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आर्थिक वृद्धि हेतु शरद पूर्णिमा पर कराएं माँ लक्ष्मी का श्री सूक्त पाठ एवं 700 आहुतियों के साथ विशेष हवन - 31 अक्टूबर 2020 - महालक्ष्मी मंदिर, कोल्हापुर
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आर्थिक वृद्धि हेतु शरद पूर्णिमा पर कराएं माँ लक्ष्मी का श्री सूक्त पाठ एवं 700 आहुतियों के साथ विशेष हवन - 31 अक्टूबर 2020 - महालक्ष्मी मंदिर, कोल्हापुर

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वृंदावन: बांकेबिहारी मंदिर में ठाकुरजी के दर्शन कर धरना खत्म करेगा धर्म रक्षा संघ

वृंदावन में धर्म रक्षा संघ के अनिश्चितकालीन धरने के तीसरे दिन बांकेबिहारी मंदिर के गोस्वामी, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारी एवं अन्य स्थानीय लोगों ने अपना समर्थन पत्र संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सौरभ गौड़ को सौंपा। 

धर्म रक्षा संघ के राष्ट्रीय समन्वयक महंत मोहिनी बिहारी शरण ने कहा कि बांकेबिहारी मंदिर के पट बंद करना किसी आपराधिक कृत्य से कम नहीं है। इसलिए प्रबंधक और प्रशासन द्वारा भविष्य में ऐसी गलती को नहीं दोहराया जाए। वरना संत समाज और श्रद्धालुओं का गुस्सा फूट पड़ेगा। 

बांकेबिहारी मंदिर के सेवा अधिकारी बालकृष्ण गोस्वामी ने कहा कि बांकेबिहारी मंदिर के ऑनलाइन दर्शन करवाना उचित निर्णय नहीं है। इससे सामान्य भक्तों को ही नहीं बल्कि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। 


उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष हरिओम अग्रवाल ने कहा कि बांकेबिहारी के दर्शन बंद होने के कारण वृंदावन ही नहीं अपितु संपूर्ण ब्रज मंडल का व्यापार बहुत पिछड़ चुका है। व्यापारियों के लिए रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है। इसलिए जल्द ही दर्शन खुले,  जिससे ब्रजमंडल की अर्थव्यवस्था सुचारू हो सके। 

अनिश्चितकालीन धरना के संयोजक नीरज गौतम ने कहा कि अगर रविवार से बांकेबिहारी मंदिर के दर्शन शुरू हो जाते हैं। मंदिर खुल जाता है तो हमारा धरना बांकेबिहारी के दर्शन करने के बाद समाप्त हो जाएगा। अगर श्रद्धालुओं को दर्शन नहीं कराए गए तो हम आगे की रणनीति पर विचार करेंगे।
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विश्वविद्यालय: अब ऑनलाइन देख सकेंगे छात्र-छात्राएं, शिकायत का समाधान हुआ या नहीं

आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में छात्र-छात्राएं अब ऑनलाइन देख सकेंगे कि उनकी समस्या या शिकायत का समाधान हुआ कि नहीं। विश्वविद्यालय प्रशासन हेल्प डेस्क पर प्रार्थनापत्र देने वालों को प्रार्थनापत्र का नंबर दे रहा है। अब यह व्यवस्था की गई है कि इस नंबर की सहायता से विवि की वेबसाइट पर अपने आवेदन के निस्तारण की स्थिति की जानकारी कर सकेंगे।

विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर www.dbrau.org.in पर ‘नो हेल्प डेस्क स्टेटस’ नाम से लिंक दिया गया है। अभ्यर्थियों को इस लिंक पर जाकर हेल्प डेस्क से दिए गए आवेदन के नंबर को डालना होगा, इसके बाद पता चल जाएगा कि उसके आवेदन की स्थिति क्या है? वह किस विभाग में है?


