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कुल्लू: आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पहुंची केंद्रीय टीम, नुकसान का लिया जायजा
मानसून के दौरान भारी बारिश, बाढ़ एवं भूस्खलन से जिला कुल्लू में हुए नुकसान का आकलन करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा गठित अंतर-मंत्रालय केंद्रीय टीम ने बुधवार को दौरे के दूसरे दिन मनाली, बंजार और आनी क्षेत्र के विभिन्न आपदा प्रभावित स्थलों का निरीक्षण किया। केंद्रीय गृह मंत्रालय, के संयुक्त सचिव एम रामचंद्रुडु के नेतृत्व में पहुंची छह सदस्यीय केंद्रीय टीम ने क्षतिग्रस्त पेयजल योजनाओं, भूस्खलन प्रभावित गांवों, मत्स्य पालन केंद्र तथा अन्य क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों का जायजा लेकर नुकसान की स्थिति का आकलन किया। केंद्रीय टीम ने 2025 में आई आपदा में ओल्ड मनाली में क्षतिग्रस्त पेयजल योजना का निरीक्षण किया। इसके बाद टीम ने सोलंग गांव का दौरा कर भूस्खलन से प्रभावित क्षेत्र में हुए नुकसान की स्थिति का जायजा लिया। टीम ने पतलीकूहल स्थित ट्राउट फार्म का निरीक्षण कर मत्स्य पालन से जुड़ी परिसंपत्तियों को हुए नुकसान का आकलन किया। इसके अतिरिक्त बंजार क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर भूस्खलन से प्रभावित परिसंपत्तियों का निरीक्षण किया गया। टीम ने आनी क्षेत्र के खनाग के डीम्ड में भी भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर नुकसान की स्थिति का जायजा लिया। गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव एम. रामचंद्रुडु ने बताया कि मानसून सीजन के दौरान प्राकृतिक आपदाओं से विभिन्न क्षेत्रों में हुए नुकसान का स्थलीय आकलन करने के लिए केंद्र सरकार ने अंतर-मंत्रालय केंद्रीय टीम का गठन किया है। इस टीम ने हिमाचल प्रदेश के चंबा, कांगड़ा और कुल्लू जिलों का दौरा कर आपदा प्रभावित क्षेत्रों में हुए नुकसान का निरीक्षण किया है। बताया कि निरीक्षण के दौरान भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों, क्षतिग्रस्त पेयजल योजनाओं, सड़कों एवं मकानों, भूमि धंसाव से प्रभावित स्थानों, विद्युत व्यवस्था, मत्स्य पालन केंद्रों तथा कृषि एवं बागवानी क्षेत्रों को हुए नुकसान का जायजा लिया गया है। स्थलीय निरीक्षण का उद्देश्य आपदा से प्रभावित विभिन्न परिसंपत्तियों और जनजीवन पर पड़े प्रभाव का आकलन करना है, ताकि नुकसान की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके। एम रामचंद्रुडु ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से आपदा से हुए नुकसान की समग्र रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद अंतर-मंत्रालय केंद्रीय टीम उसका आकलन करेगी। इसके बाद राहत सहायता के संबंध में अपनी सिफारिशें केंद्र सरकार को भेजी जाएंगी। केंद्रीय टीम में गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव एम रामचंद्रुडु के नेतृत्व में जल शक्ति मंत्रालय के निदेशक प्रकाश चंद, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के निदेशक डॉ. सुभाष चंद्र, ग्रामीण विकास मंत्रालय के निदेशक रामावतार मीणा, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के कार्यकारी अभियंता शाश्वत महापात्रा तथा वित्त मंत्रालय के उप निदेशक कनव दुआ शामिल रहे। इसके अतिरिक्त भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र, हैदराबाद के वैज्ञानिक डॉ. शशिवर्धन रेड्डी भी टीम का हिस्सा रहे। दौरे के दौरान हिमाचल प्रदेश सरकार के अतिरिक्त सचिव (राजस्व एवं आपदा प्रबंधन) सुनील वर्मा, एडीएम सुरजीत राठौर, एसडीएम मनाली गुंजीत चीमा सहित आपदा प्रबंधन के अधिकारी भी उपस्थित रहे।
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