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ब्रिक्स समिट: शी जिनपिंग की रहस्यमयी प्रेसिडेंशियल लिमोजीन काले कवर में क्यों छिपाई गई, क्या किए जा रहे दावे?
Sat, 12 Sep 2026 01:22 PM IST
प्रशांत तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: प्रशांत तिवारी
Updated Sat, 12 Sep 2026 01:22 PM IST
सार
शी जिनपिंग के भारत दौरे के दौरान उनकी लिमोजिन 'होंगकी N701' को ब्लैक कवर में ले जाते हुए देखा गया। होंगकी N701 चीन के शीर्ष नेतृत्व के लिए इस्तेमाल होने वाली बेहद सुरक्षित गाड़ियों में शामिल है।
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शी जिनपिंग की लिमोजिन कार
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले 18वें ब्रिक्स लीडर्स समिट में शामिल होने के लिए भारत आ गए हैं। उनके काफिले में शामिल लिमोजिन कार को काली चादर से ढका हुआ देखे जाने के बाद लोगों का ध्यान इस ओर गया। इसके बाद से ही सोशल मीडिया पर इस बात की चर्चा है कि आखिर जिनपिंग की कार को ऐसे क्यों ढ़क के ले जाया जा रहा है। हालांकि एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद और जिनपिंग के कार में सवार होने से पहले वह चादर गाड़ी से हटा लिया गया था।
दिल्ली में काले कवर में नजर आई शी की लिमोजिन
शी जिनपिंग के काफिले की तस्वीरों में उनकी राष्ट्रपति कार को काले कवर में पूरी तरह ढका हुआ देखा गया, जब उनका काफिला दिल्ली से गुजर रहा था। हालांकि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है कि शी की गाड़ी को ऐसे ढ़क के ले जाया गया है। इससे पहले जब शी मलयेशिया के दौरे पर गए थे उस वक्त भी कुछ ऐसे हा फुटेज सामने आया था।
विदेश यात्राओं में गाड़ियों को ढकने की क्या है वजह?
विदेश यात्राओं के दौरान सरकारी गाड़ियों को ढककर ले जाने की व्यवस्था मुख्य रूप से सुरक्षा और परिवहन से जुड़े नियमों का हिस्सा होती है। जब किसी देश का प्रमुख विदेश यात्रा पर जाता है, तो उसकी राष्ट्रपति या आधिकारिक गाड़ियों को अक्सर अलग से संबंधित देश तक पहुंचाया जाता है। कार्गो विमान से उतारते समय, हवाई अड्डे के परिसर में ले जाते हुए या फ्लैटबेड कैरियर पर परिवहन के दौरान इन गाड़ियों पर भारी-भरकम कवर या सुरक्षात्मक तिरपाल डाली जा सकती है।
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धूल और खरोंच से बचाने के साथ सुरक्षा भी अहम
ये कवर गाड़ियों को धूल, मौसम और गलती से लगने वाली खरोंचों से बचाने में मदद करते हैं। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना भी होता है कि विदेशी नेता के इस्तेमाल से पहले सरकारी गाड़ी बिल्कुल सही और बेहतरीन हालत में रहे। बहुत ज्यादा सुरक्षा वाली सरकारी गाड़ियों के मामले में परिवहन के दौरान उन्हें अनावश्यक रूप से लोगों की नजरों के सामने आने से रोकना भी लॉजिस्टिक और सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा होता है।
N701 की सबसे बड़ी खासियत ही इसका रहस्य है
