैरिकेड लगाकर रोका गया। कांग्रेसियों के न मानने पर उन पर पानी की बौछार की गई। 


मार्च की अगुवाई अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष पवन कुमार बंसल ने की। इस दौरान पवन बंसल ने कहा, हम संविधान खत्म नहीं होने देंगे। हमें राजभवन जाने दिया जाए। हम वहां शांतिपूर्वक धरना देंगे। कोई तोड़ फोड़ नहीं करेंगे। हम सभी किसानों के साथ हैं।

उनके साथ चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा पूर्व मेयर और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता सुभाष चावला, कमलेश, एच एस लक्की, पार्षद गुरबख्श रावत, यादविंदर मेहता, प्रेमपाल चौहान, राकेश गर्ग सहित तमाम बड़े और छोटे नेता मार्च में शामिल हैं।



कांग्रेस के नेता जय जवान और जय किसान के नारे लगा रहे थे। कांग्रेस के नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार को तीनों कृषि कानून किसानों के हित में वापस ले लेना चाहिए। केंद्र सरकार अपनी जिद छोड़े। किसानों की सभी मांगें जायज हैं। नेताओं ने कहा  कि किसानों को बदनाम करने की कोशिश कर रही है। भाजपा के नेता माहौल को खराब करने में लगे हैं।  
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कोविशिल्ड : चिंपैंजी के एडिनो वायरस की मदद से बनी वैक्सीन, कोरोना का स्पाइक प्रोटीन भी मिला   

कोरोना को मात देने वाली कोविशिल्ड वैक्सीन सभी जगह पहुंच चुकी है। इस लाइव एटिनियूवेटिड वैक्सीन को लेकर सामान्य वर्ग के अलावा चिकित्सक वर्ग में भी खास चर्चा है। इस वैक्सीन को चिंपैंजी के एडिनो वायरस को जैनिटिकली इंजीनियरड करके कोरोना के स्पाइक प्रोटीन को डालकर तैयार किया जाता है। एडिनो वायरस मानव के लिए नुकसानदायक नहीं होता है, बल्कि यह कोरोना संक्रमण से बचाने में मददगार होगा। 

पीजीआईएमएस में कोवैक्सीन की रिसर्च के को-इन्वेस्टिगेटर डॉ. रमेश वर्मा ने बताया कि लाइव वैक्सीन दो तरह की होती है। इसमें बीमारी का लाइव एटिनियूवेटिड वायरस शरीर में भेजा जाता है, जबकि दूसरे में लाइव वायरस किसी और का होता है और जिस बीमारी से बचाना होता है उसके वायरस का एक पार्ट प्रयोग होता है। 


कोविशिल्ड वैक्सीन चिंपैंजी के एडिनो वायरस लाइव एटिनियूवेटिड वायरस से लेकर बनाई गई है, इसमें कोरोना का स्पाइक प्रोटीन डाला गया है। चिंपैंजी का एडिनो वायरस अन्य वैक्सीन में भी प्रयोग होता है, इसलिए इससे घबराने की जरूरत नहीं है। 

कोवैक्सीन की रिसर्च में शामिल लोग घबराएं नहीं : डॉ. वर्मा
अनुसंधानकर्ता डॉ. रमेश वर्मा ने बताया कि कोवैक्सीन की रिसर्च में शामिल कई लोगों को अब यह लग रहा है कि कोविशिल्ड आ गई है, वह इसे लगवा सकते हैं। लेकिन उन्हें किसी बात से घबराने की बजाय अपनी वैक्सीन के एंटी बॉडी बनने का इंतजार करना चाहिए। 

वैक्सीन की पहली डोज लगने के 42 दिन बाद जांच में यदि व्यक्ति के शरीर में एंटीबॉडी नहीं मिलती तो माना जाएगा कि उसे प्लेसिबो लगी है। इस पर कंपनी उसे कोवैक्सीन की डोज उपलब्ध करवाएगी। दो अलग-अलग वैक्सीन लगवाने का किसी को अतिरिक्त लाभ नहीं मिलेगा। 

