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गर्व : चंडीगढ़ की शूटर गौरी श्योराण बनीं ग्लोबल एंबेसडर, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर मिला सम्मान

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर चंडीगढ़ की शूटर गौरी श्योराण को इंटरनेशनल वुमन क्लब ने 2021 का ग्लोबल एंबेसडर नियुक्त किया है। एक ऑनलाइन कार्यक्रम में चेक...

18 अप्रैल 2021

Digital Edition

जमके बरसे बादल: चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली में दिनभर बरसात, तापमान में गिरावट से हुआ ठंड का अहसास

ट्राइसिटी (चंडीगढ़-पंचकूला और मोहाली) में गुरुवार सुबह शुरू हुई बारिश ने लोगों को दिनभर भिगोया। दिनभर हुई बारिश से तापमान काफी नीचे आ गया, जिससे दोपहर में लोगों को सर्दी के मौसम का अहसास हुआ। मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को सुबह साढ़े 8 बजे से शाम साढ़े 5 बजे तक 31 एमएम बारिश दर्ज की गई। वहीं, एयरपोर्ट इलाके में 53 एमएम बारिश रिकार्ड की गई। 

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मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पिछले साल सितंबर में महज 6.1 एमएम बारिश हुई थी लेकिन इस साल सितंबर के 23 दिनों में ही 249 एमएम बारिश हो चुकी है। बीते वर्ष मानसून सीजन में कुल 920.3 एमएम बारिश हुई थी जबकि इस साल अब तक 599 एमएम बारिश ही हुई है।

                                            चंडीगढ़ में दिखा इंद्रधनुष (फोटो- अजय वर्मा)
 
मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी वाली पूर्वी हवाओं के कारण मौसम में यह बदलाव आया है। शुक्रवार को भी हल्की बारिश का अनुमान है। उसके बाद मौसम साफ हो जाएगा। इस दौरान दिन के तापमान में बढ़ोतरी भी होगी। मौसम विभाग के अनुसार, पिछले साल सितंबर तक मानसून के लगभग विदाई का समय हो गया था। इस कारण थोड़ी सी बारिश दर्ज की गई थी लेकिन इस साल मानसून देरी से आया, इसलिए ज्यादा बारिश हुई है।

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अधिकतम व न्यूनतम तापमान के बीच रह गया मात्र दो डिग्री का अंतर
दिनभर हुई बारिश के बाद अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 8 डिग्री कम था। वहीं न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन में धूप नहीं निकली। शाम साढ़े पांच बजे के बाद सूर्य देव के दर्शन हुए, जिससे शहर में इंद्रधनुष का आकर्षक नजारा दिखाई दिया।
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ट्राइसिटी में बारिश से बदला मौसम ट्राइसिटी में बारिश से बदला मौसम

दिल्ली पहुंचे पंजाब के सीएम : राहुल- सोनिया गांधी से मिलेंगे चन्नी, मंत्रिमंडल की आज हो सकती है घोषणा

पंजाब में मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की सरकार के मंत्रियों का फैसला आज नई दिल्ली में पार्टी आलाकमान के दरबार में होगा। इसे लेकर पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के बुलावे पर चन्नी गुरुवार शाम दिल्ली पहुंच गए। मंत्रियों के चयन को लेकर शुक्रवार को उनकी राहुल गांधी और सोनिया गांधी से चर्चा होगी।

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माना जा रहा है कि शुक्रवार को चन्नी चंडीगढ़ लौटकर अपने मंत्रियों के नामों का एलान कर देंगे। कैप्टन मंत्रिमंडल में शामिल कई नेताओं की छुट्टी हो सकती है। इससे पहले, पता चला है कि गुरुवार को चंडीगढ़ में चन्नी के अलावा पंजाब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिद्धू और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं की बैठक में मंत्रियों के नामों चर्चा हुई और एक सूची भी तैयार की गई, जिसे चन्नी अपने साथ लेकर दिल्ली गए हैं।

