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अलीगढ़ः कल्याण सिंह के रिश्तेदार काे फोन पर मिली धमकी

प्रमुख भाजपा नेता व पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के रिश्तेदार ठा.श्योराज सिंह के बेटे जितेंद्र सिंह को फोन पर जान से मारने की धमकी मिलने का प्रकरण सामने आया है। इस सिलसिले में एक व्यक्ति के नामजद व एक अज्ञात के खिलाफ गांधीपार्क थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है, जिसमें गाजियाबाद से लौटते वक्त कार टकराने के विवाद में फोन पर धमकी देने का आरोप है। 


वैष्णो हाइट्स गांधीपार्क में रहने वाले भाजपा के बृज प्रांत उपाध्यक्ष ठा. श्योराज सिंह के बेटे जितेंद्र सिंह ने दर्ज कराए मुकदमे में कहा है कि वह अपने भाई नवेंद्र राज सिंह के साथ किसी काम के सिलसिले में शनिवार को गाजियाबाद गए थे। वहां से लौटते समय लाल कुआं चौराहा के पास नशे में धुत दो लोगों ने अपनी स्कॉर्पियो से कार में टक्कर मारी।


जिससे गाड़ी में नुकसान हो गया और एतराज जताया तो अभद्रता करते हुए साथी स्टाफ के साथ मारपीट कर दी। इसकी शिकायत लाल कुआं चौकी पर की गई तो वहां दरोगा ने उनकी गाड़ी के कागज जब्त कर लिए। बाद में समझौते पर बात आई। उस समय वहां से चले आए।

अगले दिन वह समझौते से मुकर गया और अब फोन पर देर रात तक धमकी दे रहा है कि अगर इस मामले में समझौता नहीं किया और लालकुआं चौकी से कागज वापस नहीं दिलाए तो परिणाम गंभीर होंगे। गाजियाबाद या नोएडा में आओगे तो जान से मार दूंगा। इंस्पेक्टर गांधीपार्क ने बताया कि इस मामले में मोबाइल नंबर धारक संजय चौधरी के खिलाफ धमकी देने का मुकदमा दर्ज किया गया है।
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अलीगढ़ः खिलौना तमंचा फैक्टरी के विस्फोट में एक और मौत

थाना देहली गेट क्षेत्र में मिश्रित और सबसे घनी आबादी वाले मोहल्ला खटीकान में खिलौना पिस्तौल (तमंचा) बनाने वाली फैक्टरी में मंगलवार शाम हुए विस्फोट में घायल कारीगर की बुधवार को मौत हो गई। उसका उपचार जेएन मेडिकल कॉलेज में चल रहा था। इस तरह इस हादसे में मृतक संख्या पांच पहुंच गई है। 


इधर, इस हादसे के बाद से इलाके में दूसरे दिन भी हायतौबा के हालात बने रहे। मंगलवार को मृत तीनों भाइयों के शवों का बुधवार सुबह एक साथ अंतिम संस्कार किया गया, जबकि चौथे मजदूर के शव का शाम को अंतिम संस्कार हुआ। इधर, पुलिस प्रशासनिक टीमें विस्फोट के कारणों को लेकर जांच में जुटी हैं। वहीं, परिवार की तहरीर पर फिलहाल थाने में इत्तेफाकिया दर्ज कर लिया गया है।


मोहल्ला खटीकान में आरएसएस से जुड़े सुरेंद्र भीलवारा पुत्र सरदार स्वरूप सिंह के भतीजे मनोज व संजय प्लास्टिक के तमंचे बनाने का कारखाना चलाते थे। कारखाने में मंगलवार शाम करीब 4:20 बजे तेज विस्फोट हुआ था। उस समय यह विस्फोट सिलिंडर फटने का माना गया था। मगर अभी तक की जांच में यहां सिलिंडर फटने के कोई अवशेष नहीं मिले हैं। इस हादसे में दर्जन भर घायलों में से चार ने मंगलवार को ही दम तोड़ दिया था। बाकी घायल जेएन मेडिकल कॉलेज में उपचार पा रहे हैं।


इन्हीं घायलों में से एक भीम सिंह उर्फ भीमा उर्फ अमित कुमार पुत्र मदनलाल (35) निवासी कैलाश गली देहली गेट ने बुधवार शाम दम तोड़ दिया। भीमा फैक्टरी में कारीगर था। मौत
की खबर पर उसके परिवार में भी कोहराम मच गया। 


वहीं, सुबह छह बजे ही तीनों भाइयों मनोज, विशाल व अभिषेक के शव का पोस्टमार्टम करा दिया गया। तीनों शव एक साथ खटीकान पहुंचे और एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। पंकज के शव का पोस्टमार्टम दोपहर में हो सका। उसके शव का शाम को अंतिम संस्कार किया गया। 


इंस्पेक्टर देहली गेट आशीष कुमार सिंह के अनुसार इस मामले में अभी कोई मुकदमा या कार्रवाई नहीं हुई है। पुलिस प्रशासनिक टीमों के स्तर से जांच चल रही हैं। सुरेंद्र के परिवार की लिखित सूचना पर एक इत्तेफाकिया जरूर दर्ज किया गया है। जांच में जो भी सामने आएगा, उसके अनुसार आगे कार्रवाई की जाएगी।

- विस्फोट में घायल भीम सिंह को जेएन मेडिकल कॉलेज में मृत घोषित किया गया है। इस तरह मृतक संख्या पांच हो गई है। रहा सवाल जांच व कार्रवाई का तो सिटी मजिस्ट्रेट स्तर से जांच की जा रही है। उन्हें पुलिस हर तरह का सहयोग कर रही है, जो जांच में तय पाया जाएगा, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।-अभिषेक एसपी सिटी
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घनी आबादी में बिना मेमोरंडम चल रही थी खिलौना फैक्टरी

