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डीसी को ज्ञापन देने पर अड़े किसान, एक घंटे तक बना रहा तनाव
कुरुक्षेत्र। जिला सचिवालय परिसर में बुधवार को उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया जब हरियाणा किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा की ओर से किसान विभिन्न मांगों को लेकर जिला उपायुक्त को ज्ञापन देने पहुंच गए। किसानों ने पहले जमकर नारेबाजी की तो फिर जिला उपायुक्त को ज्ञापन देने पर अड़े रहे। मौके पर पहुंचे डीएसपी गुरविंद्र सिंह ने उन्हें समझाने का प्रयास किया लेकिन किसान ज्ञापन जिला उपायुक्त को देने की मांग छोड़ने को तैयार नहीं हुए। हालांकि पुलिस अधिकारियों की ओर से उन्हें बताया जाता रहा कि जिला उपायुक्त मीटिंग के चलते व्यस्त है और दूसरे अधिकारी को ज्ञापन दे सकते हैं । इस पर किसानों का गुस्सा और बढ़ गया। किसानों ने वहीं पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने का ऐलान कर दिया तो पूर्व सांसद गुरदयाल सैनी के बेटे राजेंद्र सैनी, भाकियू जिलाध्यक्ष संजू नंबरदार, संजीव आलमपुर, महासचिव दिलबाग सिंह बारवा सहित अन्य किसानों ने धरना शुरू कर दिया। ऐसे में करीब एक घंटा तक तनाव बना रहा तो वहीं मौके पर मौजूद पुलिस बल भी अलर्ट मोड पर आ गया। पुलिस ने उस समय राहत की सांस ली जब जिला उपायुक्त किसानों से ज्ञापन लेने पहुंचे और किसान शांत हुए।
ये उठाए मुख्य मुद्दे किसानों ने मांग उठाई कि मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पुन: खोला जाए, क्योंकि अनेक किसान इसमें विवरण दर्ज करवाने से वंचित रह गए हैं। 15 सितंबर से परमल धान की खरीद शुरू की जाए, धान खरीद में नमी की मात्रा 20 फीसदी तक मान्य की जाए, नरमा-कपास का शत प्रतिशत एमएसपी पर खरीद हो, गन्ने का लाभकारी मूल्य 650 रुपये प्रति क्विंटल हो, दुग्ध उत्पादकों को लाभकारी मूल्य व मिलावट पर शिकंजा कसा जाए, वीआ व अन्य दुग्ध संस्थानों की उच्च स्तर पर जांच हो, सड़कों व नहरों के किनारे लगे पेड़ों में किसानों को 50 फीसदी हिस्सेदारी मिले। 10 को पिहोवा में होगी पंचायत किसानों ने कहा कि सरकार इन मांगों पर तत्काल संज्ञान नहीं लेती है तो 10 सितंबर को पिहोवा में पंचायत होगी, जिसमें कोई भी बड़ा फैसला लिया जा सकता है। उसकी जिम्मेदारी सरकार की ही होगी।
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