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घर बैठें बनवाएं फ्री जन्मकुंडली, जानें बनते काम बिगड़ने का कारण
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शारदीय नवरात्र आज से, नौ दिन बहेगी भक्ति की बयार

शारदीय नवरात्र आज से प्रारंभ हो रहे हैं। नौ दिनों तक शहर के देवी मंदिरों में भक्ति की बयार बहेगी। इसके अलावा घरों में भी माता विराजेंगी। कोरोना महामारी के मद्देनजर मंदिरों में भी सामाजिक दूरी को लेकर व्यवस्थाएं की गई हैं। मास्क लगाने पर ही प्रवेश दिया जाएगा। माता की पूजा के लिए शुक्रवार को लोगों ने जमकर खरीददारी की। पूजन सामग्री की दुकानों पर जमकर भीड़ उमड़ी। फ ल, फू ल, दही, दूध, मिठाई की जमकर बिक्री हुई।

शहर के नौरंगाबाद स्थित प्रसिद्ध नवदुर्गा मंदिर में एक बार में 15 श्रद्धालुओं को ही प्रवेश दिया जाएगा। मंदिर के महंत छोटू महाराज ने बताया कि मास्क के बिना प्रवेश नहीं मिलेगा। मंदिर के अंदर गोले बनवाए गए हैं। मंदिर के बाहर भी भीड़ नहीं होने दी जाएगी। नवरात्र से एक दिन पहले शुक्रवार को श्रद्धालु बाजारों में निकले और जमकर खरीददारी की। फ ल, दही, दूध, मिठाई के साथ पूजन सामग्री की खरीदारी की। माता की चुनरी से लेकर फोटो और पोशाक की खरीदारी की गई। इधर, ग्राहकों की भीड़ देखकर दुकानदार भी खुश नजर आए। शाम को नौरंगाबाद क्षेत्र की दुकानों पर भारी भीड़ रही। महिलाएं चुनरी आदि की खरीदारी करती दिखीं।

सुबह 11.36 बजे से 12.24 बजे तक है घट स्थापना का अभिजीत मुहूर्त
श्री गुरु ज्योतिष शोध संस्थान के अध्यक्ष पं. हृदय रंजन शर्मा ने बताया कि इस बार नवरात्रि पूरे नौ दिनों की है। पहले दिन शनिवार को मां शैलपुत्री की पूजा होगी। घट स्थापना के लिए अभिजीत मुहूर्त सुबह 11.36 बजे से लेकर 12.24 बजे तक रहेगा। इस बार सूर्य लग्न में नीच का होगा। यह अत्यंत दुर्लभ घटना है, जो 20 साल बाद घट रही है। कलश स्थापना के लिए सुबह 08.16 बजे से 10.31 बजे तक भी मुहूर्त है। दोपहर में 2.24 बजे से 3.59 बजे तक कुंभ लग्न का मुहूर्त और शाम 7.13 बजे से रात 9.12 बजे तक वृषभ लग्न का मुहूर्त रहेगा।
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अलीगढ़: शिक्षित बेरोजगारों की उम्मीदों को लगे पंख

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
मेहनत का कोई शॉर्ट कट या विकल्प नहीं होता है। यदि आप सही रास्ता चुनते हैं तो आगे का जीवन स्वर्णिम होता है। नियुक्ति पत्र पाकर दीपावली से पहले दीपावली जैसा माहौल बन रहा है। शिक्षित बेरोजगारों की उम्मीदों को पंख लग रहे हैं। प्रदेश के लोगों ने जो नहीं सोचा था। वह सार्थक हो रहा है। ऐसा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कार्यशैली की वजह से संभव हुआ है। यह उद्गार शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में गन्ना विकास एवं चीनी मिल मंत्री और जनपद के प्रभारी मंत्री सुरेश राणा ने 279 नवनियुक्त शिक्षकों को नियुक्ति प्रमाणपत्र वितरित करते हुए व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि बेसिक शिक्षा विभाग ने लंबी लड़ाई के बाद 69 हजार शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है। इसके परिणाम स्वरूप पूरे प्रदेश में 31277 एवं जनपद में 279 शिक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए जा रहे हैं। इस भर्ती प्रक्रिया में काफ ी संख्या में ऐसे शिक्षामित्र भी हैं, जो लगभग 16 साल से नियमित शिक्षक होने का सपना देख रहे थे। आज प्रदेश सरकार की स्पष्ट एवं पारदर्शी नीति के चलते उनका सपना पूरा ही नहीं हुआ है। बल्कि योग्यता के समान अवसर भी प्रदान हुए हैं। यहां मिशन प्रेरणा के अंतर्गत किए जा रहे अभिनव प्रयासों के बारे में फिल्म के माध्यम से जानकारी भी प्रदान की गईं।
प्रभारी मंत्री ने अंजली शर्मा, करूणा, योगेश कुमार, निर्भय प्रताप सिंह, जितेंद्र शर्मा को प्रतीकात्मक रूप से नियुक्ति पत्र वितरित किए और सभी को उज्ज्वल भविष्य एवं खुशहाल जीवन की शुभकामनाएं दीं। यहां सांसद सतीश गौतम, बरौली विधायक दलवीर सिंह, छर्रा विधायक ठा. रवेंद्रपाल सिंह, कोल विधायक अनिल पाराशर, शहर विधायक संजीव राजा, इगलास विधायक राजकुमार सहयोगी, खैर विधायक अनूप प्रधान, भाजपा जिलाध्यक्ष चौ ऋ षिपाल सिंह, महानगर अध्यक्ष विवेक सारस्वत, मानव महाजन समेत जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह, सीडीओ अनुनय झा, बीएसए डॉ. लक्ष्मीकांत पांडेय आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे।
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अलीगढ़: जब मोदी-योगी 18 से 20 घंटा काम कर सकते हैं तो हम क्यों नहीं

