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कैसा रहेगा वर्ष 2021, जानें अनुभवी ज्योतिषाचार्यों से
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कैसा रहेगा वर्ष 2021, जानें अनुभवी ज्योतिषाचार्यों से

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अलीगढ़ः दुष्कर्म के आरोप में बालक को मिली अंतरिम जमानत, आगे की कार्रवाई आयु सत्यापन के बाद

महानगर के क्वार्सी इलाके में दुष्कर्म के आरोप में फंसे बालक को किशोर न्याय बोर्ड ने अंतरिम जमानत देते हुए परिवार के सुपुर्द कर दिया है। साथ में प्रत्येक तारीख पर बालक को बोर्ड के समक्ष हाजिर होने के निर्देश भी दिए गए हैं। वहीं उसकी उम्र का सत्यापन कराने संबंधी औपचारिकताएं भी शुरू हो गई हैं। अपने आदेश में बोर्ड ने माना है कि देखने से बालक की उम्र सात वर्ष लग रही है। मगर उम्र का सत्यापन होने के बाद ही आगे कार्रवाई होगी। इसे लेकर सीएमओ को बालक की उम्र का सत्यापन कराने संबंधी निर्देश दिए गए हैं।

17 अक्तूबर की देर रात क्वार्सी थाने पहुंची बच्ची की मां ने यह आरोप लगाया था कि 12 अक्तूबर की दोपहर पड़ोसी बच्चे ने उसकी बेटी संग दुष्कर्म किया है। मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया था। वहीं, बुधवार को आरोपी बालक को उसकी मां के साथ बोर्ड के समक्ष पेश कराया गया। इस दौरान पीड़ित बच्ची भी बोर्ड के समक्ष पेश की गई। प्रकरण में बालक की मां ने अपने अधिवक्ता हरिओम वार्ष्णेय की ओर से बालक की उम्र का सत्यापन कराने संबंधी और जमानत का अनुरोध भी किया गया।

इस पर बोर्ड ने बालक को मुकदमे में 20 हजार रुपये की धनराशि के निजी बंध पत्र व दो जमानतनामे व अंडरटेकिंग दाखिल करने पर अंतरिम जमानत दे दी और 4 नवंबर अगली तारीख नियत की है। वहीं बोर्ड ने कहा है कि देखने में बालक सात वर्ष का लग रहा है। मां के बयान के अनुसार चूंकि इसकी उम्र का कोई दस्तावेज नहीं है। इसलिए उम्र का सत्यापन होने के बाद ही तय होगा कि उसको कृत्य के बारे में समझ है या नहीं। अधिवक्ता हरिओम वार्ष्णेय ने बताया कि बालक को फिलहाल परिवार के सुपुर्द कर दिया गया है। अग्रिम सुनवाई तारीख 4 नवंबर नियत की गई है। वहीं अब सीएमओ उम्र सत्यापन के लिए डॉक्टरों का पैनल गठित करेंगे। इसके बाद उम्र का सत्यापन होगा।

बच्ची के मेडिकल में नहीं चोट का उल्लेख
अधिवक्ता हरिओम वार्ष्णेय ने यह भी बताया कि बालक के अंतरिम जमानत आदेश में यह भी उल्लेख किया है कि बच्ची की मेडिकल परीक्षण रिपोर्ट में किसी तरह की चोट का उल्लेख नहीं है। अब उम्र के सत्यापन के बाद आगे की अन्य कार्यवाही होंगी।
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विवाहिता का आरोप, ससुराल वालों ने बेचा, हुआ सामूहिक दुष्कर्म

कोतवाली क्षेत्र से 16 अक्तूबर को लापता हुई एक विवाहिता ने बरामदगी के बाद अपनी ससुराल वालों पर बेहोश कर दो लाख रुपये में कुछ लोगों के हाथ बेचने का आरोप लगाया। उसका आरोप है कि उसे खरीदने की बात कहते हुए चार-पांच अज्ञात लोगों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।

मंगलवार को पीड़ित महिला ने ससुराल वालों समेत दुष्कर्म करने वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। ससुराल और गांव वालों ने इगलास कोतवाली पहुंचकर इन आरोपों को सरासर झूठ बताया है। पुलिस के अनुसार मामले की गहन जांच कर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

