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कराएं वसंत पंचमी पर बासर के सरस्वती मंदिर में पूजा, पढ़ाई व प्रतियोगी परीक्षाओं में मिलती है सफलता :29 जनवरी 2020
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आतंकवाद पूरे विश्व के लिए बीमारी, इस लड़ाई में हम अपने दोस्त भारत के साथः इजराइली राजदूत

इजरायल के राजदूत रोन मलका ने कहा कि आतंकवाद पूरे विश्व के लिए एक बहुत बड़ी बीमारी है।

29 जनवरी 2020

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पानीपत

बुधवार, 29 जनवरी 2020

बिजली निगम के खुले दरबार में आईं 20 शिकायतें, 4 का ही हो पाया समाधान, अन्य को फिर से लंबित रखा

बिजली निगम का खुला दरबार अब सिर्फ नाम का ही रह गया है। यहां उपभोक्ताओं की समस्याओं के निवारण की बजाए उनके सिर्फ चक्कर ही कटवाए जा रहे हैं। सीजेआरएफ द्वारा बुधवार को एक बार फिर गोहाना रोड स्थित बिजली निगम के रेस्ट हाउस में उपभोक्ताओं की समस्याओं के निवारण के लिए खुले दरबार का आयोजन किया गया। यहां करीब 20 शिकायतें आईं जिनमें से महज चार का ही मौके पर समाधान किया जा सका, अन्य को हमेशा की तरह फिर से लंबित रख दिया गया है। इनमें ज्यादातर हमेशा की तरफ गलत बिल और गलत रीडिंग वाली समस्याओं का अंबार दिखाई दिया। वहीं, पिछले खुले दरबार में भी 41 शिकायतें आईं थी, जिनमें से एक का भी समाधान नहीं किया गया था, इस बार अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने पिछली लंबित शिकायतों में से ज्यादातर शिकायतों का निपटारा कर दिया है।
खुले दरबार में बार-बार चक्कर काटने के बाद भी परेशान हो चुके लोगों ने आक्रोशित होकर निगम अधिकारियों के कार्यालय के अंदर ही जाकर हंगामा बरपा दिया। उन्होंने अधिकारियों से खुले में दरबार लगाने की अपील की। जिस पर अधिकारियों ने लोगों का ठंड ज्यादा होने का हवाला देते हुए अंदर ही बैठने का आग्रह किया। इस बार भी खुले दरबार में गलत बिल समेत कई अन्य अजीबोगरीब समस्याएं आईं। जिन्हें अधिकारी न तो समझ पाए और न ही उनका समाधान कर पाए। खुले दरबार सीजेआरएफ चेयरमैन दीपक जैन की अध्यक्षता में आयोजित किया गया, इस दौरान सभी डिवीजनों के एसडीओ और जेई भी मौजूद रहे।
40 साल से ट्यूबवेल मिलीभगत से 6 एकड़ दूर किसी और के नाम किया : जिले सिंह
गांव बबैल के एक किसान जिले सिंह ने बताया कि उनके खेत में करीब 40 साल से ट्यूबवेल लगा हुआ है। उसे निगम अधिकारियों ने मिलीभगत कर किसी अन्य के नाम करवाकर 6 एकड़ दूर दूसरे किसान के खेत में लगा दिया। निगम के जमा करवाए गए फर्जी दस्तावेजों और शपथ पत्रों में भी कनेक्शन देने वाले को उनका सगा भाई दिखाया गया है, जिसके शपथ पत्र तक जमा करवाए गए हैं। किसान जिले सिंह का कहना है कि जिसे कनेक्शन दिया गया है वो उनका भाई होता तो उनकी खेत की जमाबंदी में उनका नाम भी होता, जो नहीं है। उन्होंने स्पष्ट तौर से निगम के जेई और एसडीओ पर मिलीभगत के आरोप लगाए हैं। इसके लिए किसान ने आरटीआई के माध्यम से जानकारी मांगने की कोशिश की तो अधिकारियों से जवाब मिला कि उनकी फाइल ही गुम हो चुकी है। अब किसान मजबूरन बिजली निगम के चक्कर काट रहा है।
मौके पर जेई तक गया, फिर भी गलत रीडिंग का बनाया बिल : सरोज
राम लाल चौक निवासी गृहणी सरोज ने बताया कि बिजली निगम कर्मचारियों ने बिना रीडिंग लिए ही करीब 65 हजार रुपये का बिल थमा दिया। उन्होंने इसकी शिकायत की तो मौके पर जेई ने भी मुआयना किया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो पाई। वे तीन बार निगम अधिकारियों और खुले दरबार के चक्कर लगा चुुुकी हैं, लेकिन अधिकारी उनकी समस्या का हल नहीं निकाल पा रहे हैं।
मीटर बदलवाने के बाद भी ठीक नहीं हुई समस्या : राजेंद्र
किशनपुरा निवासी राजेंद्र ने बताया कि उनकी दुकान का बिजली बिल पहले 16 हजार रुपये भेजा जो गलत था, इसे ठीक करवाने के लिए निगम अधिकारियों की हिदायत पर मीटर तक बदलवा दिया गया। इसके बाद फिर 26 हजार का बिल भेज दिया। अब निगम के बार-बार चक्कर लगाने के बाद भी बिल को सही नहीं किया जा रहा है।
कॉलोनी के ऊपर से हाईटेंशन तार नहीं हटाईं : कर्मवीर
बतरा कॉलोनी वार्ड नंबर 22 निवासी कर्मवीर ने बताया कि उनकी कॉलोनी के ऊपर से 11 केवी की तार गुजरती हैं। इसके लिए प्रपोजल और एस्टीमेट तक तैयार है, लेकिन निगम अधिकारियों की लापरवाही से कोई भी काम नहीं हो पा रहा है। वहीं, इस तार की वजह से कई बार हादसे हो चुके हैं। कई बार निगम अधिकारियों और खुले दरबार में आने के बाद भी समाधान नहीं हो पा रहा है।
बंद मकान था भेजी 1800 रीडिंग : कृष्ण चंद
कृष्ण नगर तहसील कैंप निवासी कृष्ण चंद ने बताया कि उनके कृष्ण नगर वाला मकान पिछले कई महीने से बंद है। इसके बाद भी बिजली निगम लगातार उन्हें बड़े बिल बनाकर भेज रहा है। उन्होंने लाइट का इस्तेमाल तक नहीं किया, इसके बाद भी वे एस्टिमेटिड रीडिंग के अनुसार बिल भरने के लिए तैयार हैं, लेकिन निगम अधिकारी उनकी फरियाद तक नहीं सुन रहे।
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स्वच्छ सर्वेक्षण-2020 आठ दिन शेष : बेकाबू हालात और उम्मीद बेहतर रैंकिंग की