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
भाजपा के जनप्रतिनिधियों एवं पार्टी पदाधिकारियों से प्रभारी मंत्री सुरेश राणा ने कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 18 से 20 घंटे काम कर सकते हैं तो हम लोग क्यों नहीं कर सकते।
सुरेश राणा शुक्रवार को सर्किट हाउस में भाजपा की समन्वय बैठक में बोल रहे थे। बंद कमरे में महानगर एवं जिला इकाई की अलग-अलग बैठक हुई। इसमें राज्यमंत्री संदीप सिंह, एमएलसी ठाकुर जयवीर सिंह, हाथरस के सांसद राजवीर दिलेर एवं प्रदेश मंत्री पूनम बजाज को छोड़कर अधिकतर जन प्रतिनिधि एवं पदाधिकारी शामिल हुए। जनप्रतिनिधियों से कहा गया कि
वह जनता के साथ ही पार्टी के मंडल स्तर के दायित्व वाले कार्यकर्ताओं के साथ अलग से संवाद करें। संगठन व जन प्रतिनिधि और जनप्रतिनिधि व जनता के बीच भी बेहतर संवाद बनाने पर जोर दिया गया। साथ ही कहा कि अब हर माह के प्रथम रविवार को समन्वय बैठक होगी। यह भी कहा कि केंद्र सरकार एवं प्रदेश सरकार की लोक कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी नेता एवं कार्यकर्ता के माध्यम से घर-घर पहुंचनी चाहिए ताकि अधिक से अधिक लोग लाभ उठा सकें। एमएलसी चुनाव पर भी चर्चा हुई। प्रभारी मंत्री ने कहा कि एमएलसी चुनाव में सभी को लग जाना है। जिलाध्यक्ष चौधरी ऋषिपाल सिंह, महानगर अध्यक्ष विवेक सारस्वत, सांसद सतीश गौतम, विधायक संजीव राजा, अनिल पाराशर, दलवीर सिंह, रवेंद्रपाल सिंह, अनूप प्रधान, राजकुमार सहयोगी, श्योराज सिंह, डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह आदि मौजूद थे।
बलिया की घटना पर चुप्पी साध गए प्रभारी मंत्री
अलीगढ़। बलिया में एसडीएम, सीओ एवं थाना प्रभारी की मौजूदगी में एक व्यक्ति की हत्या के सवाल को प्रभारी मंत्री सुरेश राणा ने यह कहकर टाल दिया कि इसके बारे में उन्हें ठीक से जानकारी नहीं है। वह बुलंदशहर से अलीगढ़ आ गए। वह घटना के बारे में जानकारी हासिल करने के बाद कुछ कहने की स्थिति में होंगे। उल्लेखनीय है कि बलिया की घटना के बाद से प्रदेश में कानून-व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। महिलाओं के साथ भी हिंसक घटनाएं एक के बाद एक सामने आ रही है। ऐसे सवालों का जवाब देने से भाजपा नेता बच रहे हैं।
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अलीगढ़ः दुष्कर्म के आरोप में बालक को मिली अंतरिम जमानत, आगे की कार्रवाई आयु सत्यापन के बाद

