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हनुमान जयंती पर नौकरी प्राप्ति, आर्थिक उन्नत्ति, राजनीतिक सफलता एवं शत्रुनाशक हनुमंत अनुष्ठान - 8 अप्रैल 2020
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हनुमान जयंती पर नौकरी प्राप्ति, आर्थिक उन्नत्ति, राजनीतिक सफलता एवं शत्रुनाशक हनुमंत अनुष्ठान - 8 अप्रैल 2020

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Uttarakhand LockDown: रुड़की के तीन गांव की 17,500 की आबादी पर नजर रखने को टीमें तैयार

उत्तराखंड में रविवार को पांच और जमाती कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए। प्रदेश में कुल 27 मरीज संक्रमित हो चुके हैं।

6 अप्रैल 2020

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उत्तर काशी

सोमवार, 6 अप्रैल 2020

बैंकों से पैसा निकालने पहुंचने लगे लोग

कोरोना महामारी के इस दौर में लोगों को अपनी जरूरत का सामान खरीदने के लिए पैसों की किल्लत का सामना न करना पड़े, इसके लिए लॉकडाउन के दौरान सभी बैंकों में लेन देने की अवधि बढ़ा दी है। शुक्रवार को जिले के सभी बैंक सुबह आठ से दोपहर एक बजे तक खुले रहे।
भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री जनधन योजना, किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण आदि योजनाओं के साथ ही विभिन्न पेंशन योजनाओं के लाभार्थियों के खातों में अनुमन्य धनराशि जमा कराई जा रही है। शुक्रवार को अपने खातों से पैसा निकालने के लिए बड़ी संख्या में लोग बैंकों तक पहुंचे। इस दौरान पुलिस प्रशासन ने सामाजिक दूरी के नियम का पालन कराने के लिए बैंकों के बाहर गोले बनाकर लोगों के बीच निर्धारित दूरी बनाए रखी। डीएम डॉ. आशीष चौहान ने सभी बैंकों में सामाजिक दूरी के नियम का पालन कराने तथा अंगूठा लगाने वाले उपकरण को पहले व बाद में सैनिटाइज कराने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं।
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कोरोना के चलते मोल्टाड़ी मेला स्थगित

कोरोना महामारी के चलते आगामी 17 अप्रैल को रवाईं घाटी के सबसे बड़े मोल्टाड़ी मेले का आयोजन भी स्थगित कर दिया गया है।
जिले की रवाईं घाटी में ओडारू जखंडी मटिया महासू देवता के प्रति लोगों में अगाध आस्था है। हर साल चार गते बैसाख मोल्डाड़ी गांव स्थित ओडारू जखंडी महाराज के प्राचीन मंदिर में भव्य मेले का आयोजन किया जाता है। मंदिर समिति के अध्यक्ष धर्म सिंह नेगी ने बताया कि इस बार मोल्टाड़ी मेले का आयोजन 17 अप्रैल को होना था, लेकिन कोरोना महामारी को देखते हुए इस वर्ष आयोजन निरस्त कर दिया गया है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपने घरों पर ही हरियाली उगाकर ओडारू जखंडी महाराज की पूजा अर्चना करने की अपील की है।
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ग्राम पंचायतों में सेनेटाइजेशन स्प्रे किट खरीद करने के निर्देश

कोरोना संक्रमण को रोकने के साथ ही इस दौरान कृषि बागवानी के कार्य प्रभावित न हों इसके लिए गंगोत्री विधायक गोपाल रावत ने संबंधित अधिकारियों को दिशा निर्देश जारी किए। उन्होंने ग्रामीण इलाकों में भी कीटनाशक दवाइयों का छिड़काव कराने के लिए ग्राम पंचायतों में 15वें वित्त से सैनिटाइजेशन स्प्रे किट खरीद कराने और उपला टकनौर क्षेत्र के सेब काश्तकारों को जरूरी कीटनाशक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। ताकि ग्राम पंचायतें इस किट से स्वयं गांवों में दवाइयों का छिड़काव कर सकें।
गंगोत्री विधायक गोपाल रावत ने उपला टकनौर क्षेत्र में सेब किसानों को जरूरी कीटनाशक दवाइयां उपलब्ध कराने के निर्देश उद्यान विभाग को दिए। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के इस दौर में कृषि एवं बागवानी कार्य प्रभावित न हों इसका ध्यान रखा जाना चाहिए। अभी सेब किसानों को लाइम सल्फर आदि कीटनाशक उपलब्ध करा दिए हैं। विधायक ने किसानों से सामाजिक दूरी का पालन कर खेती बागवानी के कार्य सुचारु रखने की अपील की।
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ओलावृष्टि से स्योरी फल पट्टी को नुकसान