स्वच्छ सर्वेक्षण-2020 को पूरा होने में महज आठ दिन ही बकी हैं, 31 जनवरी को यह समाप्त हो जाएगा और फिर रैंकिंग जारी की जाएगी। हालात यह हैं कि बेहतर रैंकिंग का दम भरने वाले नगर निगम के पार्षदों के स्मार्टफोन में कूड़े की गाड़ियों को जीपीएस के जरिए ट्रैक करने का एप तक नहीं है। इतना ही नहीं उन्हें इस एप के संचालन की ट्रेनिंग देना भी बुुधवार को स्वच्छ सर्वेक्षण को लेकर हुई मीटिंग में तय किया गया। अब इसी से जारी होने वाले स्वच्छ सर्वेक्षण में पानीपत की रैंकिंग का अंदाजा लगाया जा सकता है, जबकि हर माह पांच करोड़ महज शहर की सफाई पर खर्च हो रहा है।
बुधवार को नगर निगम आयुक्त ने टीम समेत शहर में कई जगह दौरा भी किया। वहीं, निगम के सफाई अधिकारियों और कर्मचारियों को दिशा-निर्देश भी दिए। मेयर ने भी अपने कार्यालय में शहर की सफाई को लेकर निगम अधिकारियों संग बैठक की। इसमें कई पार्षद भी मौजूद रहे। बैठक में पार्षदों व निगम अधिकारियों से उनके सुझाव भी मांगे गए, जिन पर चर्चा भी की गई, लेकिन महज कूड़ा उठान वाली गाड़ियों की संख्या को बढ़ाने के अतिरिक्त कोई महत्वपूर्ण निर्णय नहीं लिया जा सका। वहीं, स्वच्छ सर्वेक्षण चार जनवरी से शुरू भी हो चुका है, जो 31 जनवरी तक चलेगा। ऐसे में इसमें भी शहर की स्वच्छता के हालत को देखते हुए बेहतर रैंकिंग की उम्मीद करना बेमानी होगा।
जब आठ दिन ही हैं बाकी तब यह निर्णय लेने आए याद
1. कूड़ा उठान की गाड़ियों को ट्रैक करने के लिए पार्षदों के स्मार्टफोन में ट्रैकिंग एप को इंस्टाल कराया जाएगा। एप के संचालन की ट्रेनिंग भी दी जाएगी। पार्षदों को यह भी नहीं पता था कि आखिर कूड़े की गाड़ियों को ट्रैक कैसे किया जाएगा।
2. पार्षदों को कूड़ा उठान के सभी साधनों की लिस्ट मुहैया कराई जाएगी। इसके सभी पार्षद कूड़ा उठान के सभी साधनों का निरीक्षण करेंगे। यानी पार्षदों के पास कूड़ा उठान के साधनों की जानकारी तक नहीं थी।
3. पार्षदों के सुझाव पर कूड़ा उठान की ठेका कंपनी जेबीएम 10 ट्रैक्टर ट्राली बढ़ाने का आदेश दिया गया।
जिले में पीएमयू की नियुक्ति भी नहीं, पार्षद ने उठाई आवाज
स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहर की सफाई और कूड़ा कलेक्शन पर नजर रखने के लिए प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (पीएमयू) की नियुक्ति भी अभी तक नहीं की गई है। यह शहर में सफाई की निगरानी के हालत हैं। एक पार्षद के आग्रह पर इस दिशा में अब काम शुरू किया गया है। पार्षद रविंद्र भाटिया के सुझाव पर सोनीपत नगर निगम को पत्र लिखा गया है, जिसमें पीएमयू अधिकारी की नियुक्ति करवाने के लिए आग्रह किया गया है। पीएमयू के तहत एक अधिशासी अभियंता स्तर के अधिकारी की देखरेख में शहर की सफाई स्तर को सुधारा जा सकता है। पीएमयू लागू होने के बाद एक वरिष्ठ अधिकारी सफाई व्यवस्था पर पूरी नजर रखेगा और कमियों को दूर करने की दिशा में बेहतर काम होगा।
दुकान-मकान के आगे कूड़ा मिलने पर कार्रवाई करने पर नहीं बनी सहमति
बैठक में किसी भी दुकान, मकान या प्रॉपर्टी के बाहर कूड़ा मिलने पर जुर्माना लगाने के कई सुझाव आए, लेकिन किसी पर भी सहमति नहीं बनी, जिसके बाद सार्वजनिक स्थल पर कूड़ा फेंकने वालों या अन्य कहीं खुले में कूड़ा डालने वालों पर कार्रवाई के लिए सेशन जज के माध्यम से जुर्माना लगाने और रिकवरी के बारे में विचार किया गया।
अभी 8 दिन बाकी हैं
31 जनवरी तक शहर की राज्यमार्ग, राष्ट्रीय मार्ग और रेलवे लाइनों के साथ कूड़े कचरे की सफाई का निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए पीडब्ल्यूडी, रेलवे समेत उपायुक्त से भी बात की गई है। आज भी कई जगह का दौरा किया गया है। शहर से गंदगी हटाने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है। -ओमप्रकाश, आयुक्त, नगर निगम, पानीपत।
सफाई निरीक्षक समेत अधिकारियों को दिए निर्देश
शहर की सफाई को लेकर निगम कार्यालय की बैठक में निगम सफाई निरीक्षक समेत अन्य अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। कूड़ा उठान की गाड़ियों को बढ़ाया जाएगा, गाड़ियों में जीपीएस से पार्षद भी उन्हें ट्रैक कर पाएंगे। पीएमयू के अधिकारी की नियुक्ति के लिए भी लिखा गया है। - अवनीत कौर, मेयर, नगर निगम, पानीपत।
यह लोग मीटिंग में रहे मौजूद
पालिका बाजार स्थित नगर निगम स्थित मेयर कार्यालय में हाउस मैनेजमेंट के पार्षदों समेत निगम अधिकारियों को आमंत्रित किया गया था। जिसमें वार्ड नंबर 10 के पार्षद रविंद्र भाटिया, वार्ड नंबर 9 से मीनाक्षी नारंग, वार्ड नंबर 21 से संजीव दहिया, वार्ड नंबर 5 से अनिल बजाज, वार्ड नंबर 14 से शकुंतला गर्ग, वार्ड नंबर 4 से रविंद्र नागपाल मौजूद रहे। इसके अलावा निगम टीम में एक्सईएन राहुल पूनिया, सफाई अधिकारी सीएसआई सुधीर और उनकी टीम के अलावा जेबीएम सफाई कंपनी के अधिकारी भी मौजूद रहे।
स्वच्छ सर्वेक्षण-2019 में देश में मिला था 188वां
नगर निगम पिछले स्वच्छ सर्वेक्षण-2019 में टॉप-50 में आने का दावा करता रहा, लेकिन दावे हवाई साबित हुए। रैंकिंग मिली 188वीं। टेक्सटाइल नगरी के नाम से विश्व में पहचान रखने वाले पानीपत का 425 शहरों में 188वीं रैंक आई जबकि प्रदेश के 18 शहरों में 8वां आठवां स्थान आया है। समालखा नगरपालिका नार्थ जोन के 1013 शहरों में से 167वीं रैंक मिली थी।
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दो सरकारी और पांच निजी अस्पताल आए क्लीनिकल इस्टेब्लिशमेंट एक्ट के दायरे में, करने होंगे सर्जरी के रेट तय

