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ऊना: केसी ग्रुप पंडोगा में उद्यमिता पर मंथन, विद्यार्थियों को स्वदेशी उत्पाद अपनाने का संदेश
राजकीय महाविद्यालय ऊना के अर्थशास्त्र विभाग की ओर से 12 अक्तूबर 2026 को ‘उद्यमिता एवं हरित अर्थव्यवस्था’ विषय पर विशेषज्ञ व्याख्यान आयोजित किया गया। इसमें ग्लोबल यंग फाउंडर्स, हैदराबाद के एआई यंग एडवाइजर मीत कुमार शाह ने विद्यार्थियों को हरित उद्यमिता, नवाचार, पर्यावरण संरक्षण और स्वरोजगार की संभावनाओं से अवगत करवाया।
उन्होंने बताया कि पर्यावरण से जुड़ी समस्याओं को नए व्यावसायिक विचारों में बदला जा सकता है। ऐसे प्रयासों से प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा किए जा सकते हैं।
व्याख्यान के दौरान मीत कुमार शाह ने ‘वेस्ट टू बेस्ट’ की अवधारणा को उदाहरणों के माध्यम से समझाया। उन्होंने बताया कि मंदिरों में चढ़ाए गए फूलों से अगरबत्तियों जैसे उपयोगी उत्पाद तैयार किए जा सकते हैं। इसी तरह कृषि अवशेषों और अन्य जैविक कचरे का इस्तेमाल कर अलग-अलग वस्तुएं बनाई जा सकती हैं।
उन्होंने कहा कि अपशिष्ट पदार्थों को बेकार समझने के बजाय संसाधन के रूप में देखा जाना चाहिए। इससे नए कारोबार शुरू करने की संभावनाएं विकसित हो सकती हैं। ऐसी पहलें प्रदूषण कम करने, संसाधनों का बेहतर उपयोग करने और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजित करने में सहायक हो सकती हैं।
मीत कुमार शाह ने विद्यार्थियों को पारंपरिक सोच से आगे बढ़कर स्थानीय समस्याओं के नए समाधान तलाशने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि ऐसे उद्यमों को प्रोत्साहन मिलना चाहिए, जो आर्थिक लाभ के साथ पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक कल्याण में भी योगदान दें।
उन्होंने हरित अर्थव्यवस्था के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सतत विकास के लिए आर्थिक गतिविधियों और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन जरूरी है।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के उप-प्राचार्य प्रो. पुनीत प्रेम कंवर, डॉ. भगवान दास, डॉ. शाम बैंस और प्रो. मनजीत सिंह ने योगदान दिया। कार्यक्रम का समन्वय प्रो. रशपाल ने किया।
इस अवसर पर अर्थशास्त्र विभाग और एमबीए के करीब 150 विद्यार्थियों ने भाग लिया। व्याख्यान के माध्यम से विद्यार्थियों को नए व्यावसायिक विचार विकसित करने और उन्हें सफल उद्यमों में बदलने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
विशेषज्ञ व्याख्यान के बाद विद्यार्थियों की विषय संबंधी समझ का आकलन करने के लिए प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें एमए अर्थशास्त्र तृतीय सेमेस्टर की अंकिता चौधरी ने पहला स्थान हासिल किया, जबकि बीए तृतीय वर्ष के शिवांश शर्मा दूसरे स्थान पर रहे।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में उद्यमशीलता, रचनात्मक सोच, पर्यावरणीय जागरूकता और आत्मनिर्भरता की भावना विकसित करना था। व्याख्यान में यह संदेश दिया गया कि ‘वेस्ट टू बेस्ट’ जैसी पहलें पर्यावरण संरक्षण के साथ स्वरोजगार और स्थानीय आर्थिक विकास के अवसर भी पैदा कर सकती हैं।
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