फ्लावरिंग सीजन में स्योरी फल पट्टी क्षेत्र में शनिवार शाम को हुई ओलावृष्टि से सेब की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। मौसम की मार ने इस बार सेब की अच्छी फसल की उम्मीदों पर पानी फेरने का काम किया है। क्षेत्र के पंचायत प्रतिनिधियों ने प्रशासन को इसकी सूचना देकर ओलावृष्टि से हुए नुकसान का आकलन कराने और सेब किसानों को क्षतिपूर्ति की मांग की है।
प्रखंड के स्योरी फल पट्टी क्षेत्र में अधिकांश किसानों की आजीविका सेब उत्पादन पर ही टिकी है। सेब के पेड़ फूलों से लद जाने से किसानों को इस बार अच्छे उत्पादन की उम्मीद थी, लेकिन शनिवार शाम को क्षेत्र में जमकर ओलों की बरसात होने से सेब वृक्षों को भारी नुकसान पहुंचा। ओलावृष्टि से फल पट्टी के रस्टाड़ी कंडाऊं क्षेत्र में सर्वाधिक नुकसान हुआ है। कंडाऊं गांव की प्रधान सीमा सेमवाल ने तहसील प्रशासन को पत्र लिखकर ओलावृष्टि से हुए नुकसान का आकलन करने की मांग की है।
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चिन्यालीसौड़ नगर में गहराया पेयजल संकट

धरासू में भारी भूस्खलन से पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण चिन्यालीसौड़ नगर पालिका क्षेत्र की पेयजल आपूर्ति बीते तीन दिन से ठप पड़ी है। ऐसे में लॉकडाउन के दौरान लोगों को पेयजल की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने आए दिन पेयजल आपूर्ति ठप होने पर रोष जताते हुए जल संस्थान के अधिकारियों से स्थायी व्यवस्था करने की मांग की है।
चिन्यालीसौड़ नगर के धनपुर नागणी, सूलीठांग, पीपलमंडी व बिजल्वाण मोहल्ले आदि क्षेत्रों में जलापूर्ति के लिए धरासू कल्याणी पेयजल योजना बनी हुई है। इस योजना की पाइप लाइन आए दिन धरासू में भूस्खलन से क्षतिग्रस्त हो जाती है। इस कारण क्षेत्र के लोगों को पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। बीते दिनों हुए भूस्खलन में एक बार फिर लाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण तीन दिन से नगर क्षेत्र में जलापूर्ति ठप पड़ी है। इस कारण लोगों को हैंडपंप एवं दूरस्थ प्राकृतिक स्रोतों से पानी ढोना पड़ रहा है।
जल संस्थान के जेई मनीष रावत ने बताया कि धरासू भूस्खलन और ऑल वेदर रोड के कार्यों के चलते पेयजल लाइन बार-बार क्षतिग्रस्त हो रही है। भूस्खलन वाले हिस्से में लाइन को दुरुस्त करने की स्थिति नहीं बन पाने पर अब धरासू गाड़ से होते हुए पेयजल लाइन बिछाई जा रही है। फिलहाल नगर में दो टैंकरों के माध्यम से पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था की गई है। जल्द ही वैकल्पिक लाइन तैयार कर नगर में पेयजल आपूर्ति सुचारु कर ली जाएगी।
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चिन्यालीसौड़ नगर में गहराया पेयजल संकट