विवाहिता के अनुसार, उसकी शादी 26 जनवरी 2020 को हुई थी। 16 अक्तूबर उनका पति, ससुर, सास, ननद, तइया ससुर और तइया सास ने चाय में नशीला पदार्थ पिला दिया। इसके बाद गाड़ी में डालकर ले गए। होश आने पर चार-पांच अज्ञात लोगों ने बंधक बना रखा था। उन लोगों ने कहा कि दो लाख रुपये में खरीदा है।

आरोपियों ने बारी-बारी से दुष्कर्म किया। युवती के अनुसार किसी तरह उनके चंगुल से निकलकर वह राया पुलिस के पास पहुंची। राया पुलिस के फोन से ही उसने पिता को फोन किया। पुलिस ने उसे पिता व भाई को सुपुर्द कर दिया। इसके बाद उसने एसपी क्राइम से बेचे जाने और सामूहिक दुष्कर्म की शिकायत की जिस पर रिपोर्ट दर्ज हुई है।

पिता ने दर्ज कराई थी गुमशुदगी
16 अक्तूबर को ससुराल से गुम होने के बाद ससुराल वालों ने तलाश शुरू की। पता न चलने पर मायके वालों को जानकारी दी। 17 अक्तूबर को पिता ने कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई। जांच एसआई सत्यवीर सिंह को सौंपी गई। इसी बीच युवती ने अपने पिता को फोन कर राया थाने में होने की जानकारी दी। पति, ससुराल वालों की मौजूदगी में उनकी सहमति से युवती को उसके पिता के सुपुर्द किया गया था।
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हाथरस कांड: जेएन मेडिकल कॉलेज के दो डॉक्टरों को पद से हटाया

हाथरस कांड में सोमवार को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जेएन मेडिकल कॉलेज में पूछताछ के लिए आई सीबीआई की टीम के जाने के 24 घंटे के भीतर ही मेडिकल ऑफिसर के पद पर तैनात दो डॉक्टरों को उनके पद से हटा दिया गया है। इस कार्रवाई को लेकर डॉक्टरों ने रोष जताया है। रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ने भी नाराजगी जताई है। हटाए गए डॉक्टरों ने पत्र लिखकर विश्वविद्यालय के कुलपति से फैसले पर पुनर्विचार के लिए गुहार की है।
हाथरस की घटना को लेकर सोमवार को सीबीआई की एक टीम जेएन मेडिकल कॉलेज में आई थी। टीम ने आठ घंटे तक यहां पर आठ डॉक्टरों सहित अन्य स्टाफ के लोगों से पूछताछ की थी। मंगलवार को दोपहर में ट्रॉमा सेंटर और इमरजेंसी के कैजुअल्टी मेडिकल ऑफिसर इंचार्ज डॉ. एसएएच जैदी की तरफ से नोटिस जारी कर मेडिकल ऑफिसर के पद पर रहे दो डॉक्टरों डॉ. उबैद इम्तियाज उल हक और डॉ. मोहम्मद अजीमुद्दीन मलिक को पद से हटा दिया गया। जारी किए गए नोटिस में कहा गया है कि संबंधित दोनों डॉक्टर किसी भी प्रकार की अपनी ड्यूटी को आगे परफॉर्म न करें । दूसरी ओर पद से हटाए गए डॉक्टरों ने इसको लेकर रोष जताया है।
कैजुअल्टी मेडिकल ऑफिसर डॉ. नरेश शर्मा की लीव वैकेंसी के सापेक्ष डॉक्टरों की नियुक्ति की गई थी। 20 अक्टूबर को सुबह 11:00 बजे कुलपति के फोन पर निर्देश मिले थे, जिसके बाद दोनों डॉक्टरों की नियुक्ति को निरस्त कर दिया गया और निर्देश दिए गए कि वह आगे अपनी ड्यूटी को परफॉर्म न करें।
-डॉ. एसएएच जैदी, कैजुअल्टी मेडिकल ऑफिसर इंचार्ज, इमरजेंसी एंड ट्रॉमा सेंटर, जेएन मेडिकल कॉलेज
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हाथरस: एसआईटी के सदस्य डीआईजी की पत्नी के आत्महत्या करने पर सभी हतप्रभ

बिटिया के मामले में जांच कर रही एसआईटी में शामिल डीआईजी चंद्रप्रकाश की पत्नी द्वारा आत्महत्या की खबर जैसे ही स्थानीय अधिकारियों ने सुनी तो वह अचंभित रह गए। पिछले दिनों टीम जब छानबीन कर रही थी तो चंद्रप्रकाश यहां करीब ढाई सप्ताह तक रुके थे। चंद्रप्रकाश 2007-08 में बतौर पुलिस अधीक्षक तैनात रह चुके हैं।