प्रदेश के सुपर स्पेशिलिटी और 50 से ज्यादा बेड वाले अस्पतालों को केंद्र सरकार द्वारा तय स्टैंडर्ड के मुताबिक इलाज की सुविधाएं देनी होंगी। स्वास्थ्य सुविधाओं जैसे एडमिट, ऑपरेशन, जांच, एक्सरे आदि के एवज में ली जा रही फीस की रेट लिस्ट स्थानीय भाषा में प्रदर्शित करनी होगी।
अस्पतालों की मनमानी पर रोक के उद्देश्य से राज्य सरकार ने यूपीए सरकार के बनाए केंद्रीय क्लीलिनकल इस्टेब्लिशमेंट एक्ट 2010 लागू हो गया है। इसके दायरे में जिले के दो सरकारी और पांच निजी अस्पताल आएंगे। इस एक्ट के दायरे में 50 बेड और इससे अधिक क्षमता वाले अस्पताल आएंगे। इसे डॉ. प्रेम, महाराजा सिग्नस अस्पताल, पार्क अस्पताल, हैदराबादी अस्पताल और रविंद्रा अस्पताल शामिल है। इस एक्ट से जिले के लगभग 135 अस्पताल बाहर हुए हैं। लंबी कश्मकश के बाद क्लीनिक इस्टेब्लिशमेंट एक्ट लागू हुआ है।
इसलिए करना पड़ा एक्ट लागू
गुड़गांव में फोर्टिस अस्पताल ने डेंगू पीड़ित बच्ची की मौत के बाद 15.59 लाख रुपये का बिल थमा दिया था। इसके बाद सरकार ने अस्पताल की जमीन लीज रद्द कर दी थी। एफआईआर भी दर्ज कराई गई है। अब सरकार ने बड़े अस्पतालों की मनमानी पर रोक के लिए इस एक्ट को लागू करने का फैसला किया है।
सरकारी अस्पतालों का हुआ रजिस्ट्रेशन
क्लीनिकल इस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत 50 बेड से अधिक वाले अस्पतालों को 24 जनवरी 2019 तक रजिस्ट्रेशन कराना है। जिले में दो सरकारी अस्पताल 50 बेड से अधिक क्षमता के हैं। इन्होंने कानून के तहत पंजीकरण करा लिया है।
फरवरी से होगी जांच
जनवरी 2019 के बाद रजिस्ट्रेशन करवाने वाले सभी अस्पतालों की जांच होगी। इसके बाद जांच में सामने आएगा कि उस अस्पताल की ओर से बताई गईं सभी सुविधाएं नियमों के अनुसार सही हैं या नहीं। इसी आधार पर अस्पताल को मान्यता दी जाएगी। इसके अलावा अभी सिर्फ 50 से ज्यादा बेड वाले अस्पताल ही रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। अभी एक साल के लिए अस्थायी रजिस्ट्रेशन हो रहा है। इसके बाद स्थायी रजिस्ट्रेशन होगा।
एक्ट के तहत निजी अस्पतालों को ये करना होगा
- सर्जरी के रेट तय करने होंगे।
- सभी निजी अस्पतालों के पास अपनी पार्किंग होनी चाहिए।
- आईसीयू की सुविधा होनी चाहिए।
- 24 घंटे एमरजेंसी सर्विस होनी चाहिए।
- कोई भी अस्पताल मरीज को इलाज देने से इंकार नहीं कर सकता।
- अस्पताल में 24 घंटे डॉक्टर होने चाहिए।
ऐसे भी एक्ट से बाहर आए अस्पताल
सरकार ने 50 बेड की क्षमता वाले अस्पतालों को एक्ट के दायरे में रखा है। जब ये एक्ट आया तो कुछ निजी अस्पतालों ने एक या दो बेड को उठा दिया और इस एक्ट से बाहर हो गए। निजी अस्पतालों ने चालकी से भी एक्ट को मात दी है। जिले में लगभग 10 अस्पताल ऐसे हैं जिसमें 45-49 के बीच बेड हैं।
हमें एक्ट से कोई दिक्कत नहीं : डॉ. अंजलि
डॉक्टरों ने आंदोलन के बाद सरकार ने एक्ट को 50 बेड के अस्पताल पर लागू किया है। उन्हें इससे कोई परेशानी नहीं है। अगर ये एक्ट छोटे अस्पतालों पर लागू हुआ है हमें दिक्कत होगी। पांच निजी अस्पताल और सरकारी अस्पताल इसके दायरे में आए हैं।
-डॉ. अंजलि, अध्यक्ष आईएमए पानीपत।
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लाइट ठीक कर रहे लाइनमैन को लगा करंट, उपचार के दौरान मौत

