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वाराणसी में करोड़ों की पुश्तैनी जमीन फर्जी दस्तावेजों से बेचने का आरोप, सीपी के आदेश के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई; VIDEO
रोहनिया थाना क्षेत्र के शाहावाबाद निवासी राजेंद्र प्रसाद सिंह ने करोड़ों रुपये मूल्य की अपनी पुश्तैनी संपत्ति को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बेचने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि पुलिस कमिश्नर के कार्रवाई संबंधी निर्देश के बावजूद अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है।
राजेंद्र प्रसाद सिंह के अनुसार उनके दादा स्वर्गीय दान बहादुर सिंह की मृत्यु के बाद कृषि भूमि और अन्य संपत्तियां वैधानिक उत्तराधिकारियों के नाम दर्ज हुई थीं। आरोप है कि कुछ लोगों ने आपसी मिलीभगत कर वास्तविक हिस्सेदारी से अधिक भूमि अपने नाम दर्शाते हुए कूटरचित अभिलेख तैयार किए और उसी के आधार पर करोड़ों रुपये की जमीन व भवन का बैनामा करा दिया।
पीड़ित का आरोप है कि रोहनिया क्षेत्र स्थित लगभग 12 हजार वर्गफुट से अधिक भूमि तथा उस पर बने तीन मंजिला भवन से जुड़े सौदों में बड़े पैमाने पर जालसाजी की गई। उन्होंने बताया कि संबंधित संपत्ति का वर्तमान बाजार मूल्य करीब 3.85 करोड़ रुपये है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आजाद कुमार भारद्वाज समेत कई लोगों ने यह जानते हुए भी भूमि खरीदी कि विक्रेताओं का स्वामित्व सीमित था और वे पूरी संपत्ति बेचने के अधिकारी नहीं थे।
राजेंद्र प्रसाद सिंह का कहना है कि इस मामले की शिकायत उन्होंने 10 जनवरी 2026 को रोहनिया थाने में की थी। बाद में पुलिस कमिश्नर कार्यालय में भी प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की गई। आरोप है कि पुलिस कमिश्नर के निर्देश के बावजूद अब तक मुकदमा दर्ज नहीं किया गया और न ही किसी आरोपी के खिलाफ कार्रवाई हुई।
पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि मामले के कुछ आरोपी राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर जांच को प्रभावित कर रहे हैं। उनका दावा है कि आरोपी उपमुख्यमंत्री का नाम आगे रखकर कार्रवाई से बचते आ रहे हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर पुलिस भी प्रभावी कदम उठाने से बच रही है। हालांकि, इस संबंध में किसी राजनीतिक व्यक्ति की भूमिका की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
राजेंद्र प्रसाद सिंह ने मुख्यमंत्री से मामले की निष्पक्ष जांच कराते हुए आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, कूटरचना और आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराने की मांग की है। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायत प्राप्त हुई है और उपलब्ध दस्तावेजों व तथ्यों की जांच के बाद नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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