 महानगर के खटीकान मोहल्ला में मंगलवार शाम तमंचा फैक्टरी में ऐसा क्या फटा? जिसकी वजह से आसपास कई किमी रेडियस में धमाके की गूंज सुनाई दी। आसपास के कई मकानों में दरारें तक पड़ गईं। पांच लोगों की जान चली गई। इस सवाल का जवाब तलाशने के लिए पुलिस प्रशासनिक मशीनरी ने जांच शुरू कर दी है।


बुधवार को सिटी मजिस्ट्रेट की अगुवाई में पुलिस व फायर टीम मौके पर पहुंची। इस दौरान टीमों को सिलिंडर फटने का वहां कोई अवशेष नहीं मिला। हां, कई टुकड़ों में क्षतिग्रस्त हाइड्रोलिक कंप्रेशर मशीन जरूर मिली। इसे जब्त कर लिया गया है और इसे फॉरेंसिक व बैलेस्टिक जांच के लिए आगरा विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जा रहा है।



मंगलवार को जब यह हादसा हुआ, उस समय शोर मचा कि यहां सिलिंडर फटा है। मगर बुधवार को जब सिटी मजिस्ट्रेट की अगुवाई में जांच टीमें वहां साक्ष्य संकलन के लिए पहुंचीं तो कई घंटे तक चली जांच पड़ताल के बाद भी सिलिंडर फटने का कोई अवशेष नहीं मिला। यहां मॉल्डिंग मशीन के साथ चलने वाली हाइड्रोलिक कंप्रेशर मशीन कई टुकड़ों में मिली। इसे जब्त कर लिया गया है।

सिटी मजिस्ट्रेट विनीत कुमार सिंह के अनुसार इस मशीन को बैलेस्टिक व फॉरेंसिक जांच के लिए बृहस्पतिवार को आगरा भेजा जाएगा। अभी यह कहना सही नहीं है कि हादसा इसी से हुआ। हां, इससे जुड़े अन्य साक्ष्य संकलन के लिए आगरा से फॉरेंसिक टीम बुलाए जाने पर भी विचार चल रहा है। इस संबंध में पुलिस अधिकारियों से कहा गया है। 

विस्फोटक तो नहीं?..पोस्टमार्टम में जलने के भी मिले साक्ष्य
फायर विभाग इस बात को कतई सिरे से नहीं नकार रहा कि यहां किसी तरह के विस्फोटक का प्रयोग न हुआ हो। बुधवार को हुए चारों शवों के पोस्टमार्टम में वजनी वस्तुओं की चोटों के अलावा जलने के भी साक्ष्य मिले हैं। इसे लेकर सीएफओ विवेक शर्मा कहते हैं कि मौके पर किसी तरह के विस्फोटक के फटने या जलने के साक्ष्य तो नहीं मिले। मगर एक अंदेशा है कि जिस तरह वहां तमंचे बनाए जा रहे थे तो हो सकता है कि उसमें प्रयोग होने वाली आतिशबाजी भी तैयार हो रही हो। जिसमें प्रयोग होने वाला अमोनिया नाइट्रेट लाया गया हो। अगर वह फटेगा तो उसके अवशेष नहीं मिलेंगे और उसकी आग की लपटों से ही जलने के साक्ष्य पोस्टमार्टम में आ सकते हैं। हालांकि नतीजा किसी जांच के बाद ही तय हो पाएगा।


कैसे चलती है हाइड्रोलिक कंप्रेशर मशीन
तकनीकी जानकारों के अनुसार हाइड्रोलिक कंप्रेशर मशीन किसी मशीन को तेज दबाव के साथ ऊपर नीचे करने के लिए प्रयोग में लाई जाती है। यहां इसका प्रयोग लोहे को दबाने, मोड़ने वाली मॉल्डिंग मशीन पर दबाव बनाने के लिए होता है। इसमें एक विशेष प्रकार का ऑयल पड़ता है। एक बार के दबाव के लिए 15-20 बार (किलोग्राम का प्रतिशत स्क्वायर सेंटीमीटर) के हिसाब से दिया जाता है। जो बेहद तेज व घातक होता है। अगर यह फटेगा तो इस तरह का हादसा होना संभव है।




मजिस्ट्रेटी जांच शुरू, जांच अधिकारी व सिटी मजिस्ट्रेट ने किया मौका मुआयना
विस्फोट मामले में मजिस्ट्रेटी जांच शुरू हो गई है। अब तक हुई जांच में पता चला है कि यह फैक्टरी स्माल स्केल इंडस्ट्री के रूप में चल रही थी और संचालक के पास प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड या अन्य विभागों द्वारा जारी कोई मेमोरंडम नहीं था। सिटी मजिस्ट्रेट ने बुधवार को मौके पर जाकर मौका मुआयना किया। हालांकि, मामला एक ही परिवार से जुड़ा होने और पांच लोगों की मौत को देखते हुए मानवीय दृष्टिकोण से किसी परिजन से कोई पूछताछ नहीं की। 
इधर, मामला इंडस्ट्री से जुड़ा होने के चलते जीएम डीआईसी श्रीनाथ पासवान भी मौके पर गए और मुआयना किया। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम भी मौके पर गई। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी रामगोपाल ने बताया कि संचालक के पास विभाग की कोई एनओसी नहीं थी और न ही विभाग की ओर से कोई मेमोरंडम जारी था। नियमानुसार घनी आबादी वाले इलाके में विभाग किसी भी वाणिज्यिक गतिविधि के संचालन की अनुमति जारी नहीं करता। सिटी मजिस्ट्रेट विनीत कुमार ने बताया कि मौका मुआयना कर लिया गया है। देखा जा रहा है कि संचालकों ने किस किस विभाग से एनओसी ली है। एक ही परिवार का मामला होने के कारण फिलहाल किसी से पूछताछ नहीं की गई है।

