अमेठी। 30 साल पहले उपजिलाधिकारी और बार एसोसिएशन के बीच भगनपुर गांव में मंदिर का गेट गिराने के विवाद को लेकर मुकदमा दर्ज कराया गया था। न्यायालय ने इस मामले में आरोपी बार एसोसिएशन के तीन पूर्व अध्यक्षों को बरी कर दिया है। अधिवक्ताओं ने कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है।
कोतवाली क्षेत्र के भगनपुर गांव में वर्ष 1995 में मंदिर का गेट गिराने को लेकर तत्कालीन बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सदाशिव पाण्डेय, पूर्व अध्यक्ष अरुण मिश्र, ओमप्रकाश मिश्र, पूर्व सचिव दयाशंकर शुक्ला और तत्कालीन एसडीएम शिव मोहन के बीच विवाद हो गया था। इसके बाद एसडीएम ने सभी के खिलाफ अमेठी कोतवाली में केस दर्ज करवाया था। केस दर्ज होने के बाद अधिवक्ताओं ने आक्रोशित होकर 72 दिन तक विरोध किया तो पीएसी सुरक्षा के बीच एसडीएम तहसील आकर कार्य निपटाते थे।
इस मामले में पुलिस ने सभी लोगो के विरुद्ध चार्जशीट भेजी थी। 30 साल तक मुकदमा चलता रहा। अपर जिला जज पामेला श्रीवास्तव की अदालत ने बार एसोसिएशन के तीन पूर्व अध्यक्ष सदाशिव पांडेय, ओमप्रकाश मिश्रा, अरुण मिश्रा और पूर्व सचिव दयाशंकर शुक्ला को बरी कर दिया। न्यायालय का फैसला आने के बाद अधिवक्ता शिव प्रकाश मिश्रा, अजीत सिंह, संदीप शुक्ल सहित अन्य अधिवक्ताओं ने खुशी जताई। पूर्व अध्यक्ष सदाशिव पाण्डेय ने कहा कि अधिवक्ता का पहला कर्तव्य है कि आम जनमानस को न्याय दिलाना। हम लोग 30 वर्ष से मुकदमा लड़ रहे थे, न्यायालय ने हम लोगों को बरी कर दिया है।
शामली कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करते बसपा कार्यकर्ता । संवाद