इससे पहले हेल्प डेस्क पर दिए जाने वाले प्रार्थनापत्र का रिकॉर्ड नहीं रखा जाता था, न ही छात्रों को आवेदन की कोई रसीद या नंबर दिया जाता था। इस कारण छात्रों को बार-बार आवेदन करना पड़ता था। समाजवादी छात्रसभा के जिला महासचिव रवि यादव ने छात्र-छात्राओं की समस्याओं का समाधान तय समय में करने की मांग की है।
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कासगंज जिले में पहली बार रिकॉर्ड 77 कोरोना मरीज मिले, कई छात्र भी संक्रमित

कासगंज जिले में विजयदशमी के दिन रविवार को एक साथ रिकॉर्ड 77 कोरोना मरीज मिले। इतना बड़ा आंकड़ा अभी तक कोरोना काल में किसी दिन नहीं रहा। एक साथ इतने मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग में खलबली मची हुई है। कोरोना संक्रमित मरीजों को आइसोलेट कराया गया है। 

बीते दिनों में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने उत्तर प्रदेश के 10 जिलों को कोरोना संक्रमण को संवेदनशील बताया था। इनमें कासगंज भी शामिल है। केंद्रीय स्वास्थ्य ने कोरोना संक्रमण के प्रसार पर नियंत्रण के लिए प्रशासनिक और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए थे।


रविवार को अचानक इतनी बड़ी संख्या में कोरोना संक्रमित मिलने से प्रशासन में खलबली मच गई। कोरोना के नए मरीजों में सबसे ज्यादा ग्रामीण इलाकों के लोग हैं। 77 संक्रमितों में से 60 संक्रमित ग्रामीण इलाकों के हैं। जबकि 17 मरीज शहरी इलाकों के हैं। कई स्कूली छात्र भी संक्रमित पाए गए हैं। 

मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. प्रतिमा श्रीवास्तव ने बताया कि एक दिन में 77 कोरोना संक्रमित मिले हैं। यह सभी संक्रमित आरटीपीसीआर जांच में पाए गए हैं। 21 अक्टूबर को जांच के लिए नमूने भेजे गए थे। इनका जांच रिपोर्ट रविवार को मिली। सभी संक्रमितों को आइसोलेट कराया गया है।
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कोरोना वायरस कोरोना वायरस

अमर उजाला असर: आगरा में तालाब होंगे अतिक्रमण मुक्त, जिलाधिकारी ने बनाई कमेटी

सामाजिक दूरी का पालन करते हुए श्रद्धालु ने किए बांकेबिहारी के दर्शन
आगरा में अतिक्रमण और अवैध निर्माणों से जमींदोज हुए तालाबों को उनके पुराने स्वरूप में लाने के लिए जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने एडीएम वित्त योगेंद्र कुमार की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया है। तहसील स्तर पर एसडीएम और शहर में नगरायुक्त द्वारा नामित अधिकारी कमेटी में सदस्य होंगे।

अमर उजाला लगातार तालाबों पर कब्जों का मुद्दा उठा रहा है। इस पर अब जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। जिलाधिकारी के आदेश पर गठित कमेटी के अध्यक्ष एडीएम वित्त योगेंद्र कुमार ने बताया सभी छह तहसीलों के एसडीएम, तहसीलदार एवं खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) और नगर निगम की सीमा में नगरायुक्त द्वारा नामित अधिकारी तालाबों को अतिक्रमण मुक्त कराएंगे। 


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अमर उजाला असर: अफसरों ने तालाबों के 26 कब्जेदारों की सूची बनाई, दर्ज होगा मुकदमा

नगर पंचायत और नगर पालिका क्षेत्र में अधिशासी अधिकारी की जिम्मेदारी तय की गई है। शहर और देहात में तालाबों को मुक्त कराने के लिए पुलिस व प्रशासनिक टीमें मिलकर कार्रवाई करेंगी। 1952 के राजस्व रिकॉर्ड के मुताबिक तालाबों का दोबारा पुराना स्वरूप बहाल कराया जाएगा। कमेटी तालाबों के पट्टों की भी जांच करेगी। 
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भावनात्मक लगाव: रामलीला मंचन नहीं, फिर भी रोज मंच पर जाते हैं 'राम-रावण'

आगरा में कोरोना संक्रमण के कारण इस बार रामलीला का मंचन नहीं हो पाया, लेकिन ‘राम’ और ‘रावण’ रोज शाम को मंच पर जाते हैं। रामलीला की बात करते हैं और फिर चले आते हैं। यह सिलसिला 10 दिनों से चल रहा है। दरअसल, राम और रावण रेलवे के कर्मचारी हैं जिन्हें रामलीला मंचन से भावनात्मक लगाव हो गया है। 

उनका कहना है कि दिनभर मन में लीला चलती है, दिन अधूरे से लगते हैं, कुछ ऐसा छिन गया है जिसकी भरपाई नहीं हो सकती। रामलीला के दिनों में पूरा दिन लीला में ही बीतता था, इस बार लीला नहीं है तो समय काटना मुश्किल हो गया है।


