झीलों की नगरी उदयपुर में रक्षाबंधन के मौके पर प्रसिद्ध शिल्पकार और 211 वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर डॉ. इकबाल सक्का ने अपनी सूक्ष्म कारीगरी से एक बार फिर सभी को हैरान कर दिया है। उन्होंने सोने और अमेरिकन डायमंड से दुनिया की पहली ‘करिश्मा-ए-तिरंगी राखी’ तैयार करने का दावा किया है। यह राखी इतनी सूक्ष्म है कि इसे सामान्य तौर पर खुली आंखों से देखना मुश्किल है और लेंस की मदद से इसकी वास्तविक आकृति स्पष्ट दिखाई देती है।
लेंस हटाते ही राखी लगभग अदृश्य
रक्षाबंधन के अवसर पर तैयार की गई इस अनोखी राखी की सबसे बड़ी खासियत इसकी बेहद सूक्ष्म बनावट है। डॉ. सक्का के अनुसार, लेंस से देखने पर तिरंगे रंग के रेशमी धागे में जड़ी सोने की राखी और अमेरिकन डायमंड की चमक स्पष्ट नजर आती है। वहीं, लेंस हटाने पर यह सूक्ष्म कलाकृति सामान्य नजर से लगभग अदृश्य हो जाती है और केवल तिरंगे रंग का रेशमी धागा दिखाई देता है।
सोने के बुरादे जैसी दिखती है राखी
डॉ. इकबाल सक्का ने बताया कि राखी को बेहद सूक्ष्म स्तर पर तैयार किया गया है। इसका आकार इतना छोटा है कि सामान्य नजर से देखने पर यह सोने के बुरादे जैसी प्रतीत होती है। लेकिन लेंस से देखने पर इसकी बारीक कारीगरी और अमेरिकन डायमंड की चमक साफ दिखाई देती है।
फूंक मारते ही उड़ जाती है राखी
इस राखी को बेहद हल्का बताया गया है। डॉ. सक्का के मुताबिक, इसका वजन इतना कम है कि धर्मकांटे पर भी 00.0 मिलीग्राम प्रदर्शित होता है। यही वजह है कि हल्की सी फूंक मारने पर भी राखी उड़ जाती है।
7 घंटे में तैयार हुई अनोखी राखी
डॉ. इकबाल सक्का के अनुसार, इस बेहद सूक्ष्म और अनोखी ‘करिश्मा-ए-तिरंगी राखी’ को तैयार करने में करीब 7 घंटे का समय लगा। रक्षाबंधन पर तैयार की गई यह कलाकृति देशभक्ति और सूक्ष्म शिल्पकला का अनोखा संगम है।
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पहले भी बना चुके हैं अनोखे रिकॉर्ड
डॉ. सक्का इससे पहले भी अपनी सूक्ष्म और अनोखी कलाकृतियों के लिए रिकॉर्ड बना चुके हैं। उनका कहना है कि इस राखी के जरिए उन्होंने रक्षाबंधन के अवसर पर देशभर की बहनों के प्रति प्रेम और सम्मान व्यक्त करने का प्रयास किया है।
कैमरे के सामने लेंस से दिखी बारीकी
इस अनोखी राखी को कैमरे के सामने लेंस की मदद से देखने पर इसकी बेहद सूक्ष्म कारीगरी और चमक दिखाई देती है। रक्षाबंधन के मौके पर उदयपुर के इस शिल्पकार की अनोखी कलाकृति लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।