लैंड यूज भी नहीं बदला था 
खटीकान मोहल्ला जैसी घनी आबादी में फैक्टरी संचालन के लिये संचालकों ने लैंड यूज बदलना भी जरूरी नहीं समझा। इसकी पुष्टि अलीगढ़ विकास प्राधिकरण के अधिशासी अभियंता डीएस भदौरिया ने की है। उन्होंने बताया कि संचालक ने वाणिज्यिक गतिविधि के संचालन के लिये लैंड यूज में बदलाव के लिये आवेदन तक नहीं किया।


सफेद श्रेणी में थी फैक्टरी
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी रामगोपाल ने बताया कि खटीकान मोहल्ला में चल रही खिलौना फैक्टरी सफेद श्रेणी में आती है। इसके लिये विभाग से एनओसी की जरूरत नहीं होती, परंतु नोटिफाइड एरिया (इंडस्ट्रियल, वाणिज्यिक आदि) में ही इसका संचालन किया जा सकता है। बताते चलें कि उद्यमों को चार श्रेणी लाल, नारंगी, हरा व सफेद में बांटा गया है। लाल श्रेणी में अत्यधिक प्रदूषण फैलाने वाले उद्योग जैसे सीमेंट आदि, नारंगी श्रेणी में ईंट उद्योग आदि, हरे श्रेणी में खिलौना, सिलाई मशीन आदि व सफेद श्रेणी में प्लास्टिक के खिलौने, सामान, सोलर प्लांट व रेडीमेड उद्योग आदि शामिल हैं।

गलती किसकी है, यह तय होगा तब होगी मुआवजे की बात
थाना देहलीगेट के मोहल्ला खटीकान प्रकरण ने सभी को हिला कर रख दिया है। सभी की संवेदनाएं पीड़ित परिवार के साथ हैं और उन्हें शासन से मुआवजा दिलाने की बात भी उठ रही है। इस मामले में डीएम का रुख स्पष्ट है। उन्होंने बताया कि मामले की रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। जहां तक मुआवजे का सवाल है तो मजिस्ट्रेटी जांच चल रही है। रिपोर्ट आने पर तय होगा कि गलती किसकी है। इसके बाद तय किया जाएगा कि पीड़ित परिवार को मुआवजा दिया जाय या नहीं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सभी पहलू मजिस्ट्रेटी जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएंगे, उससे पहले इस मामले में कुछ कहना जल्दबाजी होगी। 
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अलीगढ़ः छह साल के बच्चे पर हमउम्र बच्ची से दुष्कर्म का आरोप, हैरानी के बाद हरकत में आई पुलिस

हाथरस कांड अभी ठंडा नहीं हुआ कि अब अलीगढ़ में एक ऐसी ही हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। क्वार्सी इलाके में छह साल की बच्ची संग छह साल के ही बच्चे पर दुष्कर्म करने का आरोप लगा है। घटना छह दिन पुरानी बताई जा रही है। शनिवार रात पुलिस से शिकायत हुई तो पुलिस हरकत में आ गई। आनन-फानन बच्ची को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया। साथ ही आरोपी बच्चे से भी पुलिस ने घर जाकर पूछताछ की। फिलहाल, मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। सोमवार को आरोपी बच्चे की उम्र को लेकर मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा। इसके बाद ही आगे कार्रवाई तय होगी।

क्वार्सी क्षेत्र में अनूपशहर रोड के एक इलाके में रहने वाले एक व्यक्ति के तीन बच्चे हैं। मझली बच्ची की उम्र छह साल है। शनिवार रात बच्ची को लेकर उसकी मां थाने पहुंची और बताया कि उसकी बेटी संग पड़ोस के बच्चे ने दुष्कर्म किया है। उसने बताया कि घटना 12 अक्तूबर दोपहर करीब साढ़े तीन बजे की है। बच्ची घर के दरवाजे पर खेल रही थी। तभी उसकी गेंद पड़ोसी के घर में चली गई। जब वह गेंद लेने गई तो वहां किराये पर रहने वाले परिवार के बच्चे ने उसे पकड़ लिया। मुंह दबाकर बाथरूम में ले जाकर बेटी के साथ अश्लील हरकत, दुष्कर्म किया।

घटना के बाद बच्ची ने किसी को कुछ नहीं बताया। शनिवार रात पेशाब के समय अचानक वह दर्द के साथ रो पड़ी। जब मां ने देखा तो पाया कि बच्ची के प्राइवेट पार्ट में कुछ परेशानी है। तब पूछने पर बच्ची ने घटना की जानकारी दी। इस सूचना पर आनन-फानन में इंस्पेक्टर क्वार्सी छोटेलाल मौके पर गए तो आरोपी बच्चे को देखकर दंग रह गए। इंस्पेक्टर के अनुसार आरोपी की मां ने उसकी उम्र छह साल बताई।

बच्चे को पूछताछ के बाद उसके परिवार के पास ही छोड़ दिया गया। बच्ची का मेडिकल परीक्षण कराते हुए दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। मुकदमे में आरोपी बच्चे की उम्र का उल्लेख नहीं किया है। वहीं, बच्ची के शैक्षणिक प्रमाणपत्रों के अनुसार बच्ची की उम्र साढ़े पांच साल (जन्मतिथि मार्च 2015) है।

