दमोह जिले के पथरिया थाना क्षेत्र से पुलिस हिरासत से फरार हुए लूट के आरोपी भोला आदिवासी को पुलिस ने पांच दिन बाद सागर जिले से गिरफ्तार कर लिया। मंगलवार को आरोपी को मालथौन थाना क्षेत्र के बरोदिया से पकड़कर पथरिया लाया गया, जहां दोपहर में उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। शाम को पथरिया एसडीओपी प्रिया सिंधी ने आरोपी की गिरफ्तारी का खुलासा किया।
रिश्तेदार के घर छिपकर कर रहा था मजदूरी
एसडीओपी प्रिया सिंधी के अनुसार, पुलिस हिरासत से भागने के बाद भोला आदिवासी सागर जिले के मालथौन थाना क्षेत्र के बरोदिया में अपने रिश्तेदारों के यहां जाकर रुक गया था। यहां वह मजदूरी कर रहा था। पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि वह राजस्थान में मजदूरी के लिए आता-जाता रहा है। आरोपी के संभावित ठिकानों और रिश्तेदारों पर पुलिस लगातार नजर बनाए हुए थी।
पढे़ं: ओवैसी का UCC पर बड़ा बयान, बोले- एक धर्म के कानून दूसरे पर थोपना गलत; BJP सहयोगियों से विरोध की अपील
मुखबिर की सूचना पर दबोचा
पुलिस टीम आरोपी की तलाश में लगातार जुटी थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि भोला बरोदिया में मौजूद है। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस टीम ने दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी दोबारा फरार होने की फिराक में था, लेकिन इससे पहले ही उसे पकड़ लिया गया।
मॉडल स्कूल के पास से भागा था
भोला आदिवासी पथरिया क्षेत्र में दर्ज लूट के मामले में पुलिस की हिरासत में था। करीब पांच दिन पहले वह पथरिया के मॉडल स्कूल के पास से पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था। घटना के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया था और उसकी तलाश के लिए लगातार टीमें लगाई गई थीं।
थाना प्रभारी समेत चार पर हुई कार्रवाई
पुलिस हिरासत से आरोपी के फरार होने के मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक ने पथरिया थाना प्रभारी नेहा गोस्वामी को लाइन अटैच कर दिया था। वहीं, तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया था। इसके बाद पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी।
लूट के साथ फरारी का भी केस
पुलिस के मुताबिक भोला आदिवासी के खिलाफ पहले से लूट का प्रकरण दर्ज था। पुलिस हिरासत से फरार होने के बाद उसके खिलाफ एक और प्रकरण दर्ज किया गया। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया है। पुलिस अब मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है।