होंगकी N701 के बारे में सबसे ज्यादा चर्चा इसकी सुरक्षा को लेकर होती है, लेकिन यहां सबसे जरूरी बात यह है कि इसकी सटीक सुरक्षा विशेषताएं आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक नहीं हैं। इसकी आर्मर प्लेट कितनी मोटी है, ग्लास किस स्तर का है, यह किस तरह के हमले या विस्फोट को झेल सकती है या इसमें कौन-कौन से विशेष सुरक्षा सिस्टम हैं, इनमें से ज्यादातर जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। इसलिए इंटरनेट पर N701 को लेकर किए जाने वाले बुलेटप्रूफ, बमप्रूफ या परमाणु हमले से सुरक्षित’ जैसे दावों को आधिकारिक तथ्य नहीं माना जा सकता। उपलब्ध रिपोर्टें भी इसकी सुरक्षा व्यवस्था को काफी हद तक गोपनीय बताती हैं।
डिजाइन से ही दिखता है प्रेसिडेंशियल रुतबा
किसी भी कार को लोग सबसे पहले उसके बाहरी डिजाइन से देखते हैं। होंगकी N701 को पहली नजर में देखने पर इसका बड़ा और लंबा आकार सबसे पहले ध्यान खींचता है। इसमें लंबी बॉडी, बड़ी फ्रंट ग्रिल, क्रोम फिनिश और काफी बड़ा रियर केबिन दिया गया है। कार के फ्रंट फेंडर पर झंडे लगाने के लिए विशेष माउंटिंग पॉइंट्स भी दिखाई देते हैं। विदेश यात्राओं के दौरान इनका इस्तेमाल आधिकारिक प्रोटोकॉल के तहत किया जाता है। पीछे की तरफ भी इसका डिजाइन काफी सादा लेकिन भव्य रखा गया है। बड़े ग्लास एरिया, क्रोम एलिमेंट और लंबी बॉडी इसे सामान्य लग्जरी सेडान से अलग पहचान देते हैं।
इंजन और सुरक्षा की पूरी जानकारी क्यों नहीं मिलती?
N701 की तकनीकी जानकारी का बड़ा हिस्सा सार्वजनिक नहीं है। इसके इंजन और प्रदर्शन के आंकड़े भी आधिकारिक तौर पर पूरी तरह सामने नहीं आए हैं। कुछ रिपोर्टों में V8 या V12 इंजन की संभावना बताई गई है, लेकिन इसे आधिकारिक स्पेसिफिकेशन नहीं माना जा सकता। इसी तरह कार की आर्मरिंग और सुरक्षा सिस्टम से जुड़ी कई जानकारियां भी अनुमान और मीडिया रिपोर्टों तक सीमित हैं। यह स्वाभाविक भी है, क्योंकि राष्ट्रपति की सुरक्षा वाली कार के बारे में उसकी पूरी तकनीकी क्षमता सार्वजनिक करना सुरक्षा की दृष्टि से उचित नहीं माना जाता।
ये भी पढ़ें: ब्रिक्स समिट: परमाणु बम भी बेअसर, पुतिन-जिनपिंग की कार में क्या खास, इन्हें क्यों कहते हैं चलता-फिरता किला?
राष्ट्रपति के लिए खास तौर पर तैयार मानी जाती है N701
माना जाता है कि N701 को खास तौर पर राष्ट्रपति के इस्तेमाल के लिए तैयार किया गया एक बेहद सुरक्षित लिमोजिन है। विदेशों में होने वाले कार्यक्रमों के दौरान इसका इस्तेमाल यह भी बताता है कि चीन अपने शीर्ष नेतृत्व के लिए देश में बनी गाड़ियों को प्राथमिकता देता है।
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दिल्ली में काले कवर में नजर आई शी की लिमोजिन
शी जिनपिंग के काफिले की तस्वीरों में उनकी राष्ट्रपति कार को काले कवर में पूरी तरह ढका हुआ देखा गया, जब उनका काफिला दिल्ली से गुजर रहा था। हालांकि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है कि शी की गाड़ी को ऐसे ढ़क के ले जाया गया है। इससे पहले जब शी मलयेशिया के दौरे पर गए थे उस वक्त भी कुछ ऐसे हा फुटेज सामने आया था।
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विदेश यात्राओं में गाड़ियों को ढकने की क्या है वजह?
