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The team behind the play ‘Hamare Ram’ paid obeisance at Harmandir Sahib; Ashutosh Rana said he found spiritual peace.
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हरिमंदिर साहिब में नतमस्तक हुई ‘हमारे राम’ नाटक की टीम, आशुतोष राणा बोले- आध्यात्मिक शांति मिली
पंजाब सरकार की ओर से धार्मिक विरासत, सांस्कृतिक चेतना और पारंपरिक मूल्यों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किए जा रहे नाटक ‘हमारे राम’ की टीम बुधवार को बॉलीवुड अभिनेता आशुतोष राणा के नेतृत्व में श्री हरिमंदिर साहिब में नतमस्तक हुई। इस दौरान पंजाब पर्यटन विभाग के सलाहकार दीपक बाली भी उनके साथ मौजूद रहे।
श्री दरबार साहिब में माथा टेकने के बाद पत्रकारों से बातचीत में आशुतोष राणा ने कहा कि यहां आकर उन्हें अद्भुत आध्यात्मिक शांति का अनुभव हुआ। उन्होंने कहा कि वह हमेशा इस पवित्र स्थल के दर्शन के लिए उत्सुक रहते हैं। गुरु की हजूरी और गुरबाणी की मौजूदगी से मनुष्य के भीतर एक विशेष चेतना जागृत होती है। श्री दरबार साहिब का वातावरण आत्मिक रूप से बेहद प्रभावशाली है और यहां आकर मन को आंतरिक आनंद मिलता है।
‘हमारे राम’ नाटक में रावण की भूमिका निभा रहे आशुतोष राणा ने बताया कि नाटक का मंचन अमृतसर में 16 और 17 सितंबर को किया जाएगा। उन्होंने दर्शकों से नाटक देखने पहुंचने और अपनी प्रतिक्रिया साझा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि कलाकार को अपने काम पर गर्व होता है, लेकिन वास्तविक आनंद तब मिलता है जब दर्शक उसकी कला को देखकर अपना अनुभव साझा करते हैं।
आशुतोष राणा ने कहा कि साकार और निराकार का संबंध बहुत गहरा है। उन्होंने दूध में मौजूद मक्खन का उदाहरण देते हुए कहा कि मंथन के माध्यम से उसे प्रकट किया जाता है। इसी प्रकार निराकार को भी साकार रूप में अनुभव किया जा सकता है।
पंजाब के सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजनों पर उन्होंने कहा कि किसी प्रदेश की पहचान केवल उसकी भौगोलिक सीमाओं से नहीं, बल्कि वहां के लोगों की भावनाओं, चेतना और सांस्कृतिक विरासत से होती है। उन्होंने कहा कि पंजाब में सांस्कृतिक और भावनात्मक विरासत को मजबूत करने के लिए किए जा रहे प्रयास खुशी की बात हैं।
उन्होंने पंजाब और अमृतसर से अपने संबंध का जिक्र करते हुए कहा कि जीवन में उन्हें जो कुछ भी मिला है, वह गुरु की कृपा से मिला है। अमृतसर को उन्होंने आध्यात्मिक अमृत से भरपूर पवित्र धरती बताया।
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