{"_id":"66d09d7c4a8572d62e05174a","slug":"pradhanmantri-narendra-modi-ne-jinki-kachori-ke-swad-ki-tarif-un-tolaram-ka-hua-nidhan-shajapur-news-c-1-1-noi1355-2049827-2024-08-29","type":"video","status":"publish","title_hn":"MP News: शाजापुर में मंदिर आरती के वक्त तोलाराम कचौरी वाले का निधन, पीएम मोदी ने चुनाव में किया था जिक्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
MP News: शाजापुर में मंदिर आरती के वक्त तोलाराम कचौरी वाले का निधन, पीएम मोदी ने चुनाव में किया था जिक्र
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शाजापुर की कचौरी के स्वाद के मुरीद हैं और भरी सभा में जिसकी उन्होंने तारीफ की थी, उन तोलाराम कचौरी वाले का गुरुवार को निधन हो गया। उनका निधन भी बड़ा मार्मिक घटनाक्रम है। वह गुरुवार को शाजापुर के नित्यानंद आश्रम में भागवत कथा में आरती के समय भगवान के जयकारे लगा रहे थे। उसी वक्त वह बेसुध होकर गिर पड़े। कार्यक्रम में मौजूद अन्य लोग उन्हें जिला अस्पताल शाजापुर लेकर पहुंचे। जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
बता दें कि शाजापुर निवासी 70 वर्षीय तोलाराम प्रजापति अपनी कचौरी के स्वाद से प्रसिद्ध रहे। विधानसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शाजापुर आए थे। उन्होंने बापू की कुटिया क्षेत्र में एक जनसभा को संबोधित किया था। इस जनसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तोलाराम की कचौरी के स्वाद का भी उल्लेख किया था। उन्होंने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा था कि मैं जानता हूं, शाजापुर वालों के लिए सब काम बाद में और तोलाराम की कचौरी सबसे पहले। बोले थे कि वह पुराने समय में जब शाजापुर आते थे, तब का स्वाद उन्हें अब तक याद है।
कुछ दिन पहले ही शुरू की थी फिर से दुकान
तोलाराम प्रजापति द्वारा शाजापुर के नई सड़क पर कई वर्ष तक कचौरी की दुकान संचालित की गई। किंतु बीते कुछ वर्षों से यह दुकान बंद थी। पिछले दिनों 18 अगस्त को ही शाजापुर शहर के महाराणा प्रताप चौराहे पर फिर से तोलाराम प्रजापति द्वारा दुकान का संचालन प्रारंभ किया गया था। उम्र अधिक होने के कारण वह ज्यादा समय तो दुकान पर नहीं आते थे। किंतु शाम के समय जरूर वह दुकान पर मौजूद रहते थे। बाकी टाइम उनके बेटे दुकान संभालते थे।
सोशल मीडिया पर चला श्रद्धांजलि देने का दौर
गुरुवार दोपहर को जैसे ही लोगों को तोलाराम प्रजापति के निधन की खबर लगी तो सोशल मीडिया पर उन्हें श्रद्धांजलि देने का दौर शुरू हुआ। जो देर शाम तक जारी रहा। लोगों का कहना है कि तोलाराम प्रजापति की कचौरी के स्वाद ने तो उन्हें पहचान दिलाई ही। उनके मधुर व्यवहार ने भी लोगों के दिलों में जगह बनाई।
यह बोले थे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
पीएम मोदी ने सभा में दिए अपने भाषण के दौरान पहले मालवा की दाल-बाटी की बात की। इसके बाद शहर के प्रसिद्ध हलवाई तोलाराम की कचौरी को याद किया। पीएम मोदी ने कहा था, जब जनसंघ के समय यहां आए थे, उस समय उन्होंने यहां मालवा का प्रसिद्ध दाल-बाटी का भोजन और तोलाराम की कचौरी खाई थी। उन्होंने कहा कि था कि आज मेरे पास समय कम है, लेकिन अगली बार जब आऊंगा तो यहां की दाल-बाटी और तोलाराम की कचौरी खाऊंगा।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।