महानगर के क्वार्सी इलाके में दुष्कर्म के आरोप में फंसे बालक को किशोर न्याय बोर्ड ने अंतरिम जमानत देते हुए परिवार के सुपुर्द कर दिया है। साथ में प्रत्येक तारीख पर बालक को बोर्ड के समक्ष हाजिर होने के निर्देश भी दिए गए हैं। वहीं उसकी उम्र का सत्यापन कराने संबंधी औपचारिकताएं भी शुरू हो गई हैं। अपने आदेश में बोर्ड ने माना है कि देखने से बालक की उम्र सात वर्ष लग रही है। मगर उम्र का सत्यापन होने के बाद ही आगे कार्रवाई होगी। इसे लेकर सीएमओ को बालक की उम्र का सत्यापन कराने संबंधी निर्देश दिए गए हैं।

17 अक्तूबर की देर रात क्वार्सी थाने पहुंची बच्ची की मां ने यह आरोप लगाया था कि 12 अक्तूबर की दोपहर पड़ोसी बच्चे ने उसकी बेटी संग दुष्कर्म किया है। मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया था। वहीं, बुधवार को आरोपी बालक को उसकी मां के साथ बोर्ड के समक्ष पेश कराया गया। इस दौरान पीड़ित बच्ची भी बोर्ड के समक्ष पेश की गई। प्रकरण में बालक की मां ने अपने अधिवक्ता हरिओम वार्ष्णेय की ओर से बालक की उम्र का सत्यापन कराने संबंधी और जमानत का अनुरोध भी किया गया।

इस पर बोर्ड ने बालक को मुकदमे में 20 हजार रुपये की धनराशि के निजी बंध पत्र व दो जमानतनामे व अंडरटेकिंग दाखिल करने पर अंतरिम जमानत दे दी और 4 नवंबर अगली तारीख नियत की है। वहीं बोर्ड ने कहा है कि देखने में बालक सात वर्ष का लग रहा है। मां के बयान के अनुसार चूंकि इसकी उम्र का कोई दस्तावेज नहीं है। इसलिए उम्र का सत्यापन होने के बाद ही तय होगा कि उसको कृत्य के बारे में समझ है या नहीं। अधिवक्ता हरिओम वार्ष्णेय ने बताया कि बालक को फिलहाल परिवार के सुपुर्द कर दिया गया है। अग्रिम सुनवाई तारीख 4 नवंबर नियत की गई है। वहीं अब सीएमओ उम्र सत्यापन के लिए डॉक्टरों का पैनल गठित करेंगे। इसके बाद उम्र का सत्यापन होगा।

बच्ची के मेडिकल में नहीं चोट का उल्लेख
अधिवक्ता हरिओम वार्ष्णेय ने यह भी बताया कि बालक के अंतरिम जमानत आदेश में यह भी उल्लेख किया है कि बच्ची की मेडिकल परीक्षण रिपोर्ट में किसी तरह की चोट का उल्लेख नहीं है। अब उम्र के सत्यापन के बाद आगे की अन्य कार्यवाही होंगी।
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विवाहिता का आरोप, ससुराल वालों ने बेचा, हुआ सामूहिक दुष्कर्म

कोतवाली क्षेत्र से 16 अक्तूबर को लापता हुई एक विवाहिता ने बरामदगी के बाद अपनी ससुराल वालों पर बेहोश कर दो लाख रुपये में कुछ लोगों के हाथ बेचने का आरोप लगाया। उसका आरोप है कि उसे खरीदने की बात कहते हुए चार-पांच अज्ञात लोगों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।

मंगलवार को पीड़ित महिला ने ससुराल वालों समेत दुष्कर्म करने वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। ससुराल और गांव वालों ने इगलास कोतवाली पहुंचकर इन आरोपों को सरासर झूठ बताया है। पुलिस के अनुसार मामले की गहन जांच कर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

विवाहिता के अनुसार, उसकी शादी 26 जनवरी 2020 को हुई थी। 16 अक्तूबर उनका पति, ससुर, सास, ननद, तइया ससुर और तइया सास ने चाय में नशीला पदार्थ पिला दिया। इसके बाद गाड़ी में डालकर ले गए। होश आने पर चार-पांच अज्ञात लोगों ने बंधक बना रखा था। उन लोगों ने कहा कि दो लाख रुपये में खरीदा है।

आरोपियों ने बारी-बारी से दुष्कर्म किया। युवती के अनुसार किसी तरह उनके चंगुल से निकलकर वह राया पुलिस के पास पहुंची। राया पुलिस के फोन से ही उसने पिता को फोन किया। पुलिस ने उसे पिता व भाई को सुपुर्द कर दिया। इसके बाद उसने एसपी क्राइम से बेचे जाने और सामूहिक दुष्कर्म की शिकायत की जिस पर रिपोर्ट दर्ज हुई है।

