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बेअदबी रोधी कानून : अकाल तख्त से तालमेल करेगी मान सरकार, सात सदस्यीय कमेटी का गठन

Wed, 16 Sep 2026 09:46 PM IST
शाहिल शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़ Published by: शाहिल शर्मा Updated Wed, 16 Sep 2026 09:46 PM IST
सार

बेअदबी रोधी एक्ट को लेकर श्री अकाल तख्त साहिब और पंजाब सरकार के बीच कई महीनों से मतभेद चल रहे हैं। अकाल तख्त ने जुलाई 2026 में सरकार के जवाब पर आपत्ति जताई थी।

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Punjab govt committee to coordinate with Akal Takht on anti-sacrilege law
सीएम भगवंत मान - फोटो : x

विस्तार

पंजाब सरकार ने बेअदबी रोधी कानून दि जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) एक्ट-2026 के संबंध में एक सात सदस्यीय समिति गठित की है। गृह मामले एवं न्याय विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। यह समिति श्री अकाल तख्त साहिब की विशेषज्ञ समिति के साथ मिलकर मामले में आगे की कार्रवाई करेगी।
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सरकार की समिति में रघबीर सिंह, हरनाम सिंह खालसा और सेवा सिंह रामपुर खेड़ा शामिल हैं। सेवानिवृत्त न्यायाधीश जसपाल सिंह और सेवानिवृत्त न्यायाधीश गुरबीर सिंह भी इसके सदस्य हैं। सेवानिवृत्त आईपीएस और पीपीएससी के अध्यक्ष जतिंदर सिंह औलख को भी समिति में जगह मिली है। विधि अधिकारी प्रीत इंदर पॉल सिंह भी इस समिति का हिस्सा हैं। यह समिति श्री अकाल तख्त साहिब, श्री अमृतसर की समिति से निरंतर तालमेल रखेगी। यह एक्ट से संबंधित विवादों, विचार-विमर्श और धार्मिक मामलों पर सरकार को रिपोर्ट देगी।
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मतभेद और अकाल तख्त की समिति 
बेअदबी रोधी एक्ट को लेकर श्री अकाल तख्त साहिब और पंजाब सरकार के बीच कई महीनों से मतभेद चल रहे हैं। अकाल तख्त ने जुलाई 2026 में सरकार के जवाब पर आपत्ति जताई थी। इसके बाद अकाल तख्त ने पांच सदस्यीय विशेषज्ञ समिति गठित की थी। इस समिति में रुपिंदर सिंह सोढ़ी, मोहिंदर मोहन सिंह बेदी, पूरन सिंह हुंदल, केहर सिंह और जगमोहन सिंह शामिल हैं।
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रिपोर्ट और संवाद प्रक्रिया 
अकाल तख्त की समिति ने अगस्त 2026 में सरकार से 29 जून 2026 के निर्देशों पर अनुपालन रिपोर्ट मांगी थी। समिति ने कहा था कि इस रिपोर्ट के बाद ही एक्ट पर आगे विचार-विमर्श किया जाएगा। ऐसे में, पंजाब सरकार की ओर से अपनी समिति का गठन किया गया है। यह कदम दोनों पक्षों के बीच संवाद की प्रक्रिया को औपचारिक रूप देने का काम करेगा।
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