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हलवारा: मनरेगा की जगह नए कानून के विरोध में प्रदर्शन, पीएम मोदी का पुतला फूंका
मनरेगा को निरस्त कर भारत ग्रामीण रोजगार गारंटी मिशन 2025 के खिलाफ सीटू ने पंजाब में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। विधानसभा रायकोट के कई गांव में सोमवार को मनरेगा की जगह बनाए नए कानून की प्रितियां और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुतले जलाए गए।
सीटू पंजाब के उपाध्यक्ष कामरेड दलजीत कुमार गोरा ने कहा कि केंद्र सरकार ने अपना असली रंग दिखाना शुरू कर दिया है, आरएसएस की कठपुतली मोदी सरकार देश के गरीब वर्ग को अनपढ़ और दो वक्त की रोटी का मोहताज बनाकर 5 किलो मुफ्त अनाज पर पूरी तरह निर्भर कर देना चाहती है।
मनरेगा के जरिये मेहनत करने वाला देश का गरीब मजदूर वर्ग अब सीधे केंद्र सरकार के रहमोकरम पर होगा, मनरेगा में राज्य सरकारें काम देती थी अब वो अधिकार भी केंद्र सरकार ने अपने पास रख मजदूर वर्ग को अपना गुलाम बनाने की तरफ कदम बडा लिया है। कामरेड गोरा ने कहा कि पहले मांग पर काम दिया जाता था, लेकिन अब केंद्र सरकार तय करेगी कि किसे काम देना है और किसे नहीं। मनरेगा में बजट का 95 प्रतिशत केंद्र सरकार और 5 प्रतिशत पंजाब सरकार खर्च करती थी, लेकिन नये कानून में इसे 60-40 करके गरीब राज्यों पर बज्रपात कर दिया है। नए कानून के जरिये 100 की जगह 125 दिन काम देने के दावे कर रही केंद्र की मोदी सरकार अपने 11 साल के कार्यकाल में आजतक देश के 90 प्रतिशत मनरेगा मजदूरों को 100 दिन भी काम नहीं दे पाई है। देश में सिर्फ 5 प्रतिशत मजदूरों को ही साल में 100 दिन काम मिल रहा है। जो काम देश के गांव की पंचायतें करते आ रही थी वो अब मोदी सरकार ने सीधे अपने हाथ में ले लिया है।
यही हाल तब था जब तीन काले कृषि कानून लाए गए थे तब भी यूं ही महिमामंडन किया जा रहा था। अब एक बार फिर दिल्ली की सरहदें घेरने पड़ी तो वो तैयार हैं और अब समय आ गया कि किसान मजदूरों का साथ दें। केंद्र सरकार को तीन कृषि कानून की तरह मनरेगा की जगह बनाये नए कानून को वापिस लेना ही होगा
मनरेगा मजदूर यूनियन के राज्य उपाध्यक्ष डॉ. प्रकाश सिंह बरमी ने कहा कि मनरेगा की जगह लेने वाले नए कानून में बहुत खामियां हैं जिन्हें ठीक करना जरूरी है और केंद्र सरकार के मजदूर वर्ग पर किए अत्याचार के खिलाफ 10 जनवरी को लुधियाना के बस्सियां गांव में राज्य सम्मेलन किया जा रहा है, जिसमें मजदूर संगठनों की केंद्रीय लीडरशिप पहुंच कर संघर्ष का स्वरूप तैयार करेगी
मजदूर नेता गुरदीप सिंह बुर्ज लिट ने बताया कि हलवारा के अलावा बुर्ज लिट्टां, बुर्ज हकीमां, राजोआणा खुर्द राजोआणा कलां, तलवंडी राय बस्सियां, बुर्ज हरि सिंह, गोबिंदगढ, नूरपुरा, बरमी और लित्तर आदि गांव में मनरेगा की जगह बनाए गए काले कानून की प्रतियां और मोदी सरकार के पुतले जलाए गए। इस अवसर पर रुलदा सिंह गोबिंदगढ़, प्रितपाल सिंह बिट्टा, राज जसवंत सिंह जोगा, गुरदीप सिंह, गुरमुख सिंह बस्सियां, बहादुर सिंह नूरपुरा और सुखचैन सिंह भी मौजूद थे।
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