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VIDEO: श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में गबन का आरोप, CM को लिखा खून से पत्र; अब बयान से पलटे दिनेश फलाहारी
अयोध्या में श्रीराम मंदिर चढ़ावे में हुए कथित गबन के बाद श्रीकृष्ण जन्मभूमि चढ़ावे की सीबीआई जांच कराने की मांग करने वाले दिनेश फलाहारी महाराज अपने बयानों से पलट गए हैं। वीडियो बयान जारी कर कहा कि उनके द्वारा लगाए गए आरोपों के कोई ठोस साक्ष्य नहीं हैं। यह भी स्वीकार किया है कि श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान प्रबंधन बेहतर कार्य कर रहा है। दिनेश फलाहारी महाराज ने 16 जून को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को खून से पत्र लिखकर श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर चढ़ावे की सीबीआई जांच कराने की मांग की थी और करोड़ों रुपये गबन का आरोप लगाया था। कहा था कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में जानबूझकर सीसीटीवी कैमरे बंद कर दिए जाते हैं, ताकि भक्तों द्वारा दिए गए दान को खुर्द-बुर्द किया जा सके। पिछले 15 वर्षों के दौरान मंदिर में आने वाले कुल दान, आभूषण, सोने, चांदी और अन्य बेशकीमती भेंटों का पूरा विवरण सार्वजनिक करने की भी बात कही थी। दावा किया कि कभी स्कूटर से आने वाले मंदिर के कर्मचारी आज आलीशान कोठियों और लग्जरी गाड़ियों के मालिक बन चुके हैं। इसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया था और श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान कटरा केशवदेव के उप प्रबंधक अनुराग पाठक ने उनके खिलाफ गोविंद नगर थाने में तहरीर देकर 20 लाख की चौथ मांगने का आरोप लगाया था। श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने भी सीएम योगी को पत्र जारी कर फलाहारी के आरोपों को मनगढ़ंत बताया था और हकीकत जानने के लिए जांच कराने की मांग की थी। हालांकि अब दिनेश फलाहारी महाराज के बोल बदल गए हैं। उनका कहना है कि जो जांच हम कराना चाहते थे वही जांच सचिव कपिल शर्मा कराना चाहते हैं। इससे जाहिर है कि श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान प्रबंधन बेहतर कार्य कर रहा है। मंदिर में स्वच्छ छवि से कार्य होता रहे और जब तक उन्हें ठोस सबूत नहीं मिलेंगे तब वह कोई आरोप नहीं लगाएंगे। वहीं सचिव कपिल शर्मा का कहना है कि बिना साक्ष्य के किसी पर आरोप लगाना उचित नहीं है। वह खुद को संत बताते हैं, तो किसी संत को बिना साक्ष्य के बात नहीं करनी चाहिए। हल्की बात करने से संत समाज पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
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