- क्वार्सी में बच्ची संग दुष्कर्म का आरोप हमउम्र बच्चे पर लगा है। बच्ची का मेडिकल परीक्षण कराया गया है। उसकी रिपोर्ट में अभी कुछ स्पष्ट नहीं है। आरोपी बच्चे को किशोर न्याय बोर्ड में पेश कर उम्र का परीक्षण कराने की अनुमति ली जाएगी। इसके बाद ही बच्चे पर कार्रवाई तय होगी।
- अभिषेक, एसपी सिटी
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मेड़ के विवाद में दो भाइयों की गोली मारकर हत्या, सभी आरोपी फरार

कोतवाली क्षेत्र के गांव नगरिया छावा में शनिवार की सुबह खेत की मेड़ को लेकर हुए विवाद में एक भाई ने अपने दो बेटों को साथ हमलाकर अन्य दो भाइयों की गोली मारकर हत्या कर दी। इस मामले में मुकदमा दर्ज कराने वाले चौथे भाई का कहना है कि हमलावरों ने उसे भी जान से मारने की कोशिश की। उसने भागकर किसी तरह अपनी जान बचाई। जानकारी मिलने पर बड़ी संख्या में पुलिस बल सहित कई अधिकारी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। सभी आरोपी फरार हैं।

दर्ज रिपोर्ट में सत्यपाल सिंह पुत्र नत्थीलाल ने कहा है कि वह चार भाई हैं। उसके एक भाई अजयपाल सिंह ने खेत की मेड़ को गलत ढंग से तोड़ दिया था। शनिवार सुबह करीब 10 बजे वह अपने दो अन्य भाइयों फाल सिंह, हंबीर सिंह व परिजनों के साथ मेड़ ठीक करने गया था। वहां पर अजयपाल सिंह व उसके दोनों बेटे अरविंद और दिनेश उर्फ गुड्डू भी मौजूद थे। हमने उनसे कहा कि मेड़ गलत लगी है, नाप कर सही कर देते हैं। अजयपाल सिंह ने कहा कि जो मेड़ हमने लगाई है, वही सही है और यह ऐसे ही रहेगी। इसी को लेकर विवाद बढ़ गया। 

इसी दौरान अरविंद ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से फाल सिंह और हंबीर सिंह को गोली मार दी जिससे वे घायल होकर गिर पड़े। अजयपाल व दिनेश ने भी फावड़ों से उसके व उसके परिजनों के साथ बुरी तरह मारपीट की। वह मौके से जान बचाकर भागा तो उसके ऊपर फायर करते हुए अरविंद ने घर तक पीछा किया। शोरगुल होने पर गांव के लोगों तथा रिश्तेदार पप्पल पुत्र नत्थीसिंह ने मौके पर आकर बचाया। वारदात में दिनेश की मां विमलेश और पत्नी पिंकी ने भी सहयोग किया। 

गोली से घायल भाइयों को सीएचसी सादाबाद लाया गया, जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। जानकारी मिलने पर एसपी, एएसपी, सीओ और कोतवाल ने घटना स्थल का मुआयना किया और मृतक के परिजनों से घटना के संबंध में पूछताछ की। रिपोर्ट में अजयपाल सिंह पुत्र नत्थीलाल, उसके दोनों बेटे अरविंद, दिनेश उर्फ गुड्डू, विमलेश देवी और पिंकी को धारा 147, 148, 149, 323, 307, 302 और 34 के तहत नामजद किया गया है।
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अलीगढ़: शिक्षित बेरोजगारों की उम्मीदों को लगे पंख

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
मेहनत का कोई शॉर्ट कट या विकल्प नहीं होता है। यदि आप सही रास्ता चुनते हैं तो आगे का जीवन स्वर्णिम होता है। नियुक्ति पत्र पाकर दीपावली से पहले दीपावली जैसा माहौल बन रहा है। शिक्षित बेरोजगारों की उम्मीदों को पंख लग रहे हैं। प्रदेश के लोगों ने जो नहीं सोचा था। वह सार्थक हो रहा है। ऐसा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कार्यशैली की वजह से संभव हुआ है। यह उद्गार शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में गन्ना विकास एवं चीनी मिल मंत्री और जनपद के प्रभारी मंत्री सुरेश राणा ने 279 नवनियुक्त शिक्षकों को नियुक्ति प्रमाणपत्र वितरित करते हुए व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि बेसिक शिक्षा विभाग ने लंबी लड़ाई के बाद 69 हजार शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है। इसके परिणाम स्वरूप पूरे प्रदेश में 31277 एवं जनपद में 279 शिक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए जा रहे हैं। इस भर्ती प्रक्रिया में काफ ी संख्या में ऐसे शिक्षामित्र भी हैं, जो लगभग 16 साल से नियमित शिक्षक होने का सपना देख रहे थे। आज प्रदेश सरकार की स्पष्ट एवं पारदर्शी नीति के चलते उनका सपना पूरा ही नहीं हुआ है। बल्कि योग्यता के समान अवसर भी प्रदान हुए हैं। यहां मिशन प्रेरणा के अंतर्गत किए जा रहे अभिनव प्रयासों के बारे में फिल्म के माध्यम से जानकारी भी प्रदान की गईं।
प्रभारी मंत्री ने अंजली शर्मा, करूणा, योगेश कुमार, निर्भय प्रताप सिंह, जितेंद्र शर्मा को प्रतीकात्मक रूप से नियुक्ति पत्र वितरित किए और सभी को उज्ज्वल भविष्य एवं खुशहाल जीवन की शुभकामनाएं दीं। यहां सांसद सतीश गौतम, बरौली विधायक दलवीर सिंह, छर्रा विधायक ठा. रवेंद्रपाल सिंह, कोल विधायक अनिल पाराशर, शहर विधायक संजीव राजा, इगलास विधायक राजकुमार सहयोगी, खैर विधायक अनूप प्रधान, भाजपा जिलाध्यक्ष चौ ऋ षिपाल सिंह, महानगर अध्यक्ष विवेक सारस्वत, मानव महाजन समेत जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह, सीडीओ अनुनय झा, बीएसए डॉ. लक्ष्मीकांत पांडेय आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे।
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अलीगढ़: जब मोदी-योगी 18 से 20 घंटा काम कर सकते हैं तो हम क्यों नहीं

