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पाकिस्तान से सीमा पार घुसपैठ पर भारत ने जताया कड़ा विरोध: राजनयिक प्रभारी तलब, दोबारा ऐसी घटना रोकने को कहा
Sun, 04 Oct 2026 01:36 AM IST
निर्मल कांत
पीटीआई, नई दिल्ली।
पीटीआई, नई दिल्ली।
Published by: निर्मल कांत
Updated Sun, 04 Oct 2026 01:36 AM IST
सार
पाकिस्तान से सीमा पार अवैध घुसपैठ और नशीले पदार्थों की तस्करी को लेकर भारत ने कड़ा रुख अपनाया है। भारत ने पाकिस्तानी राजनयिक प्रभारी को तलब कर घुसपैठ रोकने और जरूरी कदम उठाने को कहा। भारत ने पाकिस्तान को क्या साफ संदेश दिया? पढ़िए इस रिपोर्ट में।
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रणधीर जायसवाल, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/एएनआई (फाइल)
विस्तार
भारत ने शनिवार को पाकिस्तान के राजनयिक प्रभारी साद वाराइच को तलब किया। भारत ने पाकिस्तान की ओर से हो रही सीमा पार अवैध घुसपैठ को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया। भारत ने पाकिस्तान पर ऐसी घुसपैठ को लगातार मदद देने का आरोप लगाया।
नई दिल्ली ने यह कदम पाकिस्तान की ओर से भारतीय राजनयिक प्रभारी को तलब किए जाने के कुछ घंटे बाद उठाया। पाकिस्तान ने भारतीय अधिकारी को सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की ओर से दो नागरिकों की कथित'हत्या' के विरोध में तलब किया था। यह घटना दोनों देशों की सीमा पर पंजाब क्षेत्र में हुई थी।
अधिकारियों के अनुसार, शुक्रवार को सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने पंजाब के तरन तारन जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास दो संदिग्ध पाकिस्तानी घुसपैठियों को गोली मार दी थी।
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पाकिस्तान के आरोपों पर भारत ने क्या कहा?
विदेश मंत्रालय ने बताया कि पाकिस्तान उच्चायोग के राजनयिक प्रभारी को तलब किया गया। भारत ने पाकिस्तान की ओर से सीमा पार अवैध घुसपैठ को लगातार मदद देने पर कड़ा विरोध दर्ज कराया।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत ने दो अक्तूबर को पंजाब के फिरोजपुर क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास हुई एक घटना को लेकर पाकिस्तान के आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया। मंत्रालय ने इन आरोपों को बेबुनियाद और एक खास मकसद से लगाए गए आरोप बताया।
मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तानी पक्ष को पूरी जानकारी दी गई। उसे बताया गया कि तीन लोग भारतीय सीमा में घुस आए थे। सीमा सुरक्षा बल ने उन्हें पाकिस्तान लौटने के लिए कई बार चेतावनी दी थी। इसके बावजूद वे सीमा पर लगी बाड़ की ओर बढ़ते रहे। मंत्रालय ने कहा कि इन लोगों से निपटने के लिए सीमा सुरक्षा बल को कार्रवाई करनी पड़ी। इसकी वजह यह थी कि वे तत्काल सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर रहे थे।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह घटना पाकिस्तान से काम कर रहे हथियारबंद नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोहों की बार-बार सीमा पार आवाजाही का स्पष्ट पैटर्न दिखाती है। मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान सरकार से इन सीमा पार घुसपैठ की घटनाओं की जांच करने को कहा गया है। ड्रग तस्करी की गतिविधियों की भी जांच करने को कहा गया है।
ये भी पढ़ें: 'लड़ाकू विमानों की डिलीवरी में देरी से वायुसेना को नुकसान': एयर चीफ बोले- हर साल 36-40 जेट चाहिए; क्यों जरूरी?
इन गतिविधियों में पाकिस्तान की सीमा की सुरक्षा करने वाली सेनाओं की मिलीभगत की भी जांच करने को कहा गया है। भारत ने पाकिस्तान से इस मामले में जरूरी सुधारात्मक कदम उठाने को भी कहा है।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान से अंतरराष्ट्रीय सीमा की पवित्रता का सम्मान सुनिश्चित करने को कहा गया है। उसे दोनों देशों के बीच हुए संबंधित समझौतों का सख्ती से पालन करने को भी कहा गया है। भारत ने पाकिस्तान से अपनी सेनाओं को अपनी तरफ से होने वाली बिना अनुमति की आवाजाही रोकने के लिए प्रभावी नियंत्रण रखने को कहा है। साथ ही ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए ठोस कदम उठाने को कहा गया है।
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नई दिल्ली ने यह कदम पाकिस्तान की ओर से भारतीय राजनयिक प्रभारी को तलब किए जाने के कुछ घंटे बाद उठाया। पाकिस्तान ने भारतीय अधिकारी को सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की ओर से दो नागरिकों की कथित'हत्या' के विरोध में तलब किया था। यह घटना दोनों देशों की सीमा पर पंजाब क्षेत्र में हुई थी।
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अधिकारियों के अनुसार, शुक्रवार को सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने पंजाब के तरन तारन जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास दो संदिग्ध पाकिस्तानी घुसपैठियों को गोली मार दी थी।
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पाकिस्तान के आरोपों पर भारत ने क्या कहा?
विदेश मंत्रालय ने बताया कि पाकिस्तान उच्चायोग के राजनयिक प्रभारी को तलब किया गया। भारत ने पाकिस्तान की ओर से सीमा पार अवैध घुसपैठ को लगातार मदद देने पर कड़ा विरोध दर्ज कराया।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत ने दो अक्तूबर को पंजाब के फिरोजपुर क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास हुई एक घटना को लेकर पाकिस्तान के आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया। मंत्रालय ने इन आरोपों को बेबुनियाद और एक खास मकसद से लगाए गए आरोप बताया।
मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तानी पक्ष को पूरी जानकारी दी गई। उसे बताया गया कि तीन लोग भारतीय सीमा में घुस आए थे। सीमा सुरक्षा बल ने उन्हें पाकिस्तान लौटने के लिए कई बार चेतावनी दी थी। इसके बावजूद वे सीमा पर लगी बाड़ की ओर बढ़ते रहे। मंत्रालय ने कहा कि इन लोगों से निपटने के लिए सीमा सुरक्षा बल को कार्रवाई करनी पड़ी। इसकी वजह यह थी कि वे तत्काल सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर रहे थे।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह घटना पाकिस्तान से काम कर रहे हथियारबंद नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोहों की बार-बार सीमा पार आवाजाही का स्पष्ट पैटर्न दिखाती है। मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान सरकार से इन सीमा पार घुसपैठ की घटनाओं की जांच करने को कहा गया है। ड्रग तस्करी की गतिविधियों की भी जांच करने को कहा गया है।
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इन गतिविधियों में पाकिस्तान की सीमा की सुरक्षा करने वाली सेनाओं की मिलीभगत की भी जांच करने को कहा गया है। भारत ने पाकिस्तान से इस मामले में जरूरी सुधारात्मक कदम उठाने को भी कहा है।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान से अंतरराष्ट्रीय सीमा की पवित्रता का सम्मान सुनिश्चित करने को कहा गया है। उसे दोनों देशों के बीच हुए संबंधित समझौतों का सख्ती से पालन करने को भी कहा गया है। भारत ने पाकिस्तान से अपनी सेनाओं को अपनी तरफ से होने वाली बिना अनुमति की आवाजाही रोकने के लिए प्रभावी नियंत्रण रखने को कहा है। साथ ही ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए ठोस कदम उठाने को कहा गया है।