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उल्लेखनीय है कि चन्नी इससे पहले मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के अगले ही दिन दिल्ली गए थे। तब उनके साथ नवजोत सिद्धू, दोनों डिप्टी सीएम सुखजिंदर सिंह रंधावा और ओपी सोनी भी थे। उस समय चारों नेताओं की राहुल और सोनिया गांधी से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए ही बातचीत हो सकी थी, क्योंकि गांधी परिवार उन दिनों शिमला में था। अब राहुल व प्रियंका बुधवार रात नई दिल्ली पहुंचे हैं।
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पंजाब के सीएम कम करेंगे सुरक्षा: कहा- मैं आप में से एक हूं, मुझे 1000 सुरक्षाकर्मियों की जरूरत नहीं

पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने अपनी सुरक्षा को कम करने का एलान किया। उन्होंने कहा कि मैं आप में से एक हूं और मुझे अपने ही भाइयों से सुरक्षित रहने के लिए 1000 सुरक्षा कर्मियों की सेना की जरूरत नहीं है। शपथ ग्रहण के बाद भी मुख्यमंत्री ने अपने आपको आम आदमी बताया था। उनका फोकस पंजाब में वीआईपी कल्चर को खत्म करने पर है। 

कपूरथला में मुख्यमंत्री चन्नी बोले, जिस दिन दा मुखमंत्री बनेयां, मैं परेशान हो गया, कित्थे फंस गया मैं। मैं आजाद बंदा आ... मेरे आले-दुआले एनी सिक्योरिटी। बोले आपको पता है की मेरी सिक्योरिटी में 1000 लोग और 200 गाड़ियां लगी हैं। उन्होंने कहा कि मैंनै अपने सचिव राहुल तिवारी से सिक्योरिटी कम करने के बारे में पूछा तो वह बोले कि इंटेलिजेंस ने कहा है कि सिक्योरिटी कम नहीं हो सकती। 

अगर कुछ हो गया तो कौन जिम्मेदार होगा। मैंने कहा कि मुझे कौन मारेगा। मुझे मारकर किसी को क्या मिलेगा। सिक्योरिटी हटाओ, कुछ होगा तो उसकी जिम्मेदारी मैं लेता हूं। यूं ही 1000 लोग मेरे पीछे घुमाए हुए हैं। मैं कोई सुखबीर बादल थोड़ा हूं। जो इतने गनमैन लेकर चलने है। यूं ही सिक्योरिटी का स्टेटस सिंबल बना रखा है। ऊपर से बादलों ने कमरे-कमरे जितनी बड़ी गाडियां खरीद रखी हैं। दो करोड़ की एक है, गाडियों की जगह ये पैसा गरीबों पर खर्च कर देते। ऐसी आठ गाडियां आगे-पीछे घूमती रहती हैं।

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जरूरत के हिसाब से तैनात होंगे सुरक्षाकर्मी
मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी का मानना है कि जितनी सुरक्षा व्यवस्था से उनका व अन्य नेताओं का काम चल सकता है, उतना ही सुरक्षा बेड़ा उनके पास रखा जाए। मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी बेवजह सुरक्षा लाव-लश्कर अपने साथ लेकर नहीं चलेंगे। जरूरत के हिसाब से सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया जाएगा। 

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अन्य नेताओं की सुरक्षा की होगी समीक्षा
पंजाब में अन्य नेताओं की सुरक्षा की भी समीक्षा होगी। यह जानकारी डिप्टी सीएम सुखजिंदर सिंह रंधावा ने दी थी। उन्होंने कहा था कि मुख्यमंत्री ने सभी नेताओं और राज्य में अन्य लोगों को प्रदान की गई सुरक्षा की समीक्षा करने को कहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार वीआईपी कल्चर को पूरी तरह से खत्म करेगी। 

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खौफनाक कदम: रोहतक के युवक व किशोरी ने गोहाना में जहर खाकर खत्म की जीवन लीला, बेसुध हालत में थे मिले

रोहतक जिले के एक गांव के युवक और किशोरी ने गोहाना में जहर खाकर आत्महत्या कर ली। युवक गोहाना-सोनीपत रेलवे लाइन के पास खेत और किशोरी रेलवे लाइन पर बेसुध मिली थी। इसके बाद पुलिस ने उन्हें बीपीएस राजकीय महिला मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में पहुंचाया, जहां उनकी मौत हो गई। पुलिस ने परिजनों के बयान पर कार्रवाई कर दोनों के शव पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंपे।

