{"_id":"6ac170ee6868694f970bc282","slug":"35-illegal-colonies-sprang-up-in-a-year-the-corporation-failed-to-even-lodge-an-fir-panipat-news-c-244-1-pnp1001-165310-2026-10-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panipat News: एक साल में बसीं 35 अवैध कॉलोनियां निगम एफआईआर तक नहीं करा पाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panipat News: एक साल में बसीं 35 अवैध कॉलोनियां निगम एफआईआर तक नहीं करा पाया
विज्ञापन
असंध रोड नहर के नजदीक एक कॉलोनी में डाली बिजली की केबल। संवाद
जगमहेंद्र सरोहा
पानीपत। शहर और आसपास के राजस्व क्षेत्रों में बीते एक साल में 35 अवैध कॉलोनियां विकसित होने का मामला सामने आया है। इनमें कई कॉलोनियां मुख्य सड़कों और प्राइम लोकेशन से सटी कृषि भूमि पर काटी गई हैं। नगर निगम ने संबंधित भू-स्वामियों और डिफाल्टरों को नोटिस तो जारी किए, लेकिन अब तक किसी मामले में प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई गई। निगम की कार्रवाई नोटिस जारी करने तक सीमित रहने के कारण कई जगह सड़क, प्लॉट और मकान तक विकसित हो चुके हैं।
कॉलोनाइजर पहले कॉलोनी का नक्शा तैयार कर प्लॉट काटते हैं और कई भूखंडों को मौके पर विकास कार्य होने से पहले ही बेच देते हैं। इसके बाद सड़क और नींव का काम शुरू कर दिया जाता है। स्थानीय स्तर पर विरोध और शिकायतों के बावजूद कार्रवाई में देरी होने से कई स्थानों पर बिजली की लाइनें और मीटर तक लग चुके हैं। आरोप है कि रजिस्ट्री और फुल पेमेंट एग्रीमेंट के माध्यम से कृषि भूमि पर प्लॉट बेचे जा रहे हैं।
वैध कॉलोनी की आड़ में काट रहे अवैध कॉलोनी
कई कॉलोनाइजर स्वीकृत या वैध कॉलोनी के नाम का इस्तेमाल कर उसके आसपास की कृषि भूमि पर प्लॉटिंग कर रहे हैं। खरीदारों को वैध कॉलोनी का हिस्सा बताकर अवैध भूखंड बेचने का आरोप है। आरटीआई कार्यकर्ता पीपी कपूर ने बताया कि उन्होंने शहर की प्राइम लोकेशन में अवैध रूप से काटी गई चार कॉलोनियों की शिकायत निगम आयुक्त और अन्य अधिकारियों से की थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
विज्ञापन
इन प्रमुख राजस्व क्षेत्रों में कटीं अवैध कॉलोनियां
-गढ़ी सिकंदरपुर : खसरा नंबर 10/1/2, 10/2/2, 69//1,2, 92//12/1, 56//23,24 और 47//25/1 सहित विशाल भूभाग पर अवैध कॉलोनियां बसाई गईं।
-रिसालू : खसरा नंबर 22/1/2, 17//25/2, 35//15,16, 36//4,5 और 41//17 से 22 तक की कृषि भूमि पर अवैध रूप से प्लॉटिंग की गई।
-शोधापुर : खसरा संख्या 21//6/2, 15, 16, 25, 27//4/1, 28//9/1 और 39//4,5 में कॉलोनाइजरों ने कृषि भूमि का लैंड यूज बदले बिना कॉलोनियां खड़ी कर दी।
-तरफ अंसार : खसरा नंबर 2491/2, 2492, 2496, 2502, 2571, 2436 और 2395` की जमीनों पर अवैध रूप से निर्माण कराया गया।
-तरफ मखदूम जादगान : इस क्षेत्र के खसरा नंबर 49//1/1, 38//19, 72//2/1, 80//1/1, 74/21, 57//2, 9, 10, 67//17, 18 और 85//8,9,10 की जमीनों पर बड़े पैमाने पर प्लॉटिंग की है।
-तरफ राजपूतान : खसरा संख्या 2056, 2057/2, 2058, 2089और2093/1/2` में अवैध प्लॉटिंग कर दुकानें और मकान खड़े कर दिए गए।
नोटिस जारी करने तक सीमित रही कार्रवाई
नगर निगम अधिनियम की धारा 350-ए(1) और 350-ए(2) के तहत भू-स्वामियों और डिफाल्टरों को कारण बताओ नोटिस और आदेश जारी किए गए। गढ़ी सिकंदरपुर, रिसालू, शोंधापुर, तरफ अंसार और तरफ मखदूम जादगान में जनवरी और फरवरी में नोटिस दिए गए। इसके बावजूद अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होने से कई स्थानों पर अवैध प्लॉटिंग का विस्तार हो गया।
अब ध्वस्तीकरण और एफआईआर की तैयारी
वर्जन