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
भाजपा के जनप्रतिनिधियों एवं पार्टी पदाधिकारियों से प्रभारी मंत्री सुरेश राणा ने कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 18 से 20 घंटे काम कर सकते हैं तो हम लोग क्यों नहीं कर सकते।
सुरेश राणा शुक्रवार को सर्किट हाउस में भाजपा की समन्वय बैठक में बोल रहे थे। बंद कमरे में महानगर एवं जिला इकाई की अलग-अलग बैठक हुई। इसमें राज्यमंत्री संदीप सिंह, एमएलसी ठाकुर जयवीर सिंह, हाथरस के सांसद राजवीर दिलेर एवं प्रदेश मंत्री पूनम बजाज को छोड़कर अधिकतर जन प्रतिनिधि एवं पदाधिकारी शामिल हुए। जनप्रतिनिधियों से कहा गया कि
वह जनता के साथ ही पार्टी के मंडल स्तर के दायित्व वाले कार्यकर्ताओं के साथ अलग से संवाद करें। संगठन व जन प्रतिनिधि और जनप्रतिनिधि व जनता के बीच भी बेहतर संवाद बनाने पर जोर दिया गया। साथ ही कहा कि अब हर माह के प्रथम रविवार को समन्वय बैठक होगी। यह भी कहा कि केंद्र सरकार एवं प्रदेश सरकार की लोक कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी नेता एवं कार्यकर्ता के माध्यम से घर-घर पहुंचनी चाहिए ताकि अधिक से अधिक लोग लाभ उठा सकें। एमएलसी चुनाव पर भी चर्चा हुई। प्रभारी मंत्री ने कहा कि एमएलसी चुनाव में सभी को लग जाना है। जिलाध्यक्ष चौधरी ऋषिपाल सिंह, महानगर अध्यक्ष विवेक सारस्वत, सांसद सतीश गौतम, विधायक संजीव राजा, अनिल पाराशर, दलवीर सिंह, रवेंद्रपाल सिंह, अनूप प्रधान, राजकुमार सहयोगी, श्योराज सिंह, डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह आदि मौजूद थे।
बलिया की घटना पर चुप्पी साध गए प्रभारी मंत्री
अलीगढ़। बलिया में एसडीएम, सीओ एवं थाना प्रभारी की मौजूदगी में एक व्यक्ति की हत्या के सवाल को प्रभारी मंत्री सुरेश राणा ने यह कहकर टाल दिया कि इसके बारे में उन्हें ठीक से जानकारी नहीं है। वह बुलंदशहर से अलीगढ़ आ गए। वह घटना के बारे में जानकारी हासिल करने के बाद कुछ कहने की स्थिति में होंगे। उल्लेखनीय है कि बलिया की घटना के बाद से प्रदेश में कानून-व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। महिलाओं के साथ भी हिंसक घटनाएं एक के बाद एक सामने आ रही है। ऐसे सवालों का जवाब देने से भाजपा नेता बच रहे हैं।
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एफडीए ने शहर व देहात में चलाया अभियान, भरे नमूने

नवरात्र से एक दिन पूर्व शुक्रवार को खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शहर और देहात क्षेत्र में अभियान चलाकर खाद्य पदार्थों के नमूने भरे। साथ ही नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के सहायक आयुक्त खाद्य रामनरेश एवं अभिहित अधिकारी सर्वेश मिश्रा के संयुक्त नेतृत्व में मंडलीय टीम ने मंजूर गढ़ी स्थित फर्म जयदुस वेलनेस के यहां से घी का एक नमूना लिया। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अक्षय प्रधान के नेतृत्व में ब्राह्मण पुरी सासनी गेट स्थित देवेंद्र कुमार की चक्की और प्रवीण कुमार वार्ष्णेय की चक्की से कुट्टू के आटे के नमूने भरे गए। अचल ताल स्थित खोया मंडी से 12 नमूना जांच के लिए संग्रहित किए गए।
इसके लिए मुख्यालय से फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स भेजी गई थी। इधर, पूर्णागिरी मंदिर के सामने आईटीआई रोड स्थित दीपक की दुकान से गजक का एक नमूना एवं खैर बाईपास रोड स्थित लोकेश वार्ष्णेय की दुकान से खोया का नमूना लिया गया। तहसील गभाना स्थित बरौली चौराहे से अशोक कुमार किराना स्टोर से कुट्टू के आटे का एक नमूना एवं गौमत चौराहा से मिश्रित दूध के दो नमूने संग्रहित किए। मिश्रित दूध का का एक नमूना विजयगढ़ बाजार से संग्रहित किया।
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अलीगढ़: सर सैयद ने आधुनिक शिक्षा के महत्व को समझा व साकार करके दिखाया

