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दिल्ली: इंडिया गेट से जंतर-मंतर तक आज नागरिक मार्च, एसआईआर के विरोध में जुटेंगे सामाजिक कार्यकर्ता-छात्र संगठन
Sun, 04 Oct 2026 03:16 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 04 Oct 2026 03:16 AM IST
सार
मार्च में सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव और आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा समेत कई सामाजिक कार्यकर्ता और छात्र संगठन के सदस्य शामिल होंगे।
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- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
एसआईआर प्रक्रिया के विरोध में फिर रविवार को इंडिया गेट से जंतर-मंतर तक नागरिक मार्च निकाला जाएगा। मार्च का आयोजन ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) के नेतृत्व में किया जा रहा है। मार्च दोपहर तीन बजे इंडिया गेट से शुरू होगा और जंतर-मंतर की ओर जाएगा।
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मार्च में सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव और आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा समेत कई सामाजिक कार्यकर्ता और छात्र संगठन के सदस्य शामिल होंगे। आयोजकों के अनुसार, मार्च के जरिए चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर अपनी चिंताएं सामने रखी जाएंगी। मार्च को देखते हुए जंतर-मंतर और आसपास के इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जा सकती है।
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प्रदर्शन की अनुमति न मिलने पर हाईकोर्ट पहुंचे आईवाईसी अध्यक्ष
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इंडियन यूथ कांग्रेस (आईवाईसी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है। उन्होंने दिल्ली पुलिस के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें करीब 100 से 150 लोगों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति देने से इन्कार किया गया था। आईवाईसी की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि शांतिपूर्ण सभा को नियंत्रित करने वाले नियमों का इस्तेमाल प्रदर्शन को पूरी तरह रोकने के लिए नहीं किया जा सकता।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि पुलिस ने प्रस्तावित प्रदर्शन का स्वतंत्र और उचित आकलन किए बिना अनुमति देने से इन्कार कर दिया। आईवाईसी के मुताबिक, संगठन ने 25 सितंबर को प्रदर्शन की अनुमति के लिए आवेदन किया था। आवेदन में सुरक्षा, यातायात, अनुशासन और सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़े सभी नियमों का पालन करने का भरोसा दिया गया था। संगठन का कहना है कि कई बार संपर्क करने के बावजूद उसे अनुमति नहीं मिलने की जानकारी एक अक्तूबर को दी गई, जबकि इसी दिन प्रदर्शन प्रस्तावित था।
याचिका में संविधान के अनुच्छेद 14, 19(1)(ए) और 19(1)(बी) का हवाला देते हुए शांतिपूर्ण सभा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार की बात कही गई है। आईवाईसी ने प्रदर्शन संबंधी दिशा-निर्देशों को परिस्थितियों का उचित आकलन किए बिना लागू किए जाने पर भी सवाल उठाया है।
चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन के बाद याचिका
यह मामला चुनाव आयोग के खिलाफ आईवाईसी कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के एक दिन बाद सामने आया है। कार्यकर्ताओं ने चुनावी सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञान कुमार के इस्तीफे की मांग की थी। प्रदर्शन के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने काले कपड़े और सफेद मास्क पहन रखे थे। उनके गले में खोपड़ी के प्रतीक थे। प्रदर्शनकारियों ने खुद को ‘जिंदा भूत’ बताते हुए कहा कि जीवित होने के बावजूद उनके नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। आईवाईसी अध्यक्ष उदय भानु चिब के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने रायसीना रोड स्थित आईवाईसी कार्यालय से जंतर-मंतर की ओर मार्च करने की कोशिश की। कार्यकर्ताओं के अनुसार, पुलिस ने उन्हें कार्यालय के बाहर ही रोक दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाए और बैनर भी दिखाए।