उल्लेखनीय है कि योगी सरकार ने बिटिया के प्रकरण में सबसे पहले एसआईटी की जांच की बैठाई थी। तीन सदस्यीय इस टीम में गृह सचिव भगवान स्वरूप, डीआईजी चंद्रप्रकाश और एक आईपीएस अधिकारी पूनम शामिल हैं। यह टीम अपनी जांच कर यहां से करीब सप्ताह भर पहले जा चुकी है।

इस टीम की पहली रिपोर्ट पर ही यहां तत्कालीन एसपी, सीओ सिटी सहित छह पुलिसकर्मी निलंबित हुए थे। अब शनिवार को जैसे ही स्थानीय अधिकारियों को यह जानकारी मिली कि इस टीम में शामिल डीआईजी चंद्रप्रकाश की पत्नी ने लखनऊ में आत्महत्या कर ली है तो वह हतप्रभ रह गए। कुछ अधिकारी भी शोकाकुल दिखे।
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डीआईजी की पत्नी पुष्पा... डीआईजी की पत्नी पुष्पा...

हाथरसः जातीय दंगे फैलाने की साजिश के मामले में एसटीएफ की जांच-पड़ताल तेज

जातीय हिंसा फैलाने की साजिश के मामले में एसटीएफ ने भी अपनी जांच-पड़ताल तेज कर दी है। एसटीएफ ने इस मामले में दो मुकदमों से संबंधित पत्रावलियां हासिल कर ली हैं और उसी की विवेचना में लगी है। इसमें राष्ट्रद्रोह की संगीन धाराओं में दर्ज मुकदमे के अलावा कांग्रेस के नेता श्यौराज जीवन के खिलाफ दर्ज मुकदमा भी शामिल है। इस मुकदमे की विवेचना भी एसटीएफ को दी गई है। 

उल्लेखनीय है कि शासन के निर्देश पर कोतवाली चंदपा में यह मुकदमा दर्ज कराया गया था कि बिटिया के प्रकरण की आड़ में प्रदेश में जातीय दंगे कराने की साजिश रची गई थी। राष्ट्रद्रोह जैसी संगीन धाराओं में कायम इस मुकदमे की विवेचना अब एसटीएफ कर रही है। वहीं इस सिलसिले में दर्ज एक और मुकदमे की विवेचना भी एसटीएफ ही कर रही है। 

यहां के अलावा मथुरा सहित कई अन्य जिलों में भी इस सिलसिले में मुकदमे दर्ज हैं। मथुरा में पीएफआई के चार एजेंट गिरफ्तार भी किए जा चुके हैं। चंदपा पुलिस उन्हें भी राष्ट्रद्रोह के मामले का आरोपी बना चुकी है। वहीं थाना चंदपा में कांग्रेस के नेता श्यौराज जीवन के खिलाफ भी भड़काऊ भाषण देने के आरोप में मुकदमा दर्ज है। 

इस मामले में जीवन से पूछताछ भी हो चुकी है। इस मुकदमे की विवेचना भी अब एसटीएफ करेगी। एसटीएफ ने यहां आकर इन दोनों मुकदमों से संबंधित केस डायरी हासिल कर ली और विवेचना शुरू कर दी है। सूत्रों की मानें तो एसटीएफ इस मामले में अब कुछ और लोगों को चिन्हित कर रही है और पूछताछ कर जानकारी हासिल कर रही है। एसटीएफ यह कार्रवाई गोपनीय तरीके से कर रही है।
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तालाब में घुसकर सवा लाख की मछली खा गया मगरमच्छ