विदेश यात्राओं के दौरान सरकारी गाड़ियों को ढककर ले जाने की व्यवस्था मुख्य रूप से सुरक्षा और परिवहन से जुड़े नियमों का हिस्सा होती है। जब किसी देश का प्रमुख विदेश यात्रा पर जाता है, तो उसकी राष्ट्रपति या आधिकारिक गाड़ियों को अक्सर अलग से संबंधित देश तक पहुंचाया जाता है। कार्गो विमान से उतारते समय, हवाई अड्डे के परिसर में ले जाते हुए या फ्लैटबेड कैरियर पर परिवहन के दौरान इन गाड़ियों पर भारी-भरकम कवर या सुरक्षात्मक तिरपाल डाली जा सकती है।
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धूल और खरोंच से बचाने के साथ सुरक्षा भी अहम
ये कवर गाड़ियों को धूल, मौसम और गलती से लगने वाली खरोंचों से बचाने में मदद करते हैं। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना भी होता है कि विदेशी नेता के इस्तेमाल से पहले सरकारी गाड़ी बिल्कुल सही और बेहतरीन हालत में रहे। बहुत ज्यादा सुरक्षा वाली सरकारी गाड़ियों के मामले में परिवहन के दौरान उन्हें अनावश्यक रूप से लोगों की नजरों के सामने आने से रोकना भी लॉजिस्टिक और सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा होता है।
N701 की सबसे बड़ी खासियत ही इसका रहस्य है
होंगकी N701 के बारे में सबसे ज्यादा चर्चा इसकी सुरक्षा को लेकर होती है, लेकिन यहां सबसे जरूरी बात यह है कि इसकी सटीक सुरक्षा विशेषताएं आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक नहीं हैं। इसकी आर्मर प्लेट कितनी मोटी है, ग्लास किस स्तर का है, यह किस तरह के हमले या विस्फोट को झेल सकती है या इसमें कौन-कौन से विशेष सुरक्षा सिस्टम हैं, इनमें से ज्यादातर जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। इसलिए इंटरनेट पर N701 को लेकर किए जाने वाले बुलेटप्रूफ, बमप्रूफ या परमाणु हमले से सुरक्षित’ जैसे दावों को आधिकारिक तथ्य नहीं माना जा सकता। उपलब्ध रिपोर्टें भी इसकी सुरक्षा व्यवस्था को काफी हद तक गोपनीय बताती हैं।
डिजाइन से ही दिखता है प्रेसिडेंशियल रुतबा
किसी भी कार को लोग सबसे पहले उसके बाहरी डिजाइन से देखते हैं। होंगकी N701 को पहली नजर में देखने पर इसका बड़ा और लंबा आकार सबसे पहले ध्यान खींचता है। इसमें लंबी बॉडी, बड़ी फ्रंट ग्रिल, क्रोम फिनिश और काफी बड़ा रियर केबिन दिया गया है। कार के फ्रंट फेंडर पर झंडे लगाने के लिए विशेष माउंटिंग पॉइंट्स भी दिखाई देते हैं। विदेश यात्राओं के दौरान इनका इस्तेमाल आधिकारिक प्रोटोकॉल के तहत किया जाता है। पीछे की तरफ भी इसका डिजाइन काफी सादा लेकिन भव्य रखा गया है। बड़े ग्लास एरिया, क्रोम एलिमेंट और लंबी बॉडी इसे सामान्य लग्जरी सेडान से अलग पहचान देते हैं।
इंजन और सुरक्षा की पूरी जानकारी क्यों नहीं मिलती?
N701 की तकनीकी जानकारी का बड़ा हिस्सा सार्वजनिक नहीं है। इसके इंजन और प्रदर्शन के आंकड़े भी आधिकारिक तौर पर पूरी तरह सामने नहीं आए हैं। कुछ रिपोर्टों में V8 या V12 इंजन की संभावना बताई गई है, लेकिन इसे आधिकारिक स्पेसिफिकेशन नहीं माना जा सकता। इसी तरह कार की आर्मरिंग और सुरक्षा सिस्टम से जुड़ी कई जानकारियां भी अनुमान और मीडिया रिपोर्टों तक सीमित हैं। यह स्वाभाविक भी है, क्योंकि राष्ट्रपति की सुरक्षा वाली कार के बारे में उसकी पूरी तकनीकी क्षमता सार्वजनिक करना सुरक्षा की दृष्टि से उचित नहीं माना जाता।
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राष्ट्रपति के लिए खास तौर पर तैयार मानी जाती है N701
माना जाता है कि N701 को खास तौर पर राष्ट्रपति के इस्तेमाल के लिए तैयार किया गया एक बेहद सुरक्षित लिमोजिन है। विदेशों में होने वाले कार्यक्रमों के दौरान इसका इस्तेमाल यह भी बताता है कि चीन अपने शीर्ष नेतृत्व के लिए देश में बनी गाड़ियों को प्राथमिकता देता है।