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रोहतक जिले के एक गांव से किशोरी 19 सितंबर को घर से लापता हो गई थी। उसके पिता ने गांव के ही संदीप पर उसकी बेटी को भगा ले जाने का आरोप लगा रोहतक पुलिस को शिकायत दी थी। इस पर पुलिस ने संदीप के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया था। दोनों की उनके परिजन तलाश भी कर रहे थे। वहीं संदीप व किशोरी गांव से गोहाना में रोहतक रोड के निकट गोहाना-सोनीपत रेलवे लाइन पर पहुंचे। वहां दोनों ने जहर निगल लिया।

संदीप रेलवे लाइन से उठ कर खेत की तरफ गया और बेसुध होकर गिर पड़ा। इसके अलावा किशोरी रेलवे लाइन के साथ बेसुध हो गई। वहां एक किसान ने संदीप को खेत में पड़ा देखकर उससे बातचीत की और पुलिस को सूचना दी। इसके बाद जीआरपी की टीम मौके पर पहुंची तो संदीप ने बताया कि उसने और किशोरी ने सल्फास की गोली निगल ली है। 

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वह रेलवे लाइन के पास पड़ी है। पुलिस ने दोनों को गोहाना के नागरिक अस्पताल पहुंचाया। वहां से उन्हें बीपीएस राजकीय महिला मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। जहां चिकित्सक ने किशोरी को मृत घोषित कर दिया और संदीप ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। 
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कपूरथला में सीएम चन्नी: डॉ. भीमराव अंबेडकर म्यूजियम की रखी आधारशिला, मैनेजमेंट कॉलेज की भी सौगात

प्रतीकात्मक तस्वीर
मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम पर कपूरथला में बनाया जाने वाला अत्याधुनिक म्यूजियम भावी पीढ़ी में बाबा साहेब के विचार का प्रचार करने वाला सिद्ध होगा। स्थानीय आईके गुजराल पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी (पीटीयू) में इस म्यूजियम का नींव पत्थर रखने और राज्य स्तरीय मेगा रोजगार मेले के मौके पर युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि सूबा सरकार की तरफ से इस अहम प्रोजेक्ट पर 150 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और यह प्रोजेक्ट इस महान नेता के लिए एक उचित श्रद्धांजलि सिद्ध होगा।
 
उन्होंने कहा कि इस यादगार से बाबा साहेब, जिन्होंने गरीबों में से अति गरीब वर्ग की भलाई में अहम रोल अदा किया। उनके जीवन और विचारधारा का प्रचार करने में बहुत मदद मिलेगी। यह डॉ. अंबेडकर के जीवन, कार्य और विचारधारा से संबंधित विषयों के तथ्यों का एक पृथक सुमेल होगा। 

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इस म्यूजियम का दायरा 25 एकड़ क्षेत्रफल में फैला होगा और इसका निर्माण 150 करोड़ रुपये की लागत से होगा। इसको पांच गैलरियों में बांटा जाएगा, जिनमें बाबा साहेब के जीवन, फलसफे, कार्य, निजी जिंदगी और विचारधारा के सामाजिक और आर्थिक प्रभाव को दृश्यमान किया जाएगा। 

डॉ. अंबेडकर को गरिमापूर्ण श्रद्धांजलि देते हुए सीएम चन्नी ने उनको एक महान विद्वान, कानूनी मामलों के माहिर, अर्थशास्त्री, समाज सुधारक और कूटनीतिवान बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व के इतिहास में डॉ. अंबेडकर महान शख्सियत थे। वह बहुत ही गरीब परिवार से संबंधित थे परंतु उनकी प्राप्तियों ने उनको विश्व नेता के तौर पर स्थापित किया। 
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अधूरा सपना: नेशनल चैंपियनशिप में मां के लिए जीता स्वर्ण पदक, घर लौटा बेटा तो कह चुकी थी अलविदा

कर्नाटक में नेशनल बॉक्सिंग सर्विसेज टूर्नामेंट में गोल्डन ब्वॉय आकाश ने कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा कि वह जिस पदक को जीतकर अपनी मां की झोली में डालेगा, वही मेडल उसकी मां की फोटो का हार बन जाएगा। मिनी क्यूबा के नेशनल चैंपियन आकाश ने अपनी मां के लिए कड़े मुकाबले में स्वर्ण पदक जीता था। 