बृहस्पतिवार को गोपालपुर नहर से निकलकर पास के गांव दीपपुर स्थित मछली पालन वाले एक तालाब में पहुंचा मगरमच्छ करीब सवा लाख रुपये कीमत की मछलियां निगल गया। मगरमच्छ को तालाब में घुसते हुए मछली पालक ने देख लिया तो गांव में शोर मचाया। ग्रामीणों ने पुलिस व वन विभाग को सूचना दी। तालाब में जाल डालकर हुई खोजबीन के बाद एक मगरमच्छ को पकड़ा गया है जबकि देर शाम तक और मगरमच्छ की तलाश में तालाब में खोजबीन जारी थी।
बृहस्पतिवार की सुबह करीब 10 बजे नवेंद्र कुमार पुत्र देवराज सिंह के मछली पालन वाले तालाब में मगरमच्छ घुस गया। उसे तालाब में घुसते हुए गांव के नवेंद्र ने देख लिया। मगरमच्छ को देख नवेंद्र ने शोर मचाया तो तमाम ग्रामीण एकत्र हो गए। नवेंद्र कुमार के अनुसार मगरमच्छ तालाब में पलीं करीब सवा लाख रुपये कीमत की मछलियां निगल गया। उन्होंने थाने में सूचना दी। थाने से वन विभाग का नंबर लेकर फोन किया। काफी देर बाद वन विभाग के कर्मचारी भी पहुंचे। तालाब में जाल डालकर उन्होंने एक मगरमच्छ को पकड़ लिया। और भी मगरमच्छ तालाब में होने की आशंका के चलते देर शाम तक वन कर्मी व ग्रामीण तालाब में उसकी तलाश में लगे हुए थे।
बताते हैं कि गोपालपुर नहर से निकलकर यह मगरमच्छ तालाब में पहुंचा है। बुधवार को भी इसी नहर किनारे से दीपपुर के युवकों ने मगरमच्छ के एक बच्चे को पकड़ा था। उसे बांधकर युवकों ने शाम 4 बजे तक गांव में रखा था। वन विभाग के कर्मचारियों के न पहुंचने पर बाद में उसे नहर में छोड़ दिया था। उधर तालाब में बृहस्पतिवार को मगरमच्छ मिलने के बाद से ग्रामीण दहशत में हैं।
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अलीगढ़-पलवल के बीच यमुना पर पुल को मंजूरी

कठपुला को फोर लेन ओवरब्रिज में बदलने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। मंडलायुक्त जीएस प्रियदर्शी के आदेश पर राज्य सेतु निगम ने इस संबंध में रेलवे से बजट और अन्य प्रक्त्रिस्या शुरू करने को कहा है। इस पर रेल प्रशासन ने भी जल्द से जल्द काम शुरू कराने के संकेत दे दिए हैं। वहीं, बृज की 84 कोस परिक्रमा में आने और अलीगढ़-पलवल फोरलेन हाईवे को पूरा करने के लिए यमुना नदी पर एक नया पुल बनाने का शासनादेश जारी हो गया है। फोरलेन पुल लगभग 110 करोड़ रुपये से बनेगा। जिसकी वित्तीय एवं प्रशासनिक मंजूरी मिल गई है।
राज्य सेतु निगम के उप परियोजना प्रबंधक वीरेंद्र सिंह ने असिस्टेंट डिवीजनल इंजीनियर उत्तर मध्य रेलवे को पत्र लिख कर कठपुला में रेलवे ट्रैक के ऊपर के हिस्से को फोरलेन में बदलने पर आने वाली लागत बताने को कहा है। जिससे पूरे ओवरब्रिज की लागत एक साथ शासन को बता कर इस योजना का बजट मंजूर कराया जा सके। इस संबंध में मंडलायुक्त जीएस प्रियदर्शी ने राज्य सेतु निगम से प्रस्ताव बना प्रस्तुत करने और शासन से मंजूर कराने की कार्यवाही शुरू करने को कहा था। जिसका अब सार्थक परिणाम सामने आ रहा है। अलीगढ़ को स्मार्ट सिटी के रूप में बदलने में कठपुला का फोरलेन ओवरब्रिज में बदलना बेहद जरूरी है, ताकि इस पुल पर लगने वाला जाम खत्म हो सके। वैसे भी ये पुल अब की आबादी के अनुसार चौड़ाई में बहुत छोटा है।
इधर, अलीगढ़ पलवल फोरलेन हाईवे लगभग पूरा होने वाला है। इसलिए यमुना पर नये पुल का निर्माण करने की अनुमति मिल गई है। अलीगढ़ के मालव गांव से पलवल (हरियाणा) के गांव हसनपुर की ओर एक नये यमुना पुल को बनाने के लिए शासनादेश जारी हो गया है। इस पुल को बनाने की प्रशासनिक एवं वित्तीय दोनों प्रकार की स्वीकृति मिल चुकी है। जिसके अनुसार लगभग 110.22 करोड़ रुपये से इसका निर्माण किया जाएगा। इस संबंध में राज्य सेतु निगम के उप परियोजना प्रबंधक वीरेंद्र सिंह ने मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, पीडब्ल्यूडी एक्सईएन, राज्य सेतु निगम के परियोजना प्रबंधक को पत्र लिख कर जानकारी दी है। गौर हो कि ये पुल बृज की 84 कोस की परिक्रमा का हिस्सा भी है, इसलिए राज्य सरकार इसको जल्द से जल्द नया बनाने चाहती है।
राज्य सेतु निगम इन दोनों पुलों का निर्माण कराएगा। यमुना पुल की मंजूरी मिल चुकी है। कठपुला को चार लेन में बदलने की मंजूरी भी शासन से दिलाने का पूरा प्रयास हो रहा है। स्मार्ट सिटी में बदल रहे कठपुला पर फोरलेन रोड होना एक बड़ी उपलब्धि होगी। वर्ष 2021 में काम पूरा होने की उम्मीद है।
-जीएस प्रियदर्शी, मंडलायुक्त अलीगढ़।
राज्य सेतु निगम की ओर से कठपुला को चार लेन में बदलने का भेजा गया पत्र मिल गया है। अब कठपुला को चार लेन तक चौड़ा करने के लिए रेलवे अपना एस्टीमेट बना कर देगा। टेंडर प्रक्त्रिस्या होगी और इसके बाद काम शुरू होगा। रेलवे अपने हिस्से का निर्माण कार्य जल्द शुरू करा देगा।
-रेहान शाहिद, एईएन अलीगढ़ सेक्शन।
फोरेलेन में बदला अलीगढ़ पलवल हाईवे लगभग पूरा होने वाला है। यमुना पर नया फोरलेन पुल बनाने की मंजूरी मिल गई है। इसका काम राज्य सेतु निगम की ओर से किया जाएगा।
-रितुराज, नोडल अधिकारी पीडब्ल्यूडी अलीगढ़ पलवल हाईवे।
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हाथरस केसः जेएन मेडिकल कॉलेज से हटाए गए डॉक्टर काम पर लिए गए वापस