पिता ने दर्ज कराई थी गुमशुदगी
16 अक्तूबर को ससुराल से गुम होने के बाद ससुराल वालों ने तलाश शुरू की। पता न चलने पर मायके वालों को जानकारी दी। 17 अक्तूबर को पिता ने कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई। जांच एसआई सत्यवीर सिंह को सौंपी गई। इसी बीच युवती ने अपने पिता को फोन कर राया थाने में होने की जानकारी दी। पति, ससुराल वालों की मौजूदगी में उनकी सहमति से युवती को उसके पिता के सुपुर्द किया गया था।
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हटाए गए डॉक्टरों को मिल सकता है जल्द ही सेवा विस्तार: जनसंपर्क कार्यालय

एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज में मेडिकल अफसर दो डॉक्टरों को हटाए जाने के संबंध में विश्वविद्यालय के जनसंपर्क कार्यालय के एमआइसी प्रोफेसर शाफे किदवई ने बताया कि दोनों डॉक्टर की नियुक्ति लीव वेकैंसी के सापेक्ष की गई थी। छुट्टियां पूरी होने के बाद वह नियुक्ति स्वयं ही पूरी हो जाती है। उसका कार्यकाल पूरा हो जाता है।
इन दोनों डॉक्टरों के संबंध में 8 अक्तूबर को कार्यकाल पूरा हो गया था, लेकिन इसके बाद भी परिस्थितियों के चलते डॉक्टर्स ने कुछ मेडिकोलीगल दस्तावेज पर अपने हस्ताक्षर किए हैं। जिसके तहत अब विश्वविद्यालय प्रशासन इनकी कार्य अवधि में विस्तार की योजना पर विचार कर रहा है। इस संबंध में जल्द ही निर्देश मेडिकल कॉलेज के कैजुअल्टी मेडिकल ऑफिसर इंचार्ज को भेज दिए जाएंगे। दूसरी ओर विश्वविद्यालय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक हाथरस की घटना में पीड़िता के मेडिकोलीगल दस्तावेजों पर इन डॉक्टर्स के हस्ताक्षर होने की संभावना है। जिसके चलते इन डॉक्टरों को सेवा विस्तार दिया गया है। जिससे कि पूछताछ में इनकी उपस्थिति बनी रहे।
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बोनस मिलने तक होता रहेगा प्रदर्शन : संजय शुक्ला

रेलवे कर्मचारियों को बोनस न दिए जाने को लेकर मंगलवार को स्टेशन पर धरना-प्रदर्शन करते हुए जुलूस निकाला। जिसका नेतृत्व करते हुए यूनियन नेता एवं सीएमआई संजय शुक्ला ने कहा कि बोनस नहीं मिलेगा तो प्रदर्शन होता रहेगा। इस दौरान कर्मचारी काफ ी आक्रोशित नजर आए। ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन के आह्वान पर पूरे देश भर के रेलकर्मी बोनस डे मनाते हुए अपना विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
शाखा अध्यक्ष नार्थ सेंट्रल रेलवे मेंस यूनियन के नेतृत्व में आक्रोशित कर्मचारियों ने झंडा थामकर जोरदार नारेबाजी की। सरकारी फ रमानों को धोखा बताया। वक्ताओं ने कहा कि सरकार कोरोना संक्रमण काल की आड़ लेकर बारी-बारी से सुविधाओं को बंद कर कर रही है। जो न केवल सरकार की अवसरवादिता को दिखाता है, बल्कि रेलवे श्रमिक वर्ग को हतोत्साहित भी करता है। सभी कर्मचारियों ने शाखा अध्यक्ष के सानिध्य में संकल्प लिया कि बोनस हमारा हक है। यह कोई खैरात नहीं और इसे हम लेकर रहेंगे। रेलवे स्टेशन पोरा से मडराक तक भोजन अवकाश में इस प्रदर्शन को सफल बनाने का नेतृत्व शाखा अध्यक्ष हरीश चंद यादव, सहायक शाखा सचिव संजय कुमार ने किया। रेलवे स्टेशन दाऊद खां पर सीसी मेंबर मुकेश कुमार निमरा ने नेतृत्व किया। सोमना से कलुवा स्टेशन तक विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व शाखा अध्यक्ष अशोक कुमार ने किया। जिसमें सहायक महामंत्री जीके यादव, मंडल उपाध्यक्ष एनसीआरएमयू जेपी वार्ष्णेय, जगदीश चंद्र, मृत्युंजय कुमार, एचडी उपाध्याय, आरके अरोड़ा, राजकुमार, नंदलाल, शशि नगाइच, राजेश कुमार, रोहतास, दिनेश कुमार आदि प्रमुख रूप से शामिल हुए।
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पंचायत चुनाव.. अपात्रों को मतदाता बनाया तो खैर नहीं

