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नारनौल: हॉस्टल की सुविधा नहीं, छात्रों पर रहने-खाने का 5 से 6 लाख रुपये तक का खर्च
नारनौल। गांव पटीकरा स्थित बाबा खेतानाथ आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज में हॉस्टल नहीं होने से कॉलेज में पढ़ रहे करीब 250 छात्र-छात्राओं को निजी पीजी व हॉस्टलों में 10 हजार रुपये से अधिक किराया देकर रहने को मजबूर होना पड़ रहा है। कोर्स के दौरान छात्रों को केवल रहने व खाने में 5 से 6 लाख रुपये का खर्चा करना पड़ रहा है। कॉलेज वर्ष 2022 में शुरू हुआ था। तब से विद्यार्थी आसपास बने मकानों में चल रहे पीजी में रह रहे हैं। इनमें से अधिकतर पीजी मानकों को पूरा नहीं करते हैं। जब संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने जब पड़ताल की तो कॉलेज के पास केवल 1 छात्रावास ही सही अवस्था में मिला। उसके अलावा सभी पीजी घरों में चालू मिले जो मानकों को पूरा नहीं करते हैं।
किराए का दबाव और सुरक्षा का अभाव : छात्रों का आरोप है कि निजी पीजी मालिक किराए को लेकर लगातार दबाव बनाते हैं। कई बार किराये को लेकर झगड़े भी हो चुके हैं। परेशान होकर छात्रों ने कॉलेज परिसर में धरना भी दिया था। छात्रों ने मांग की थी कि जल्द से जल्द हॉस्टल का निर्माण किया जाए और जब तक हॉस्टल तैयार नहीं होता, तब तक सरकार कोई भवन लीज पर लेकर रहने की व्यवस्था करे।
प्रक्रिया शुरू लेकिन 3 साल का इंतजार : छात्रों के विरोध के बाद सरकार ने 300 छात्राओं व 200 छात्रों की क्षमता वाले हॉस्टल निर्माण के लिए 134 करोड़ रुपये का बजट पास किया था। सूत्रों के अनुसार हॉस्टल निर्माण की ड्राइंग भी पास हो चुकी है और 2029 तक हॉस्टल बनकर तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यानी विद्यार्थियों को अभी तीन साल और इंतजार करना पड़ेगा।
खाने व रहने के लिए 5 से 6 लाख रुपये का खर्चा : सबसे बड़ी समस्या यह है कि लीज पर भवन लेने के मामले में अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। विद्यार्थियों का कहना है कि 2029 में हॉस्टल शुरू होगा और जब तक उनका सत्र समाप्त हो जाएगा। ऐसे में मौजूदा सत्र के छात्रों को हॉस्टल का लाभ नहीं मिल पाएगा।
कॉलेज में छात्रों के धरने का नेतृत्व करने वाले दिनेश जाखड़ ने बताया कि महंगाई के दौर में 10 हजार रुपये किराया देना उनके परिवार पर अतिरिक्त बोझ है। कई विद्यार्थी मध्यम वर्गीय परिवारों से हैं, जिनके लिए पढ़ाई के साथ-साथ इतना किराया वहन करना मुश्किल हो रहा है। वहीं हॉस्टल नहीं होने के कारण एक छात्र को कोर्स के दौरान सिर्फ रहने व खाने के लिए ही 5 से 6 लाख रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। इसलिए हमारी सरकार से मांग की है कि जब तक हॉस्टल नहीं बनता, तब तक जल्द से जल्द लीज पर भवन की व्यवस्था की जाए।
हॉस्टल बनाने के लिए करीब 134 करोड़ रुपये का बजट पास हो चुका है। चीफ आर्किटेक्ट की तरफ से नक्शा तैयार किया जा चुका है, अब जल्द ही लोक निमार्ण विभाग की ओर से टेंडर प्रक्रिया जारी करवाई जाएगी। लीज पर भवन के लिए अभी तक कोई निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है। डॉ. श्रीनिवास गुज्जरवार, प्राचार्य, बाबा खेतानाथ आयुर्वेदिक कॉलेज, नारनौल।
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