हाथरस कांड में सीबीआई टीम द्वारा अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जेएन मेडिकल कॉलेज में पूछताछ किए जाने के बाद पद से हटाए गए दोनों मेडिकल अफसर काम पर ले लिए गए हैं। इसे लेकर एएमयू इंतजामिया की ओर से बाकायदा पत्र जारी किया गया है। जिसमें मेडिकल कॉलेज के कैजुअल्टी मेडिकल ऑफिसर इंचार्ज की सिफारिश पर दोनों को काम पर वापस लेने की बात कही गई है।

हाथरस की घटना को लेकर सीबीआई की एक टीम इसी हफ्ते सोमवार को जेएन मेडिकल कॉलेज में पूछताछ के लिए आई थी। इसके अगले दिन मंगलवार को मेडिकल कॉलेज प्रशासन द्वारा इमरजेंसी में मेडिकल ऑफिसर के पद पर तैनात डॉ. उबैद इम्तियाज उल हक और डॉ. मोहम्मद अजीमुद्दीन मलिक को पद से हटा दिया गया था। दोनों डॉक्टरों को पद से हटाए जाने के कदम को सीबीआई टीम के पूछताछ के लिए आने से जोड़कर देखा जा रहा था।

इस मामले को लेकर मेडिकल कॉलेज की रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन ने कुलपति को पत्र लिखा था। जिसमें दोनों डॉक्टरों को फिर से सेवा में लिए जाने की मांग की गई थी। मांग न माने जाने पर आंदोलन और हड़ताल की चेतावनी दी गई थी। दूसरी ओर विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे सामान्य रूप से की गई कार्रवाई बताया था और कहा था कि दोनों डॉक्टरों की नियुक्ति लीव वैकेंसी के आधार पर थी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने दोनों डॉक्टरों को फिर से सेवा में लिए जाने की बात भी कही थी। बृहस्पतिवार को डॉक्टरों ने पदभार संभाल लिया है। डॉक्टर उबेद ने बताया कि इमरजेंसी में कई मेडिकल ऑफिसर छुट्टी पर हैं। हमने काम शुरू कर दिया है।