बोनस न देने पर विरोध प्रदर्शन करते कर्मचारी।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों को लेकर चल रहे वृहद मतदाता सूची पुनरीक्षण के दौरान अपात्रों के नाम सूची में जोड़ने की शिकायतों से डीएम नाराज हैं। उन्होंने सभी बीएलओ को पत्र जारी कर कार्य प्रणाली सुधारने की चेतावनी दी है। स्पष्ट कहा है कि यदि एक भी अपात्र का नाम सूची में मिला तो संबंधित बीएलओ के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
जल्द ही होने जा रहे त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के लिए एक अक्तूबर से मतदाता सूची पुनरीक्षण का काम चल रहा है। यह काम 12 नवंबर तक जारी रहेगा। इस दौरान बीएलओ घर-घर जाकर गणना तथा सर्वेक्षण कार्य करेंगे। इस संबंध में डीएम को लगातार शिकायत मिल रही है कि बीएलओ पात्रों के नाम छोड़कर अपात्रों के नाम मतदाता सूची से जोड़ रहे हैं। डीएम चंद्र भूषण सिंह ने स्वीकार किया कि अपात्रों के नाम सूची में जोड़ने की शिकायतें मिली हैं। इस मामले में सभी बीएलओ को चेतावनी जारी कर दी गई है कि या तो वे अपनी कार्यप्रणाली सुधार लेए अन्यथा दंडात्मक कार्रवाई के लिए तैयार रहे।
यह है कार्यक्रम
अलीगढ़। एक अक्तूबर से पांच नवंबर में मतदाता सूची में नाम दर्ज करवाने या फिर संशोधन का काम ऑनलाइन हो सकेगा। छह नवंबर से 12 नवंबर तक बीएलओ घर.घर जाकर ऑनलाइन से प्राप्त आवेदन पत्रों की जांच करेंगे। इसके बाद 13 नवंबर से पांच दिसंबर तक ड्राफ्ट नामावलियों की कंप्यूटर से पांडुलिपि तैयार की जाएगी। छह दिसंबर से ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन होगा। छह से 12 दिसंबर तक ड्राफ्ट के रूप में प्रकाशित नामावली का निरीक्षण किया जाएगा। छह से 12 दिसंबर के बीच में ही दावा तथा आपत्ति प्राप्त की जाएगी। 13 से 19 दिसंबर तक दावा तथा आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। इसके बाद 20 से 28 दिसंबर तक पांडुलिपि को मूल स्थान में समाहित करने की कार्रवाई होगी। 29 दिसंबर को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन होगा।
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स्मार्ट सिटी के बाद ‘तालानगरी’ को स्मार्ट बनाने की तैयारी