कोवैक्सीन आई शहर में और गुरुग्राम भेजी गई
कोविशिल्ड वैक्सीन के साथ कोवैक्सीन की एक खेप भी जिला सिविल सर्जन कार्यालय पहुंची। चंद मिनटों बाद ही यह खेप गुरुग्राम के लिए रवाना कर दी गई। अधिकारियों ने बताया कि गुरुग्राम पहले भी 20 हजार के करीब डोज जा चुकी हैं। वह कुरुक्षेत्र से अपनी गाड़ी में कोवैक्सीन का बॉक्स भी लाए थे। इसके अलावा उन्होंने झज्जर, महेंद्रगढ़, सोनीपत व पानीपत के हिस्से की वैक्सीन सौंप दी है। कोवैक्सीन की रिसर्च में शामिल लोगों ने बताया कि इस वैक्सीन की 26 हजार से अधिक लोगों पर रिसर्च की जा चुकी है।
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हरियाणा : अभय चौटाला ने विधानसभा को कहा था संवेदनहीन, अब भतीजे दुष्यंत लाएंगे विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव

हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने चाचा अभय चौटाला को उन्हीं के पैंतरे पर घेरने की तैयारी कर ली है। अभय चौटाला ने विधानसभा अध्यक्ष को भेजे अपने इस्तीफे में विधानसभा को संवेदनहीन बताया है। उन्होंने कहा है कि किसानों के मुद्दे पर संवेदनहीन विधानसभा में वे नहीं रहना चाहते हैं। यदि 26 जनवरी तक किसानों के हित की बात न हो तो इस पत्र को ही उनका इस्तीफा समझा जाए।

इस पर दुष्यंत ने कहा कि जिस सदन के आप पांचवीं बार सदस्य बने हैं, उसे संवेदनहीन कैसे कह सकते हैं। यहां तक कि कोई भी नया विधायक जब सदन में आता है तो कहता है कि यह लेाकतंत्र का मंदिर है। उस मंदिर को कोई सदस्य संवेदनहीन कैसे कह सकता है। यदि ऐसा है तो दोबारा चुनाव लड़ कर सदन में नहीं आना चाहिए था। अब आए हैं तो सदन की गरिमा का ख्याल रखें।

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चंडीगढ़ की हेरिटेज संभालेगा प्रशासन, हर हेरिटेज फर्नीचर के डिजाइन का होगा पेटेंट

पार्टी ने विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता को कहा है कि पत्र मिलते ही तकनीकी तौर पर उसे देख कर कार्यवाही की जाए। एक किस्सा सुनाते हुए दुष्यंत ने कहा कि मुझे याद है कि एक पूर्व मुख्यमंत्री ने नमक के मूल्य को लेकर सदन में कोई टिप्पणी की थी जिसके बाद उन्हें सदन में माफी मांगनी पड़ी थी। सदन की गरिमा से खिलवाड़ बर्दाश्त के बाहर है।

यह है रणनीति
विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव के मामले में जजपा की रणनीति यह है कि प्रस्ताव पर कांग्रेस और निर्दलीयों से भी हस्ताक्षर करवाए जाएंगे, यदि वे नहीं करते हैं तो उन पर यह आरोप लगेगा कि वे इस बात को स्वीकार करते हैं। विपक्ष में भी कई सदस्य स्पीकर रह चुके हैं। वे भी इस बात से भलीभांति परिचिति हैं कि सदन की गरिमा का ख्याल रखना जरूरी है।

