{"_id":"6aeaec75c4cd52f9d900e9af","slug":"video-nahan-water-pipeline-installation-quality-standards-violation-2026-11-04","type":"video","status":"publish","title_hn":"सिरमौर: नाहन में पेयजल पाइप बिछाने में मानकों की अनदेखी का आरोप, छह इंच खुदाई कर डाली जा रहीं पाइपें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिरमौर: नाहन में पेयजल पाइप बिछाने में मानकों की अनदेखी का आरोप, छह इंच खुदाई कर डाली जा रहीं पाइपें
Ankesh Dogra
Updated Wed, 04 Nov 2026 01:57 PM IST
Link Copied
नाहन शहर में पेयजल टैंकों की कनेक्टिविटी के लिए बिछाई जा रही पाइपलाइनों के निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों की अनदेखी का आरोप लगा है। प्रदेश भाजपा के मीडिया सह प्रभारी विक्रम ने इस कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में लापरवाही बरती जा रही है और सरकारी धन का दुरुपयोग होने की आशंका है।
प्रेसवार्ता के दौरान विक्रम ने कहा कि निर्धारित मानकों के अनुसार पेयजल पाइपों को जमीन में करीब दो फीट की गहराई पर दबाया जाना चाहिए, लेकिन नाहन में चल रहे कार्य में इन नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। उनका आरोप है कि ठेकेदार महज छह इंच तक खुदाई कर पाइपें बिछा रहा है और इसके ऊपर सीमेंट का लेप लगाकर काम पूरा किया जा रहा है।
विक्रम ने कहा कि निर्माण कार्य में कथित अनियमितताएं गंभीर चिंता का विषय हैं। उन्होंने इस मामले में भ्रष्टाचार की आशंका जताते हुए आरोप लगाया कि ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर निगरानी रखने वाला कोई नहीं है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि सरकार और संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत के बिना इस तरह निर्धारित मानकों की अनदेखी कैसे हो सकती है।
भाजपा नेता ने कहा कि इस परियोजना पर सरकारी धन खर्च किया जा रहा है। पहले सड़कों की खुदाई की जाती है और इसके बाद पेयजल पाइपलाइन बिछाई जाती है। यदि पाइपें निर्धारित गहराई और तकनीकी मानकों के अनुसार नहीं बिछाई जाती हैं तो भविष्य में पाइपलाइन को नुकसान पहुंचने और अन्य समस्याएं पैदा होने की आशंका रहेगी। इससे सरकारी धन की भी बर्बादी हो सकती है।
विक्रम ने संबंधित विभाग से पूरे निर्माण कार्य की जांच करवाने की मांग की। उन्होंने कहा कि ठेकेदार को निर्धारित तकनीकी मापदंडों के अनुसार ही पाइपें बिछाने के निर्देश दिए जाने चाहिए। साथ ही पाइपों को जमीन में दो फीट की गहराई पर दबाना सुनिश्चित किया जाए, ताकि निर्माण कार्य की गुणवत्ता बनी रहे और सरकारी धन का दुरुपयोग न हो।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।