{"_id":"6ae1f552dfc1a354db00b677","slug":"video-education-in-the-mother-tongue-a-warning-to-those-seeking-promotion-through-jugaad-underhanded-tactics-if-any-wrongdoing-is-found-there-will-be-no-one-to-save-you-2026-10-28","type":"video","status":"publish","title_hn":"VIDEO: जुगाड़ से पदोन्नति करने वालों को राज्यपाल की चेतावनी, बोलीं- गड़बड़ी की तो कोई बचाने वाला नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
VIDEO: जुगाड़ से पदोन्नति करने वालों को राज्यपाल की चेतावनी, बोलीं- गड़बड़ी की तो कोई बचाने वाला नहीं
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) के दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन के दूसरे दिन राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने शिक्षा व्यवस्था की खामियों पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने मातृभाषा में शिक्षा देने, शिक्षकों की नियुक्ति और पदोन्नति में योग्यता को प्राथमिकता देने, पेपर लीक रोकने और शिक्षा के बजट का सही इस्तेमाल करने पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि नियमों को ताक पर रखकर गड़बड़ी करने वालों को कोई बचाने वाला नहीं होगा। राज्यपाल ने मातृभाषा में पढ़ाई की वकालत करते हुए गुजरात में मातृभाषा के साथ अंग्रेजी की शिक्षा देने की व्यवस्था का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों को उनकी अपनी भाषा में समझने और सीखने का अवसर मिलना चाहिए। अंग्रेजी सीखना जरूरी हो सकता है, लेकिन इसके लिए मातृभाषा की उपेक्षा नहीं की जानी चाहिए। शिक्षा का उद्देश्य केवल भाषा सिखाना नहीं, बल्कि बच्चों को बेहतर समझ और ज्ञान देना भी है। शिक्षकों की नियुक्ति और पदोन्नति पर राज्यपाल ने कहा कि शैक्षणिक पदों पर योग्यता और निर्धारित मानकों का पालन होना चाहिए। शिक्षक ने शोध किया है या उसकी कोई पुस्तक प्रकाशित हुई है, उसके शैक्षणिक योगदान को भी महत्व दिया जाना चाहिए। केवल जुगाड़ के आधार पर पदोन्नति देना उचित नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि नियमों की अनदेखी कर गड़बड़ी करने वालों को आगे इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। ऐसे मामलों में कोई बचाने वाला नहीं होगा। परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक होने और परीक्षा स्थगित होने के मामलों पर भी राज्यपाल ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि प्रश्नपत्र तैयार करने में शिक्षकों की जिम्मेदारी अहम है। प्रश्नपत्र निर्धारित पाठ्यक्रम के आधार पर बनने चाहिए, न कि प्रश्नपत्र तैयार करने वाले की मनमर्जी से। यदि शिक्षक पाठ्यक्रम और नियमों का पालन किए बिना प्रश्नपत्र तैयार करते हैं, तो यह गंभीर लापरवाही है। ऐसे शिक्षकों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। राज्यपाल ने केंद्र सरकार की ओर से शिक्षा के लिए दिए जा रहे बजट का उल्लेख करते हुए कहा कि उपलब्ध धनराशि का सदुपयोग होना चाहिए, ताकि बच्चों की शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हो सके। केवल बजट आवंटित होना पर्याप्त नहीं है, उसका लाभ विद्यार्थियों तक पहुंचना भी जरूरी है। इस दौरान मंच पर मौजूद उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय से राज्यपाल ने तकनीकी शिक्षा के लिए खोले गए कॉलेजों की संख्या और उनके विकास से जुड़े सवाल भी किए। उन्होंने तकनीकी शिक्षा के विस्तार और उपलब्ध सुविधाओं पर ध्यान देने की आवश्यकता जताई।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।