एमपी और एसएचओ का किस्सा सुनाया
दुष्यंत ने उत्तर प्रदेश का एक किस्सा बताया कि एक सांसद किसी थाने में गए थे। उनके जाने पर वहां का थानाध्यक्ष कुर्सी पर ही बैठा रहा और अपनी मनमानी करता रहा। मामला जब लोकसभा में पहुंचा तो विशेषाधिकार हनन कमेटी ने इस मामले में संज्ञान लिया और जो आईजी महोदय थानाध्यक्ष को बचाने में लगे थे उनके आंसू निकाल दिए।
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चंडीगढ़ की हेरिटेज संभालेगा प्रशासन, हर हेरिटेज फर्नीचर के डिजाइन का होगा पेटेंट

चंडीगढ़ यूटी प्रशासन शहर के सभी हेरिटेज फर्नीचर के डिजाइन को पेटेंट कराने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए हेरिटेज प्रोटेक्शन सेल के चेयरमैन व प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा के आदेश पर प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। साथ ही सभी हेरिटेज वस्तुओं की नंबरिंग और वीडियो रिकॉर्डिंग भी की जाएगी। इसके लिए एक कमेटी का गठन कर दिया गया है।

प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा ने बताया कि पियरे जेनरे या फिर उनके परिवार को उनके द्वारा बनाई गई वस्तुओं के डिजाइन का पेटेंट कराना चाहिए था। अब प्रशासन इस पर काम कर रहा है। पेटेंट हो जाने से हेरिटेज फर्नीचर के जैसे दिखने वाले फर्नीचर कोई नहीं बना सकेगा। न ही उसकी तस्करी कर सकेगा। अगर कोई फर्नीचर बनाना चाहेगा तो उसे रॉयल्टी चुकानी होगी। इससे कुछ हद तक हेरिटेज फर्नीचर की सुरक्षा हो सकेगी। 

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राहत : चंडीगढ़ में बर्ड फ्लू की पुष्टि नहीं, सभी रिपोर्ट निगेटिव, अब मृत पक्षियों की होगी क्लिनिकल टेस्टिंग

हेरिटेज प्रोटेक्शन सेल के सदस्य अजय जग्गा ने बताया कि वह हेरिटेज फर्नीचर को पेटेंट कराने को लेकर प्रस्ताव तैयार कर रहे हैं। शहर का हेरिटेज फर्नीचर पिछले कई सालों से विदेशों में लाखों में नीलाम हो रहा है। यह सभी फर्नीचर चंडीगढ़ के पंजाब यूनिवर्सिटी, यूटी सचिवालय, पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट, विभिन्न स्कूल व कॉलेज का है। इनके चाहने वाले इसे मुंहमांगी कीमत पर खरीदते हैं। दाम कई गुना ज्यादा होने की वजह से इसकी तस्करी भी बढ़ गई है।

शहर की हेरिटेज वस्तुओं का रिकॉर्ड होगा डिजिटल
शहर में कितनी हेरिटेज वस्तुएं हैं, यह प्रशासन को भी नहीं पता इसलिए इनकी सुरक्षा करने से पहले, इनकी वास्तविक संख्या की जानकारी होनी जरूरी है। इसके लिए मनोज परिदा ने अधिकारियों की एक कमेटी का गठन किया है, जो शहर के सभी हेरिटेज फर्नीचरों के रिकॉर्ड को डिजिटल करने के काम में जुट गई है। 

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परिदा ने बताया कि यह कमेटी शहर के सभी हेरिटेज वस्तुओं की पहचान कर उनकी नंबरिंग करेगी और उसकी विडियो रिकॉर्डिंग भी करेगी। सभी की जानकारी डिजिटल माध्यम से सुरक्षित रखी जाएगी ताकि भविष्य में हेरिटेज फर्नीचर की तस्करी पर पूरी तरह के रोक लगाई जा सके। 

गौरतलब है कि भारतीय पेटेंट कार्यालय को पेटेंट, डिजाइन और ट्रेड मार्क्स (सीजीपीडीटीएम) के नियंत्रक जनरल के कार्यालय द्वारा प्रशासित किया जाता है। इसका मुख्यालय कोलकाता में है और यह वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के आदेशानुसार काम करता है।
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