{"_id":"69592c271100a3abb608b02d","slug":"video-poetry-symposium-was-organized-by-madhurima-sahitya-gosthi-at-rts-club-grounds-2026-01-03","type":"video","status":"publish","title_hn":"आरटीएस क्लब मैदान में मधुरिमा साहित्य गोष्ठी की ओर से आयोजित हुआ कवि सम्मेलन, VIDEO","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आरटीएस क्लब मैदान में मधुरिमा साहित्य गोष्ठी की ओर से आयोजित हुआ कवि सम्मेलन, VIDEO
नगर के आरटीएस क्लब मैदान में मधुरिमा साहित्य गोष्ठी का 64वां अखिल भारतीय कवि सम्मेलन शुक्रवार की शाम आयोजित हुआ हुआ। इसमें नामचीन कवि और शायरों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को गुदगुदाया और वाहवाही बटोरी। मधुरिमा साहित्य गोष्ठी के उप निदेशक आशुतोष पांडेय ‘मुन्ना’ के संयोजन में आयोजित इस कवि सम्मेलन की अध्यक्षता वरिष्ठ गीतकार मनमोहन मिश्र ने की। नगर पालिका अध्यक्ष रूबी प्रसाद मुख्य अतिथि रहीं। संचालन वाराणसी से आए हास्य कवि नागेश शांडिल्य ने किया। गीतकार जगदीश पंथी ने मधुरिमा साहित्य गोष्ठी के स्वर्णिम अतीत पर विषय प्रवर्तन और स्वागत उद्बोधन किया। ईश्वर विरागी ने वाणी वंदना की। हास्य-व्यंग्य कवि अजय चतुर्वेदी ‘कक्का’ ने अपनी भोजपुरी रचना जनम क पापी नाम धरम चंद, मारी के पउवा देवता तारइं... से श्रोताओं को ठहाकों से लोटपोट कर दिया। वाराणसी से आए डॉ. धर्म प्रकाश मिश्र ने तीखी राजनीतिक व्यंग्य कविता कौन कहता कि गिद्ध भारत से लुप्त हुए, पेड़ों के बजाय कुर्सियों पर पाए जाते हैं... सुनाकर तालियां बटोरीं। चंदौली के गीतकार मनोज द्विवेदी ‘मधुर’ की भावपूर्ण रचना सबने चाहा था जैसे मैं चला ही नहीं सबके बहकावे में ढला ही नहीं... ने श्रोताओं को भावुक कर दिया। ओज कवि प्रभात सिंह चंदेल की राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत रचना हो जाऊं कुर्बान अगर मां भारती के चरणों मे, मेरे मस्तक पर मेरा भारत महान लिख देना... पर पूरा पंडाल ‘भारत माता की जय’ के जयकारों से गूंज उठा। कवयित्री डॉ. रचना तिवारी ने सामाजिक-सांप्रदायिक सौहार्द पर आधारित कविता जो मौसम आतिशी कर दे शराफत हो नहीं सकती, धर्म के नाम पर दंगा इबादत हो नहीं सकती... से आयोजन में चार चांद लगाए। शायर अब्दुल हई, कवि सुधाकर स्वदेश प्रेम, यथार्थ विष्णु, कमल नयन त्रिपाठी, विवेक चतुर्वेदी और लखन राम जंगली ने भी अपनी रचनाओं से श्रोताओं की खूब वाहवाही लूटी।लखनऊ से आए प्रसिद्ध गीतकार डॉ. सुरेश की प्रेरक रचना और वाराणसी के सलीम शिवालवी की जनतांत्रिक चेतना से भरी प्रस्तुति ने सम्मेलन को ऊंचाई प्रदान की। संचालक नागेश शांडिल्य की हास्य रचना ने माहौल को हल्का-फुल्का बनाए रखा। अध्यक्षीय काव्यपाठ में गीतकार मनमोहन मिश्र की रचना नफरत का जाम मुझसे तो ढाला न जाएगा, ये काम मेरे दिल से संभाला न जाएगा... ने कवि सम्मेलन को शिखर तक पहुंचाया। इस अवसर पर पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष कृष्ण मुरारी गुप्ता, सीओ सिटी रणधीर मिश्रा, बेल्जियम से आए समाजसेवी अनु विलियम, वनवासी सेवा आश्रम से डॉ. विभा, विमल, राजेश द्विवेदी, जगदीश मिश्रा, गोपाल स्वरूप पाठक, विनय गोयल, धीरज पांडेय, शैलेंद्र चौबे, जय शंकर भारद्वाज आदि मौजूद रहे।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।