टोल टैक्स पर एक निजी कार कंपनी के ट्रांसफार्मर को ठीक कर रहे लाइनमैन की बिजली का करंट लगने से मौत हो गई। बता दें कि 26 जनवरी को कार कंपनी के मैनेजर ने कंट्रोल रूम में लाइट खराब होने की शिकायत की थी। जिस शिकायत पर दो लाइनमैन मौके पर पहुंचे थे, जिनमें एक नीचे था और दूसरा ट्रांसफार्मर पर चढ़कर लाइट को ठीक कर रहा था, उसी समय लाइनमैन को करंट लगा और वह गंभीर रूप से झुलस गया। साथी लाइनमैन ने उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां पीड़ित की उपचार के दौरान सोमवार शाम मौत हो गई। परिजनों ने शव को सामान्य अस्पताल पहुंचाया, जहां पुलिस ने पंचनामा भरवाकर शव का पोस्टमार्टम कराया और शव को परिजनों का सौंप दिया।
सैनी कॉलोनी निवासी रहीसुन पत्नी गुड्डू (35) ने बताया कि उसके पति पिछले 15 साल से बिजली निगम में ठेकेदार के द्वारा लाइनमैन के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि 26 जनवरी को उनके पति अपने साथी देवेंद्र के साथ टोल टैक्स पर बनी एक कार कंपनी के ट्रांसफार्मर को ठीक करने के लिए गए थे। उसके पति ऊपर थे और उसका साथी देवेंद्र नीचे था। वह काम कर रही थे कि अचानक उसे बिजली का करंट लगा, जिसके कारण उसके पति गंभीर रूप से झुलस गए और वह ऊपर से ही वह नीचे आ गिरे। उनके हाथ पूरा झुलस चुका था, साथी ने पीड़ित पति को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां पर उस एक दिन उपचाराधीन रहने के बाद मौत हो गई। पत्नी ने बिजली निगम पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका आरोप है कि जब उसके पति ट्रांसफार्मर को ठीक कर रहे थे, उसी समय बिजली की सप्लाई को शुरू किया, जिसके कारण उनके पति को करंट लगा है। वहीं, पुलिस ने शव को सामान्य अस्पताल पहुंचाया और परिजनों से पंचनामा भरवाकर पुलिस न शव का पोस्टमार्टम कराया और शव को परिजनों को सौंप दिया।
सेफ्टी ड्रेस भी नहीं बचा पाई लाइनमैन की जान
परिजनों ने बताया कि लाइनमैन सेफ्टी ड्रेस पहनकर ऊपर चढ़ा था। उसके हाथ में ग्लब्स थे, सिर पर टोपी थी। वहीं, शरीर पर एक जैकेट डाली हुई थी। लाइनमैन हाथ में तार को पकड़कर उसे ठीक कर रहा था, उसी समय उसे करंट लगा और वह नीचे आकर गिरा। उन्होंने सेफ्टी ड्रेस को घटिया सामग्री से बना बताया है।
सरकार से मुआवजे की मांग
परिजनों ने सरकार से मुआवजे की मांग की है। उनकी कहना है कि उसके छह बच्चे हैं, जिनमें पांच बेटी और एक बेटा है। वह परिवार के एकलौता रोजगार का स्रोत था, जो अपने परिवार को चला रहा था। उन्होंने कहा सरकार उन्हें या तो एक नौकरी दे, या फिर लाखों रुपये का मुआवजा दे।
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एटीएम बदलकर युवक के खाते से दो आरोपियों ने निकाले 50 हजार, केस दर्ज

न्यू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के एक युवक से एटीएम कार्ड बदलकर दो दिन में दो आरोपियों ने कुल 50 हजार रुपये निकाल दिए। पीड़ित ने सेक्टर 11-12 चौकी पुलिस को शिकायत दी है।
पुलिस को दी शिकायत में चेतन तनेजा पुत्र कृष्ण कुमार निवासी न्यू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी ने बताया कि 25 जनवरी को दोपहर 2 बजे उनके पिता कृष्ण कुमार संजय चौक स्थित आइडीबीआई बैंक से पैसे निकलवाने के लिए गए थे। जब वह बैंक पहुंचे तो उसी समय दो अज्ञात युवक आए। पीड़ित ने बताया कि वह एटीएम से पैसे निकलवाने लगा, लेकिन पैसे नहीं निकले। जिसके बाद आरोपियों ने पीड़ित के पिता के हाथ से एटीएम कार्ड लिया और उसके अगले ही सेकेंड एटीएम कार्ड बदलकर लौटा दिया। उसके पिता घर लौटे ही थे कि उनके खाते से दो दिन में 50 हजार रुपये निकाल लिए। उन्होंने बताया कि 25 जनवरी को 25 हजार और 26 जनवरी को 25 हजार रुपये निकाल लिए। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दिए है।
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दुकानदार और बेटे की आंखों में मिर्च पाउडर डाल तीन बदमाशों ने किया लूट का प्रयास

