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Yamunanagar: Half the district plunged into darkness due to a strike by electricity department employees; residents faced hardship throughout the night.
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यमुनानगर: बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से आधा जिला अंधेरे में, रातभर परेशान रहे लोग
यमुनानगर। बिजली कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल के दूसरे दिन भी जिले में बिजली व्यवस्था चरमराई रही। वीरवार रातभर बिजली गुल रहने से आधे से अधिक जिले के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। घरों में पेयजल संकट गहरा गया, उद्योगों में उत्पादन प्रभावित हुआ और जगाधरी अनाज मंडी में धान खरीद की प्रक्रिया भी धीमी रही। शुक्रवार को देर शाम तक कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। बिजली निगम के कर्मचारियों के साथ अधिकारियों के भी हड़ताल पर रहने से व्यवस्था संभालने में मुश्किलें आईं। करीब 20 घंटे के दौरान जिले में 26 फीडर ब्रेकडाउन हो गए। शुक्रवार सुबह से शाम पांच बजे तक शिकायत केंद्रों पर 5067 से अधिक शिकायतें पहुंचीं, जबकि सात हजार से अधिक लोगों ने फोन कर बिजली संकट की जानकारी दी। जिले की बिजली आपूर्ति 39 उपकेंद्रों पर निर्भर है। इनमें पांच उपकेंद्र 220 केवी, 20 उपकेंद्र 66 केवी और नौ उपकेंद्र 33 केवी क्षमता के हैं। इसके अलावा पांच उपकेंद्र 11 केवी क्षमता के हैं।
इन्वर्टर ठप, पानी और पशुओं के चारे का संकट घंटों बिजली नहीं आने से घरों में इन्वर्टर और यूपीएस भी जवाब दे गए। रात में लोगों को मोमबत्ती और टॉर्च के सहारे गुजारा करना पड़ा। बिजली बाधित रहने से पानी की मोटरें नहीं चल सकीं और लोगों को पीने के पानी के लिए दूसरे क्षेत्रों से व्यवस्था करनी पड़ी। ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को पानी के टैंकर मंगवाने पड़े, जिससे अतिरिक्त खर्च बढ़ गया। पशुओं के लिए हरा चारा काटने और पानी की व्यवस्था करने में भी परेशानी हुई। कई किसानों ने आसपास के जोहड़ों में पशुओं को पानी पिलाया। जगाधरी निवासी राजीव ने बताया कि रात में अंधेरा होने के कारण उनकी मां शौचालय में गिर गईं और उनके सिर में चोट लग गई। रातभर टॉर्च के सहारे उनकी देखभाल करनी पड़ी। सुबह छोटे-मोटे काम निपटाने के लिए घर में जनरेटर की व्यवस्था करनी पड़ी।
कर्मचारियों के समर्थन में उतरी भाकियू शुक्रवार को बिजली कर्मचारियों ने एसई कार्यालय के बाहर धरना देकर सरकार के खिलाफ रोष जताया। अन्य संगठनों के प्रतिनिधि भी कर्मचारियों के समर्थन में पहुंचे। भाकियू नेता यादविंदर ने बिजली के निजीकरण का विरोध करते हुए कहा कि इससे कर्मचारियों के साथ आम जनता पर भी असर पड़ सकता है। उन्होंने आशंका जताई कि निजीकरण के बाद बिजली की दरें बढ़ सकती हैं और किसानों को मिलने वाली सब्सिडी प्रभावित हो सकती है। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो भाकियू कर्मचारियों के साथ आंदोलन करेगी। उद्योगों से मंडी तक काम प्रभावित बिजली संकट से औद्योगिक इकाइयों में मशीनें बंद रहने से उत्पादन प्रभावित हुआ। जगाधरी अनाज मंडी में धान की खरीद, तुलाई और ऑनलाइन प्रक्रिया में भी दिक्कतें आईं। वहीं, चौक-चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल प्रभावित होने से यातायात व्यवस्था बिगड़ी। होमगार्ड जवानों ने वाहनों को व्यवस्थित करने का प्रयास किया। बिजली आपूर्ति बहाल नहीं होने से लोगों की परेशानी बनी रही।
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