कौशल कुमार ओझा
अलीगढ़ स्मार्ट सिटी के बाद ‘तालानगरी औद्योगिक क्षेत्र’ को स्मार्ट बनाने की तैयारी चल रही है। औद्योगिक पार्क रेटिंग प्रणाली में चिन्हांकन के बाद अधिक से अधिक रेटिंग दिलाने के लिए यहां की सुविधाओं एवं संसाधनों में भारी इजाफा करने का निर्णय लिया गया है। प्रदेश सरकार ने भी इसके लिए पूरी ताकत झोंक दी है।
औद्योगिक पार्क रेटिंग सिस्टम भारत सरकार की योजना है। इसमें देश के औद्योगिक क्षेत्रों को रेटिंग के लिए चयनित किया जाता है। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश में तालानगरी औद्योगिक क्षेत्र एवं ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर को औद्योगिक पार्क रेटिंग प्रणाली के लिए चिह्नित किया है। उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी मयूर माहेश्वरी सोमवार को तालानगरी में आकर अधिकारियों को जरूरी निर्देश दे गए हैं। यूपीसीडा के क्षेत्रीय अधिकारी संजू उपाध्याय का कहना है कि भारत सरकार के अधिकारी आकर रेटिंग का निर्धारण करेंगे। करीब 45 बिंदुओं के आधार पर रेटिंग का निर्धारण किया जाएगा।
औद्योगिक पार्क रेटिंग प्रणाली को लेकर प्रदेश सरकार बेहद गंभीर है। यूपीसीडा के सीईओ का आगमन हो चुका है। अधिकारियों के दिशा-निर्देश के अनुसार 45 बिंदुओं पर काम शुरू कर दिया गया है। रेटिंग प्रणाली में तालानगरी के चयन के बाद तालानगरी, उद्यमियों एवं निर्यातकों को विशेष फायदा होने की उम्मीद है। यह अलीगढ़ के लिए गर्व की बात होगी।
- संजू उपाध्याय, क्षेत्रीय अधिकारी, यूपीसीडा
28 साल पहले फरवरी 1992 में तालानगरी में पहला एलाटमेंट हुआ था। काफी दिनों तक तालानगरी विकास से वंचित रहा। इसका जितना विकास होना चाहिए था, नहीं हुआ। अब तालानगरी विकास पथ की ओर अग्रसर हो रहा है। औद्योगिक पार्क रेटिंग प्रणाली के लिए चिन्हांकन खुशी की बात है। हमलोग पूरी कोशिश करेंगे कि अधिक से अधिक अंक के साथ तालानगरी का चयन रेटिंग प्रणाली में हो।
- पं. नेकराम शर्मा, अध्यक्ष, तालानगरी औद्योगिक विकास एसोसिएशन
शुरुआत में 10 करोड़ से सुविधाओं का विकास
औद्योगिक पार्क रेटिंग प्रणाली में चयन के बाद तालानगरी औद्योगिक क्षेत्र को 10 करोड़ रुपये मिलेंगे। इसमें 8 करोड़ रुपये केंद्र सरकार एवं 2 करोड़ रुपये प्रदेश सरकार द्वारा सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए दिए जाएंगे।
चारदीवारी के अंदर होगी तालानगरी
तालानगरी में रामघाट रोड की ओर से गेट लगाने एवं चारदीवारी करने की योजना है। इसका प्रस्ताव तैयार हो रहा है। तालानगरी में पीछे की ओर पहले से चारदीवारी है। सेक्टर एक एवं दो मिलाकर कुल तीन गेट लगाने की योजना है। अधिकारियों ने बताया कि सेक्टर एक एवं दो की सड़कों का निर्माण कार्य जल्द शुरू हो जाएगा। योजना के अनुसार काम होने के बाद तालानगरी विशेष आर्थिक जोन की तरह दिखाई देगा।
मापदंड/मानक...
इन बिंदुओं पर होना है कार्य....
- निर्बाध विद्युत
- आईसीटी -टेलीकॉम, इंटरनेट सर्विसेज- अवसंरचना
- सीवेज शोधन संयंत्र
- सामान्य कचरा उपचार संयंत्र
- पाइप से जल की आपूर्ति
- जल उपचार संयंत्र
- कवर्ड वाटर ड्रेनेज
- पार्क के अंदर 100 प्रतिशत पक्की सड़के
- पार्क के अंदर सुचारू स्ट्रीट लाइटिंग
- रोडवेज बस स्टॉप
- कॉमन ईटीपी प्लांट
- अग्निशमन प्रणाली
- सुरक्षा के लिए आपदा प्रबंधन योजना
- वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्र
- पार्क के अंदर पीएचसी, सीएचसी, ईएसआई डिस्पेंसरी
- एसआईडीसी की वेबसाइट पर प्लाट की उपलब्धता और मूल्य विवरण
- आवेदन व भूमि आवंटन की प्रक्रिया ऑनलाइन
- एकल खिड़की सेवा
- श्रमिकों एवं ड्राइवरों के लिए डारमेट्री
- बैंक शाखा व एटीएम
- कैंटीन व रेस्तरा
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हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं तो दस हजार का जुर्माना