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर ने सर सैयद डे के अवसर पर सभी विद्यार्थियों और अलीग बिरादरी को बधाई देते हुए कहा कि सर सैयद के सिद्धांतों पर चलना ही उनको सच्ची श्रद्धांजलि होगी। अमर उजाला से खास बातचीत में उन्होंने कहा कि सर सैयद ने एक ऐसे समय में समाज को प्रगति की राह दिखाई, जब लोग सदियों पुराने अंधेरों में भटक रहे थे। उन्होंने आधुनिक समाज के लिए आधुनिक शिक्षा के महत्व को समझा और उसको साकार करके दिखाया।
कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर ने कहा कि शिक्षा वह माध्यम है, जिसके द्वारा समाज के वंचित और पिछड़े वर्ग भी अपने को विकसित करके समकक्ष खड़ा कर सकते हैं। सर सैयद द्वारा स्थापित अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में शिक्षा ग्रहण कर चुके ऐसी महान हस्तियां हैं, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में शिक्षा के माध्यम से उपलब्धियां हासिल कीं। ऐसे व्यक्तियों ने अपने साथ-साथ समाज और दुनिया को भी गति और दिशा देने का काम किया।
उन्होंने कहा कि महामारी के दौरान भी विश्वविद्यालय में शैक्षिक गतिविधियों को अधिक से अधिक सुचारु रखने का प्रयास किया गया। सर सैयद की भी यही ख्वाहिश थी कि किसी भी परिस्थिति में शिक्षा ग्रहण करने का कार्य प्रभावित न हो। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के दरवाजे सभी धर्मों संप्रदायों के विद्यार्थियों के लिए समान रूप से खुले हैं। इसी के चलते इस संस्था का स्वरूप महान हो जाता है।
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अलीगढ़: सर सैयद ने भारतीयों को आधुनिक शिक्षा दिलाने के लिए की थी पहल

दो शताब्दी पहले की बात है, दिल्ली में रहने वाले सैयद मोहम्मद मुत्तकी और उनकी पत्नी अजीजुन्निशा बेगम के यहां पर 17 अक्तूबर 1817 को एक बालक ने जन्म लिया। यह बालक आगे चलकर आधुनिक भारत का महान शिल्पी, समाज सुधारक और देश व समाज को दिशा देने वाला महान व्यक्ति साबित हुआ। इनको दुनिया आज सर सैयद अहमद के नाम से जानती है।

1857 के विद्रोह को अपनी आंखों से देखने वाले सर सैयद ने वक्त की आहट को समझ लिया था। उन्होंने यह जान लिया था कि आने वाले वक्त में ज्ञान नहीं, विज्ञान भी चाहिए। यही वजह थी कि उन्होंने अलीगढ़ की जमीन पर शिक्षा का एक पौधा लगाया, जो आज अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की शक्ल में वट वृक्ष बन चुका है। ब्रिटिश सर्वोच्चता के बराबर भारतीयों को खड़ा करने के लिए यह उनका एक प्रयास था।

कॉलेज के रूप में हुई थी विश्वविद्यालय की शुरुआत
सर सैयद अहमद खान ने 1875 में अलीगढ़ में मोअम्डन एंग्लो ओरिएंटल कॉलेज की स्थापना की। बाद में 1920 में इसे सेंट्रल यूनिवर्सिटी का दर्जा मिला और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी नाम पड़ा। देश में कुल 23 केंद्रीय विश्वविद्यालय हैं, इसमें एएमयू का स्थान सबसे अहम है।
एएमयू के इतिहास के मामलों के जानकार उर्दू अकादमी के डायरेक्टर डॉ राहत अबरार कहते हैं कि इससे आगे के सफर की बात करें तो 1920 से 1965 तक एएमयू बढ़िया तरह से चलता रहा। इसके बाद 1965 से 1972 के दौरान सरकारों ने कई तरह की पाबंदी लगा दीं। 1961 में अजीज पाशा नाम के शख्स ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी कि इसे अल्पसंख्यक संस्थान नहीं माना जाए। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर फैसला सुनाते हुए एएमयू को अल्पसंख्यक संस्थान मानने से मना कर दिया था। बाद में 1981 में केंद्र सरकार ने फिर से कानून में संशोधन किए और अल्पसंख्यक दर्जा दिया। आम सहमति से बिल पास हुआ। एएमयू को इसी बिल के पास होने के बाद से अब तक अल्पसंख्यक होने का दर्जा मिला।

जिसने यहां से की पढ़ाई, फलक पर छा गया
अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त करने के बाद यहां के विद्यार्थी राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति के साथ-साथ दूसरे देशों में भी प्रधानमंत्री की भूमिका तक पहुंचे। किसी को भारत रत्न मिला तो किसी को दूसरे बड़े सम्मान।

एएमयू से पढ़े हामिद अली अंसारी 2007 से 2017 तक देश के उप राष्ट्रपति रहे। पाकिस्तान के पहले प्रधानमंत्री लियाकत अली खान ने 1913 में एएमयू से उच्च शिक्षा ग्रहण की थी। लियाकत अली खान ने एएमयू से लॉ और पॉलिटिकल साइंस की डिग्री ग्रहण की थी। अली अशरफ फातमी ने यहाँ से शिक्षा ली। अशरफ भारत सरकार के पूर्व मानव संसाधन राज्यमंत्री रहे। दिल्ली के सीएम रहे साहिब सिंह वर्मा, पूर्व क्रिकेटर लाला अमरनाथ, कैफी आजमी, राही मासूम रजा, मशहूर गीतकार जावेद अख्तर के साथ ही फिल्म अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने भी एएमयू से पढ़ाई की थी। साथ ही ऐसे तमाम लोग हैं, जिन्होंने यहां से पढ़ने के बाद देश को आगे बढ़ाने में अहम योगदान दिया।

एएमयू के इन छात्रों को मिल चुका है भारत रत्न
देश तीसरे राष्ट्रपति डॉ. जाकिर हुसैन और खान अब्दुल गफ्फार खान को भारत रत्न से सम्मानित किया जा चुका है।