धरासू में भारी भूस्खलन से पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण चिन्यालीसौड़ नगर पालिका क्षेत्र की पेयजल आपूर्ति बीते तीन दिन से ठप पड़ी है। ऐसे में लॉकडाउन के दौरान लोगों को पेयजल की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने आए दिन पेयजल आपूर्ति ठप होने पर रोष जताते हुए जल संस्थान के अधिकारियों से स्थायी व्यवस्था करने की मांग की है।
चिन्यालीसौड़ नगर के धनपुर नागणी, सूलीठांग, पीपलमंडी व बिजल्वाण मोहल्ले आदि क्षेत्रों में जलापूर्ति के लिए धरासू कल्याणी पेयजल योजना बनी हुई है। इस योजना की पाइप लाइन आए दिन धरासू में भूस्खलन से क्षतिग्रस्त हो जाती है। इस कारण क्षेत्र के लोगों को पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। बीते दिनों हुए भूस्खलन में एक बार फिर लाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण तीन दिन से नगर क्षेत्र में जलापूर्ति ठप पड़ी है। इस कारण लोगों को हैंडपंप एवं दूरस्थ प्राकृतिक स्रोतों से पानी ढोना पड़ रहा है।
जल संस्थान के जेई मनीष रावत ने बताया कि धरासू भूस्खलन और ऑल वेदर रोड के कार्यों के चलते पेयजल लाइन बार-बार क्षतिग्रस्त हो रही है। भूस्खलन वाले हिस्से में लाइन को दुरुस्त करने की स्थिति नहीं बन पाने पर अब धरासू गाड़ से होते हुए पेयजल लाइन बिछाई जा रही है। फिलहाल नगर में दो टैंकरों के माध्यम से पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था की गई है। जल्द ही वैकल्पिक लाइन तैयार कर नगर में पेयजल आपूर्ति सुचारु कर ली जाएगी।
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युवाओं ने बनाया गांव की सुकूनभरी जिंदगी जीने का मन

कोरोना वायरस के भय और लॉकडाउन से उपजी दिक्कतों ने आधुनिक जीवनशैली एवं बाजार पर बढ़ती निर्भरता के दुष्प्रभावों को उजागर कर दिया है। वैश्विक महामारी से त्रस्त दिल्ली, महाराष्ट्र आदि महानगरों से किसी तरह बचकर गांव लौटे लोगों का अब शहरी जीवन से मोह भंग होने लगा है। रिवर्स पलायन कर लौटे कई लोग अब गांव में रहकर ही खेती बागवानी और पशुपालन आदि कार्य कर सुकून की जिंदगी जीने का मन बना रहे हैं।
रोजगार के लिए जिले के गांवों से बड़ी संख्या में लोग वर्षों से शहरों की ओर पलायन करते रहे हैं। इस बार कोरोना वायरस के प्रकोप और लॉकडाउन के चलते काम कारोबार ठप होने पर बड़ी संख्या में लोग महानगरों से गांव लौटे हैं। हरिद्वार से लौटे मुस्टिकसौड़ के विकास राणा एवं पुणे से आए सुखवंत रावत का कहना है कि अब वे शहर नहीं जाना चाहते। गोरसाली गांव के नवीन राणा ने बताया कि महाराष्ट्र में नौकरी छूटने पर लौटे अनूप राणा, धनेश पंवार आदि युवक भी गांव में ही रहकर खेतबाड़ी और पशुपालन में आजीविका तलाश रहे हैं। इन लोगों का कहना है कि शहरों में दौड़ती जिंदगी बेहद तनावभरी है। पहाड़ के गांवों में स्वच्छ आबोहवा के साथ जिंदगी बहुत सुकून भरी है।
कृषि विज्ञान केंद्र चिन्यालीसौड़ के प्रभारी डा. पंकज नौटियाल ने बताया कि बीते कुछ समय में खेती, बागवानी, पशुपालन, मौनपालन आदि के बारे में जानकारी लेने वालों की संख्या में इजाफा हुआ है। लोग अपने घर गांव में ही रहकर स्वरोजगार अपनाना चाहते हैं।
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उत्तराखंड: मुनस्यारी की चोटियों पर हिमपात, गंगोत्री हाईवे तीसरे दिन भी बंद, 19 घंटे बाद खुला पिथौरागढ़-घाट हाइवे

उत्तराखंड में गंगोत्री हाईवे धरासू के पास भारी भूस्खलन आने से तीन दिन से बंद है। पहाड़ी से लगातार भूस्खलन हो रहा है जिसके कारण टीम रास्ता खोल नहीं पा रही है।  रविवार को भी यातायात बहाली के प्रयास सफल नहीं हो पाए। इस हिस्से में नदी किनारे से पैदल आवाजाही लायक रास्ता तैयार किया गया है, जबकि वाहनों को बनचौरा, ब्रह्मखाल होते हुए उत्तरकाशी की ओर भेजा जा रहा है।

हाईवे के करीब सौ मीटर हिस्से में ऊंची पहाड़ी से भारी बोल्डर एवं मलबा गिर रहा है। थानाध्यक्ष धरासू विनोद थपलियाल ने बताया कि आवश्यक सेवाओं वाले वाहनों को बड़ेथी से बनचौरा, ब्रह्मखाल होते हुए उत्तरकाशी भेजा जा रहा है। ऐसे में वाहनों को करीब 70-80 किमी. की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है
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सेब के पेड़ों पर कीटनाशकों का छिड़काव अटका

