{"_id":"6acb566dea7d0d8d91008e11","slug":"video-8-english-google-search-catchword-himachal-kisan-sabha-rampur-conference-2026-rakesh-singha-2026-10-11","type":"video","status":"publish","title_hn":"रामपुर में किसान सभा का 17वां राज्य सम्मेलन कल से, सिंघा बोले- कमजोर हो रही लोकतांत्रिक व्यवस्था","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रामपुर में किसान सभा का 17वां राज्य सम्मेलन कल से, सिंघा बोले- कमजोर हो रही लोकतांत्रिक व्यवस्था
Ankesh Dogra
Updated Sun, 11 Oct 2026 02:57 PM IST
Link Copied
हिमाचल किसान सभा का 17वां राज्य सम्मेलन 13 और 14 अक्तूबर को रामपुर बुशहर में आयोजित होगा। सम्मेलन से पहले 13 अक्तूबर को सुबह 11 बजे विशाल जनसभा होगी। इसमें अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक धवले मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करेंगे। सम्मेलन में प्रदेशभर से किसान, बागवान और मजदूर संगठनों के प्रतिनिधि भाग लेकर राज्य और राष्ट्रीय स्तर के मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
हिमाचल किसान सभा के राज्य महासचिव राकेश सिंघा ने रामपुर में आयोजित प्रेसवार्ता में कहा कि देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था कमजोर हो रही है और आम लोगों के सामने कई गंभीर चुनौतियां खड़ी हो रही हैं। उन्होंने न्यायपालिका की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि वह अपनी जिम्मेदारी प्रभावी ढंग से निभाने में सक्षम नहीं दिखाई दे रही है।
राकेश सिंघा ने अमेरिका और ईरान के बीच तनाव तथा होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ी परिस्थितियों का जिक्र करते हुए आशंका जताई कि इनके प्रभाव से आने वाले समय में देश और प्रदेश में खाद्य संकट जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए किसान सभा आगामी रणनीति तैयार कर रही है।
उन्होंने लोकतांत्रिक अधिकारों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि लोगों को एकत्रित होने से रोकने और मतदाता सूचियों से नाम हटाए जाने जैसी घटनाएं चिंता का विषय हैं। उनके अनुसार, लोकतांत्रिक संस्थाओं की जिम्मेदारी है कि वे नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करें।
राज्य सम्मेलन में किसानों, बागवानों, मजदूरों और आम जनता से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होगी। इनमें बाजार हस्तक्षेप योजना के तहत खरीदे गए सेब का लंबित भुगतान जारी करना, प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान का मुआवजा और रामपुर परियोजना की एक प्रतिशत रॉयल्टी का भुगतान प्रमुख मांगों में शामिल हैं।
सिंघा ने कहा कि वर्ष 2023 और 2025 में प्राकृतिक आपदाओं के कारण जिन लोगों के मकान और जमीनें क्षतिग्रस्त हुईं, उनमें से कुछ को अब तक मुआवजा नहीं मिला है। किसान सभा ऐसे प्रभावित परिवारों को राहत देने की मांग उठाएगी।
किसान सभा दूध उत्पादकों के भुगतान से जुड़े मुद्दों को भी सम्मेलन में प्रमुखता से उठाएगी। संगठन की मांग है कि दूध की गुणवत्ता के आधार पर निर्धारित 61 रुपये प्रति लीटर की दर का लाभ सीधे उत्पादकों के बैंक खातों में दिया जाए।
इसके अलावा प्रत्येक दुग्ध सहकारी समिति को दूध की गुणवत्ता जांचने वाली मशीन उपलब्ध करवाने और दूध का भुगतान हर महीने सुनिश्चित करने की मांग भी रखी जाएगी।
मनरेगा और ग्रामीण रोजगार पर भी चर्चा
सम्मेलन में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना को बहाल करने और कानून को प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग उठाई जाएगी। इसके साथ ही बढ़ती महंगाई, कृषि लागत में वृद्धि, फसलों के उचित दाम और ग्रामीण रोजगार जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श होगा।
किसान सभा मुक्त व्यापार समझौतों के संभावित प्रभावों के साथ दलितों और महिलाओं के साथ होने वाले भेदभाव जैसे सामाजिक मुद्दों पर भी चर्चा करेगी। संगठन का कहना है कि किसानों और बागवानों के हितों की रक्षा तथा जनविरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष को मजबूत करने के लिए सम्मेलन में आगामी कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
13 अक्तूबर को होने वाली विशाल जनसभा को सफल बनाने के लिए स्वागत समिति ने आम जनता से सहयोग की अपील की है। सम्मेलन में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से किसान, बागवान और मजदूर संगठनों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है।
दो दिवसीय सम्मेलन में स्थानीय समस्याओं से लेकर राष्ट्रीय स्तर की नीतियों तक विभिन्न मुद्दों पर चर्चा कर किसान सभा की आगामी रणनीति तय की जाएगी।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।