मॉडल टाउन में एक दुकानदार और उसके बेटे पर बाइक सवार तीन आरोपियों ने मिर्च पाउडर डाल 50 हजार की नकदी से भरा बैग लूटने का प्रयास किया, लेकिन पिता की सूझबूझ से आरोपी नाकामयाब रहे। पीड़ित ने स्थानीय लोगों को आवाज लगाई तो आरोपी मौके से फरार हो गए। पीड़ित ने कुछ दूरी तक आरोपियों का पीछा भी किया, लेकिन आरोपी फरार हो गए। पीड़ित पिता ने पुलिस को शिकायत दे आरोपियों पर कार्रवाई करने की गुहार लगाई।
पुलिस को दी शिकायत में अमरजीत सिंह कोहली पुत्र सरदार गुरुमुख सिंह निवासी मॉडल टाउन ने बताया कि उनकी कच्चा कैंप में कैटल फीड की दुकान है। वह 25 जनवरी को शाम आठ बजे अपने बेटे अंशप्रीत सिंह के साथ स्कूटर पर सवार होकर कच्चे कैंप स्थित अपनी दुकान से घर पर जा रहा था। जब वह गाबा ढाबे के पास पहुंचकर घर की तरफ घूमे तो पीछे से बाइक सवार तीन अज्ञात युवकों ने ओवर टेक कर, उनके ऊपर मिर्च पाउडर फेंका। जिससे पीड़ित बच गया और वही पाउडर बेटे अंशप्रीत की आंखों में जाकर लगा। वहीं, आरोपियों ने पीड़ित और उसके बेटे से बैग छीनने का प्रयास किया, जिसमें आरोपी नाकामयाब रहे, जिसके बाद आरोपी पीड़ित को धक्का देकर मौके से फरार हो गए। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
घर से 200 मीटर दूर वारदात को दिया अंजाम
पीड़ित ने बताया कि वह घर से 200 मीटर की दूरी पर था कि आरोपियों ने अपनी वारदात को अंजाम दिया। पीड़ित ने बताया कि जब उन्होंने सीसीटीवी फुटेज खंगाली तो उसमें पता चला कि एक आरोपी उनकी रेकी कर रहा था, जो बाइक सवार तीन बदमाशों को पल-पल की सूचना मोबाइल पर दे रहा था।
भाई कच्चा कैंप में बने गुरुद्वारे का प्रधान और पीड़ित भाजपा की प्रदेश कार्र्यकारिणी का सदस्य
पीड़ित अमरजीत सिंह ने बताया कि वह भाजपा पार्टी की प्रदेश कार्यकारिणी का सदस्य हैं। वहीं, उसके भाई अमृक सिंह कच्चा कैंप में स्थित गुरुद्वारे के प्रधान हैं। पीड़ित ने बताया कि वह पार्टी के ही काम से असंध गया हुआ था। उसके भाई अमृकसिंह ने फोन कर दुकान पर बुलाया था। पीड़ित के आते ही उसके भाई गुरुद्वारे में सेवा के लिए निकल गए थे। वहीं, रात आठ बजे अपने बेटे के साथ वह भी दुकान को बंद कर घर के लिए सवार हुआ था।
वारदात के समय बैग में थे 50 हजार
पीड़ित ने बताया कि जिस समय आरोपियों ने वारदात को अंजाम दिया था उस समय बैग में 50 हजार रुपये थे। उन्होंने बताया कि उन्हें आशंका है कि आरोपी उनकी पहले से ही रेकी कर रहे थे, उन्हें मालूम था कि उनके बैग में कितने पैसे हैं, उन पैसे को अपने कब्जे में कैसे लेना है।
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एचएसवीपी ने दी राहत, 80 प्रतिशत कम की एक्सटेंशन राशि

निर्माण सामग्री महंगी होने के कारण लोग सेक्टरों में खाली पड़े प्लॉटों पर निर्माण कार्य बंद कर दिया है। इस पर विचार करते हुए अब एचएसवीपी ने अपनी एक्सटेंशन पॉलिसी में बदलाव किया है। विभाग ने एक्सटेंशन फीस यानि जुर्माने में 80 प्रतिशत तक की कमी कर दी है। शहर के 6 रिहायशी सेक्टरों में 12 साल से लगभग 1900 प्लॉटों पर निर्माण कार्य नहीं हुआ है। प्लॉट पर तय समय सीमा में निर्माण कार्य न करने पर भारी भरकम एक्सटेंशन फीस अर्थात जुर्माना लगाया जाता है। एक जनवरी 2020 से जो एक्सटेंशन फीस प्लॉट पर लगेगी, वह पहले के मुकाबले 80 प्रतिशत तक कम हो गई है। प्लॉट अलॉट होने के बाद निर्माण नहीं होने पर 12 साल बाद अगले तीन साल के ब्लॉक ईयर पर काफी राहत मिलेगी।
तीसरे साल से लगनी शुरू होती है एक्सटेंशन फीस
पानीपत शहर हाई पोटेंशियल जोन में शामिल है। एचएसवीपी प्लॉट अलॉटी को दो साल तक निर्माण कार्य करने की छूट देता है। यदि दो साल तक वह निर्माण कार्य नहीं करता है तो तीसरे साल से एक्सटेंशन फीस लगनी शुरू हो जाती है। फीस के लिए तीन-तीन साल के चार ब्लॉक ईयर बना रखे थे। अब ब्लॉक की संख्या पांच यानि 15 साल तक कर दी है।
पहले यह थी जुर्माना राशि की दर
- 1 से 3 साल के पहले ब्लॉक में 25 रुपये प्रति स्क्वेयर मीटर।
- 4 से 6वें साल के दूसरे ब्लॉक में 40 रुपये प्रति स्क्वेयर मीटर।
- 7 से 9 वें साल के तीसरे ब्लॉक में 60 रुपये प्रति स्क्वेयर मीटर।
- 10 से 12वें साल के चौथे ब्लॉक में 100 रुपये प्रति स्क्वेयर मीटर।
नोट- इसके बाद हर साल फीस डबल हो जाती थी।
अब नई पॉलिसी में बनाया 15वें साल तक का 5वां ब्लॉक
अब चार ब्लॉक ईयर के बाद तीन साल का पांचवां ब्लाक बना दिया है। 13वें साल से 15वें साल तक 120 रुपये प्रति स्क्वेयर मीटर एक्सटेंशन फीस लगेगी। 15 साल निर्माण नहीं होने के बाद 120 रुपये प्रति स्क्वेयर मीटर में हर साल 10 रुपये प्रति स्क्वेयर मीटर तक की बढ़ोतरी होगी। जो पहले के मुकाबले बेहद कम है। 500 गज के प्लॉट पर 13वें साल में जो फीस 1 लाख लगती थी वह अब मात्र 60 हजार लगेगी।
नई शर्त से यहां के लोगों को लाभ
सेक्टर-13, 17, 6, 7, 8 व 18 के लोगों को काफी फायदा होगा। सेक्टर 40 पूरी तरह से आबाद नहीं है। सेक्टर-17 में 15 प्रतिशत, सेक्टर 18 में 40 प्रतिशत, सेक्टर 6 में 20 प्रतिशत, सेक्टर 7 और 8 में 40 प्रतिशत प्लॉट खाली हैं। यहां के अलॉटियों पर एक्सटेंशन फीस की मार पड़ती थी। अब फीस 80 प्रतिशत तक कम हो गई है तो इसका सीधा लाभ इन्हें मिलेगा।
प्लॉटों में खरपतवार से परेशानी
सेक्टर-18, 6, 7 व 8 व सेक्टर-7 में खाली प्लॉटों पर खरपतवार खड़ा है। जिसके कारण लोग परेशान रहते हैं। सेक्टर 13 निवासी विजय, मुकेश सेक्टर 6 निवासी विशाल ने बताया कि खाली प्लाटों में झाड़ियों से जहां जहरीले जीव जंतु आने का खतरा रहता है, वहीं वारदात होने का भी भय बना रहता है। अब ये नई पॉलिसी लागू होने के बाद उम्मीद है कि लोग निर्माण कार्य करवाएंगे।
नई पॉलिसी लागू हो गई है : राठी
एक्सटेंशन फीस की नई पॉलिसी लागू हो गई है। इससे पहले 12 साल के बाद हर साल डबल एक्सटेंशन फीस लगती थी। अब इसमें 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी पांचवें ब्लॉक के तीन साल तक होगी। जो काफी कम है।
-विजय राठी, ईओ एचएसवीपी
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अमेरिका भेजने के नाम पर करनाल के एक युवक से मामा भांजा ने ठगे 18 लाख

