दमोह नगर पालिका में गुरुवार को बुलाई गई परिषद की दूसरी बैठक भी स्थगित कर दी गई। इस दौरान स्लॉटर हाउस के मुद्दे पर हिंदू संगठन ने नगर पालिका प्रशासन का पुतला जलाया। वहीं, नगर पालिका अध्यक्ष का विरोध होने पर पुलिस ने उन्हें वापस लौटा दिया।
दरअसल, दो दिन पहले हुई परिषद की बैठक स्थगित होने के बाद गुरुवार को फिर से बैठक बुलाई गई थी। लेकिन, हिंदू संगठनों के विरोध के कारण एक बार फिर बैठक स्थगित करनी पड़ी। हिंदू संगठनों से जुड़े लोगों ने नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और पुतला जलाया। इस विरोध प्रदर्शन के बाद कलेक्टर ने बैठक स्थगित करने का निर्णय लिया।
हिंदू संगठनों के लोगों ने नगर पालिका परिषद में ही कलेक्टर के नाम एसडीएम आरएल बागरी को ज्ञापन सौंपा। इसमें कहा गया कि नगर पालिका परिषद की बैठक में प्रस्ताव रखकर स्लॉटर हाउस की अनुमति देने का प्रयास किया जा रहा है, जिसका हिंदू संगठन विरोध कर रहे हैं। पार्षदों और हिंदू संगठनों के विरोध के बीच नगर पालिका कर्मचारियों ने भी अपना विरोध जताना शुरू कर दिया। इन कर्मचारियों को काम से निकालने की धमकी दी जा रही है, जिससे वे भी नाराज हो गए।
बैठक में शामिल होने के लिए जैसे ही नगर पालिका अध्यक्ष मंजू वीरेंद्र राय पहुंचीं, तो कर्मचारियों ने उनके खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। कोतवाली टीआई आनंद राज ने अध्यक्ष से वहां से जाने का अनुरोध किया, लेकिन जब वह नहीं मानीं तो टीआई ने कहा कि उन्हें जैसा उचित लगे, वैसा करें। इसके बाद, अध्यक्ष अपनी कार में बैठकर कर्मचारियों के पास पहुंचीं, लेकिन भीड़ उग्र हो गई और नारेबाजी तेज हो गई। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए पुलिस ने अध्यक्ष को वापस भेज दिया।
मौके पर पहुंचे दमोह एसडीएम आरएल बागरी ने बताया कि बैठक स्थगित कर दी गई है। अगली बैठक की तारीख तय की जाएगी, जिसकी सूचना सभी को दी जाएगी। वहीं, कलेक्टर सुधीर कोचर ने भी बाद में वीडियो जारी कर बताया कि धारा 323 के तहत इस बैठक को निरस्त किया गया है। उन्होंने कहा कि पार्षदों द्वारा भी कुछ बिंदुओं को लेकर पत्र दिया गया था, जिसमें बैठक निरस्त करने की मांग की गई थी। इसके अलावा, एसडीएम से मिली जानकारी के अनुसार, यदि बैठक होती तो शांति भंग होने की आशंका थी। इसलिए, नगर पालिका अधिनियम के तहत प्राप्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बैठक को निरस्त कर दिया गया।