लॉकडाउन के चलते जनपद में सेब आदि फलों की बागवानी प्रभावित होने लगी है। आजकल फ्लावरिंग सीजन में फल वृक्षों पर जरूरी कीटनाशकों के छिड़काव का समय है। किसानों की मांग पर प्रशासन ने बागवानी वाले क्षेत्रों में कीटनाशक आदि रसायन तो पहुंचा दिए, लेकिन छिड़काव समेत बागवानी के अन्य कार्यों के लिए शहरों में रह रहे किसानों को गांव लौटने की अनुमति नहीं मिल रही है।
सेब उत्पादन में अग्रणी उपला टकनौर, स्योरी व मोरी आराकोट क्षेत्र में बड़ी संख्या में किसानों की आजीविका सेब उत्पादन पर टिकी है। इस बार सर्दियों में भारी बर्फबारी होने से सेब के पेड़ों की न्यूनतम अवशीतन आवश्यकता पूरी होने से किसानों को अच्छी फसल की उम्मीद है। सुक्की के सेब किसान मोहन सिंह राणा, धराली के महेश पंवार, हर्षिल निवासी डा. नागेंद्र रावत ने बताया कि इस दौरान फूलों पर कीट एवं रोग लगने का सबसे ज्यादा खतरा होता है।
सर्दियों में उपला टकनौर क्षेत्र से अधिकांश किसान जिला मुख्यालय के आसपास के इलाकों में पलायन कर जाते हैं। मार्च तक बर्फबारी का दौर जारी रहने के कारण अधिकांश किसान अभी तक गांव नहीं लौटे हैं। इस बीच लॉकडाउन के चलते किसान अपने प्रवास स्थलों पर ही फंस गए हैं। प्रशासन ने किसानों की मांग पर क्षेत्र में उद्यान विभाग के माध्यम से कीटनाशक तो भेज दिए हैं, लेकिन लॉकडाउन के चलते किसान अपने गांवों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। किसानों का कहना है कि यदि सेब की फसल बर्बाद हुई, तो उनके समक्ष आने वाले एक साल के लिए आजीविका का संकट खड़ा हो जाएगा। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र गांवों में लौटने की अनुमति देने की मांग की है।
कोट
लॉकडाउन के दौरान कृषि बागवानी कार्य की अनुमति दी गई है, लेकिन लोगों के गांव लौटने से कोरोना संक्रमण का खतरा हो सकता है। इसे देखते हुए शासन को पत्र लिखकर इस संबंध में दिशा निर्देश मांगे गए हैं। निर्देश मिलते ही उपला टकनौर क्षेत्र के सेब किसानों को गांव वापसी की अनुमति दी जाएगी।
डा. आशीष चौहान, डीएम उत्तरकाशी।
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उत्तराखंड: धरासू थाना के पास पहाड़ी से भारी मलबा आने से गंगोत्री हाईवे बंद

धरासू के निकट भारी भूस्खलन का सिलसिला जारी रहने के कारण गंगोत्री हाईवे शुक्रवार अपराह्न तीन बजे से अवरुद्ध है। मैदानी क्षेत्रों से सब्जी, खाद्यान्न आदि आवश्यक सामान लेकर उत्तरकाशी आ रहे दर्जनों वाहन वहीं फंस गए हैं।

भूस्खलन जारी रहने के कारण यहां यातायात बहाली के प्रयास अभी तक सफल नहीं हो पाए हैं। इस हिस्से में नदी किनारे से पैदल आवाजाही लायक रास्ता तैयार किया गया है, जबकि वाहनों को बनचौरा, ब्रह्मखाल होते हुए उत्तरकाशी की ओर भेजा जा रहा है।

हाईवे के करीब सौ मीटर हिस्से में ऊंची पहाड़ी से भारी बोल्डर एवं मलबा गिर रहा है। थानाध्यक्ष धरासू विनोद थपलियाल ने बताया कि आवश्यक सेवाओं वाले वाहनों को बड़ेथी से बनचौरा, ब्रह्मखाल होते हुए उत्तरकाशी भेजा जा रहा है। ऐसे में वाहनों को करीब 70-80 किमी. की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।
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दूसरे शहरों से लौटने वाले होंगे अब 14 दिन क्वारंटीन