करनाल स्थित गांव पाढ़ा के एक युवक ने मामा भांजा पर अमेरिका भेजने के नाम पर 18 लाख ठगने के आरोप में सेक्टर 13-17 थाना में मुकदमा दर्ज कराया है। पीड़ित ने बताया कि उसे जंगलों के रास्ते से मैक्सिको भेजा गया था, जहां पहुंचते ही मैक्सिको की पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। वहीं, गिरफ्तार होते ही आरोपियों का एजेंट उसे छोड़कर मौके से फरार हो गया था। पीड़ित को 76 दिन हिरासत में रहने के बाद छोड़ा गया। पीड़ित मैक्सिको में इंडियन एंबेसी पहुंचा और वहां से ही परिजनों से संपर्क किया और टिकट कराकर भारत लौटा। पीड़ित ने आरोपियों से पैसे वापस मांगे तो आरोपियों ने उसे जान से मारने की धमकी दी।
पुलिस को दी शिकायत में पंकज रमन निवासी पाढ़ा, जिला करनाल ने बताया कि उसकी गांव के ही एक युवक नीरज पुत्र राजाराम के माध्यम से 25 मार्च 2019 को पानीपत के अंसल में रहने वाले दुलीचंद उर्फ दीपक नरवाल पुत्र लख्मी के साथ मुलाकात हुई थी। पीड़ित ने बताया कि उसे आरोपी दूलीचंद ने कहा कि उसका लड़का विदेश में सरकारी नौकरी पर कार्यरत है। वह पीड़ित को भी विदेश में नौकरी लगवा सकता है। पीड़ित से आरोपियों ने विदेश भेजने के नाम पर 18 लाख रुपये की मांग की। वहीं परिजनों ने अपनी जमीन बेचकर 18 लाख रुपये तैयार किए। पीड़ित ने नीरज व दीपक नरवाल को पहले 10 लाख रुपये दिए। वहीं, बाकि पैसे मैक्सिको पहुंचने के बाद देने की बात कही। पीड़ित को 31 मई 2019 को मैक्सिको भेजने के लिए दिल्ली एयरपोर्ट बुलाया और वहीं पर पीड़ित के हाथ में फर्जी दस्तावेज पकड़ा कर विदेश भेज दिया। पीड़ित 3 जून 2019 को मैक्सिको पहुंच गया, जहां पर उसे 1 एजेंट मिला जो उसे जंगल के रास्ते मैक्सिको लेकर पहुंचा। वहीं 19 अगस्त को पीड़ित को मैक्सिको इमिग्रेशन ने पकड़ लिया, जहां पुलिस को देखते ही एजेंट मौके पर ही पीड़ित को छोड़कर फरार हो गया। पीड़ित 76 दिन पुलिस कस्टडी में रहा और रिहाई होने के बाद भारतीय एंबेसी के तहत परिजनों से संपर्क कर भारत लौटा। परिजनों ने आरोपियों से पैसे वापस मांगे तो पहले उन्होंने आश्वासन दिया, लेकिन बाद में साफ तौर से पैसे देने से मना कर दिया। वहीं पुलिस में शिकायत देने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित ने निडर होकर पुलिस को शिकायत दी और आरोपियों से पैसे वापस दिलाने की मांग की।
पुलिस से छुड़वाने के नाम पर परिजनों से लिए बचे हुए आठ लाख
पीड़ित के परिजनों ने बताया कि आरोपी नीरज व दीपक ने विदेश भेजने से पहले उनसे 10 लाख रुपये ले लिए थे व बाकि आठ लाख पहुंचने के बाद देने की बात हुई थी। वहीं जब उन्हें पता चला कि पुलिस ने उनके बेटे को हिरासत में लिया है, तो वह आरोपियों के पास पहुंचे। आरोपियों ने बचे हुए आठ लाख की कीमत चुकाने की मांग की। परिजनों ने आरोपियों को आठ लाख भी दिए, लेकिन आरोपियों ने उनके बेटे को नहीं छुड़वाया।
कस्टडी से छूटने के बाद इंडियन एंबेसी के ऑफिस पहुंचा पीड़ित, एमरजेंसी सर्टिफिकेट पर लौटा भारत
पीड़ित ने बताया कि मैक्सिको के कानून के अनुसार प्रार्थी को 76 दिन के बाद रिहा कर दिया था। उसके बाद वह मैक्सिको सिटी में इंडियन एंबेसी के ऑफिस में गया और वहां पर एंबेसी ने उसे को एक एमरजेंसी सर्टिफिकेट (सफेद वीजा) वापसी के लिए दिया। उसके बाद पीड़ित ने परिजनों से फोन से संपर्क किया और वापसी की टिकट कराकर भारत लौटा।
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गैंगरेप के दो आरोपी रिमांड पर