अवैध कॉलोनियों के खिलाफ समय-समय पर नोटिस जारी किए गए हैं। जिन कॉलोनियों में अवैध निर्माण हुए हैं, उन्हें चिह्नित कर संबंधित विभागों को पत्र लिखा गया है। अवैध निर्माणों को ढहाने और संबंधित लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी। इस संबंध में संबंधित थाना पुलिस को शिकायत देकर कानूनी कार्रवाई कराई जाएगी।
डॉ. पंकज, आयुक्त, नगर निगम
विज्ञापन
पानीपत। शहर और आसपास के राजस्व क्षेत्रों में बीते एक साल में 35 अवैध कॉलोनियां विकसित होने का मामला सामने आया है। इनमें कई कॉलोनियां मुख्य सड़कों और प्राइम लोकेशन से सटी कृषि भूमि पर काटी गई हैं। नगर निगम ने संबंधित भू-स्वामियों और डिफाल्टरों को नोटिस तो जारी किए, लेकिन अब तक किसी मामले में प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई गई। निगम की कार्रवाई नोटिस जारी करने तक सीमित रहने के कारण कई जगह सड़क, प्लॉट और मकान तक विकसित हो चुके हैं।
कॉलोनाइजर पहले कॉलोनी का नक्शा तैयार कर प्लॉट काटते हैं और कई भूखंडों को मौके पर विकास कार्य होने से पहले ही बेच देते हैं। इसके बाद सड़क और नींव का काम शुरू कर दिया जाता है। स्थानीय स्तर पर विरोध और शिकायतों के बावजूद कार्रवाई में देरी होने से कई स्थानों पर बिजली की लाइनें और मीटर तक लग चुके हैं। आरोप है कि रजिस्ट्री और फुल पेमेंट एग्रीमेंट के माध्यम से कृषि भूमि पर प्लॉट बेचे जा रहे हैं।
विज्ञापन
वैध कॉलोनी की आड़ में काट रहे अवैध कॉलोनी
कई कॉलोनाइजर स्वीकृत या वैध कॉलोनी के नाम का इस्तेमाल कर उसके आसपास की कृषि भूमि पर प्लॉटिंग कर रहे हैं। खरीदारों को वैध कॉलोनी का हिस्सा बताकर अवैध भूखंड बेचने का आरोप है। आरटीआई कार्यकर्ता पीपी कपूर ने बताया कि उन्होंने शहर की प्राइम लोकेशन में अवैध रूप से काटी गई चार कॉलोनियों की शिकायत निगम आयुक्त और अन्य अधिकारियों से की थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
विज्ञापन
इन प्रमुख राजस्व क्षेत्रों में कटीं अवैध कॉलोनियां
-गढ़ी सिकंदरपुर : खसरा नंबर 10/1/2, 10/2/2, 69//1,2, 92//12/1, 56//23,24 और 47//25/1 सहित विशाल भूभाग पर अवैध कॉलोनियां बसाई गईं।
-रिसालू : खसरा नंबर 22/1/2, 17//25/2, 35//15,16, 36//4,5 और 41//17 से 22 तक की कृषि भूमि पर अवैध रूप से प्लॉटिंग की गई।
-शोधापुर : खसरा संख्या 21//6/2, 15, 16, 25, 27//4/1, 28//9/1 और 39//4,5 में कॉलोनाइजरों ने कृषि भूमि का लैंड यूज बदले बिना कॉलोनियां खड़ी कर दी।
-तरफ अंसार : खसरा नंबर 2491/2, 2492, 2496, 2502, 2571, 2436 और 2395` की जमीनों पर अवैध रूप से निर्माण कराया गया।
-तरफ मखदूम जादगान : इस क्षेत्र के खसरा नंबर 49//1/1, 38//19, 72//2/1, 80//1/1, 74/21, 57//2, 9, 10, 67//17, 18 और 85//8,9,10 की जमीनों पर बड़े पैमाने पर प्लॉटिंग की है।
-तरफ राजपूतान : खसरा संख्या 2056, 2057/2, 2058, 2089और2093/1/2` में अवैध प्लॉटिंग कर दुकानें और मकान खड़े कर दिए गए।
नोटिस जारी करने तक सीमित रही कार्रवाई
नगर निगम अधिनियम की धारा 350-ए(1) और 350-ए(2) के तहत भू-स्वामियों और डिफाल्टरों को कारण बताओ नोटिस और आदेश जारी किए गए। गढ़ी सिकंदरपुर, रिसालू, शोंधापुर, तरफ अंसार और तरफ मखदूम जादगान में जनवरी और फरवरी में नोटिस दिए गए। इसके बावजूद अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होने से कई स्थानों पर अवैध प्लॉटिंग का विस्तार हो गया।
अब ध्वस्तीकरण और एफआईआर की तैयारी
वर्जन
अवैध कॉलोनियों के खिलाफ समय-समय पर नोटिस जारी किए गए हैं। जिन कॉलोनियों में अवैध निर्माण हुए हैं, उन्हें चिह्नित कर संबंधित विभागों को पत्र लिखा गया है। अवैध निर्माणों को ढहाने और संबंधित लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी। इस संबंध में संबंधित थाना पुलिस को शिकायत देकर कानूनी कार्रवाई कराई जाएगी।
डॉ. पंकज, आयुक्त, नगर निगम