250 से अधिक कोर्स, लाइब्रेरी में दुर्लभ संग्रह
एएमयू में 250 से अधिक पाठ्यक्रम संचालित हैं। यहां की लाइब्रेरी समृद्ध लाइब्रेरी मानी जाती है। इसकी स्थापना 1877 में हुई। लाइब्रेरी में साढ़े चार लाख से अधिक दुर्लभ किताबें हैं। फारसी में अनुवादित गीता भी उपलब्ध है। साथ ही चार सौ साल पहले फारसी में अनुवादित की गई महाभारत की पांडुलिपि भी है। चौदह सौ साल पुरानी कुरआन लाइब्रेरी में है। साथ ही कई दुर्लभ दस्तावेज हैं, जो मुगल शासन की याद दिलाते हैं।

कुरान के साथ गीता भी, भगवान विष्णु की दुर्लभ प्रतिमा भी
हिंदू-मुस्लिम एकता के हितैषी रहे सर सैयद अहमद द्वारा स्थापित किए गए इस विश्वविद्यालय के संग्रहालय में भगवान विष्णु की लेटी हुई प्रतिमा व लाइब्रेरी में कुरआन के साथ ही गीता की प्राचीन पांडुलिपियाँ रखी हैं। साथ ही लाइब्रेरी में महावीर जुल स्तूप, आदिनाथ की प्रतिमाएं, कंक्रीट के सूर्यदेव की प्रतिमा भी यहां मौजूद हैं, संग्रहालय में लोहे व पत्थर के पुराने हथियार, पुराने बर्तन भी हैं, ये दुर्लभ वस्तुओं को समेटे दुर्लभ जगह है।
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अलीगढ़: भारतीयों को यूरोपियों से आगे निकालना चाहते थे सर सैयद

दीपक शर्मा
अलीगढ़। सर सैयद अहमद खान को समाज के लिए कुछ करने का जुनून था। वह भारतीयों को ब्रिटिश व अन्य यूरोपीय लोगों से आगे खड़ा देखना चाहते थे। उनको बखूबी पता था कि इसका सबसे अच्छा माध्यम शिक्षा ही है। उन्होंने विज्ञान के महत्व को समझा और इसीलिए साइंटिफि क सोसायटी की स्थापना की। जो आज की आवश्यकताएं हैं, उनको सर सैयद ने अपने जमाने में ही समझ लिया था।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के संस्थापक सर सैयद अहमद खान के 203वीं जयंती के अवसर पर उनके वंशजों में से एक उनकी परपौत्री शहजाद अलीम ने अमर उजाला से विशेष बातचीत में ये बातें कही। शहजाद ने कहा, सर सैयद ने उदार और तार्किक माध्यम के साथ शिक्षा हासिल करने के महत्व को बखूबी जान लिया था और इसी दिशा में काम किया। सर सैयद अहमद खान के विचारों की प्रासंगिकता आज और भी ज्यादा है, आने वाली सदियों में भी बनी रहेगी।
सर सैयद अहमद खान पर इतना लिखा जा चुका है कि लाइब्रेरी भरी पड़ी हैं। मुझसे ज्यादा लोग सर सैयद के बारे में जानते हैं। कहा, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय सदियों तक ज्ञान की तलाश में आने वाले युवाओं को रोशनी दिखाता रहेगा। वह सर सैयद डे के अवसर पर अलीगढ़ में पढ़ने वाले सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों, कर्मचारियों, अधिकारियों और दुनिया में फैली अलीग बिरादरी को दिली मुबारकबाद देती हैं।
कॉलेज की स्थापना के लिए पहले गाजीपुर के नाम पर विचार किया गया था
अलीगढ़। एएमयू के विषय में एक दिलचस्प तथ्य बताते हुए शहजाद अलीम ने कहा कि मोहम्मडन एंग्लो ओरिएंटल कॉलेज की स्थापना के लिए पहले गाजीपुर के नाम पर विचार किया जा रहा था। लेकिन बाद में दिल्ली के नजदीक होने और रेलवे लाइन से सीधा संपर्क होने के चलते इस कॉलेज की स्थापना के लिए अलीगढ़ को चुना गया।
एएमयू के सफ र में अहम मुकाम
- 25 अगस्त1876 को करीब 37 साल की सरकारी सेवा के बाद रिटायर होने पर सर सैयद ने स्थायी रूप से अलीगढ़ को ही अपना आशियाना बना लिया।
- फ रवरी 1878 क्रिकेट क्लब की स्थापना की गई। इसके संरक्षक में सर सैयद, महबूब आलम और राम शंकर मिश्रा शामिल थे। यही लोग इसके सेक्रेटरी और कैप्टन भी बने।
- 1883 में राइडिंग स्कूल स्थापित किया गया। विश्व में केवल दो विश्वविद्यालय ऐसे हैं, जहां पर हॉर्स राइडिंग क्लब हैं। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के अलावा दूसरा हॉर्स राइडिंग क्लब सऊदी अरब की एक यूनिवर्सिटी में संचालित होता है।
- 1884 को विक्टोरिया गेट का फ ाउंडेशन स्टोन रखा गया।
- 29 दिसंबर 1891 उस समय के इलाहाबाद के चीफ जस्टिस मिस्टर डग्लस स्ट्रेट एमएओ कॉलेज आए और कानून की कक्षाओं का शुभारंभ किया।
सर सैयद के सहयोगी और मित्र, जो उनके आंदोलन और लक्ष्य हासिल करने में साथ रहे
मौलाना अल्ताफ हुसैन हाली, नवाब आजम यार जंग मौलवी चिराग अली, मोहम्मद नियाज उद्दीन खान दानिशमंद, बाबू दुर्गा प्रसाद, सैयद हामिद, राजा जय किशन दास, नवाब मोहसिन उल मुल्क मौलवी मेहंदी अली खान, मौलाना सैयद मीर हसन सियालकोटी, मौलवी मोहम्मद अली, खान बहादुर मोहम्मद बरकत अली खान, मौलाना सैयद मोहम्मद बुखारी, मौलवी मोहम्मद फ ारूक चिरायाकोटी, मौलवी मोहम्मद हसन, सैयद मोहम्मद हसन, नवाब सरदार मोहम्मद हयात खान, मौलवी मोहम्मद हुसैन आजाद, खलीफ ा सैयद मोहम्मद हुसैन, मौलवी मोहम्मद इस्माइल, मौलाना मोहम्मद कासिम नानावती, मोहम्मद सईद खान, ख्वाजा मोहम्मद यूसुफ , मौलवी सैयद मुमताज अली, नवाब विकार उल मुल्क मौलवी मुस्ताक हुसैन, मौलवी नियाज मोहम्मद खान, मुंशी हाफि ज सईद अहमद, शमशुल उलमा मौलाना शिब्ली नोमानी, एचजीआई सिडन, मुंशी सिराजुद्दीन अहमद, खान बहादुर सैयद जैनुल आबदीन, मौलवी जकाउल्लाह आदि।
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अधिकारियों के व्हाटएस ग्रुप छोड़ कार्य बहिष्कार का एलान