पंजीकृत वाहनों में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट यानी एचएसआरपी लगाना अनिवार्य हो गया है। बिना हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट वाले वाहनों पर परिवहन विभाग कार्रवाई करेगा। यही नहीं नियम विरुद्ध तरीके से नंबर प्लेट पर हिंदी या अन्य प्रकार के कलात्मक अक्षरों वाली प्लेट लगाने पर वाहन मालिकों को पहली बार में पांच हजार और दूसरी बार में दस हजार रुपये तक का जुर्माना भरना पड़ेगा। गाइड लाइन के मुताबिक सिर्फ अंग्रेजी अक्षरों में ही स्पष्ट लिखी हुई नंबर प्लेट मान्य होगी।
संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन फ रीदुद्दीन ने बताया सुप्रीम कोर्ट के 30 सितंबर 2019 के आदेश पर अमल करते हुए वाहनों में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट लगाना अनिवार्य हो गया है। अब तक वाहन स्वामी मोटर वाहन अधिनियम को दरकिनार कर अपने वाहनों में अपनी मर्जी के अनुसार रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट लगा लेते थे। साथ ही जन सामान्य में अपने वर्चस्व का प्रदर्शन करने के लिए उसके उपर अपने पद एवं विभागों का नाम लिख लेते थे। अब ऐसा करना वाहन स्वामी को भारी पड़ेगा। हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट नियम विरुद्ध लगाने पर दस हजार रुपये तक का जुर्माना देना होगा।
परिवहन आयुक्त उप्र धीरज साहू ने 15 अक्तूबर को प्रदेश के समस्त उप परिवहन आयुक्त परिक्षेत्र, समस्त संभागीय परिवहन अधिकारी एवं समस्त उप संभागीय परिवहन अधिकारियों को निर्देशित किया है कि किसी भी वाहन का स्वामित्व स्थानांतरण, पता परिवर्तन, फि टनेस, परमिट जारी अथवा नवीनीकरण व अन्य कार्य, जो कि परिवहन विभाग के विभिन्न कार्यालयों में किए जाते हैं। तब तक नहीं किए जाएंगे जब तक मोटर वाहन पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट ना लगा दी जाएं।
नंबर प्लेट क्यों है बेहतर
आरटीओ प्रवर्तन ने बताया कि वाहन चोर वाहनों की चोरी के समय नंबर प्लेट से छेड़छाड़ करते हैं। एल्युमिनियम की बनी नई हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट बदली नहीं जा सकेगी। बदलने की कोशिश करने पर यह टूट जाती है। ऐसे में गाड़ी पर नई नंबर प्लेट वही लगवा सकता है जिसके पास वाहन के पूरे कागजात हों क्योंकि नई नंबर प्लेट रजिस्टर्ड जगहों से ही लगवाई जा सकेगी।
हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट न होने के चलते अटके काम
हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट अनिवार्य होने से वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना भी करना पड़ रहा है। आरआई वीके चौधरी ने बताया कि सोमवार और मंगलवार को एक भी वाहन का फि टनेस प्रमाण पत्र जारी नहीं हो सका। इसके साथ ही गाड़ी ट्रांसफर, बीमा आदि का काम भी सोमवार से रुक गया है। काम रुकने के पीछे का कारण वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट न लगा होना है। वाहन संचालकों को नंबर प्लेट बदलवाने के बाद प्रमाण पत्र जारी कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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आज से लर्निंग लाइसेंस के 250 आवेदन होंगे स्वीकार

कोरोना काल में सामाजिक दूरी के नियम का पालन करने के चलते परिवहन विभाग में घटाई गई लर्निंग लाइसेंस के स्लॉट की संख्या को फि र से बढ़ा दिया गया है। आज बुधवार से रोजाना 250 लर्निंग लाइसेंस आवेदन स्वीकार्य होंगे। आवेदकों की भीड़ को देखते हुए आरटीओ प्रशासन केडी सिंह के पत्र के आधार पर शासन ने अलीगढ़ कार्यालय को लेकर यह निर्णय जारी किया है।
यातायात नियमों के सख्त होने के बाद वाहन चालक भी जुर्माने की राशि से बचने के लिए नियमों का पालन करने के लिए जागरूक हो रहे हैं। इसके चलते लोग वाहन लाइसेंस के लिए आवेदन कर रहे हैं। आलम यह है कि लर्निंग लाइसेंस के आवेदकों की परिवहन विभाग में लंबी कतार लगी हुई है। वर्तमान में जनवरी तक के स्लॉट बुक हो गए हैं। लोगों की परेशानी को देखते हुए आरटीओ प्रशासन ने शासन से अपील कर स्लॉट की संख्या 120 के बजाय 250 करने का अनुरोध किया था। इस पर शासन ने मुहर लगा दी है। आरटीओ के मुताबिक बुधवार से लोगों को यह सुविधा मिलना शुरू हो रही है। मंगलवार को भी कई लोगों ने बुकिंग कराई है।
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प्लाज्मा थेरेपी की मदद से 12 मरीजों ने दी कोरोना को मात