रेल पटरियों की देखरेख कर रहे हैं राम
विनोद मौर्य ने कहा, 'मैं रेलवे में प्वाइंट्समैन हूं। पटरियों की देखरेख काम काम कर रहा हूं। इस बार रामलीला नहीं है, इससे पहले पांच साल तक राम का किरदार निभाया है। अबकी बार श्रीराम न बन पाने का मलाल सारी जिंदगी रहेगा। रामलीला के दौरान सिर्फ फल और दूध का सेवन करता था। पूरा परिवार मेरा साथ देता था। पत्नी रीता मौर्य परिधान तैयार करती थीं। ऑनलाइन रामलीला देखकर अभिनय को और बेहतर करने की कोशिश करता था। ये दिन काटने मुश्किल हो रहे हैं। रोज शाम को मंच पर जाता हूं, दीपक जलाता हूं।' 
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विजयदशमी: 'हम संकल्प लेते हैं... आगरा की बुराइयों के ‘रावण’ को नष्ट करेंगे'

आज विजय दशमी है... राम ने रावण का वध करके अनाचार, अत्याचार और अंधकार पर विजय की स्थापना की। यह संदेश दिया कि अपने पुरुषार्थ और श्रेष्ठ आचरण से इंसान किसी भी बुराई का अंत कर सकता है। इस अवसर पर ‘अमर उजाला’ ने शहर में बुराइयों का अंत कराने के लिए प्रमुख लोगों के संकल्प को जाना ताकि शहर को सड़कों पर फैले कचरे, ट्रैफिक जाम, सीवर, धूल-धुआं, अपराध जैसी बुराइयों से निजात मिल सके।

शहर से कचरा खत्म कर दूंगा
मेयर नवीन जैन ने कहा कि शहर में कचरे की बुराई को खत्म करने का मेरा संकल्प है। शहर की गली, सड़कों को साफ कराने और आगरा को देश के टॉप 10 स्वच्छ शहरों में लाने का संकल्प लिया है। सड़कों पर बहता सीवर और शहर से डलावघर हटाने का प्रयास है।

क्रोध पर विजय पानी है
नवीन जैन ने बताया कि मुझे क्रोध ज्यादा आता है। दशहरा पर अपने अंदर की इस बुराई को खत्म करने का संकल्प लिया है।
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विजयदशमी: ताजनगरी की समस्याओं पर 'रावण' के 10 यक्ष प्रश्न

घटिया आजम खां से गुजरते हुए गड्ढे में टायर फंसने पर बाइक रुकी ही थी कि अट्टहास सुनाई दिया हा.. हा.. हा..। मैं चौंका। तभी आदमकद छाया दिखाई दी। मैंने पूछा, कौन हो तुम... उत्तर मिला, तुम्हें क्या लगता है। मैंने कहा, इस धरा के तो नहीं लगते। फिर से अट्टहास और आवाज गूंजी.. सही कहा तुमने, मैं इस धरा का नहीं, मैं दशानन लंकापति रावण हूं। जब त्रेता में राम ने मुझे मोक्ष दे दिया, तो अब हर साल मुझे क्यों मारते हो। मैं बताने आया हूं कि रावण तुम्हारे अंदर है, उसे मारो, मेरे सवालों के जवाब दे सको तो तुम्हें अपने युग के रावण का पता मिल जाएगा, सुनो...


1. क्यों नहीं रोक पा रहे पानी की बर्बादी
तुम्हारे शहर के जिम्मेदार संकल्प लेते हैं पानी की एक-एक बूंद बचाने का लेकिन लीकेज से हर साल पांच करोड़ लीटर से ज्यादा गंगाजल सड़कों पर बह जाता है जबकि लोग एक-एक बाल्टी पानी के लिए सुबह से दौड़ लगाते हैं।

2. सड़कों पर क्यों पड़ा है कचरा
तुम्हारे शहर की गंदगी के लिए कौन जिम्मेदार है। 100 मीट्रिक टन कचरा रोज सड़कों पर रह जाता है। सेवला, मंटोला, शास्त्रीपुरम, लोहामंडी में कचरे की बदबू दिनभर रहती है। सिकंदरा, महर्षिपुरम सहित आधे शहर के 1.5 लाख घरों से कचरा उठता ही नहीं।
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