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शिमला में पेंशनरों का धरना शुरू, लंबित एरियर और मेडिकल बिलों के भुगतान की मांग
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला का ऐतिहासिक चौड़ा मैदान मंगलवार को पेंशनरों के बड़े प्रदर्शन का गवाह बना। हिमाचल प्रदेश संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले प्रदेशभर से पहुंचे सैकड़ों पेंशनरों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। सुबह करीब 11 बजे शुरू हुई आक्रोश रैली के दौरान पेंशनरों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन के कारण चौड़ा मैदान के आसपास यातायात प्रभावित रहा और वाहनों की आवाजाही रोकनी पड़ी। व्यवस्था संभालने पहुंचे पुलिस अधिकारियों और प्रदर्शन कर रहे पेंशनरों के बीच इस दौरान बहस भी हुई।
पेंशनरों की प्रमुख मांगों में 1 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए पेंशनरों को 40 प्रतिशत लीव इनकैशमेंट और ग्रेच्युटी का लाभ देने की अधिसूचना जारी करना शामिल है।
इसके अलावा पेंशनर 166 माह के पे एरियर्स और पेंशन एरियर्स का भुगतान तथा 15 प्रतिशत महंगाई भत्ते (डीए) का लाभ देने की मांग कर रहे हैं।
पेंशनर नेताओं के अनुसार सरकार के साथ 13 मई को हुई बैठक में उनकी मांगों पर चर्चा हुई थी। नेताओं का कहना है कि बैठक में सरकार की ओर से संबंधित मांगों की अधिसूचना 31 जुलाई तक जारी करने का आश्वासन दिया गया था।
निर्धारित समय बीतने के बावजूद मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से पेंशनरों में नाराजगी बढ़ गई। इसी के विरोध में मंगलवार को चौड़ा मैदान में आक्रोश रैली आयोजित की गई।
पेंशनर नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी सभी लंबित देनदारियों का भुगतान नहीं किया जाता और मांगों पर सरकार की ओर से ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
पेंशनर संयुक्त संघर्ष समिति के महासचिव भूप राम वर्मा ने कहा कि पेंशनरों की मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि सरकार को पेंशनरों की लंबित देनदारियों और अन्य मांगों पर जल्द निर्णय लेना चाहिए।
पेंशनर नेताओं ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। आने वाले समय में मुख्यमंत्री, मंत्रियों और विधायकों के घेराव का भी ऐलान किया जा सकता है।
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