{"_id":"6abb85ee3638f8ded10f8a09","slug":"video-shimla-stray-dog-issue-municipal-corporation-plan-to-shift-dogs-outside-city-2026-09-29","type":"video","status":"publish","title_hn":"शिमला में लावारिस कुत्तों का बढ़ता आतंक! नगर निगम बोला-शहर से बाहर शिफ्ट करेंगे, जमीन की तलाश शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिमला में लावारिस कुत्तों का बढ़ता आतंक! नगर निगम बोला-शहर से बाहर शिफ्ट करेंगे, जमीन की तलाश शुरू
Ankesh Dogra
Updated Tue, 29 Sep 2026 03:03 PM IST
Link Copied
राजधानी शिमला में लावारिस कुत्तों का मुद्दा अब नगर निगम सदन तक पहुंच गया है। शहर की सड़कों और मोहल्लों में घूमने वाले कुत्तों को लेकर लोगों की चिंता के बीच नगर निगम सदन में पार्षदों ने इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग उठाई।
चर्चा के दौरान पार्षदों ने कहा कि शहर में कुत्तों के हमलों से लोग लहुलुहान हो रहे हैं। ऐसे में केवल खानापूर्ति से काम नहीं चलेगा, बल्कि निगम को ऐसा रास्ता निकालना होगा जिससे आम लोगों को वास्तविक राहत मिल सके।
सदन में निगम प्रशासन की ओर से बताया गया कि कुत्तों को शहर से बाहर शिफ्ट करने की योजना बनाई जा रही है। इसके लिए जमीन की तलाश और उसे चिन्हित करने की प्रक्रिया चल रही है।
यानी आने वाले समय में नगर निगम लावारिस कुत्तों के लिए शहर से बाहर अलग स्थान विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ा सकता है। हालांकि जमीन कहां चिन्हित की जाएगी और योजना किस तरीके से लागू होगी, इसका विस्तृत खाका अभी सामने आना बाकी है।
मामला सिर्फ कुत्तों को शहर से बाहर ले जाने तक सीमित नहीं है। निगम प्रशासन ने सदन में कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का भी अध्ययन किया जा रहा है।
इसका मतलब साफ है कि निगम ऐसा कोई कदम उठाने से पहले न्यायालय के दिशा-निर्देशों और लागू नियमों को ध्यान में रखना चाहता है। यही वजह है कि इस मामले में आगे की कार्रवाई कानूनी पहलुओं को समझने के बाद करने की तैयारी है।
नगर निगम के मेयर सुरेंद्र चौहान ने लावारिस कुत्तों की समस्या को गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि शहर में लोगों की सुरक्षा और उन्हें राहत दिलाना जरूरी है।
सदन में हुई चर्चा से यह साफ है कि अब निगम पर इस समस्या का प्रभावी समाधान निकालने का दबाव बढ़ रहा है। खासकर उन इलाकों में जहां लोगों को कुत्तों के झुंड के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बैठक में पार्षदों ने सिर्फ कुत्तों को हटाने की बात नहीं कही, बल्कि कुत्तों के हमले में घायल होने वाले लोगों को राहत और मुआवजा देने का प्रस्ताव सरकार को भेजने की मांग भी रखी।
पार्षदों का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति पर कुत्ते हमला करते हैं और वह घायल होता है तो उसके इलाज और आर्थिक नुकसान की स्थिति में मदद का कोई रास्ता होना चाहिए।
लावारिस कुत्तों की समस्या पर सदन में चर्चा के बाद अब लोगों की नजर इस बात पर है कि निगम प्रशासन जमीन कब तक चिन्हित करता है और प्रस्ताव को किस तरह अमलीजामा पहनाया जाता है।
फिलहाल निगम प्रशासन की योजना में शहर से बाहर जमीन चिन्हित करना, कुत्तों को शिफ्ट करने की व्यवस्था पर काम करना और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का अध्ययन करना शामिल है।
शहर के लोगों के लिए यह मुद्दा इसलिए भी अहम है क्योंकि सड़क पर अचानक कुत्तों के झुंड का सामना होना राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए परेशानी पैदा कर सकता है। ऐसे में निगम के सामने चुनौती सिर्फ कुत्तों को हटाने की नहीं, बल्कि लोगों की सुरक्षा और पशु कल्याण के बीच संतुलन बनाते हुए स्थायी व्यवस्था तैयार करने की है।
आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि नगर निगम की जमीन तलाशने की योजना कितनी जल्दी आगे बढ़ती है और शहरवासियों को इस समस्या से वास्तव में कितनी राहत मिलती है।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।