मॉडल टाउन के डीएवी पार्क में शुक्रवार को 14 वर्षीय किशोरी से कार के अंदर दो युवकों ने चार घंटे तक बारी-बारी से रेप किया। रेप करने के बाद कार से उतारने के दौरान किशोरी गिर गई तो आसपास के लोगों ने कार सवार दो लड़कों को दबोचा। शराब के नशे में धुत होने की वजह से लड़के भाग नहीं सके और दोनों को लोगों ने पुलिस के हवाले किया। पुलिस ने शनिवार को दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। वहीं दो डॉक्टरों के बोर्ड ने मिलकर किशोरी का मेडिकल किया और सैंपल लेकर मधुबन भेज दिया। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने दोनों युवकों पर रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
पुलिस के मुताबिक मॉडल टाउन में शुक्रवार शाम साढ़े चार बजे चार युवक कार में बैठकर शराब पी रहे थे। इनमें से एक युवक ने किशोरी को फोन किया और मिलने के लिए बुलाया। इस दौरान चार में से दो युवक कार से उतरकर चले गए। बाकी दोनों युवक मॉडल टाउन के डीएवी पार्क के सामने चले गए। तभी वहां अपनी स्कूटी से किशोरी पहुंची, जिसे युवकों ने कार में बैठा लिया। युवकों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने किशोरी को फ्रूटी में वोदका मिलाकर तीन बार पिलाई थी। नशे की हालत में दोनों ने रेप किया। रात आठ बजे तक किशोरी को कार में ही घुमाते रहे। रात आठ बजे वह किशोरी को फिर डीएवी पार्क के पास लेकर आए तो कार से उतारने के दौरान वह गिर गई। लोगों ने किशोरी को उठाया और उन्हें पकड़ लिया। पुलिस ने बताया कि किशोरी के फोन से उसके चाचा को कॉल कर वारदात की जानकारी दी और उसे अस्पताल में भर्ती कराया। किशोरी को रात करीब 12 बजे होश आया और उसके बयान दर्ज किए जा सके।
किशोरी ने होश आने पर यह दिए बयान-
किशोरी ने पुलिस को दिए बयान में कहा कि वह 11वीं कक्षा की छात्रा है। वह शुक्रवार की शाम चार बजे घर से ट्यूशन के लिए निकली थी। उसी समय उसके पास आशीष पुत्र शेखू चौहान निवासी मॉडल टाउन का फोन आया और 15 मिनट के लिए गाड़ी में आकर मिलने की बात कही थी। जब वह गाड़ी में पहुंची तो उसके साथ उसका दोस्त वीशू पुत्र संदीप निवासी सत करतार कॉलोनी भी ड्राइवर की सीट पर बैठा हुआ था। उन्होंने गाड़ी में बैठते ही उसे एक फ्रूटी पिलाई, जिसके बाद उसे कोई होश नहीं रहा। दोनों ने मिलकर उसके साथ दुराचार किया। किशोरी ने बताया कि उसकी आशीष के साथ इंस्टाग्राम पर 15 दिन पहले दोस्ती हुई थी।
वर्जन
किशोरी के बयान पर दोनों आरोपियों के खिलाफ 376-डी, छह पोक्सो एक्ट, 365, 328, 354, एससी-एसटी एक्ट के तहत मुदकमा दर्ज किया गया है। आरोपियों को न्यायालय में पेश कर एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है।
- सुनिल कुमार, प्रभारी, मॉडल टाउन।
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ट्रैक्टर ट्राली की टक्कर से दो भाई घायल

गांव नैन में पट्रोल पंप केपास पराली से भरी ट्रैक्टर ट्राली ने बाईक सवार को टक्कर मार दी, जिससे बाईक सवार गांव नैन के दोनों भाई घायल होगए। जानकारी के अनुसार दोनों भाई खेत से बाईक पर लौट रहे थे। ग्रामीणों ने आता देख ट्रैक्टर-ट्राली छोड़कर ड्राईवर मौके से फरार हो गया। ग्रामीणों ने दोनों घायलों को इसराना के एक अस्पताल में भर्ती करवाया। जहां से प्राथमिक उपचार के बाद घायल महाबीर को छुट्टी दे दी गई और उसके भाई सुनील को सिर में ज्यादा चोट होने के कारण उसे पीजीआई रोहतक रैफर कर दिया गया। महाबीर के ब्यान पर पुलिस ने ट्रैक्टर ड्राईवर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांचकर रही है। ... और पढ़ें

टैक्सी ड्राइवर को चाकुओं से गोदा

दो माह पुरानी रंजिश का बदला लेने के लिए एक युवक ने अपने तीन दोस्तों संग मिलकर एक टैक्सी ड्राइवर को चाकू से गोदकर घायल कर दिया। पीड़ित ड्राइवर ने बताया कि उसका नवंबर माह में एक शादी में झगड़ा हुआ था। जिस रंजिश में 24 जनवरी को एक युवक ने संजय चौक पर गाड़ी रुकवाई और उसके साथ साथ गाड़ी में पीछे से तीन युवक भी बैठ गए। जिन्होंने झगड़े की रंजिश में उपरोक्त वारदात को अंजाम दिया। पीड़ित ने पुलिस को शिकायत दे दी है।
पुलिस को दी शिकायत में मनजीत पुत्र मांगेराम निवासी सोनीपत ने बताया कि वह एक गाड़ी ड्राइवर है। उन्होंने बताया कि उसका राहुल उर्फ डोगा का एक शादी में झगड़ा हो गया था। जिस रंजिश में 24 जनवरी को वह गाड़ी लेकर गन्नौर जा रहा था। उसे रास्ते में अरुण पुत्र रमेश मिला, जिसने गाड़ी को रुकने का इशारा किया। पीड़ित ने गाड़ी रोक ली, जिसके बाद गाड़ी में राहुल उर्फ डोगा, अमित पुत्र सतीस और उनके साथ अन्य युवक भी गाड़ी में बैठ गए। आरोपियों ने पर्ल ढाबे के पास गाड़ी को रुकवाया और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोपियों ने चाकू से पीड़ित पर वार किए, जिसके कारण वह गंभीर रुप से घायल हो गया। पीड़ित ने बचाव के लिए आवाज लगाई तो आरोपी मौके से फरार हो गए।
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1.90 करोड़ रुपये की हेरोइन के साथ तस्कर किया गिरफ्तार

