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आज का शब्द: शार्दूल और विमल राजस्थानी की कविता- ओस से होना सरापा तर बतर

आज का शब्द
                
                                                         
                            'हिंदी हैं हम' शब्द शृंखला में आज का शब्द है- शार्दूल, जिसका अर्थ है- बाघ, सिंह, राक्षस। विमल राजस्थानी की कविता- ओस से होना सरापा तर बतर
                                                                 
                            

ओस से होना सरापा तर बतर
धूप झेले फूल को अच्छा लगा
आह भरना, डबडबाना आँख का
रास्ते के शूल को, अच्छा लगा
दोस्तों को मुस्कुराकर ताकना
भूल जाना भूल को, अच्छा लगा
पाँव से उठकर सिरों पर बैठकर
खिलखिलाना धूल को, अच्छा लगा
छाँह देना चिलचिलाती धूप में
बरगदों के मूल को अच्छा लगा
ठिठुरतों को बाँध कर आगोश में
ताप देना तूल को अच्छा लगा
बाढ़ की बर्बादियों को रोककर
ऊँचे उभरे कूल को अच्छा लगा
सीधे-सूधे मेमनों को लीलना
आधुनिक शार्दूल को अच्छा लगा। 

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7 घंटे पहले

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