मगर जब वह घर पहुंचा तो उसे मां नहीं मिली। उसकी मां उसके लौटने से पहले ही दुनिया को अलविदा कह चुकी थी। आकाश अपनी मां की मौत की खबर सुनकर फूट-फूटकर रोने लगा और जो मेडल वह अपनी मां की झोली में डालने को लाया था, उसे मां की फोटो पर चढ़ा दिया।

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हाल ही में कर्नाटक में नेशनल बॉक्सिंग सर्विसेज टूर्नामेंट हुआ था। जिनमें भिवानी के गांव पालुवास निवासी 20 वर्षीय मुक्केबाज आकाश 13 सितंबर को 54 किलोग्राम भारवर्ग में भाग लेने से पहले अपनी बीमार मां संतोष को अस्पताल छोड़कर रवाना हुआ था। 14 सितंबर से ये टूर्नामेंट शुरू हुआ और आकाश ने एक के बाद एक मुकाबला जीत कर 21 सितंबर को स्वर्ण पदक जीता। 
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लुधियाना: विधायक सिमरजीत सिंह बैंस के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी, कोविड नियमों के उल्लंघन का आरोप

लुधियाना के आत्मनगर विधानसभा से विधायक सिमरजीत सिंह बैंस के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हो गए हैं। अतिरिक्त चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट हरसिमरनजीत सिंह की अदालत ने सिमरजीत सिंह बैंस के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। विधायक बैंस और उनके समर्थकों पर धरने के दौरान कोविड नियमों का उल्लंघन करने का आरोप है। इस मामले की अगली सुनवाई पांच अक्तूबर को होगी। 

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गौरतलब है कि अगस्त 2020 में पुलिस कमिश्नर कार्यालय के बाहर सिमरनजीत बैंस ने समर्थकों के साथ धरना दिया था। इस धरने में बैठे विधायक समर्थकों ने न तो मास्क पहना था और न ही सामाजिक दूरी का पालन किया था। थाना डिवीजन नंबर पांच पुलिस ने विधायक बैंस समेत कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। 

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इस मामले की सुनवाई अब अदालत में चल रही है। अदालत ने पहले सात सितंबर को आरोपियों को पेश होने के लिए समन जारी किए थे लेकिन वे नहीं आए। बुधवार को अदालत ने इस मामले में विधायक बैंस के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है। इस मामले की सुनवाई अब पांच अक्तूबर को होगी।
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कैप्टन की हाईकमान से सीधी जंग: सुप्रिया श्रीनेत पर पलटवार, कहा- मेरे साथ ऐसा हुआ तो आम कार्यकर्ता का क्या होगा?

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और पार्टी हाईकमान के बीच जंग तेज होती जा रही है। गुरुवार को कैप्टन ने पार्टी प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत के बयान पर जवाबी हमला किया और पूछा कि क्या कांग्रेस जैसी भव्य और पुरानी पार्टी में निरादर और अपमान के लिए जगह है। 

सुप्रिया ने बुधवार को कैप्टन के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि राजनीति में गुस्से की जगह नहीं है। ईर्ष्या और बदले की भावना नहीं रखनी चाहिए। सुप्रिया के इस बयान से खफा कैप्टन ने गुरुवार को ट्वीट किया, ‘हां, राजनीति में गुस्से की कोई जगह नहीं है लेकिन क्या कांग्रेस जैसी भव्य पार्टी में निरादर और अपमान की जगह है। अगर मेरे जैसे वरिष्ठ पार्टी नेता के साथ ऐसा व्यवहार किया जा सकता है तो मुझे आश्चर्य है कि कार्यकर्ताओं के साथ कैसा बर्ताव होता होगा।

कैप्टन के मूड से साफ है कि वे आर-पार के मूड में हैं और पंजाब की राजनीति में सक्रिय रहेंगे। 2022 के चुनाव में सिद्धू को पटखनी देने में जुटे कैप्टन अब कुछ भी कर गुजरने के मूड में हैं। मालूम हो कि बुधवार को कैप्टन ने कड़े तेवर दिखाते हुए नवजोत सिद्धू को अगले चुनाव में मुख्यमंत्री नहीं बनने देने का एलान किया था। साथ ही उन्होंने राहुल और प्रियंका को अनुभवहीन बताते हुए सलाहकारों के कारण गलत फैसले लेने का आरोप लगाया था। इस तरह कैप्टन ने एक तरफ तो पंजाब कांग्रेस को और दूसरी तरफ गांधी परिवार पर निशाना साधकर हाईकमान को नाराज कर दिया।

