मध्यप्रदेश सरकार और पर्यटन विभाग मिलकर लगातार प्रदेश में पर्यटन के क्षेत्र में संभावनाएं तलाशते हुए नित-नए प्रयोग कर रहे हैं। इसी के चलते प्रदेश के खंडवा जिले की धार्मिक तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया था, जो की होम स्टे योजना को लेकर थी। बता दें कि पर्यटन निगम द्वारा तीर्थनगरी के साथ ही पर्यटक स्थल ओंकारेश्वर में होम स्टे की काफ़ी संभावनाओं को देखा जा रहा है। इसी के चलते यहां स्थित पर्यटन विभाग के मीटिंग हाल में इस कार्यशाला में संयुक्त कलेक्टर अंशु ज्वाला, मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड की गायत्री एवं उनकी टीम, नगर परिषद के सीएमओ संजय गीते, स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ ही इस योजना के तहत होम स्टे खोलने के इच्छुक आम नागरिक, महिलाएं एवं एनजीओ के सदस्य भी मौजूद रहे।
इस दौरान संयुक्त कलेक्टर एवं मध्यप्रदेश टूरिज्म के अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा होम स्टे योजना लागू की गयी है, जिसमें एमपीटी का पूरा सपोर्ट मिलेगा। इसमें नागरिकों के लिए आय की अपार संभावनाएं हैं। यही नहीं, योजना के तहत और भी कई तरह के लाभों से उन्होंने मीटिंग में मौजूद लोगों को अवगत कराते हुए योजना से जुड़ी जानकारियां दीं।
यह रहेगी रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया
इस कार्यशाला में बताया गया कि होम स्टे योजना के अंतर्गत यदि इच्छुक उम्मीदवार का मकान है, या रिक्त भूमि है या फार्म हॉउस है तो वह होम स्टे योजना का लाभ ले सकता है। इसमें चार प्रकार की स्कीम है। होम स्टे स्कीम नंबर 10, बेड एवं ब्रेकफास्ट स्कीम, फार्म स्टे स्कीम और ग्राम स्टे स्कीम। इन सभी स्कीम के लिए अलग-अलग रजिस्ट्रेशन फीस निर्धारित की गई है, जो कि 1,000 रुपये से लेकर 5000 रुपये तक की फीस रखी गई है। यह फीस तीन साल के लिए वैलिड रहेगी।
योजना से मिलेगा पर्यटन को बढ़ावा
इस योजना के लिए इच्छुक उम्मीदवार पहले नियमानुसार भवन तैयार कर लें, जिसके बाद उसके फोटो होम स्टे पोर्टल पर अपलोड करें। इसके लिए वे नगर परिषद में भी सम्पर्क कर सकते हैं। इसके साथ ही ऑनलाइन पोर्टल पर फीस जमा कराकर रजिस्ट्रेशन को पूर्ण कराएं। इससे आवेदकों को अतिरिक्त आय तो होगी ही एवं तीर्थनगरी आने वाले टूरिस्टों को भी गांव की संस्कृति और ग्रामीण परिवेश का आनंद मिलेगा। साथ ही साथ इससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।