संयुक्त कार्य परिषद (जेसीए) नई दिल्ली के बैनर तले आयकर राजपत्रित अधिकारी संघ और आयकर कर्मचारी महासंघ के अधिकारी व कर्मचारी बृहस्पतिवार को 14 सूत्री मांगों को लेकर एक दिनी भूख हड़ताल पर रहे। लंच के वक्त प्रागंण में एकत्र हुए सभी अधिकारियों और कर्मियों ने सीबीडीटी (सेंट्रल बोर्ड ऑफ  डायरेक्ट टैक्सेस) के अडियल रवैये व केंद्र सरकार की मनमानी नीतियों के विरोध प्रदर्शन किया। 


आयकर कर्मचारी संघ के अध्यक्ष रंजीत शर्मा ने कहा कि संघ की मांगे काफ ी समय से विचाराधीन हैं, जिन पर सरकार कोई फैसला नहीं कर रही है। इसके विरोध में कर्मचारियों और अधिकारियों ने उच्च अधिकारियों के सभी व्हाटस एप ग्रुप छोड़ दिए हैं।

उच्च अधिकारियों की बुलाई गई मीटिंग और उनके द्वारा मांगी गई रिपोर्ट का पूर्ण बहिष्कार कर दिया गया है। सचिव अजय कुमार ने बताया कि सबसे पहले कैडर पुनर्गठन होना जरूरी है। बड़ी संख्या में खाली पदों पर भर्ती और पदोन्नति दी जाए। अंतर प्रभार स्थानांतरण नीति की समीक्षा होने के साथ ही आयकर निरीक्षकों को लैपटॉप भी मिलना चाहिए। 


आयकर राजपत्रित संघ के अंजनेश कुमार ने कहा कि नई लागू हुई फेसलेस असिसमेंट स्कीम में तमाम अव्यवस्थाएं हैं। इसके लिए रिकार्ड लेन देन में कार्यभार की विसंगति को दूर करने की सख्त जरूरत है। अनियमित वेतनभोगियों को स्थायी नियुक्ति मिलनी चाहिए। आयकर अधिकारियों और कर्मियों की वेतन विसंगित को तत्काल दूर करना होगा।


इस दौरान सभी अधिकारियों कर्मियों के हड़ताल में होने से कामकाज ठप रहा। इस मौके पर राजपत्रित अधिकारी संघ के एके मलए आयकर अधिकारी डीके सिंहए विशंभर झाए राधारमण यादवए संजय कुमारए सौरभ सागरए प्रेमपाल सिंह, सियाराम सिंह, हरीश लाल, समीर सिंह, अमन सिंह, सचिन सागर आदि मौजूद रहे।
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ओएलएक्स पर वाशिंग मशीन बेचने के नाम पर ठगी, एक दबोचा

ओएलएक्स पर राजस्थान के एक युवक ने लोधा के युवक से वाशिंग मशीन बेचने के नाम पर रुपये ठग लिए। लोधा के युवक ने ऑनलाइन भुगतान कर दिया, मगर वाशिंग मशीन नहीं मिली। शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।


एसपी सिटी अभिषेक ने बृहस्पतिवार को पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता में बताया कि लोधा क्षेत्र के गांव अकरावत के कुवेंद्र पाल सिंह ने ओएलएक्स पर वाशिंग मशीन बिक्री का विज्ञापन देखा। उन्होंने संबंधित व्यक्ति से मोबाइल पर संपर्क किया और बातचीत के आधार पर 8 हजार 150 रुपये का ऑनलाइन भुगतान कर दिया।

मगर इसके बाद भी कुवेंद्र को वाशिंग मशीन नहीं मिली। कुवेंद्र ने पुलिस में शिकायत की। लोधा पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की तो ठगी करने में विशेंदर सिंह पुत्र मदनलाल निवसी ककड़ा पोस्ट बेढम थाना खो जिला भरतपुर, राजस्थान का नाम प्रकाश में आया। पुलिस ने विशेंदर को बातों में लगाकर बातचीत व आगे अन्य व्यापार के लिए अलीगढ़ बुलाया।

खेरेश्वर चौराहे से उसे बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से 5 मोबाइल फोन, 9 एटीएम कार्ड, 8 पहचान पत्र, 40 पासपोर्ट साइज फोटो, 1 मोबाइल चार्जर बरामद किया गया। इस मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। प्रेसवार्ता के समय सीओ गभाना/एएसपी विकास कुमार, एसओ लोधा रामवकील भी मौजूद रहे।
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