- जेएन मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी से पद से हटाए गए दोनों मेडिकल ऑफिसर डॉक्टरों को फिर से सेवा में लेने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से बृहस्पतिवार की देर रात मेडिकल कॉलेज प्रशासन को पत्र भेज दिया गया है। दोनों डॉक्टरों को फिर से सेवा में लेने के लिए मेडिकल कॉलेज के कैजुअल्टी मेडिकल ऑफिसर इंचार्ज की ओर से सिफारिश की गई थी। जिसे विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्वीकार कर लिया है।
-प्रोफेसर शाफे किदवई, एमआईसी, जनसंपर्क कार्यालय, एएमयू
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हाथरस गैंगरेप में चौथी बार जेल पहुंची सीबीआई, घंटों पूछताछ

हाथरस कांड की जांच में जुटी सीबीआई अभी तक आरोपियों से हुई बातचीत से संतुष्ट नहीं है। शायद यही वजह है कि बृहस्पतिवार को जांच टीम चौथी बार जेल पहुंची और आरोपियों से कई घंटे बातचीत की। दोपहर में आई जांच टीम ने जेल में चार घंटे तक रहकर पूछताछ की। इसके बाद कुछ देर के लिए मेडिकल कॉलेज भी गई।
सीबीआई टीम सबसे पहले सोमवार को आई थी। उस दिन टीम ने दो टुकड़ों में बंटकर करीब आठ घंटे तक जेल व मेडिकल कॉलेज में समय दिया। इसके बाद यह टीम बुधवार को फिर दो बार जेल गई। अब चौथी बार बृहस्पतिवार को फिर जेल में पहुंची। दोपहर बारह बजे से चार बजे तक जेल में रहकर आरोपियों से बातचीत की। टीम को लेकर यही संकेत हैं कि जो नए संकेत घटनास्थल या मेडिकल कॉलेज की जांच से मिल रहे हैं, उसे लेकर हर बार नए सिरे से पूछताछ की जाती है। यहां पूछताछ के बाद जांच टीम कुछ देर के लिए मेडिकल कॉलेज भी गई और मेडिकल परीक्षण में शामिल रहे डॉक्टरों से बातचीत की। सूत्रों की मानें तो कुछ महत्वपूर्ण तथ्य व दस्तावेज भी टीम अपने साथ लेकर गई है।
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अब सिर्फ सीएनजी/एलपीजी ऑटो को ही मिलेगा परमिट

शहर की खराब होती आबोहवा को दुरुस्त करने के लिए परिवहन विभाग ने बृहस्पतिवार को बेहद जरूरी कदम उठाते हुए अब सिर्फ सीएनजी/एलपीजी के सवारी ऑटो का नया परमिट देने के आदेश जारी किए हैं। अब डीजल और पेट्रोल चलित किसी ऑटो को नया परमिट जारी नहीं होगा। डीजल और पेट्रोल के पुराने परमिट से लैस ऑटो अपनी अवधि पूरी होने तक चलते रहेंगे। उनकी अवधि आगे नहीं बढ़ेगी। यह नियम गभाना तहसील की 16 किमी परधि में भी लागू रहेगा। शहर व गभाना में संचालन के लिए सिर्फ सीएनजी/एलपीजी संचालित नए ऑटो को ही परमिट जारी होगा। डीजल पेट्रोल के पुराने ऑटो के खिलाफ बड़े स्तर पर चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। जिनका परमिट खत्म हो चुका होगा, उनको सीज कर दिया जाएगा। वहीं, जिन डीजल-पेट्रोल संचालित ऑटो का परमिट खत्म होने में जितना समय बाकी होगा, उनको उतने समय तक चलने की मोहलत दे दी जाएगी।
आरटीओ प्रशासन केडी सिंह ने बताया कि शहर में अगस्त 2019 में 804 ऑटो का परमिट निरस्त किया गया था। अभी वर्तमान में यहां एक भी पंजीकृत ऑटो संचालित नहीं है। प्राथमिकता के तौर पर इन 804 ऑटो के स्थान पर नए सीएनजी/एलपीजी संचालित ऑटो को शहर में चलने का परमिट जारी किया जाएगा। यह आदेश सीएनजी/एलपीजी पंप की उपलब्धता को देखते हुए लिया गया है। शहर में कई पंप खुल चुके हैं। इसके साथ ही एक पंप गभाना में भी है। यहां से ऑटो चालक आसानी से सीएनजी या एलपीजी भरवा सकते हैं। वर्तमान में परिवहन विभाग के पांच ऑटो संचालक रूट तय हैं, जिनमें अलीगढ़ शहर, गभाना, जट्टारी, इगलास, अतरौली शामिल हैं। गभाना और अलीगढ़ शहर में सीएनजी-एलपीजी पंप संचालित हो गए हैं। अन्य केंद्रों में भी जैसे-जैसे यह पंप शुरू हो जाएंगे। व्यवस्था आगे बढ़ जाएगी। वायु प्रदूषण को देखते हुए वहां से भी डीजल-पेट्रोल संचालित ऑटो को खत्म कर दिया जाएगा। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।
अभी शहर में दौड़ रहे सभी सवारी ऑटो अवैध
-एक के पास भी नहीं है संचालन का परमिट,
-एआरटीओ द्वारा यातायात पुलिस को भेजी रिपोर्ट से खुलासा
- जिले में शहर और देहात के मिलाकर कुल पांच संचालन केंद्र
संचालन केंद्र वैध ऑटो की संख्या
अलीगढ़ शहर 00
जट्टारी 562
अतरौली 998
इगलास 50
गभाना 365
अलीगढ़ स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में शामिल है। इसलिए यहां के प्रदूषण स्तर को कम करने के लिए कुछ जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। शहर के दस चौराहों पर वायु और ध्वनि प्रदूषण मापने के यंत्र लगाए गए हैं। इसी क्रम में डीजल पेट्रोल चलित ऑटो को बाहर कर अब पर्यावरण को दृष्टिगत रखते हुए केवल सीएनजी और एलपीजी ऑटो ही चल पाएंगे। आरटीओ कार्यालय इस संबंध में कार्रवाई कर रहा है।
- जीएस प्रियदर्शी, मंडलायुक्त
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नोएडा में कोरोना से एक की मौत, 27 संक्रमित