दूसरे क्षेत्र से जोड़ने वाली सभी सड़कों के प्रवेश द्वार सील कर अब सिर्फ चिन्यालीसौड़ और डामटा की ओर से ही प्रवेश की व्यवस्था की गई है। साथ ही अब जिले में लौटने वाले स्थानीय लोगों को उनके घरों के बजाय प्रशासन ने संस्थागत क्वारंटीन में रखने का निर्णय लिया है।
शनिवार को कंट्रोल रूम में अधिकारियों के साथ बैठक में डीएम डा. आशीष चौहान ने बताया कि अभी तक जिले में कोरोना संक्रमण का एक भी मामला नहीं आया है, लेकिन सतर्कता बरतने की जरूरत है। डीएम ने बताया कि अब बाहरी क्षेत्रों से वाहन मोरी, धौंतरी और स्यांसू पुल होते हुए प्रवेश नहीं कर सकेंगे।
डीएम ने बताया कि अभी तक जनपद में लौट रहे व्यक्तियों को कोरोना संक्रमण के लक्षण नहीं पाए जाने पर उनको होम क्वारंटीन किया जा रहा था, लेकिन अब प्रशासन की देखरेख में 14 दिन के लिए संस्थागत क्वारंटीन किया जाएगा। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक पंकज भट्ट, सीडीओ पीसी डंडरियाल, एडीएम तीर्थपाल सिंह, सीएमओ डा.डीपी जोशी, एसडीएम देवेंद्र नेगी, आकाश जोशी एवं चतर सिंह चौहान, सीवीओ डा. प्रलयंकर नाथ, आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल आदि मौजूद रहे।
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आउट सोर्स कर्मियों को पांच माह से नहीं मिला वेतन

जिले के पंचायतीराज विभाग में सेवारत डाटा एंट्री ऑपरेटरों व अवर अभियंताओं को पांच माह से वेतन का इंतजार है, जबकि इनका अनुबंध 31 मार्च को समाप्त हो गया है। वहीं डीएम ने कहा कि कर्मियों के सहयोग को देखते हुए उनका अनुबंध बढ़ाने को कहा है।
पौड़ी में पंचायतीराज विभाग के तहत आउटसोर्स से 49 डाटा एंट्री ऑपरेटर व 15 जेई सेवारत हैं। इनका अनुबंध 31 मार्च को समाप्त हो गया, लेकिन विभाग इनसे सेवाएं ले रहा है। एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष प्रदीप सुंदरियाल व जिला महामंत्री संतन सिंह बिष्ट ने बताया कि डाटा एंट्री ऑपरेटर व अवर अभियंताओं द्वारा लगातार बेहतर सेवाएं दी जा रही है। डीपीआरओ एमएम खान ने बताया कि निदेशालय से आउट सोर्स संस्था को तीन माह का वेतन जारी कर दिया है। शेष दो माह का वेतन भी जल्द ही प्रदान कर लिया जाएगा।
पंचायतराज विभाग ने जिलाधिकारी के माध्यम से डाटा एंट्री ऑपरेटरों व अवर अभियंताओं के सेवाकाल बढ़ाए जाने के लिए निदेशक को पत्र भेजा है। पत्र में डीएम धीराज सिंह गर्ब्याल ने कहा कि कोरोना महामारी से लड़ाई में ऑपरेटर व अभियंता सूचना संकलन सहित अन्य कार्यों में विशेष सहयोग प्रदान कर रहे हैं, जिसको देखते हुए इनके सेवाकाल/अनुबंध को बढ़ाया जाए।
आउट सोर्स कार्मिकों को दें सेवा विस्तार
उत्तरकाशी। जिला ग्राम प्रधान संगठन ने विभिन्न विकास खंडों में नियुक्त डाटा इंट्री ऑपरेटर्स तथा कनिष्ठ अभियंताओं की सेवाओं को विस्तार देने की मांग की है। प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष प्रताप रावत ने बताया कि ग्राम पंचायतों के विभिन्न विकास कार्यों के संचालन के लिए जिला पंचायती राज विभाग द्वारा विभिन्न विकास खंडों में आउट सोर्स के माध्यम से डाटा इंट्री ऑपरेटर एवं कनिष्ठ अभियंता तैनात किए गए हैं। इनका अनुबंध समाप्त हो रहा है। ऐसे में यदि इन कार्मिकों को सेवाओं से हटा दिया जाएगा, तो गांवों के विकास कार्य प्रभावित होंगे। उन्होंने जिला पंचायतीराज अधिकारी को पत्र लिखकर कार्मिकों को यथावत रखने की मांग की है।
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