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आज का शब्द: सुवास और अनामिका सिंह 'अना' की कविता- हमने तुलसी चौरे मेटे

आज का शब्द
                
                                                         
                            'हिंदी हैं हम' शब्द शृंखला में आज का शब्द है- सुवास, जिसका अर्थ है- सुगंध, सुंदर या अच्छा घर। प्रस्तुत है अनामिका सिंह 'अना' की कविता- हमने तुलसी चौरे मेटे
                                                                 
                            

हमने तुलसी चौरे मेटे
सींची नागफनी ।

देकर निर्वासन पुष्पों को
कृत्रिम इत्र मिले ।
बन्धक चन्दन की सुवास कर,
विषधर नहीं हिले ।
 
आँख कान की सन्दर्भों पर
सच से नहीं बनी ।

सद्भावों से रहे अपरिचित
ख़ुद के लिए जिए ।
आयातित यशमण्डन ख़ातिर ,
तलवे चूम लिए ।
  
रीढ़ झुका दी दरबारों में ,
जो कल रही तनी ।

रिश्तों के अंकुर झुलसाने,
मठ्ठा डाल दिया,
अन्तहीन लिप्सा के विष को
जीवन हेतु पिया ।

मूल्यों की लोलुपता ने की,
पग-पग राहजनी ।

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7 घंटे पहले

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