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Members of the Purvanchal community continued their sit-in protest outside the railway station for the second day, demanding train stoppages for Bihar.
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पूर्वांचल समाज के लोगों ने बिहार के लिए ट्रेनों के ठहराव की मांग के लिए रेलवे स्टेशन के बाहर दूसरे दिन जारी रखा धरना
पानीपत।
बिहार जाने वाली ट्रेनों के ठहराव और अतिरिक्त ट्रेनों के संचालन की मांग के लिए पूर्वांचल समाज के लोगों का धरना शनिवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। इस दौरान रेलवे स्टेशन परिसर के बाहर जुटे सैकड़ों लोगों ने अपनी मांगों के समर्थन में जोरदार प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। समाज के प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी समस्याओं का स्थाई समाधान नहीं किया गया तो वे एक बड़ा आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होंगे। साथ ही दूसरे दिन पानीपत-मजदूर संगठन सीटू व अखिल भारतीय किसान सभा ने समाज के लोगों को अपना समर्थन दिया है।
पूर्वांचल समाज के अध्यक्ष उमाशंकर ने कहा कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं की जा सकती, तब तक वह धरना प्रदर्शन करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय समाज के लोगों के लिए जब अतिरिक्त ट्रेनों की व्यवस्था की जा सकती है, तो त्योहारों पर यात्रियों को हो रही परेशानी को देखने वाला कोई नहीं है। पिछले 10 से 12 साल से यह कष्टदायी सफर करने को मजबूर हैं। साथ ही वह समस्या के लिए करीब 86 बार कई अधिकारियों को ज्ञापन सौंप चुके है।
सीटू राज्य सचिव सुनील दत्त, अखिल भारतीय किसान सभा के जिला प्रधान डॉ. सुरेंद्र मलिक, इंडस्ट्रियल वर्कर यूनियन के जिला प्रधान जयभगवान ने अपना समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि प्रवासी मजदूर पानीपत के औद्योगिक क्षेत्र और अर्थव्यवस्था की रीड की हड्डी है, जो अपनी कमाई का 80 फीसदी हिस्सा पानीपत की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में बाजार के अंदर खर्च करते हैं। उनकी समस्याओं को सरकार को गंभीरता से लेना चाहिए और तुरंत उनकी मांगों को माना जाए वरना उनके आंदोलन के समर्थन में किसान मजदूर के संगठन सड़कों पर उतरेंगे। इसके लिए भाजपा की केंद्र व राज्य सरकार और जिला प्रशासन जिम्मेवार होगा।
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