सीआईए वन ने स्काई लार्क रिसोर्ट के सामने फ्लाईओवर के नीचे वीरवार रात को नशा तस्कर को गिरफ्तार किया है। तस्कर के पास से 1.80 करोड़ रुपये की हेरोइन बरामद हुई है। आरोपी की तलाशी ड्यूटी मलिस्ट्रेट नायब तहसीलदार के सामने ली गई। सीआईए ने उत्तर प्रदेश के रहने वाले इस नशा तस्करी के आरोपी के खिलाफ सिटी थाना में मुकदमा दर्ज कराया है। फिलहाल पुलिस ये जानने का प्रयास कर रही है कि आरोपी हेरोइन कहां से लेकर आया है और उसे कहां इसको बेचना था। पिछले साल में पानीपत से लगभग 6 करोड़ की हेरोइन के साथ आरोपियों को पकड़ा जा चुका है। इससे पहले पिछले साल दो महिलाओं को टोल प्लाजा के पास से चार करोड़ रुपये की हेरोइन के साथ पकड़ा गया था। इनमें एक नाइजीरिया की महिला भी शामिल थी। दिसंबर माह भी 53 लाख रुपये की हेरोइन के साथ एक युवक गिरफ्तार हो चुका है।
सीआईए वन ने हेरोइन तस्करी के आरोप में सोमपाल पुत्र पहल सिंह निवासी गांव हिंगो खेड़ी, कैराना जिला शामली को गिरफ्तार किया है। सीआई ए की टीम वीरवार देर रात को तहसील कैंप में गश्त कर रही थी। टीम को सूचना मिली कि एक युवक स्काई लार्क रिसोई के नीचे नीले रंग की प्लास्टिक की थैली लिए खड़ा है। शक है कि उसमें मादक पदार्थ हो सकता है। इसी सूचना पर सीआईए वन की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस को देखते हुए युवक वहां से निकलने का प्रयास करने गला। पुलिस ने उसे पीछा कर पकड़ लिया। पुलिस ने उसकी तलाशी लेना चाही तो युवक ने कहा कि वो अपनी तलाशी ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने देगा। पुलिस कर्मचारियों ने इसकी सूचना अपने आला अधिकारियों को दी। अधिकारियों ने नायब तहसीलदार कृष्ण कुमार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया। पुलिस कर्मचारियों की मौजूदगी में ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार कृष्ण कुमार ने युवक की तलाशी ली तो उसके पास भारी मात्रा में हेरोइन बरामद हुई। हेरोइन का तोल किया गया तो उसकी मात्रा 360 ग्राम मिली। अंतरराष्ट्रीय मार्केट में इतनी मात्रा की हेरोइन की कीमत 1 करोड़ 80 लाख रुपये है। सीआईए ने तुरंत आरोपी के खिलाफ सिटी थाना में शिकायत दी। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर 7 दिन रिमांड पर लिया है। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी से पूछताछ कर रहे हैं कि उसको किसी ये खेप देनी थी। ये पूरा गिरोह कहां से कहां चल रहा है। पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है।
पुणे से लेकर आया था हेरोइन-
तस्कर सोमपाल ने बताया कि उसको किसी ने फोन कर पुणे बुलाया था। पूर्ण में एक व्यक्ति ने उसे ये पॉलीथीन दी थी। उसको कहा गया था कि ये पॉलीथीन उसको पानीपत में स्काई लार्क रिसोर्ट तक पहुंचानी है। उसको डिलीवरी पहुंचाने के 80 हजार रुपये मिलने थे। इससे पहले ही पुलिस ने उसको पकड़ लिया।
ऐसे चलता है नशे का कारोबार-
हेरोइन तस्करी के मुख्य आरोपी नाइजीरिया व नई दिल्ली में बैठे है। पुलिस ने पहले जो तस्कर पकड़े थे। उन्होंने बताया था कि वो नाइजीरिया से नेपाल के रास्ते भारत में हेरोइन भेजते हैं। इसके बाद दिल्ली में बैठे नाइजीरिया के मादक पदार्थ तस्कर खेप को अपने पास रखते हैं। यहां से किसी महिला या युवक को हेरोइन की डिलीवरी के लिए तैयार किया जाता है। यहां पर पानीपत के रास्ते हेरोइन पंजाब के विभिन्न स्थानों में पहुंची है। खासतौर पर इसको यूनिवर्सिटियों में पहुंचाया जाता है। महिलाओं पर कोई शक नहीं करता। इसलिए इनको इस काम में शामिल किया जाता है।
फरवरी में नाइजीरिया की महिला हुई गिरफ्तार-
टोल प्लाजा के पास फरीदपुर मोड़ पर पुलिस ने नाइजीरिया की महिला को 2 करोड़ रुपये की कीमत की 425 ग्राम हेरोइन (चीटा) सहित गिरफ्तार किया। आरोपी महिला से हेरोइन के छह लड्डू बरामद हुए थे। वे ये हेरोइन पंजाब के लुधियाना से दिल्ली के विकासपुरी ले जा रही थी। पुलिस ने छह फरवरी 2019 को भी टोल प्लाजा के पास दिल्ली की नेहा नामक युवती को डेढ़ करोड़ की 300 ग्राम हेरोइन सहित गिरफ्तार किया था।
करेंगे पूछताछ: एसपी
एसपी सुमित कुमार ने कहा कि उन्होंने हेरोइन तस्करी करने वाले कई तस्करों को पकड़ा है। इनका पूरा जाल है। पुलिस गिरोह की तह तक जाने का प्रयास कर रही है। आरोपी को 7 दिन के रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान आरोपी से विभिन्न पहलुुओं पर पूछताछ की जाएगी। इससे पहले भी हमने दो महिलाओं को मादक पदार्थ की तस्करी करते हुए पकड़ा है।
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कार की टक्कर से बाइक सवार की मौत

जीटी रोड पर गांव मच्छरौली के पास कार की टक्कर लगने से बाइक सवार की मौत हो गई। पुलिस ने केस दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी है। शिकायत में श्यामलाल निवासी चुलकाना ने बताया कि उसका चचेरा भाई राजपाल व पड़ौसी रमेश सिवाह एक फैक्ट्री में काम करते हैं। दोनों बाईक पर शाम को करीब साढ़े आठ बजे ड्यूटी कर वापस आ रहे थे तथा वह दूसरी बाईक पर था। मच्छरौली के पास पहुंचने पर पीछे से आ रही कार ने बाईक को टक्कर मार दी। जिससे वो दोनों बाईक से गिर गए। हादसे में राजपाल गंभीर रूप से घायल हो गया और उसे पानीपत के सरकारी अस्पताल भर्ती करवाया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद डाक्टर ने पीजीआई रेफर कर दिया। वहां डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने श्यामलाल की शिकायत पर वाहन चालक के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ... और पढ़ें
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