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जेएन मेडिकल कॉलेज में कोरोना वायरस संक्रमण से उपचार के लिए 12 मरीजों को प्लाज्मा थेरेपी से ठीक किया जा चुका है। 2 मरीजों की मृत्यु भी हुई है, लेकिन उनकी उम्र बहुत अधिक थी और उनकी मृत्यु के कारण भी दूसरे हैं। इस तरह प्रतिशत की बात करें तो प्लाज्मा थेरेपी संक्रमण ग्रस्त मरीजों के उपचार में बेहद कारगर साबित हुई है। जेएन मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रोफेसर शाहिद अली सिद्दीकी कहते हैं कि प्लाज्मा थेरेपी प्रत्येक मरीज के लिए इस्तेमाल नहीं की जा सकती। मरीज की स्थिति और उपलब्ध प्लाज्मा की स्थिति को देखते हुए निर्णय लिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि जेएन मेडिकल कॉलेज से अब तक एक हजार के आसपास कोरोना संक्रमण से ग्रस्त मरीज सही होकर अपने घर जा चुके हैं, लेकिन इसके अनुपात में प्लाज्मा डोनेट करने वालों की संख्या बहुत कम है। मेडिकल कॉलेज में जिन लोगों ने प्लाज्मा डोनेट किया है, उनमें संक्रमण से ग्रस्त होने के बाद ठीक हो चुके डॉक्टर शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज में कोरोना वायरस संक्रमण से ग्रस्त पहले मरीज को प्लाजमा थेरेपी दी गई थी उनकी उम्र 70 वर्ष से अधिक थी। उन्हें कोरोना के अलावा मल्टी ऑर्गन फेलियर की भी समस्या थी। इसी के कारण उनकी मौत भी हुई थी। उन्हें दीनदयाल हॉस्पिटल से रेफर किया गया था। इसके बाद जो भी मामले मेडिकल कॉलेज में आए हैं उनमें प्लाज्मा थेरेपी सफलता से उपयोग किया गया है।
उन्होंने बताया कि इसके अलावा मेडिकल कॉलेज की माईक्रोबायोलाजी लैब में एक लाख बीस हजार आरटी-पीसीआर परीक्षण किये जा चुके हैं। कोविड-19 रोगियों के लिए एक अलग आइसोलेशन वार्ड बनाया है, जो आपरेशन थिएटर, लेबर रूम और रीनल डायलिसिस की विशेष सुविधाओं से सुसज्जित है।
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कोरोना ने सताया तो लखटकिया लंकेश 25 हजार में आया

राजा तिवारी
कोरोना संक्रमण काल ने दुनिया को इतना सताया है कि इसका व्यापक प्रभाव विभिन्न आयोजनों पर भी पड़ा है। एक ओर जहां रामलीला का मंचन नहीं हो रहा है। वहीं लाखों रुपये में बनने वाला रावण इस बार 25 हजार रुपये में बन रहा है। 15 मजदूर जहां 60 से 65 फीट के रावण-कुंभकरण-मेघनाथ बनाते थे। इस बार 25 फीट का केवल रावण का पुतला तैयार हो रहा है।
श्री रामलीला महोत्सव समिति के अध्यक्ष विमल अग्रवाल ने बताया कि दशहरा पर रामलीला मैदान में सूक्ष्म रूप से रावण के पुतले का दहन करेंगे। मुख्य अतिथि के रूप में लॉ कमीशन के चेयरमैन आदित्यनाथ मित्तल को आमंत्रित किया गया है। इस दिन मां काली का स्वरूप भी निकलेगा। यहां राम,लक्ष्मण, हनुमान, रावण सांकेतिक रूप से मंचन भी करेंगे। इसके बाद धूमधाम से रावण का दहन किया जाएगा। अमर उजाला ने मंगलवार को जब रावण के पुतले को लेकर बातचीत की तो पता चला कि इस बार 60 फीट की जगह 25 फीट के रावण का दहन होगा। रावण का पुतला बना रहे कारीगर मो. उस्मान ने बताया कि भाई सुलेमान और पिता अल्लादीन के साथ मिलकर यह पुतला बना रहे हैं। यह पुतला वह 25 हजार रुपये में तैयार कर रहे हैं। ऐसे में जहां पिछले साल तकरीबन दो लाख रुपये में पुतले बने थे। इस बार अकेला रावण का पुतला सिर्फ 25 हजार रुपये में बन रहा है।
लाखों रुपये में कई मजदूरों को मिलता था काम
मोहम्मद उस्मान ने बताया कि वह दिल्ली के पंजाबी बाग, रानी बाग, सैनिक विहार, आदर्श नगर, जहांगीरपुरी में, राजस्थान में बड़े-बड़े पुतले बनाते थे। दो लाख रुपये से लेकर तीन लाख रुपये तक के ठेके लिया करते थे। जिसमें वह 15 कारीगरों को 300-300 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से बुलाया करते थे। वहीं खाना बनाने के लिए दो महिलाओं को भी दिहाड़ी देते थे, लेकिन इस बार कामधंधा नहीं है। इसीलिए दोनों भाई पिता के साथ मिलकर पुतला बना रहे हैं।
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