इगलास के नगला जंगली के एक 61 वर्षीय व्यक्ति की नोएडा में उपचार के दौरान मौत हो गई है। 27 लोग संक्रमित पाए गए हैं और 39 लोग स्वस्थ होकर अस्पताल से घर लौटे हैं। जनपद में अब तक 9971 लोग संक्रमित और 8883 स्वस्थ हुए हैं। वर्तमान समय में 342 लोग सक्रिय हैं।
दो रोज पहले इगलास के गांव नगला जंगली का 61 वर्षीय बुजुर्ग कोरोना से संक्रमित पाए गए थे। उपचार के लिए परिजन नोएडा ले गए थे। वहीं पर उपचार के दौरान बुधवार को उनकी मौत हो गई। जेएन मेडिकल कॉलेज, दीनदयाल संयुक्त चिकित्सालय, प्राइवेट लैब एवं एंटीजन टेस्ट में बृहस्पतिवार को 27 लोग संक्रमित पाए गए हैं। एमसी रोड दोदपुर के तीन लोग संक्रमितों में शामिल हैं। जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने बताया कि संक्रमितों को लक्षण के आधार पर कोविड-19 अस्पताल में भर्ती किया जा रहा है। परिजन एवं संपर्क में आए लोगों को क्वारंटीन कर नमूना लिया जा रहा है। उन्होंने लोगों ने मास्क, दो गज की दूरी एवं बार-बार हाथ धोते रहने के नियम का पालन करने की अपील की है।
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डांडिया रास में दिखा महिलाओं का उत्साह

सिद्धपीठ मंदिर श्री साईं मंदिर सारसौल पर बृहस्पतिवार को नवरात्र के मौके पर डांडिया रास का आयोजन किया गया। इस दौरान माता के भजनों पर भक्तों का उत्साह देखने लायक था। इनरव्हील क्लब झलक व मंदिर प्रबंध समिति द्वारा माता की चौकी व डांडिया रास का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की मुख्य अथिति एडीएम सिटी की धर्मपत्नी मनीषा मालपानी रहीं, जबकि विशिष्ट अतिथि नाजमा मसूद रहीं। यहां संयोजक व गृहलक्ष्मी फाउंडेशन की चेयरपर्सन काजल धीरज, अमित, राजीव उपाध्याय, धर्म प्रकाश अग्रवाल, राजकुमार गुप्ता, चारु चौहान, डॉ. अंशु सक्सेना, कोकिला अग्रवाल, पारुल जिंदल, लक्ष्मी तुरैहा, भावना शक्ति, कृति अरोड़ा, नीलम वार्ष्णेय, पूनम सिंह, रेशु वशिष्ठ, रुचि पाठक, श्वेता,गुंजन आदि मौजूद रहे।
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धर्म परिवर्तन किसी लड़ाई का हल नहीं