सुप्रिया का सधा हुआ बयान
कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि बुजुर्गों को गुस्सा आता है और कई बार गुस्से और क्रोध में बहुत सारी बातें कह देते हैं। मुझे लगता है उनके गुस्से का, उनकी उम्र का, उनके तजुर्बे का सम्मान करना चाहिए। वो जरूर इस पर पुनर्विचार करेंगे। राजनीति में गुस्सा, ईर्ष्या-द्वेष, व्यक्ति विशेष पर टिप्पणी और बदला लेने की भावना की जगह नहीं है। वे कांग्रेस पार्टी के मजबूत योद्धा रहे हैं। पार्टी ने उन्हें 9 साल 9 महीने मुख्यमंत्री बनाया है। उनको राजिंदर कौर भट्टल जी की जगह मुख्यमंत्री बनाया गया था। हम उनसे छोटे होने के कारण इसे उनका क्षणिक गुस्सा मानकर भूलने का प्रयास जरूर करेंगे। कर रहे हैं।


 
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मोहाली: 29 साल पुराने अपहरण और अवैध कस्टडी के मामले में रिटायर्ड पुलिसकर्मी को दस साल की कैद

29 साल पुराने अपहरण और अवैध तौर पर कस्टडी में रखने के दोषी रिटायर्ड एएसआई को सीबीआई की विशेष अदालत ने दस साल की सजा सुनाई है। दोषी अमरीक सिंह पंजाब पुलिस से असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर रिटायर हो चुका है। दोषी को 20 हजार रुपये जुर्माना भी अदा करना होगा। अदालत द्वारा उसे वीरवार को ही दोषी करार दिया गया। दोषी करार देने के बाद जेल भेज दिया गया है। जबकि इस मामले के एक अन्य आरोपी वासन सिंह की पहले ही मौत हो चुकी है।
 
जालंधर से उठाया था पिता-पुत्र को
जानकारी के मुताबिक मामला 21 जुलाई 1991 का है। उस समय वासन सिंह थाना ब्यास का इंचार्ज था। आरोप है कि 21/22 जुलाई 1992 की रात एएसआई अमरीक सिंह ने जालंधर से चनण सिंह व उसके बेटे गुरबिंदर सिंह को जबरन उठा लिया था । हालांकि बाद में चनण सिंह को छोड़ दिया, लेकिन बेटे को नहीं छोड़ा गया। जब अगले दिन चनण सिंह ने थाने जाकर बेटे के बारे में पूछा तो आगे से जवाब मिला कि पुलिस मुठभेड़ में मारा गया है। उसकी अस्थियां श्मशान घाट में पड़ी हैं।

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पुलिस अफसरों से लगाई गुहार, नहीं हुई सुनवाई
इसके बाद चनण सिंह श्मशान घाट पहुंचा और अस्थियां उठाई। इसके बाद वह मामले को लेकर पुलिस के सीनियर अधिकारियों से मिला। साथ ही इंसाफ की गुहार लगाई, लेकिन पुलिस ने उसकी सुनवाई नहीं की। चनण सिंह ने कहा कि पुलिस ने फर्जी मुठभेड़ कर उसके बेटे को मारा है । इसके बाद चनण सिंह ने हाईकोर्ट की शरण ली। हाईकोर्ट ने मामले की जांच की जिम्मेदारी सीबीआई को सौंपी थी।

सीबीआई ने जांच में पाया था दोषी
इसके बाद सीबीआई ने मामले की जांच की । अधिकारियों ने केस से जुडे़ हर व्यक्ति से तथ्य जुटाए थे। इस दौरान जब आरोप तय किए गए तो अदालत ने एसआई वासन सिंह (अब मृत) पर धारा 302 (हत्या) और 34 (कई लोगों द्वारा सामान्य इरादे से किए गए कार्य) लगा दी थी। जबकि दूसरे आरोपी पर अपहरण व अवैध कस्टडी में रखने का मामला दर्ज किया गया था।
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