शादी के सपने दिखाकर युवक से लाखों रुपये और जेवर ऐंठने वाले गिरोह का दमोह देहात थाना पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में लुटेरी दुल्हन खुशबू राजपूत समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने बांसा तारखेड़ा निवासी दिनेश विश्वकर्मा से शादी के नाम पर 1.70 लाख रुपये नकद और करीब 2.40 लाख रुपये के जेवर लिए थे। शादी के महज तीन दिन बाद आरोपी महिला दुल्हन को उसकी बड़ी बहन बनकर अपने साथ जबलपुर ले गई और फिर वह वापस नहीं लौटी।
मामले में नर्मदा पटेल, मालती पटेल और खुशबू राजपूत को गिरफ्तार किया गया है। वहीं गिरोह का एक अन्य आरोपी नीरज उर्फ धीरज पटेल पहले से पन्ना जेल में बंद है। सोमवार को सीएसपी एचआर पांडे ने दमोह देहात थाना प्रभारी धर्मेंद्र उपाध्याय की मौजूदगी में पूरे मामले का खुलासा किया।
मंदिर में कराई शादी, तीन दिन बाद दुल्हन को ले गई महिला
पुलिस के अनुसार बांसा तारखेड़ा निवासी 38 वर्षीय दिनेश पिता रामकौशल विश्वकर्मा की मुलाकात गांव की नर्मदा पटेल के माध्यम से नीरज पटेल और मालती पटेल से हुई थी। इसके बाद रांझी, जबलपुर निवासी खुशबू राजपूत से दिनेश की शादी तय कराई गई। 20 अप्रैल 2026 को रानगिर मंदिर में दोनों की शादी कराई गई। शादी के बदले दिनेश से 1.70 लाख रुपये नकद और करीब 2.40 लाख रुपये कीमत के जेवर लिए गए। शादी के बाद दिनेश को उम्मीद थी कि उसकी गृहस्थी शुरू होगी, लेकिन महज तीन दिन बाद ही पूरा मामला पलट गया।
23 अप्रैल को मालती पटेल दुल्हन खुशबू की बड़ी बहन बनकर दिनेश के घर पहुंची। उसने कुछ दिनों बाद खुशबू को वापस भेजने की बात कही और उसे अपने साथ जबलपुर ले गई। इसके बाद खुशबू ने दिनेश से संपर्क करना बंद कर दिया। काफी इंतजार के बाद जब दुल्हन वापस नहीं आई तो दिनेश को अपने साथ हुई ठगी का अहसास हुआ।
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शिकायत के बाद चार आरोपियों पर दर्ज हुआ मामला
दिनेश की शिकायत पर दमोह देहात थाना पुलिस ने नर्मदा पटेल, नीरज उर्फ धीरज पटेल, मालती पटेल और खुशबू राजपूत के खिलाफ धोखाधड़ी सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने आरोपियों की तलाश के साथ ही उनके संपर्क, मोबाइल फोन और अन्य गतिविधियों की जांच शुरू की। विवेचना के दौरान पुलिस को गिरोह के दूसरे मामलों से जुड़े होने के भी सुराग मिले।
मोबाइल खोला तो सामने आया चौंकाने वाला राज
जांच के दौरान 28 अगस्त को पुलिस ने नर्मदा पटेल और मालती पटेल को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पुलिस को शादी के नाम पर ठगी के तरीके से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी मिली।
पुलिस के मुताबिक मालती ने अपने पति नीरज उर्फ धीरज के साथ मिलकर शादी के नाम पर लोगों से रुपये ऐंठने की बात स्वीकार की। इसके बाद जब पुलिस ने उसके मोबाइल फोन की जांच की तो उसमें कई युवतियों के कूटरचित आधार कार्ड मिले। इन दस्तावेजों के सामने आने के बाद पुलिस को आशंका है कि गिरोह सिर्फ एक मामले तक सीमित नहीं था और अन्य युवकों को भी शादी के नाम पर निशाना बनाया गया हो सकता है।
पन्ना जेल में बंद है गिरोह का एक आरोपी
पुलिस के अनुसार नीरज उर्फ धीरज पटेल के खिलाफ पन्ना जिले के अमानगंज में भी लुटेरी दुल्हन से संबंधित अपराध दर्ज है। वह वर्तमान में पन्ना जेल में बंद है। पुलिस उसके पुराने मामलों और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
रांझी से पकड़ी गई लुटेरी दुल्हन
मामले की मुख्य आरोपी दुल्हन खुशबू राजपूत पुलिस की पकड़ से बाहर थी। पुलिस ने तकनीकी जांच और लगातार तलाश के बाद 31 अगस्त को उसे रांझी, जबलपुर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि दमोह में शादी के बाद खुशबू ने कोटा, राजस्थान में भी दूसरी शादी की थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि वहां भी शादी के नाम पर किसी तरह की धोखाधड़ी हुई थी या नहीं। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि मोबाइल में मिली युवतियों की फर्जी आईडी का इस्तेमाल कहां-कहां और किन लोगों को ठगने के लिए किया गया। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों और पूर्व में की गई शादियों की जानकारी जुटा रही है।