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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Major anti-encroachment drive in Omkareshwar Poclain machines used to demolish dharamshalas

सिंहस्थ 2028 की तैयारी: ओंकारेश्वर में अतिक्रमण पर बड़ी कार्रवाई, धर्मशालाओं पर चली पोकलेन; हटाए गए निर्माण

Wed, 09 Sep 2026 05:30 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ओंकारेश्वर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ओंकारेश्वर Published by: शबाहत हुसैन Updated Wed, 09 Sep 2026 05:30 PM IST
सार

सिंहस्थ जैसे बड़े धार्मिक आयोजन के लिए ओंकारेश्वर में व्यवस्थाओं को मजबूत करना जरूरी है। श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए पार्किंग, सड़क, यातायात और सार्वजनिक सुविधाओं के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।

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Major anti-encroachment drive in Omkareshwar Poclain machines used to demolish dharamshalas
अतिक्रमण हटाता जेसीबी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को लेकर प्रशासन ने ओंकारेश्वर में अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। बुधवार को जिला प्रशासन के निर्देश पर नगर परिषद, पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने ब्रह्मपुरी क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की। इस दौरान पोकलेन मशीन की मदद से चिन्हित निर्माण हटाए गए। कार्रवाई ओंकारेश्वर बांध के सामने स्थित ब्रह्मपुरी पार्किंग क्षेत्र से शुरू हुई।

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प्रशासन के अनुसार सिंहस्थ 2028 के दौरान ओंकारेश्वर में देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए पार्किंग, यातायात, आवागमन और अन्य बुनियादी सुविधाओं के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध कराना जरूरी है। इसी के तहत शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में अतिक्रमण हटाकर व्यवस्थाओं को बेहतर करने की तैयारी की जा रही है।

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पार्किंग क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त करने पर जोर
ब्रह्मपुरी क्षेत्र में स्वर्णकार समाज की धर्मशाला सहित अन्य निर्माणों को लेकर प्रशासन ने कार्रवाई की। अधिकारियों के अनुसार पार्किंग क्षेत्र में अतिक्रमण के कारण वाहनों के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध नहीं हो पा रही थी। सिंहस्थ के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और वाहनों के ओंकारेश्वर पहुंचने की संभावना को देखते हुए पार्किंग व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित और विस्तृत करने की योजना पर काम किया जा रहा है। कार्रवाई के दौरान पुलिस बल भी मौजूद रहा। राजस्व विभाग द्वारा चिन्हित किए गए निर्माणों को हटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। कार्रवाई शुरू होने के बाद मौके पर लोगों की भीड़ भी जमा हो गई।

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होटल, धर्मशालाओं और मकानों पर भी कार्रवाई की संभावना
सिंहस्थ की तैयारियों के तहत आने वाले दिनों में ओंकारेश्वर के अन्य क्षेत्रों में भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई बड़े स्तर पर किए जाने की संभावना है। शहर के कई हिस्सों में होटल, धर्मशालाएं और निजी मकान ऐसे क्षेत्रों में बने हैं, जहां भविष्य में यातायात, पार्किंग और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अतिरिक्त स्थान की जरूरत पड़ सकती है। हालांकि, किन-किन निर्माणों को हटाया जाएगा और कार्रवाई किस स्तर तक होगी, इसे लेकर प्रशासन की ओर से फिलहाल विस्तृत सूची सार्वजनिक नहीं की गई है।

कार्रवाई जरूरी, लेकिन पुनर्वास का सवाल
सिंहस्थ जैसे बड़े धार्मिक आयोजन के लिए ओंकारेश्वर में व्यवस्थाओं को मजबूत करना जरूरी है। श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए पार्किंग, सड़क, यातायात और सार्वजनिक सुविधाओं के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। दूसरी ओर, वर्षों से व्यवसाय या आवास के रूप में उपयोग किए जा रहे निर्माणों पर कार्रवाई से प्रभावित होने वाले लोगों के सामने पुनर्वास का सवाल भी खड़ा हो गया है। स्थानीय लोगों का सवाल है कि यदि होटल, धर्मशालाएं और मकान हटाए जाते हैं तो प्रभावित परिवारों और व्यवसायियों के लिए क्या वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी। आजीविका प्रभावित होने की स्थिति में शासन की ओर से क्या प्रावधान होंगे, इसे लेकर भी लोगों में सवाल हैं।

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विकास जरूरी, प्रभावित लोगों के हितों का भी ध्यान रखने की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि सिंहस्थ 2028 को देखते हुए ओंकारेश्वर का विकास और यातायात व्यवस्था बेहतर होना जरूरी है, लेकिन विकास की प्रक्रिया में स्थानीय लोगों के हितों का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। लोगों की मांग है कि कार्रवाई से पहले प्रभावित लोगों को स्पष्ट जानकारी दी जाए और आवश्यक होने पर वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। स्थानीय स्तर पर यह मांग भी उठ रही है कि प्रशासन अतिक्रमण हटाने की पूरी कार्ययोजना सार्वजनिक करे, ताकि लोगों को यह स्पष्ट हो सके कि किन क्षेत्रों में कार्रवाई प्रस्तावित है और प्रभावित परिवारों के लिए शासन की क्या नीति होगी।

प्रशासन का कहना- श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोपरि
कार्रवाई को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों से चर्चा करने का प्रयास किया गया। कुछ अधिकारियों ने नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर बताया कि यह कार्रवाई मध्यप्रदेश शासन के निर्देश और सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार ओंकारेश्वर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना को देखते हुए अभी से व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा रहा है। प्रशासन का जोर शहर को अतिक्रमण मुक्त करने के साथ पार्किंग क्षमता बढ़ाने, यातायात व्यवस्था सुचारू करने और श्रद्धालुओं के आवागमन को सुविधाजनक बनाने पर है।

ब्रह्मपुरी से शुरुआत, आगे भी जारी रह सकता है अभियान
ब्रह्मपुरी क्षेत्र से शुरू हुई कार्रवाई को सिंहस्थ 2028 की तैयारियों की दिशा में शुरुआती कदम माना जा रहा है। संयुक्त टीम बनाकर की गई कार्रवाई से संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले दिनों में ओंकारेश्वर के अन्य चिन्हित क्षेत्रों में भी अतिक्रमण हटाने का अभियान जारी रह सकता है। अब देखना होगा कि सिंहस्थ की तैयारियों के तहत यह कार्रवाई कितने बड़े क्षेत्र तक पहुंचती है और प्रभावित लोगों के पुनर्वास तथा वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर प्रशासन क्या नीति अपनाता है। एक ओर सिंहस्थ के लिए ओंकारेश्वर को व्यवस्थित करने की चुनौती है, वहीं दूसरी ओर विकास की इस प्रक्रिया में स्थानीय लोगों के हितों की रक्षा करना भी प्रशासन के सामने अहम जिम्मेदारी है।

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