हाथरस कांड के विरोध में गाजियाबाद में वाल्मीकि समाज द्वारा धर्म परिवर्तित कर बौद्ध धर्म अपनाने की घटना पर यहां वाल्मीकि समाज की तीखी प्रतिक्रिया आई है। समाज के प्रमुख नेताओं ने कहा है कि यह वैसे लोगों का निजी निर्णय है। मगर इस पर हाथरस कांड से जोड़कर निर्णय लेना गलत है। इस तरह का कदम किसी लड़ाई का हल नहीं हो सकता। हक के लिए लड़ना तो समझ में आता है। मगर धर्म परिवर्तन गलत है। हमें कानून पर भरोसा है।
- हम जिस जाति से हैं, उसी जाति में रहकर अपने ऊपर हो रहे उत्पीड़न के खिलाफ लड़ेंगे। कहने को हम किसी धर्म में चले जाएं, मगर कहलाए वाल्मीकि ही जाएंगे। हमारे मोहल्ले व परिवार के तमाम लोगों ने ईसाई धर्म अपनाया है। मगर लोग आज भी उन्हें वाल्मीकि ईसाई कहते हैं। जाति या धर्म परिवर्तन से कोई लड़ाई नहीं लड़ी जाती। हां, हाथरस कांड को लेकर जो हुआ है, उसमें इतना जरूर कहूंगा कि हिंदू होकर भी हमें हिंदू सरकार में उत्पीड़न झेलना पड़ा। न्याय के लिए लड़ना पड़ा। सवर्ण सपोर्ट नहीं करते। कभी मंदिर में जाने पर पीटा जाता है तो कभी नलकूप पर जाने पर पीटा जाता है। सरकार ऐसी घटनाओं पर रोक लगाए तो कोई अपना धर्म क्यों परिवर्तित करेगा। मगर मैं गाजियाबाद के लोगों से कहना चाहूंगा कि उन्होंने गलत किया है। अलीगढ़ में कोई ऐसा करेगा तो मैं उन्हें समझाऊंगा और मनाऊंगा।
- श्यौराज जीवन, राष्ट्रीय सफाई आयोग के पूर्व सदस्य
-गाजियाबाद में क्यों हुआ, इस पर तो टिप्पणी नहीं कर सकता। मगर अलीगढ़ में न तो ऐसा है और न होने देंगे। हमारी संविधान और सरकार में आस्था है। हमें कानून पर पूरा भरोसा है। हमने लोकतंत्र में अपनी बात हाथरस कांड को लेकर रखी। वो अलग बात है कि सरकार माने या न माने। हमें कष्ट इस बात का है कि हम कहलाते हिंदू हैं, मगर हमें उस दर्जे के साथ इस हिंदू सरकार में न्याय नहीं मिलता है। इसके लिए ही हाथरस कांड में हमने अपनी लड़ाई लड़ी और जरूरत हुई तो आगे भी लड़ेंगे।
- बिल्लू चौहान, प्रदेश महामंत्री सफाई मजदूर संघ
- गाजियाबाद के लोगों की अपनी आस्था है। वो कोई निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र हैं। धर्म परिवर्तन पर कहीं कोई पाबंदी नहीं है। मगर हमारे यहां ऐसा कुछ नहीं है। न हमारी जानकारी में है। रहा सवाल हाथरस कांड को लेकर उनके निर्णय का तो सरकार से हमने जो मांग की, सरकार ने हमारी हर मांग मानी है। अब हमें सीबीआई जांच व न्यायालय पर भरोसा है। जो भी जांच में सामने आएगा, उसके अनुसार न्यायालय अपना फैसला सुनाएगा।
- प्रदीप भंडारी, अध्यक्ष नगर सफाई मजदूर संघ
खुफिया तंत्र जुटा रहा इनपुट
गाजियाबाद में जो कुछ हुआ है, कहीं ऐसा यहां तो नहीं होने की अंदरखाने तैयारी चल रही। इसे लेकर खुफिया तंत्र यहां इनपुट जुटा रहा है। इसे लेकर लगातार टीमें मोहल्लों में टोह लेती फिर रही हैं।
प्रदीप भंडारी।
प्रदीप भंडारी।- फोटो : CITY OFFICE
श्योराज जीवन
श्योराज जीवन- फोटो : CITY OFFICE
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