बच्चों के भविष्य और ग्रामीणों के समस्याओं को दरकिनार कर पार्क अधिकारियों ने खितौली परिक्षेत्र के कोलूहाबाह में मुख्य मार्ग को ही मशीन की मदद से खुदवा दिया है। इस मामले में खास बात यह भी है कि मार्ग खुदवाने से पूर्व इस बात की जानकारी भी ग्रामीणों को नहीं दी। नतीजतन कई छात्र जो ताला में अध्ययनरत हैं, विद्यालय नहीं जा सके। इसके अलावा छात्रों की परीक्षाएं भी चल रही हैं। ऐसे में मार्ग अवरुद्ध करना ग्रामीणों के गले नहीं उतर रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि मार्ग खुदवाने से बड़ी गाड़ियां ग्राम कोलुहाबाह नहीं आ सकेंगी, जिससे छात्रों के साथ मरीज और खासतौर से प्रसूता महिलाओं के लिए बड़ी परेशानी आ जाएगी। खबर है कि खितौली परिक्षेत्र के जिम्मेदार पार्क टीम ने कोलुहाबाह तिराहा के पास बिना ग्रामीणों को जानकारी दिए मार्ग को खुदवा दिया है। मार्ग अवरुद्ध होने से दर्जनों गांव के ग्रामीण भी प्रभावित होंगे। खास तौर से सलखनिया, डोभा, रंछा, बड़वाही और बगैहा समेत कई गांव ऐसे हैं, जहां के ग्रामीण इसी मुख्य मार्ग से शहरी क्षेत्र गणपुरी, ताला और जिला मुख्यालय आते जाते हैं।
मामले में रेंज अधिकारी ने बताया कि गणपुरी चौकी से कोलुहाबाह गांव के लिए मार्ग है। इस मार्ग को ग्रास लैंड के लिए तैयार करने की मुहिम है। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि अभी हाल के महीनों में गांव के खेरूवा बैगा का बाघ ने शिकार कर मौत के घाट उतारा था। ऐसे में गणपुरी मार्ग खतरे से भरा है। इस मार्ग से सटे वन क्षेत्र में बाघ की मूवमेंट भी रहती है। ऐसे में विद्यालयीन छात्रों को इस मार्ग से भेजना खतरनाक है। इसके अलावा इस मार्ग की गाच से दूरी भी अपेक्षाकृत बहुत अधिक है। बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व के उपसंचालक पीके वर्मा ने इस पूरे घटना क्रम को लेकर कहा कि विस्थापन अंतर्गत कार्रवाई की जा रही है, जिन गांवों में मुआवजा आदि का वितरण हो गया है, उन गांवों को लेवल कर ग्रास लैंड डिवेलप किया जाना है, उसी पर काम किया जा रहा है।
पंजीयन विभाग ने बनाया राजस्व संग्रहण का रिकॉर्ड
पंजीयन विभाग ने राजस्व संग्रहण में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। उप पंजीयक आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि संपदा 2.0 लागू होने के बाद उमरिया में एक दस्तावेज से 17 करोड़ 53 लाख रुपये का राजस्व एक साथ जमा किया गया है, जो संभाग में अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा है।
जिला पंजीयक पंकज कोरी ने जानकारी दी कि यह राजस्व संग्रहण सारडा कोल ब्लॉक के लिए आवंटित भूमि के दस्तावेजों के निष्पादन से संभव हुआ है। यह खनिज लीज 30 वर्षों के लिए दी गई है, जिसका रकबा 1248.108 हेक्टेयर है। लीज में उमरिया जिले के तीन ग्राम खम्हरिया खुर्द, कुसमहाखुर्द और शाहपुर तथा शहडोल जिले के दो ग्राम कठौतिया और खम्हरिया कला शामिल हैं। यह भूमि वन, राजस्व और निजी श्रेणियों की है। वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए उमरिया जिले को 21 करोड़ रुपये राजस्व संग्रहण का लक्ष्य दिया गया था, जिसके मुकाबले अब तक 35 करोड़ रुपये का संग्रहण किया जा चुका है। यह उपलब्धि जिले के आर्थिक विकास को गति देने वाली साबित होगी।
खनिज लीज का निष्पादन कंपनी की ओर से रामाराव भगवततुल्ला और खनिज विभाग की ओर से सहायक खनिज निरीक्षक नरबद सिंह आर्मो ने किया। इस प्रक्रिया में सेवा प्रदाता राहुल यादव, नौसाद अहमद और अधिवक्ता वसीम अंसारी की अहम भूमिका रही। इस रिकॉर्डतोड़ राजस्व संग्रहण से जिले के विकास कार्यों को मजबूती मिलेगी और प्रशासन ने इसे भविष्य में और आगे बढ़ाने का संकल्प जताया है। यह भूमि वन, राजस्व एवं निजी भूमि है। खनिज लीज का निष्पादन कंपनी की ओर से रामाराव भगवततुल्ला, खनिज विभाग की ओर से नरबद सिंह आर्मो सहायक खनिज निरीक्षक द्वारा निष्पादन किया गया। लीज के निष्पादन की प्रक्रिया मे सेवा प्रदाता राहुल यादव, नौसाद तथा वसीम की प्रमुख भूमिका रही।