Hindi News
›
Video
›
Haryana
›
Karnal News
›
Slow lifting, full sheds, and a shortage of tarpaulins led to 23,000 MT of paddy getting soaked in the rain.
{"_id":"6acba85c1f3b4dc79002e077","slug":"video-slow-lifting-full-sheds-and-a-shortage-of-tarpaulins-led-to-23000-mt-of-paddy-getting-soaked-in-the-rain-2026-10-11","type":"video","status":"publish","title_hn":"उठान में सुस्ती, शेड फुल और तिरपाल कम, बारिश में भीगा 23 हजार एमटी धान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उठान में सुस्ती, शेड फुल और तिरपाल कम, बारिश में भीगा 23 हजार एमटी धान
करनाल। जिलेभर की अनाज मंडियों में खुले आसमान के नीचे पड़ा करीब 23 हजार एमटी धान बारिश में भीग गया। शेडों में जगह नहीं होने के कारण किसानों को अपनी फसल खुले में डालनी पड़ी थी। बारिश से बचाव के लिए पर्याप्त तिरपाल की व्यवस्था नहीं होने के कारण किसान चाहकर भी पूरी फसल को भीगने से नहीं बचा सके। कई किसानों ने अपने स्तर पर तिरपाल का इंतजाम कर धान को ढकने का प्रयास किया, लेकिन खुले में पड़ी फसल को सुरक्षित रखना मुश्किल रहा। अब किसानों के सामने भीगे हुए धान को सुखाने की चुनौती खड़ी हो गई है। वहीं, खेतों में खड़ी धान की फसल को लेकर भी किसानों की चिंता बढ़ गई है। बारिश के कारण कटाई का काम प्रभावित होने की आशंका है।
जिले की अनाज मंडियों में इन दिनों धान की आवक लगातार जारी है। मंडियों में पहले से ही खरीदे गए धान की बोरियां और ढेरियां पड़ी हुई हैं। उठान में देरी के कारण शेडों के नीचे जगह नहीं बची है। ऐसे में नई आवक लेकर पहुंचने वाले किसानों को मजबूरी में अपनी फसल खुले में डालनी पड़ रही है। किसानों को उम्मीद थी कि जल्द धान की खरीद और उठान होने से जगह खाली हो जाएगी, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं होने के कारण उनकी परेशानी बढ़ती जा रही है। बारिश ने किसानों की मुश्किलों को और बढ़ा दिया है।
तिरपाल के इंतजाम में जुटे रहे किसान
बारिश की आशंका के बीच किसान अपनी फसल को बचाने के लिए तिरपाल की व्यवस्था करने में जुटे रहे। जिन किसानों के पास तिरपाल उपलब्ध था, उन्होंने धान की ढेरियों को ढक दिया, जबकि अन्य किसानों को अपने स्तर पर इंतजाम करना पड़ा। पर्याप्त तिरपाल नहीं होने और मंडियों में फसल अधिक मात्रा में खुले में पड़ी होने के कारण सभी ढेरियों को सुरक्षित ढकना संभव नहीं हो सका। बारिश में धान भीगने के बाद अब उसे दोबारा सुखाने के लिए अनुकूल मौसम का इंतजार करना पड़ेगा। नमी बढ़ने पर सरकारी खरीद के दौरान निर्धारित मानकों को लेकर भी किसानों की परेशानी बढ़ सकती है।
भीगे धान को सुखाना होगी चुनौती
बारिश में भीगी फसल को दोबारा सुखाने के लिए मौसम साफ होने का इंतजार करना पड़ सकता है। धान में नमी अधिक रहने पर सरकारी खरीद के निर्धारित मानकों को पूरा करना किसानों के लिए चुनाैती खड़ी कर सकता है। माैसम साफ रहने पर धान में 17 प्रतिशत से ज्यादा नमी आ रही है। अब बारिश में धान भीगने पर नमी की मात्रा और बढ़ेगी और किसानों को फसल बेचने में परेशानी होगी।
खेतों में खड़ी फसल की कटाई पर भी असर
मंडियों में पहुंच चुकी फसल के साथ खेतों में खड़ी धान की फसल को लेकर भी किसानों की चिंता बढ़ गई है। बारिश के कारण खेतों में कटाई का काम प्रभावित होगा। जिन किसानों की फसल पककर तैयार है, उन्हें कटाई के लिए खेतों के सूखने का इंतजार करना पड़ेगा। खेतों में नमी बढ़ने से कटाई और फसल को सुखाने की प्रक्रिया में भी देरी होने की आशंका है।
उठान होता तो बच सकती थी फसल
खरीदे गए धान की बोरियां शेडों में पड़ी रहने से नई आवक के लिए जगह नहीं बची। अभी तक जिले की मंडियों में 1.13 लाख एमटी धान की खरीद की गई है। वहीं खरीद के मुकाबले फसल का उठान महज 41,585.40 एमटी का ही किया गया है। रविवार तक मंडियों में 71,888.98 एमटी धान पड़ा है। इस कारण मंडियों में खुले में धान डालने के लिए भी जगह नहीं बची है।
सरकार को किसानों की कोई परवाह नहीं : बहादुर मेहला
करनाल। भारतीय किसान यूनियन सर छोटू राम के प्रवक्ता बहादुर मेहला बलड़ी ने खरीद एजेंसीयों के अधिकारियों, मंडी प्रशासन और सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि इन्हें किसानों की कोई परवाह नहीं है। रविवार को बरसात में मंडी में पड़ी धान की फसल भीग गई। इससे धान में नमी बढ़ जाएगी, फिर सरकारी एजेंसियां, व्यापारी और आढ़ती नमी का बहाना बनाकर किसानों से फसल नहीं खरीदेंगे। अगर सरकार और खरीद एजेंसियां समय पर खरीद कर लेती तो इतना भारी नुकसान किसानों का ना होता। बिकी हुई धान की बोरियों का समय पर उठान नहीं हुआ, इस कारण शेड में जगह नहीं थी। किसानों के हुए नुकसान की भरपाई कौन करेगा।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।